00:00अगर आप UPI से भुगतान करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:04क्योंकि 15 ओक्टूबर से 2000 उपैसे ज्यादा के कुछ UPI भुगतान पर 0.4 फीसदी मर्चन डिसकाउंट रेट यानी MDR
00:13लागू हो रहा है
00:14और अब सुप्रिम कोट ने भी इस वेवस्था पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है
00:20यानी कि 15 ओक्टूबर से लागू होने वाली नई वेवस्था पर फिलहाल कोई रोक नहीं है
00:24सुप्रिम कोट में जब ये मामला पहुँचा था तो सबको उमीदे थी कि सुप्रिम कोट इस पर स्टे लगा सकता
00:29है
00:30जिसके बाद आम इंसान को रात मिलेगी लेकिन सुप्रिम कोट में सब देखते हुए
00:34सारी दलीलों को सुनते हुए फिलहाल के लिए इस पर कोई रोक नहीं लगाया है
00:39अलाकि इसका मतलब भी बिल्कुल नहीं है कि हर UPI भुगतान पर आम ग्राहक से पैसा लिया जाएगा
00:49सुप्रम कोट ने सोमवार को इस मामले के सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के फैसले को चुनोती देने वाली याचिका
00:54पर RBI और NPCI से जवाब मांगा है
00:57Chief Justice of India सुर्यकांद के अध्यक्षता वाली तीन सदस्य पीठ ने फिलहाल MDR पर रोक लगाने से इनकार कर
01:04दिया है
01:05तो सबसे पहले समझते हैं कि आखिर ये MDR है कि आज इसको लेकर देश में इस वक्त बवाल मजा
01:10हुआ है
01:11Merchant Discount Rate यानि MDR वो शुल्क है जो Digital भुक्तान स्विकार करने वाले वियापारी से उस वक्त भुक्तान को
01:18पूरा कराने वाले तंत्र के हिस्सेदारों को दिया जाता है
01:22इसमें Bank, भुक्तान सेवा प्रदाता और दूसरे संबंदित संस्थान शामिल हो सकते हैं
01:29सरकार और NPCI के मताबिक नया MDR 15 अक्टूबर से कुछ खास Person to Merchant यानि कि दुकानदार को किये
01:36जाने वाले UPI भुक्तान पर लागू होगा
01:38अगर आप किसी दुकानदार पर 2000 रुपै से जियादा का भुक्तान करते हैं तो सामान श्रेनी में 0.4 फीसदी
01:46MDR लागू होगा
01:48उधारन के लिए अगर आपने किसी व्यापारी को 10,000 रुपै यूपियाई से दिये तो 0.4 फीसदी के हिसाब
01:54से 40 रुपै MDR बनता है
01:56ये राशी ग्राहक से सीधे वसूलने का प्रावधान नहीं है बलकि व्यापारी पक्ष पर ये लागू हो रही है
02:02अब यहाँ एक और बेहत जरूरी फर्क समझे अगर आप अपने दोस्त परिवार के सदस्य या किसी दूसरे व्याकती को
02:10यानि कि
02:10परसन टू परसन यूपियाई से पैसा भेशते हैं उस पर MDR लागू नहीं होगा
02:15जो मैंने अभी आपको बताया परसन टू परसन यानि कि पी टू पी भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा
02:21जाहे रकम कितनी भी क्यों नहीं हो
02:23इसी तरह किसी व्यापारी को दो हजार उपए तक का भुगतान भी इस MDR के दाएरे में नहीं आएगा
02:28सरकार और NPCI के अनुसार कुल UPI मर्चंट ट्रंजेक्शन में करीब 96 फीसदी लें देन 2000 रुपए तक के हैं
02:37इसलिए इन पर नया MDR नहीं लगेगा
02:39लेकिन 2000 रुपए की सीमा पार करते ही मामला बदल जाता है
02:43सामाने व्यापारियों के लिए 0.4 फीसदी MDR लागू होगा
02:47हलाकि बहुत बड़ी रकम के मामले में भी इसकी अधिक्तम सीमा तै की गई है
02:5275,000 रुपए या फिर उससे ज्यादा के भुगतान पर MDR 300 रुपए तक सिमित रहेगा
02:58यानि कि अगर कोई व्यक्ति किसी व्यापारी को एक लाग, दस लाग या उससे भी ज्यादा का UPI भुगतान करता
