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UPI MDR Rule Supreme Court Order: 15 अक्टूबर से 2 हजार रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने वाला है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है! जानिए CJI सूर्यकांत की बेंच ने सुनवाई के दौरान RBI और NPCI से क्या जवाब मांगा है और आम ग्राहकों पर इसका कितना असर होगा।
देश में डिजिटाइजेशन के सबसे बड़े साधन UPI (Unified Payments Interface) से जुड़े नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार और NPCI के निर्देशानुसार 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) भुगतानों पर 0.4 प्रतिशत Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने की घोषणा की गई है। इस नई व्यवस्था को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई थी, हालांकि मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने फिलहाल इस पर रोक लगाने से स्पष्ट इनकार कर दिया है और केंद्र सरकार, RBI तथा NPCI को अपना जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।

MDR वह प्रक्रिया शुल्क है जो डिजिटल ट्रांजेक्शन स्वीकार करने वाले दुकानदारों से लिया जाता है। 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर 0.4 फीसदी MDR प्रभावी होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹75,000 से ऊपर के भुगतान पर 300 रुपये तय की गई है। रेलवे, टेलीकॉम, फ्यूल, इंश्योरेंस और एग्रीकल्चर जैसे आवश्यक क्षेत्रों के लिए 2,000 से ऊपर के ट्रांजेक्शन पर सिर्फ ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है। आम ग्राहकों के लिए सबसे राहत की बात यह है कि Person-to-Person (P2P) यानी रिश्तेदारों, दोस्तों या परिजनों को भेजा जाने वाला पैसा हमेशा की तरह पूरी तरह मुफ्त रहेगा, चाहे रकम कितनी भी हो।

NPCI और सरकार के आंकड़ों के अनुसार कुल UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन में करीब 96 फीसदी भुगतान 2 हजार रुपये तक के ही होते हैं, इसलिए छोटे व्यापारी और आम जनता इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। साथ ही यह शुल्क ग्राहकों से सीधे नहीं वसूला जाएगा, बल्कि व्यापारी पक्ष पर लागू होगा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा interim stay देने से इनकार करने के बाद 15 अक्टूबर से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने का रास्ता साफ हो गया है।


About the Story:
The Supreme Court has refused to stay the implementation of the 0.4 percent Merchant Discount Rate (MDR) on UPI merchant transactions exceeding ₹2,000, scheduled to take effect from October 15. A bench headed by CJI Surya Kant issued notices to the Centre, RBI, and NPCI while clarifying that normal Person-to-Person (P2P) transactions and small merchant payments under ₹2,000 will remain completely free of charge.

