00:00तुफानी रात के गहरे अंधेरे में डूबा ये वीरान घर,
00:03जहां स्टीव और एक सहमे हुए पादरी की सांसें खौफ से रुकी हुई थी.
00:08अचानक बाहर से आने वाली एक गाड़ी के हौरने उनके होश उड़ा दिये.
00:12क्या बाहर कोई मदद के लिए आया था?
00:14या मौत उनके दर्वाजे पर खड़ी थी.
00:16दोनों बेताशा दर्वाजे की तरफ लबके,
00:19लेकिन दिल में एक अंजाना डर था.
00:21दर्वाजा खुलते ही सामने का मनजर दिल दहला देने वाला था.
00:26तुफान मी भीगते हुए ये खस्ताहान लोग,
00:28तरसल उस सेफ हाउस से जान बचा कर भागे थे,
00:31जिससे स्टीव आखरी उमीद समझ रहा था.
00:33जब उसे पता चला कि वो पनागा अब राग का धेर बन चुकी है,
00:38तो उसने समझ लिया कि अब इस चार दिवारी में छिपे रहना,
00:41मौत का खामोशी से इंतजार करने के मुतरादिफ है।
00:44स्टीव ने एक खामोश मगर अटल फैसला किया।
00:47क्योंकि बाज उकात जिन्दा रहने का वाहिद रास्ता ये तसलीम कर लेना होता है
00:52कि अब दुनिया में कोई भी जगा महफूज नहीं रही।
00:54और तुफान का सामना करना ही आखरी रास्ता है।
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