00:07सल्मान खान के घर के भार हुई फाइरिंग केस में एक बड़ा कानूनी मोड सामया है
00:12इस मामले में आरोपी बनाए गए अनमोल बिश्णोई ने मुंबई की स्पेशल कोट में सरिंडर की अरजी दाखिल की है
00:18लेकिन सबसे बड़ा सवाल की जब वो पहले से ही जील में बंद है तो फिर सरिंडर की जरूरत क्यों
00:24पड़ी
00:24आखिरकार कोट से उसने क्या मांग की है चलिए आपको आसान भाशा में समझाते हैं
00:29दरसल साल दुहजार चोबिस में सल्मान खान के मुंबई वाले घर के बाहर फाइलिंग का मामला काफी तूल पकड़ा था
00:35और इस बार वज़ा किसी की नई गिरफतारी नहीं बलकि अनमोर विश्णोई की तरफ से मुंबई स्पेशल कोट में दाखिर
00:41की गई एक सरेंडर अरजी है
00:42दरसर रिपूर्ट की मानी तो अनमोर ने अदालत सिखाए कि इस कानूनी की इसकी परकिरिया का वो हिस्सा बनना चाहता
00:49है ताकि इसका निस्पक्ष ट्रेल हो सके
00:52लेकिन इसके साथ ही उनने ये भी बता है कि फिलाल वो पहले से दूसरे मामलों में दिल्ली की तिहार
00:57जिल में नियाएक हिरासत में है
00:59यही वज़ा है कि वो अपनी मर्जी से मुंबई की कोट में आकर पीश नहीं हो सकता उसने अदालत से
01:05प्रोटेक्शन वारेंट की मांग की है
01:07अब सवाल आता है कि अगर कार protection warrant होता क्या है आपको बता दें कि अगर कोई वेक्ति पहले
01:13से दूसरी जिल में बंध है और किसी दूसरी केस में उसे कोट के सामने पीश होना हो तो समबंदित
01:18अदालत जील परशाशन को आदेश भेजती है और इसी आदेश को protection warrant कहा जाता है य
01:37जांच को कोई नुकसान भी नहीं होगा और इसके साथ ही जो कानूनी प्रिक्रिया है वो तेजी से बढ़ पाएगी
01:42रिपोर्ट्स की माने तो इस केस में ट्रैल शुरू हो चुका है और उसकी गैर मौजुद्गी में तीन गवाहों के
01:48पयान भी दर्स हो चुके हैं अब अ�
02:03मामले में कई आरोपी पहले से ही नियाए खिरासत में हैं जबकि जांच और कोट की प्रिक्रिया अभी भी जारी
02:09है अब ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप लगाना और आदालत द्वारा दूशी
02:16ढहराए जाना दोनों अलग अलग अलग च
02:32लेकिन चुकी वो पहले से तिहार में बंध है इसलिए उसने कूर सी प्रोटेक्शन वारेंट जारी करने की मांग के
02:38है अब आगे देखने वाली बात यह हुगी क्या अदालत अगली सुनवाई में क्या कुछ फैसला सुनाती है
03:02झाल झाल झाल झाल झाल
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