#UPIMDR #SupremeCourt #UPIPayment

~HT.410~PR.514~ED.276~GR.506~VG.HM~

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Transcript
00:00अगर आप UPI से भुगतान करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहत जरूरी है
00:04क्योंकि 15 ओक्टूबर से 2000 उपैसे ज्यादा के कुछ UPI भुगतान पर 0.4 फीसदी मर्चन डिसकाउंट रेट यानी MDR
00:13लागू हो रहा है
00:14और अब सुप्रिम कोट ने भी इस वेवस्था पर फिलहाल रोक लगाने से इंकार कर दिया है
00:20यानी कि 15 ओक्टूबर से लागू होने वाली नई वेवस्था पर फिलहाल कोई रोक नहीं है
00:24सुप्रिम कोट में जब ये मामला पहुँचा था तो सबको उमीदे थी कि सुप्रिम कोट इस पर स्टे लगा सकता
00:29है
00:30जिसके बाद आम इंसान को रात मिलेगी लेकिन सुप्रिम कोट में सब देखते हुए
00:34सारी दलीलों को सुनते हुए फिलहाल के लिए इस पर कोई रोक नहीं लगाया है
00:39अलाकि इसका मतलब भी बिल्कुल नहीं है कि हर UPI भुगतान पर आम ग्राहक से पैसा लिया जाएगा
00:49सुप्रम कोट ने सोमवार को इस मामले के सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार के फैसले को चुनोती देने वाली याचिका
00:54पर RBI और NPCI से जवाब मांगा है
00:57Chief Justice of India सुर्यकांद के अध्यक्षता वाली तीन सदस्य पीठ ने फिलहाल MDR पर रोक लगाने से इनकार कर
01:04दिया है
01:05तो सबसे पहले समझते हैं कि आखिर ये MDR है कि आज इसको लेकर देश में इस वक्त बवाल मजा
01:10हुआ है
01:11Merchant Discount Rate यानि MDR वो शुल्क है जो Digital भुक्तान स्विकार करने वाले वियापारी से उस वक्त भुक्तान को
01:18पूरा कराने वाले तंत्र के हिस्सेदारों को दिया जाता है
01:22इसमें Bank, भुक्तान सेवा प्रदाता और दूसरे संबंदित संस्थान शामिल हो सकते हैं
01:29सरकार और NPCI के मताबिक नया MDR 15 अक्टूबर से कुछ खास Person to Merchant यानि कि दुकानदार को किये
01:36जाने वाले UPI भुक्तान पर लागू होगा
01:38अगर आप किसी दुकानदार पर 2000 रुपै से जियादा का भुक्तान करते हैं तो सामान श्रेनी में 0.4 फीसदी
01:46MDR लागू होगा
01:48उधारन के लिए अगर आपने किसी व्यापारी को 10,000 रुपै यूपियाई से दिये तो 0.4 फीसदी के हिसाब
01:54से 40 रुपै MDR बनता है
01:56ये राशी ग्राहक से सीधे वसूलने का प्रावधान नहीं है बलकि व्यापारी पक्ष पर ये लागू हो रही है
02:02अब यहाँ एक और बेहत जरूरी फर्क समझे अगर आप अपने दोस्त परिवार के सदस्य या किसी दूसरे व्याकती को
02:10यानि कि
02:10परसन टू परसन यूपियाई से पैसा भेशते हैं उस पर MDR लागू नहीं होगा
02:15जो मैंने अभी आपको बताया परसन टू परसन यानि कि पी टू पी भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा
02:21जाहे रकम कितनी भी क्यों नहीं हो
02:23इसी तरह किसी व्यापारी को दो हजार उपए तक का भुगतान भी इस MDR के दाएरे में नहीं आएगा
02:28सरकार और NPCI के अनुसार कुल UPI मर्चंट ट्रंजेक्शन में करीब 96 फीसदी लें देन 2000 रुपए तक के हैं
02:37इसलिए इन पर नया MDR नहीं लगेगा
02:39लेकिन 2000 रुपए की सीमा पार करते ही मामला बदल जाता है
02:43सामाने व्यापारियों के लिए 0.4 फीसदी MDR लागू होगा
02:47हलाकि बहुत बड़ी रकम के मामले में भी इसकी अधिक्तम सीमा तै की गई है
02:5275,000 रुपए या फिर उससे ज्यादा के भुगतान पर MDR 300 रुपए तक सिमित रहेगा
02:58यानि कि अगर कोई व्यक्ति किसी व्यापारी को एक लाग, दस लाग या उससे भी ज्यादा का UPI भुगतान करता
03:06है
03:06तो सामाने 0.4 फीसदी की गढ़ना के बजाए अधिक्तम 300 रुपए MDR लागू होगा
03:13कुछ खेत्रों को सामाने 0.4 फीसदी व्यवस्था से अलग रखा गया है
03:17जिनमें रेल्वे, टेलीकॉम, बीमा, इंधन, उप्योगिता सिवाओं और कुछ करिशी से जुड़े
