Skip to playerSkip to main content
  • 38 minutes ago
नई दिल्ली में आयोजित 5वें कौटिल्य इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उप-राष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने भारत की आर्थिक मजबूती के लिए सामाजिक समावेश और समावेशी विकास को सबसे जरूरी बताया है. उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार के दौर में आम सहमति पर आधारित निर्णय लेने की जरूरत है.उपराष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि आर्थिक तरक्की का फायदा देश के हर नागरिक, कारोबारी और क्षेत्र तक पहुँचना चाहिए. उन्होंने 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि वित्तीय समावेशन, जीएसटी और महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी देश की विकास यात्रा में अहम भूमिका निभा रही है.

Category

🗞
News
Transcript
00:03उपराश्टपती सीपी राधा कृष्णन ने शनिवार को भारत की आर्थिक मजबूती के लिए सामाजिक समावेश को सबसे जरूरी बनाने की
00:12जरूरत पर जोर दिया
00:15तेजी से बदलते दौर में भूराज नितिक तनाव बढ़ रहे हैं और वैश्विक बैपार की तस्वीर भी बदल रही है
00:22हमें आम सहमती पर आधारित निर्णे लेने की शमता की जरूरत है
00:31नई दिल्ली में पाचवे कोटिल्य एकनोमिक कॉनक्लेव को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आर्थिक तकनीगी और
00:40वैश्विक बदलावों के दौर से गुजर रहा है
00:42उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक मजबूती के लिए समाव वेशी विकास बेहत जरूरी है
01:03उपराश्ट पती ने कहा कि भारत ने साबित किया है कि लोकतंत्र और विकास एक दूसरे के विरोधी नहीं है
01:10राधाकृष्णन ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष का जिक्र करते हुए बताया
01:15कि वित्य समाव वेश, जी एस्टी और महिलाओं की आर्थिक भागेदारी ने देश की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमी का
01:24निभाई है
01:25राधाकृष्णन की माने तो बहतर कनेक्टिविटी, सिक्षा और रिसर्च में अंतराष्ट्रिय सहयोग से देश में आर्थिक अफसर बढ़ेंगे
01:34उन्होंने जोर दिया कि भारत की विकास रणनीती के केंद्र में समवेशी विकास और समाजिक मस्बूती बनी रहनी चाहिए
01:42ब्यूरो रिपोर्ट, ETV भारत

Recommended