00:03नमस्कार
00:08एक्सलेंसीज
00:09दुनिया भर से आए
00:12डेलिगेट्स
00:16बिजनेश
00:17और इंडिस्ट्री के लीडर्स
00:22पॉलिसी मेकर्स
00:24और मेरे साथियों
00:29भारत में
00:32आप सभी का बहुत बहुत स्वागत है
00:39कुछ देर पहले
00:42मिश्टर ब्लूमबर्ग ने
00:44यहां अपनी बात रखी
00:49तीज साल की उनकी यात्रा
00:53और वो मुझे कह रहे हैं कि
00:55मैं उनका मित्र हूँ
00:58वायू में भी बड़े हैं
01:02अपने काम के सबन में बड़े
01:04सफल वेक्ति हैं
01:07और सफल भी है
01:09समर्पित भी है
01:11और भारत के प्रति उनका जो प्यार है
01:42उसको मैंने बहुत गहराई से अनुभव किया है
02:13अपक उर्जा देने वाली रही है और इसके लिए
02:14इकनामी पर चर्चा होती है
02:18टेकनोलोजी
02:20एनरजी
02:20और ग्लोबल एफेर्स पर विमर्ष होता है
02:26और इस बार
02:27पहली बार
02:29यह आयोजन भारत में हो रहा है
02:34मैं में स्टर ब्लूमबर्ग
02:36और उनकी पूरी टीम को
02:39इस निर्णे के लिए बहुत बहुत बधाई देता हूँ
02:45आपने
02:47सही समय पर
02:50सही जगे चुना है
02:59फ्रेंटी साल
03:03ब्लूमबर्ग एकानोमिक फॉरम की थीम
03:08दुनिया में उभरती
03:11नई पावर्स पर केंद्रित है
03:15हर यूग में
03:18पावर के अपने स्रोथ रहे है
03:23अपनी परिभाशा रही है
03:27लेकिन 21 सदी में
03:31खासकर इस तीसरे दसक में
03:34एक बड़ा बड़लाव हो रहा है
03:40टुडे टेक्नोलोजी इस पावर
03:44डेटा इस पावर
03:48नॉलेज इस पावर
03:51इनोवेशन इस पावर
03:52लेकिन साथियों असली सवाल यह नहीं है
03:59कि पावर किसके पास है
04:04बलकि सवाल यह है
04:06कि इसका यूज कैसे हो रहा है
04:12क्या टेक्नोलोजी
04:14सिर्फ कुछ लोगों को आगे बढ़ाएगी
04:19या करोडों लोगों के लिए नए अवसर बढ़ाएगी
04:23क्या नॉलेज केवल कुछ लोगों की ताकत बनी रहेगी
04:30या सबकी ख्रमता बढ़ाएगी
04:36यहीं से एक नया विचार जन्म लेता है
04:42और यह विचार है
04:45पावर टू एम पावर
04:51पावर टू एम पावर
04:56पावर टू कंट्रोल से आगे
05:00पावर टू एनेबल
05:04पावर टू कंपिट से आगे
05:07पावर टू कॉलबरेच
05:12पावर टू सक्सीड से आगे
05:15पावर टू हेल्प अधर सक्सीड
05:20और इसलिए आज मैं यहाँ जिस वीजन के साथ आया हूँ
05:26वो है पावर टू एम पावर
05:33साथ क्यों यह विचार भारत के लिए नया नहीं है
05:38हमारे यहाँ कहा गया है विद्या विवादायो धनम मदायो शक्ति ही परेशा परीपीडनाये खलस्य सादो
05:55भिप्रितम एतत ज्ञानाय दानाय चरक्षणायो
06:02इसका भाव यही है कि ज्ञान धन और शक्ति जिसके पास भी हो
06:13वो इनको यूज केसे करता है यह महत्वकून है
06:20यानि पावर का असली मुल्य उसके परपज में है
06:28और इसी सोच को आज के दोर में समझना बहुत जरूरी है
06:37साथ यह पावर टू एमपावर करने वाला जो यह मानविय भाव है
06:42यह सिर्फ दूसरों को उपदेश देने के लिए नहीं है
06:48यह हजारों वर्षों की हमारी परंपरा ने हमें सिखाया है
