00:09इसमें पाने जो जय था तजाने वाला था इसलाजी पलती था जी पलती था जी पलती खागया केतना लोग में
00:17से पचीस पचीस बचागया आप भी उसमें जे आप कैसे बचया
00:22कि अक दाड़ा बचाया है तो नीकाला गिया था हूं अभी गये पानी में वुट गहता है
00:32कैसे पिर आप अप रो रहे हैं
00:37के नाम आपको?
00:39अश्वरत मा कैसे हो गया था आप नाओ पर सभघते हैं
00:45कैसे हो गया है
00:48नाव में एक छोटा सा छेद था उसे के कारण पाने घुस ले लगा और नाव जब डूबने लगा तो
00:58और पाने घुस ले लगा और नाव डूब नीचे गिया और पलटे खा गिया
01:04और बाकी से नहीं कुदेना जो वो उच्चता गर्नाव से और वो और वो नहीं बच पाए
01:15सब लोग उसमें तुब दुग्या था जो जो कैसे आप निकले
01:22हमें एक आमदी का गोर पखर लिये और तो वो कन्हा पर बैठा लिये मुझे
01:27और एक आमदी को बलाया तो वो पेट का मूटा सा लख्री लिक्या आया और मुझे धराया अठार कर
01:35किनारा पर पहुचा दिया और ऐसे हम बच गी है आपके साथ और लोग उसे सब लोग डूब गये किदना
01:41लोग बोट लोग उसमें
01:46और दूब रहा है और संदों पीटर चलेंगो अभी आ प्रक्राइब रात में वा यह वोज खाने के तुछ दोरान
01:56हुआ है अब भुज खाने जारे हैं
02:00जाने जारे हैं तुछ उसी में लौड़ दोगाएं तो कहना हुआ अधित कुछ
02:10अभी राज अभी राज जाने से पहले ना पलते लगा तो पलटने से पहले हम पाने में पूद गए तो
02:34एक आजमिन बचाया था हमारा दादा
02:37आज आपके साथ और लोग जो थे सब लोग दूब अब लोग भोज खाने जारहा था
02:53कैसे बताई जब जा रहे हैं तो पहले सब फूटा था तो पानी भर ले लगा न तो काचिने लागा
03:00एक आजमिन था वो काचिने लागा
03:04पूरा बीच में जाया तो और जोर से बढ़ने लागा तो ना एक बिता एक बिता आज पानी ऊपर ऊपर
03:12गाया न तो पानी में पूरा ना
03:14ुप गिया पानी में पूरा नहीं भर गिया और जब नीचे गया तो आदमें स सची आ ऊथा नहीं अधे
03:21अधों निदी नाली पच्छे और दो थो तक अपको बचा की निकला गिया उस में बड़नोगी इन बड़नार जिदन्ते नोगते
03:32बारा आदमें दूच्यार गोती और द
03:51इस इस सरकार को कोई मतलब है
04:01कौन हरा, कौन जड़ा, पस माप, MLC, माफिया, पार्टी का अंतरद्वान, गाली गलोज, पैसे का खेल, लुटेरो का खेल, एक
04:20आदमी कहता है कि हमको बार्ट से क्या लेना है, मर्नी अर्णी से क्या लेना है,
04:28जो तीस साल में जन्ता किया है, भोग रहा है, एक आदमी कह रहा है, भोगो, तुम जो पाप कियो
04:36हो भोगो, जब होटे देते हो दूसरे को भोगो, एक आदमी कहता है, सरकार की जिम्मेदारी है, मैं क्या करूँ
04:47मैं तो बस, मजे में हूँ,
04:54सत्ता कहती है कि मुझे लुटने दो, तुम डुबो, हरो, मरो, मुझे माफियाओं के बीच में रहने दो,
05:06चौती बार बार आई, छपड़ा में लगबग 50 लोग मरे हैं, कोई सूध लेने वालने, भागलपूर में 70 लाग की
05:17नौ डूब गई,
05:17सिकेंदर मंडल दो दो लोग मर गए, अभी तक मुझे नहीं मिली, लगबग बार में 300 के लगबग लोग मरें,
05:27कितने लोगों को मुखमंत्री जी, सरकार आपने मुआपजा घोस्ना की, या नौ जो डूबड़ा है, इसके जिम्मेदार कौन है, पदादिकारी
05:40को आप दंडित करते नहीं हैं, आप सही समय पर नौ देते नहीं हैं, पर्व के समय भागलपूर का पूल
05:50बंग कर दी,
05:53अब लोगों को कितनी दिक्कत हो रही है, कि कम से कम तीन जहाज की, तीस जहाज की जौरत अबा,
06:02थर्टी, तब जाके महादेपूर घाट, भागलपूर, उस इलाके के लोग, कोशी, सिमांचल, खगरिया, और फिर भागलपूर, बंका हम जा पाएगें,
06:16लेकिन सरकार ने कोई सूद नहीं लिए, और वहाँ लोग मर रहे हैं, वहाँ परसो भी इलाज कराने एक लोग
06:25जा रहेते हैं, दूपके मर गए, तो हर दिन लोग मर रहे हैं, कर रुपॉली में दो लोग मर गए,
06:33तो आज मैं जा रहा हूँ, रागोपूर,
06:37निस्व पूप से चौदो परिवार की मदद होगी, करेंगें, लेकिन सरकार के आँख में पानी ही नहीं है, और विपक्ष
06:49मर चुका है, और नहीं राज़िती करने वाला कहता है,
06:54बहुत, तीस साल से चोर को दिये हो, तो मरोगे न, तो ऐसी संबेदन हींता की प्रकास्टा, तो बिहार की
07:06इस्थिती अच्छी नहीं है,
07:07सही जगों पर साथ हजा रुपिया नहीं जा रहा है, लगभग गरीव ईविशी अस्थी असी का गों आज भी पड़िवार
07:18बरवाद हो चुका है, पांच में बार बूढी गंड़क में बाड़ आने से, पुना नरायनी और तिर्सुली नदी के कारन
07:29बाड़ की इस्थिती �
07:30उत्पन हो रही है, लोग डड़े हुए हैं, सामे हुए हैं, मेरी पूरी द्रिष्टी बाड़ पड़ है, और जहां भी
07:41जौरत होगी हम उसको जाएं
08:00झाल