00:00दरशकों आज एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपके जहन में भी एक ही सवाल गुझेगा
00:05क्या देश की राजधानी में सवाल पूछना अब इतना बड़ा गुना हो गया है कि आप पर सीधा मुकदमा ठोक
00:10दिया जाएगा
00:11जरा सोचिए एक तरफ सत्ता के गल्यारें से लेकर मंत्रियों के थपड़कांड तक खुले आम तमाशे होते हैं
00:18और दूसरी तरफ जब जनता या उसके नुमाएंदे जवाब मागने निकलते हैं तो इन पर खाकी का हंटर कैसे चलाया
00:26जाता है
00:26आज इसी कहानी का पूरा कच्छा छिट्टा हम खोलेंगे हम इस कहानी की सतय से तह तक जाएंगे
00:32सबसे बड़ा सवाल जो आज हर शक्स की जबान पर है वो है कि साधी वर्दी में विडियोग्रफी क्यों है
00:39क्या दिल्ली पुलिस का काम जनता के पीजा सूसी करना है या फिर सुरक्षा को संभालना है
00:45दूसरा ठपड मारने वाली मंत्री पर कारवाही क्यों नहीं हुई
00:49बीजेपी के नेताओं के हाथ उठ जाएं तो सब जायस लेकिन जनता के हक की बात हो तो फिर एफायार
00:56की
01:09पूरी कहानी की परते खोलते हैं कहानी शुरू होती है 28 सितंबर से आमादमी पार्टी के सयोजक अर्विन केजरिवाल तिलकनगर
01:17के दौरे पर थे
01:18महौल राजनीतिक रूप से पहले से ही गरम था क्योंकि दिल्ली की सियासत में इन दिनों आरोप रत्यारोप का दौर
01:24चरम पर है
01:24केजरिवाल जनता की बीच पहुँचे थे लोगों की समस्याइं सुनी और हाल जानने लगे
01:29लेकिन खेल तब बिगड़ा जब भीड की बीच एक शक्स साधी वर्दी में मुबाइल या क्यामरा लेकर चुपके से विडियोग्रफी
01:36करता पकड़ा गया
01:37आम आदमी पार्टी के समर्तोकों को शक हुआ
01:40उन्होंने जब उस शक से पूछताच की और उसकी पहचान खंगाली तो पता चला कि वो कोई आम नागरिक नहीं
01:46बलकि दिल्ली पुलिस का हेड कॉंस्टेबल है
01:49अब यहीं से शुरू होता है असली ड्रामा
01:51भीड ने उसे गेर लिया, हेलकी फुलकी जड़प हुई और आरोप लगा कि उसके साथ मार पीट की गई
01:57इसके बाद आनन फानन में हेड कॉंस्टेबल का मेडिकल कराया गया
02:00और डेली पुलिस ने अपनी पूरी ताकत दिखाते हुए ताबर तोर धाराएं अब लगा दी है
02:05एफ आयार में किस किस का नाम शामिल है और क्या है धाराएं आपको बताता हूँ
02:09दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जो एफ आयार धर्च की है उसमें आम आदमी पार्टी के राज्य काई के
02:15प्रमुक सौरव भारदवाज आप नेता साहिब सिंग और विधायक जर्नेल सिंग के साथ साथ कई अग्यात आपकारे करताओं को नामज़त
02:24किया गया है
02:24पुलिस का कहना है कि नेताओं के उकसाने पर भीड ने सरकारी काम में बाधा डाली और एक लोक सेवक
02:31यानी पबलिक सोविंट के साथ मार पीट की धाराएं भी वही पुरानी और भारी भरकम लगाई गई हैं सरकारी ड्यूटी
02:37में रुकावट और हमले की धाराएं
02:39लेकिन ज़रा सोचे क्या ये सिर्फ एक पुलिस कर्मी के साथ मार पीट का मामला है या इसके पीछे कोई
02:44बहुत बड़ी राजनी तिक पटकता लिखी जा चुकी है
02:47अब आईए इसके दूसरे पहलू को टटोलते हैं वो है दोहरा रवया जो इन्होंने अपना है एक मंत्री का थपड
02:54बनाम जंता का सवाल हो गया है यहीं पर असली खेल समझ वे आता है यह पूरा विवाद हवा में
02:59नहीं उपजा है यह जुड़ा है दिल्ली सरकार के मंत्र
03:02प्रवेश वर्मा के उस चर्चित वाक्य से जहां एक शक्स को कठित तौर पर क्याबिनेट मंत्री ने थपड़ चड़ दिया
03:09सोची एक संब्धानिक पत पर बैठा शक्स सरयाम हाथ उठा दे तो उस पर पुलिस कारवाही का कोई अथा पता
03:16ही नहीं है कोई एफ आयार नही
03:18है लेकिन जब आम आदमी पार्टी के नेता और कारे करता उसी विवस्था के खिलाफ सडकों पर उतरते हैं जब
03:23मंत्री के इस रवईये पर तीखे सवाल दागे जाते हैं तब पुलिस पूरी मुस्तेधी के साथ अक्शन मोड में आ
03:29जाती है यही वो जगह है जह आंटी स्�
03:35सबके लेक बराबर क्यों नहीं है क्या सत्ता में बैठे लोग कानून से उपर हैं और आम आदमिया विपक्ष के
03:40नेता सिरफ मुकदमे जेलने के लिए बैठे हैं क्या पुलिस की भूमेका पर भी घंभीर सवाल उठ रहे हैं दिल्ली
03:46पुलिस पर हमेशा से ही केंद्र सरकार
03:48के इशारे पर काम करने के आरोप लगते रहे हैं। इस मामले ने उन आरोपों को और पुक्ता कर दिया
03:54है। वैया साधी वर्दी में आप खूफिया गिरी क्यों कर रहे थे। अगर अर्विंद के जरिवाल जनता के बीच थे
04:00तो पुलिस को सुरक्षा देने के बजाए साधी �
04:03वर्दी में वीडियो बनाने की क्या जरूरत आन पड़ी। क्या ये नेता की जासूसी करने की कोई सोची समझी साजिश
04:10थी। भाईया जब सत्ता पक्ष के नेता पर हिंसा या थपड का अंड क्या रोप लगते हैं तो पुलिस शायद
04:16फाइले दबा देती है या जाज लं�
04:31नाक है दर्शकों जब देश की राज दीती की पाच। जब देश की राजधानी की पुलिस इस तरहां एक पक्षे
04:38कारवाही करने लगेगी तो आम जनता का न्याय विवस्था से बरोसा उठना लाजमी है। जनता की अदालत में अब क्या
04:45है संदेश। आज सौरफ भार्द
05:01के लिए मुकदमों का डर दिखाना जरूरी है। अगर आप सरकार से सवाल पूछेंगे, अगर आप मंत्रियों के गलत रवये
05:08के खिलाफ बोलेंगे, तो आपके रास्ते में F.I.R. की दिवारे खड़ी कर दी जाएंगी। लेकिन इतहास गवाहे, दबाव
05:14जितना बढ़ा�
05:29मैं हूँ अकुष का शेग।