06:54और भारत में हमने इसे अपनी गवर्नेंस में
07:00अपनी कारेशंत संस्कृति में लागू करके दिखाया है
07:06इसलिए मैं भारत के उदारणों से ही अपनी बात को आगे बढ़ाऊंगा
07:13साथ यह आप सभी जानते हैं भारत मदर अब डेमोक्रिसी है
07:22भारत में हंड्रेट से उपर भाशाएं है
07:27करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और पॉब्लिकेशन्स है
07:36एक हजार से जाना से जाना से टिवी चैनल्स है
07:42और इतना ही नहीं
07:45सोशल मिडिया के इस दौर में भारत में
07:51500 मिलियन से अधीक यूट्यूब यूजर्स है
07:56500 मिलियन से जादा इंस्टाग्राम यूजर्स है
08:03हमारे हाँ अलग-अलग मुद्दों पर खुल कर बहस होती है
08:12अलग-अलग दर्श्टिकों पर जनता चर्चा करती है
08:17और वर्तमान समय में इसमें जिसने एक बड़ी भूमी का निवाई है वो है डिजिटल पावर
08:29साथ यो बारा तेरा साल पहले तक भारत में एक समय वो भी था
08:37जब मोबाइल और इंटरनेट तक पहुझ भी अपने आप में शक्ति हुआ करती थी
08:45जिसके पास एक्सेस था उसके पास इंफर्मेशन थी नौलेज थी ऑपर्चुनिटीज थी
08:562014 के बाद जब भारत में नई सरकार बनी हमें सेवा करने का आउसर मिला
09:06तो भारत ने मोबाइल डेटा को एफ़रेबल बनाने पर जोड दिया
09:16इसी का नतीजा है कि आज एक छोटे शहर का विद्यार्थी भी
09:23डिजिटल लर्निंग से जुर सकता है किसी गाउं में छोटा दुकानदार भी
09:30नए कस्टमर्स तक पहुँच सकता है एक युवा भी ऑनलाइन नए कोर्से जाइन कर सकता है
09:41यानि भारत में कनेक्टिविटी ने सिर्फ लोगों को कनेक्ट नहीं किया उसने आउपर्चुनिटीज को भी कनेक्ट किया है
09:55यही यही पावर टू एम पावर है साथ क्यों आपने से जो अतिती विदेश से आए हैं उन्हें मैं कहूंगा
10:07कि आप भारत के डिजिटल पेमेंट्स एकोसिस्टिम को भी आजमा कर देखी है
10:14हमार यहां एक स्ट्रीट वेंडर और एक बड़े कार शोरूम का कारोबार अलग-अलग है उनका स्केल अलग है
10:26लेकिन भारत में यह दोनों डिजिटल पेमेंट्स के एक ही इकोसिस्टिम का इस्तमाल कर रहे हैं
10:36यही इंक्लूजीव टेक्नोलोजी की ताकत है साथ यह भारत का जो भी सामर्थ है उसे हम अपने घर में ही
10:49रखने के समर्थक नहीं है
10:52उसे हम ग्लोबल साउथ के साथ अन्य पार्टनर कंट्रीज के साथ निरंतर साजा करते हैं
11:04डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्रक्तिर के अनुभव को हम दूसरे देशों से शेर कर रहे हैं
11:12ताकि वे अपनी जरुतों के अनुसार अपने डिजिटल सिस्टिम्स विक्सित कर सके हमने कोविड के समय भी कोविड प्लेटफरम बनाया
11:28था जो ओपन सोर्स था
11:30यानि हमारे ये निरंतर प्रयास है कि भारत की केपबिलिटी दूसरे देश के लिए भी पॉसिबिलिटी के नए दर्वाजे खोले
11:44यानि हमारा सामर्थ मानवता को एमपावर करें चाथियों इनोवेशन की पावर भी ऐसी ही है
