00:01किस बात को लेकर के आप कर रहे हैं। किसी जनता की समस्या को लेकर के आप नहीं कर रहे
00:10हैं।
00:12आप महांगाई को लेकर के नहीं कर रहे हैं। आप किसान को लेकर के नहीं कर रहे हैं।
00:18आप बेरोजगारी की बात नहीं करते हैं, आप सिर्फ चुनाव आयोग और ग्यानेश कुमार की बात करते हैं, और जब
00:27आप चुनाव जीत जाते हैं, तब आपके लिए चुनाव आयोग अच्छा होता है, जब आप चुनाव हार जाते हैं, तो
00:36चुनाव आयोग आपके लिए
00:38खराब हो जाना है एक बात ये भी इन लोगों के तरफ से आ रही है की ग्रेह मंत्री जी
00:49का नाम इसमें नहीं होना चाहिए तो ग्रेह मंत्री जी इस देश के ग्रेह मंत्री है
01:01और वो चुनाव लड़कर आये हैं चुनाव जीत करके आये हैं और जो देश की कैविनेट बनी है उसमें उनको
01:11ग्रेह मंत्री का धर्जा प्राप्थे ग्रेह मंत्री है वो आपकी दया पर नहीं है
01:18रहा सवाल ग्यानेश कुमार की नियुक्ति पर तो आप बताईए आपने के पियस गिल की नियुक्ति किस कानून के तहट
01:26की थी आपने नमीन चावला की नियुक्ति किस अधार पर की
01:33और ये जो ज्यानेश कुमार की नियुक्ती है इसमें प्रधान मंत्री जी, नेता विरोधी दल और एक नामिस सदस गिरे
01:43मंत्री जी
01:442023 के पहले हमारे देश में चुनाव आयुक्त नियुक्त करने की कोई प्रक्रिया ही नहीं थी
01:51इस प्रक्रिया को सुप्रिम कोड ले जाया गया सुप्रिम कोड के निर्देश पर पारलियमेंट ने एक प्रक्रिया बनाई उस प्रक्रिया
02:02के ताहद ज्यानेश कुमार की नियुक्ती हुई है
02:07अब ज्यानेश कुमार आपको नहीं सूट करते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी दूसरे किसी की नहीं है, आपके पास अगर कोई
02:14सबूत है, कोई साक्ष है, तो आप सुप्रिम कोट जाईए, क्योंकि अगर कहीं कानून का उलंगन होता है, तो सुप्रिम
02:23कोट ही अंतिम दास्ता ह
02:28लेकिन टाइमिंग आपके आंदोलन की क्या है, ये राग तो आप बहुत दिन से लाप रहे हैं, राहुल जी ये
02:35राग बहुत दिन से लाप रहे हैं, लेकिन टाइमिंग देखिए, एलन मस्क एक उद्योग पती है, उसका एक बयान आता
02:43है, और उस बयान को वो ट्वीट करत
02:48यहीं पर संदेह पैदा हो जाता है कि आंदोलन किया नहीं जा रहा है यह आंदोलन कराया जा रहा है
02:58और दो दिन पहले तकरोच नाम के जो जीव हैं इस बार आ नहीं पाए वो भी हमारा मानना है
03:09कि वो भी आंदोलन कराया जा रहा है आज आप दिल्ली को बंधक बना लिये हैं
03:15दिल्ली को एकदम बंधक बना लिये हैं, हफ्ता भर से सब कुछ वहाँ पर डिस्टर्ब है, व्योसाई परेसान है, पढ़ने
03:24वाले बच्चे परेसान है, आने जाने वाले परेसान है, आफिस वाले परेसान है, हम तो भारत सरकार से चाहेंगे कि
03:32दिल्ली से दूर 10-5 किलोमी�
03:52पर होना ही नहीं चाहिए, यह किसी का भी हो, आप बताइए, आप राश्पती से मिलना चाहते थे, राश्पती जी
04:04मिली, और उन्होंने अपनी बात रखी, अब ये सुप्रिम कोर्ट को भी नहीं छोड़ना चाहते हैं,
04:13जजज को मिलना चाहते हैं, उनको प्रभावित करना चाहते हैं, नयाए पालिका जो निस्पक्त चाहें, उसको भी दबाव में लेना
04:20चाहते हैं।
04:42आज फिर करने की तयारी चल लही है, और इसलिए ये अंदोलन हो रहे हैं।
05:12प्रधान मंत्री जी को तो आप प्रधान मंत्री माननेक तयार नहीं।
05:16राष्टपती से कोई बड़ा होता नहीं है।
05:18अब जो सबूत आपके पास है राष्टपती को दीजिए।
05:23तो गए तो क्यों नहीं ले गए। इनके पास कुछ है नहीं।
05:28जब यह जीत जाते हैं तो इनको चुनाव आयोग की बश्ता सूट करती है।
05:33जब यह हार जाते हैं तो अपनी हार को चिपाने के लिए जनता को भरमित करने के लिए
05:39सारा भार चुनाव आयोग पर डाल देते हैं।
05:45KPS Guild थे, हमने देखे हैं कैसे चुनाव होते थे। आज अगर किसी का तीन जगा नाम है तो एक
05:56जगा हो गया।
05:57इसमें क्या दिक्कत है। अब किसी का नाम कट गया है और कट गया तो कोट जाए।
06:03क्या दो किसी का जगा है और किसी का नाम है और किसी का जगा है।