03:06है
03:06तो सामाने 0.4 फीसदी की गढ़ना के बजाए अधिक्तम 300 रुपए MDR लागू होगा
03:13कुछ खेत्रों को सामाने 0.4 फीसदी व्यवस्था से अलग रखा गया है
03:17जिनमें रेल्वे, टेलीकॉम, बीमा, इंधन, उप्योगिता सिवाओं और कुछ करिशी से जुड़े
03:25भुगतान जैसे क्षेत्रों में 2,000 रुपए से ज्यादा के भुगतान पर 5 रुपए का फ्लैट MDR निर्धारत किया गया
03:32है
03:32यानि कि अगर आप रेल्वे टिकेट के लिए 5,000 रुपए UPI से देते हैं
03:36तो सामान नियम के तहट 20 रुपए नहीं बलकि इस विशेश फ्रेनी में 5 रुपए MDR होगा
03:42रेल्वे की ओर से ये भी स्पष्ट किया गया है कि ये राशी यातरी से अलग से वसूल नहीं की
03:47जानी है
03:48अब सवाल उठता है कि जब सरकार कह रही है कि ये ग्राहत से लिया जाने वाला शुलक नहीं है
03:54तो फिर सुप्रेम कोट ने इस मामले में सुनवाई क्यों शुरू की
03:57दरसल एक जनहित यार्चिका के जरीए इस नई व्यवस्था को चुनौती दी गई है
04:02यार्चिका में केंद्र सरकार की ओर से जारीए दुसूचना को चुनौती देते हुए सवाल उठाया गया है कि
04:07यूपियाई जैसे भुगतान तंतर पर इस तरह का MDR लागू करने का कानूनी आधार क्या है
04:13इसी मामले की सुनौवाई करते हुए सुप्रिम कोर्ट ने RBI और NPCI से जवाब मागा है
04:19सुनौवाई के दौरान कोर्ट ने इस शुल्क की कानूनी प्रकृति को लेकर भी सवाल किया
04:24पीठ में शामिल जस्टिस जैमालिय बाग जी ने पूछा कि आखिर ये टैक्स है या फीस
04:29केंदर सरकार की और से पेश अतरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकट रमन ने स्पष्ट किया
04:34कि इसे ना तो टैक्स कहा जा सकता है और ना ही फीस
04:38केंदर का कहना है कि सरकार खुद इस MDR से कोई पैसा नहीं ले रही है
04:43UPI Network में बैंक और दूसरे भुगतान से जोड़ी संस्थान शामिल है
04:47और MDR उसी भुगतान व्यवस्था की लागत को साज़ा करने का हिस्सा है
04:51यानी सरकार का तरक है कि ये कोई सरकारी कर नहीं है
04:56बही आचिका करता की तरफ से इस व्यवस्था को लेकर कानूरी आपत्ति जताई गई है
05:01और इससे रोकने की मांग की गई है
05:03लेकिन सोमवार को सुनवाई के दोरान सुप्रिम कोट ने फिलहाल इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है
05:09इसका मतलब है कि जब तक आगे अदालत से कोई अलग आदेश नहीं आता
05:1315 अक्टूबर से नई MDR व्यवस्था लागू होने का रास्ता खुला कुआ है
05:17कोट ने हलाकी मामले को बंद नहीं किया है और RBI तथा NPCI से जवाब भी मांगा है
05:24अब आम ग्रहक के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुकान पर UPI से 5000 उपए देने पर
05:32उसे 5000 से ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे
05:35मौझूदा नियम के मुताबिक ऐसा नहीं होना चाहिए
05:38वितमंत्राले ने बैंकों को सला भी दी है कि व्यपारी MDR का बोच ग्रहकों पर न डाले
05:43UPI एप उपलब्द कराने वाली कंपनियों को भी अलग से प्लाटफॉर्म शुलक या फिर छिपा हुआ चार्ज लगाने के अनुमती
05:50नहीं है
05:50इसलिए अगर आप 5,000 रुपए की कोई चीज खरीदते हैं तो केवल MDR के नाम पर ग्रहक से अतिरिक
05:56तराशी वसूलने की ववस्ता नहीं है
05:58हालाकि यहीं से छोटे व्यापारियों की चिंता शुरू होती है