11:56एक आइडिया को प्रोड़क्ट में बदलना एक प्रॉब्लेम को सॉलूशन में बदलना यह अपने आप में बड़ी छमता है लेकिन
12:09जब यह अवसर समाज के अधिक से अधिक लोगों को मिलता है तो शक्ति का संतुलन बनता है और इसका
12:19प्रभाव कई गुना बढ़ जाता
12:22है भारत की स्टार्ट अप जर्नी इसी बदलाव का उधारन है वर्स 2014 से पहले भारत में कुछ सो स्टार्ट
12:38अप ही हुआ करते थे अब देश में इनकी संख्या धाईल लाग से अधिक हो गई है
12:45करीब आधे स्टार्ट अप छोटे शहरों और कस्मों से आते हैं
12:5445 परसंट से अधिक स्टार्ट अप में कम से कम एक महला डिरेक्टर या पार्टनर है
13:03यानि इनोवेशन के अवसर अधिक लोगों तक पहुँच रहे हैं
13:12नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं नए सॉलुशन्स बन रहे हैं
13:19साथियों पावर के परपज पर जो फोकस है यही सोच गवर्नन्स में भी जरूरी है
13:31सरकार के पास अथोरिटी है लेकिन इसका उदेश यह नहीं होना चाहिए
13:38कि देश का नागरिक सिस्टिम पर ही निर्भरत हो जाए बलकि इसका मकसद यह होना चाहिए
13:47कि देश के नागरिक सक्षम हो ससक्त हो और भारत इसी रास्ते पर चल रहा है
13:56इसी रास्ते पर चलते हुए भारत ने बिते एक दसक में 25 करोर लोगों को दुनिया के कई देशों की
14:09आबादी से भी ज्यादा
14:1125 करोर लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है
14:19साथियों आपने जैम ट्रिनिटी और डारेक बेनिफिट ट्रांसफर के बारे में भी सुना होगा
14:27हम टेकनलोजी का इस्तमार करते हुए हमने बेनिफिशेरी के बैंक एकाउंट तक सरकारी मदद सीधे पहुचाने की व्यवस्ता बनाई है
14:43इससे करप्शन कम हुआ है देश के नागरिक की सुविधा बड़ी है गवर्मेंट और सिटिजन के बीच सीधा रास्ता बना
14:53है
14:55साथियों पावर टू एमपावर की यही सोच भारती ग्लोबल एंगेजमेंट में भी दिखाई देती है
15:05कोविड महमारी के दोरां वैक्सिन मैनिफेक्टरिंग केपिसिटी का बहुत बड़ा महत्पथा
15:13तब सवाल था कि क्या इस ताकत का फाइदा भी कुछी ही देशों तक सिमित रह जाएगा
15:23या फिर जिनके पास यह सुविधा और यह सामर्त नहीं है
15:29उन देशों उन लोगों तक भी वैक्सिन पहुँचेगी
15:35भारत ने मानवता को एमपावर करने वाला रास्ता चुना
15:41हमने सों से अधिक देशों को वैक्सिन की सप्लाई की
15:48हमारी मैनुफेक्टरिंग केपिबिलिटी
15:52दूसरे देशों के लिए भी सहायता का माध्यम बनी
15:56मैं आपको एक और इंट्रेस्टिंग एग्यांपल दूँगा कुछ महने पहले भारत में
16:04ए आई इंपेक्ट समीट हुई और चिमान ब्लूमबर्ग जी ने भी उस ए आई समीट के अभी बहुत तारिफ भी
16:13किये
16:15इसमें हमने हुमेनिटी के लिए ए आई के उप्योग के साथ ही एनिमल्स को कैसे ए आई का फाइदा हो
16:27इस से भी चर्चा का विशे बनाया नंदन यहां बैठे हैं आपको बाद में काफी जानकरी वो दे सकती हैं
16:35यह कैसे किया
16:36यानि भारत जितना सक्षम होगा मानवता के लिए दुनिया के लिए उतना ही फाइदे मंद होगा
