00:00इस सुनसान कजबे की सरहत पर एक नया आत्मी आया, जिसका नाम जेड था, वो जंगल के बीच एक खाली
00:06गाड़ी में होश में आया, गाड़ी का ट्राइवर गाइब था, और चारो तरफ सिर्फ मौच ऐसी खामोशी थी, उसे बिलकुल
00:14अंदाजा नहीं था कि वो किस होफना
00:16जगा फस चुका है, बहर का अंधेरा मुसलसल बढ़ रहा था, उसे किसी बड़े खत्रे की बूँ आने लगी थी,
00:23इससे पहले कि वो कुछ समझ पाता, अचानक स्टीव ना मुदार हुआ, उसने बगएर कोई वजा बताए, फॉरन जेड के
00:30हातों में हतकड़ियां डाल दी
00:31कोई वार्णिंग नहीं, कोई सवाल नहीं, जेड अब एक कैदी बन चुका था, लेकिन ये कोई आम गिरफतारी नहीं थी,
00:38और नहीं ये कोई इत्तफाक था, ये सब दूर पसे मन्जर में छिपे इस पुरसरार गजबे के एक गौफनाग मनसूबे
00:46का हिस्सा था, इस तारी
01:00मीमी एक ऐसी अंधिक उइङ में गिरचुका था, जहां से वापसी ना वार्णियर था, आम गौफनाग मन्जर में जोए सब्साराई
01:03का था, ये सब्सारार गिरफतार गजबे कानः बन रणाग गजबे के इस पुरसरा घुझा, पया रूचार ब्रेंग दूर्द आम ये
01:03स