06:01क्योंकि अगर ग्रहक से पैसा नहीं लिया जाना है तो MDR का खर्च व्यापारी को उठाना पड़ेगा
06:07खासकर ऐसे दुकांदार जिनका कारोबार मुख्य रूप से यूप्याई पर निर्भर है और जिनके ज्यादा तर्भुगतान 2,000 रुपए से
06:15ज्यादा के होते हैं
06:31MDR व्यापारियों की लागत बढ़ा सकता है इंधन कारोबारियों की तरफ से भी अलक्षिंदा सामने आई है महराश्ट्र के पेट्रॉल
06:38पंप संगठनों ने 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR से छूट की मांग की है उनका
06:44तर्क है कि पेट्रॉल डीजल की की
06:45कीमत और मार्जीन में उनका नियंत्रण सिमित है इसलिए अतरिक्त डिजिटल भुगतान लागत का असर उनके कारोबार पर पढ़ सकता
06:52है अलाकि फिलहाल इंधन को 5 रुपए वाली विशेश रेनी में रखा गया है लेकिन एक और सवाल है GST
06:59को लेकर MDR पर GST लागू होने
07:02को लेकर छोटे वियापारियों की भी चुनता थी कि 0.4 फीसे दिश्युल के उपर टैक्स का अतरिक्त बोज पढ़
07:08सकता है
07:09NPCI ने इन आशंकाओं को लेकर कहा कि छोटे वियापारी जो हर महीने UPI के जरीए एक लाख रुपए से
07:15कम प्राप्त करते हैं MDR से बाहर ही है
07:18और इसलिए उन पर इससे जुड़ा GST भी नहीं आएगा
07:21हलाकि कुछ विशेश परस्तियों में छोटे और पंज्वी करण से बाहर वियापारियों को लेकर भी सवाल अभी चर्चा में है
07:27इस पूरी विवस्था का बड़ा संदर भी समझना शरूरी है
07:31करीब 6 साल तक UPI पर ये शुलक शून्य MDR विवस्था लागो रही
07:36हब सरकार और RBI का तर्क है कि डिजिटल भूगतान का नेटवर्क लगतार बड़ा हो रहा है
07:42और इसे चलाने, सुरक्षित रखने तथा तकनीकी धाचे में निवेश के लिए
07:46भूगतान विवस्था से जुड़े हिस्सेदारों के बीच लागत का उचित बटवारा जरूरी है
07:51RBI ने भी कहा कि बड़े मूले के UPI लेंदेन पर MDR डिजिटल भूगतान विवस्था की लंबे समय से स्थीरता
07:58में मदद कर सकता है
08:00लेकिन अब इस पूरी विवस्था की कानूनी जाच और सुप्रिम कोर्ट में होगी
08:04अदालत ने फिलहाल सिर्फ इतना किया है कि MDR पर रोक लगाने से इंकार करते हुए
08:09RBI और NPCI से जवाब मांगा है
08:12इसलिए इसे ये कहना सही नहीं होगा कि सुप्रिम कोर्ट ने नए UPI चार्ज को अंति मंजूरी देती है
08:17अदालत अभी इसकी कानूनी वैद्धता और विवस्था की प्रकृती से जुड़े सवालों की जाच कर रही है
08:23तो आम UPI यूजर के लिए फिलहाल सीधी बात यही है
08:27दोस्तिया परिवार को पैसा भेशना मुफ्त रहेगा
08:292000 रुपए तक के व्यापारी भुगतान पर MDR
08:32यानि कि मर्चन डिसकाउंट रेट नहीं लगेगा
08:34और 2000 से ज्यादा कि समाने व्यापारी भुगतान पर 0.4 फीसी दी MDR
08:38व्यापारी पक्ष पर लागू होगा ना कि ग्राहंक पर ना कि आम जंता पर
08:43जिसकी अधिक्तम सीमा 300 रुपए है
08:45रेलवे इंदन टेलीकॉम बीमा और कुछ अन्य जरूरी छेत्रों में
08:48पांच रुपए का विशेश MDR है
08:50और सबसे एहम 15 अक्टूबर से लागू होने वाली इस से वेवस्था पर
08:54सुप्रिम कोट ने फिलहाल रुख नहीं लगाई है
08:57लेकिन मामले पर सुनवाई जारी रहेगी
08:59इसलिए आने वाले दिनों में अदालत का अगला रुख
09:18इंडियार क्या है, किस पर लगेगा, किस को देना है
09:20परसन टू परसन वाला कन्फूजन भी लोगों के अंदर बहुत ज्यादा है
09:24तो वो सारी क्लारिटीज के लिए इस वीडियो को शेर कीजिए
09:26और देखते रहें One India Hindi