16:50friends, power is not just the ability to move ahead
16:58it is also the ability to empower others to move ahead
17:05भारत का मानना है
17:08competition जरूरी है
17:11लेकिन compassion भी होना चाहिए
17:15innovation जरूरी है लेकि उसके लाप का विस्तार भी होना चाहिए
17:23national strength जरूरी है
17:26लेकिन global challenges के लिए solutions में भी योगदान देना होगा
17:33climate change हो
17:36water governance हो
17:38public health हो
17:41या emerging technologies का responsible use हो
17:45दुनिया को ऐसा सामर्थ चाहिए
17:49जो solution दे
17:51नए आउसर पैदा करे
17:56साथियों
17:57मैं आप सभी को एक और उदान देता हूँ
18:00कि पैरिस एग्रिमेंट के तहत क्लाइमेट चेंज से निपटने के लिए बारत एक बड़ा कमिट्मेंट किया था
18:11साल ट्वेंटी फिप्टीन में हमने लक्ष रखा था कि ट्वेंटी थार्टी तक अपने इंस्टॉल एलेक्रिसिटी केपिसिटी का
18:2540 परसेंट नौन फोसिल सोर्सिट से हासिल करेंगे और भारत यह उपलब दी नवेंबर पेंटी पेंटी बन में ही हासिल
18:39कर ली
18:45यानि काई समय से नौ साल पहले भारत ऐसा करने वाला पहला जी ट्वेंटी देश बना यह केवल एक कमिट्मेंट
19:04पूरा करने की बात नहीं थी
19:05यह भारत की बदलती हुई एनर्जी जर्ने का भी संकेत था साथियो ट्वेंटी फोर्टीन में भारत की रिन्यूबल एनर्जी केपिसिटी
19:21करीब सेवन्टी फाइव गिगावर्ट थी
19:28आज यह करीब 300 गीगावर्ट हो चुकी है यानि हमने लगबग फोर टाइम ज्यादा कैपिसिटी एड़ की है
19:43साथियो भारत में हो रहे इस एनर्जी ट्रंजिशन के नए आउसर भी बन रहे है आज हमारे यहाँ
19:52पी-म सूर्यगर और पी-म कुसुम जैसी स्कीम्स चल रही है एक योजना घरों को सोलार पावर से जोट
20:03रही है
20:03दूसरी योजना किसानों को सोलार एनर्जी पैदा कर ले और उसके यूज से इंपुट कॉस्ट कम करने का सामर्थ दे
20:13रही है
20:14इन दोनों योजनाओं के माध्यम से भारत को 30 गिगावट से अधिक सोलर कैपेसिटी हासिल हुई है
20:27इनसे हर साल करीब 30 मिलियन टंस से अधिक कार्बन एमिशन कम होने का अनुमान है
20:38यानि सोलर पावर प्रकृती की रक्षा करने का माध्यम भी बन रहा है
20:44और लोगों को एमपावर भी कर रहा है साथियों दुनिया में पावर की इस भागदोड में भारत एक अलग मिजाज
20:59लेकर चल रहा है
21:02और उसका गवा यह दशक भी है साथियों 21 सेंचुरी का यह डिकेड अभूत पुर्वा ग्लोबल चैलेंजिस लेकर आया है
21:16हम अगर पिछले छे वर्सों को देखे हमने ग्लोबल पैंडेमिक देखी फिर अलग-अलग रीजन्स में युद्ध छिड़ गए
21:27जैसे इतना ही काफी नहीं था फिर ट्रेड हो ग्रिटिकल मिल्रल्स हो या एनर्जी सप्लाइ हो उसमें भी अर्चने आ
21:37रही है
21:39दुनिया एक संकट से बाहर निकलने का रास्ता तलास्ती है तब तक एक नया संकट सामने आए
21:56झाल ए्जड़ एक समय का रही है