03:25भुगतान जैसे क्षेत्रों में 2,000 रुपए से ज्यादा के भुगतान पर 5 रुपए का फ्लैट MDR निर्धारत किया गया
03:32है
03:32यानि कि अगर आप रेल्वे टिकेट के लिए 5,000 रुपए UPI से देते हैं
03:36तो सामान नियम के तहट 20 रुपए नहीं बलकि इस विशेश फ्रेनी में 5 रुपए MDR होगा
03:42रेल्वे की ओर से ये भी स्पष्ट किया गया है कि ये राशी यातरी से अलग से वसूल नहीं की
03:47जानी है
03:48अब सवाल उठता है कि जब सरकार कह रही है कि ये ग्राहत से लिया जाने वाला शुलक नहीं है
03:54तो फिर सुप्रेम कोट ने इस मामले में सुनवाई क्यों शुरू की
03:57दरसल एक जनहित यार्चिका के जरीए इस नई व्यवस्था को चुनौती दी गई है
04:02यार्चिका में केंद्र सरकार की ओर से जारीए दुसूचना को चुनौती देते हुए सवाल उठाया गया है कि
04:07यूपियाई जैसे भुगतान तंतर पर इस तरह का MDR लागू करने का कानूनी आधार क्या है
04:13इसी मामले की सुनौवाई करते हुए सुप्रिम कोर्ट ने RBI और NPCI से जवाब मागा है
04:19सुनौवाई के दौरान कोर्ट ने इस शुल्क की कानूनी प्रकृति को लेकर भी सवाल किया
04:24पीठ में शामिल जस्टिस जैमालिय बाग जी ने पूछा कि आखिर ये टैक्स है या फीस
04:29केंदर सरकार की और से पेश अतरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकट रमन ने स्पष्ट किया
04:34कि इसे ना तो टैक्स कहा जा सकता है और ना ही फीस
04:38केंदर का कहना है कि सरकार खुद इस MDR से कोई पैसा नहीं ले रही है
04:43UPI Network में बैंक और दूसरे भुगतान से जोड़ी संस्थान शामिल है
04:47और MDR उसी भुगतान व्यवस्था की लागत को साज़ा करने का हिस्सा है
04:51यानी सरकार का तरक है कि ये कोई सरकारी कर नहीं है
04:56बही आचिका करता की तरफ से इस व्यवस्था को लेकर कानूरी आपत्ति जताई गई है
05:01और इससे रोकने की मांग की गई है
05:03लेकिन सोमवार को सुनवाई के दोरान सुप्रिम कोट ने फिलहाल इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है
05:09इसका मतलब है कि जब तक आगे अदालत से कोई अलग आदेश नहीं आता
05:1315 अक्टूबर से नई MDR व्यवस्था लागू होने का रास्ता खुला कुआ है
05:17कोट ने हलाकी मामले को बंद नहीं किया है और RBI तथा NPCI से जवाब भी मांगा है
05:24अब आम ग्रहक के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दुकान पर UPI से 5000 उपए देने पर
05:32उसे 5000 से ज्यादा पैसे देने पड़ेंगे
05:35मौझूदा नियम के मुताबिक ऐसा नहीं होना चाहिए
05:38वितमंत्राले ने बैंकों को सला भी दी है कि व्यपारी MDR का बोच ग्रहकों पर न डाले
05:43UPI एप उपलब्द कराने वाली कंपनियों को भी अलग से प्लाटफॉर्म शुलक या फिर छिपा हुआ चार्ज लगाने के अनुमती
05:50नहीं है
05:50इसलिए अगर आप 5,000 रुपए की कोई चीज खरीदते हैं तो केवल MDR के नाम पर ग्रहक से अतिरिक
05:56तराशी वसूलने की ववस्ता नहीं है
05:58हालाकि यहीं से छोटे व्यापारियों की चिंता शुरू होती है
06:01क्योंकि अगर ग्रहक से पैसा नहीं लिया जाना है तो MDR का खर्च व्यापारी को उठाना पड़ेगा
06:07खासकर ऐसे दुकांदार जिनका कारोबार मुख्य रूप से यूप्याई पर निर्भर है और जिनके ज्यादा तर्भुगतान 2,000 रुपए से
06:15ज्यादा के होते हैं
06:31MDR व्यापारियों की लागत बढ़ा सकता है इंधन कारोबारियों की तरफ से भी अलक्षिंदा सामने आई है महराश्ट्र के पेट्रॉल
06:38पंप संगठनों ने 2,000 रुपए से ज्यादा के UPI भुगतान पर MDR से छूट की मांग की है उनका
06:44तर्क है कि पेट्रॉल डीजल की की
06:45कीमत और मार्जीन में उनका नियंत्रण सिमित है इसलिए अतरिक्त डिजिटल भुगतान लागत का असर उनके कारोबार पर पढ़ सकता
06:52है अलाकि फिलहाल इंधन को 5 रुपए वाली विशेश रेनी में रखा गया है लेकिन एक और सवाल है GST
06:59को लेकर MDR पर GST लागू होने
07:02को लेकर छोटे वियापारियों की भी चुनता थी कि 0.4 फीसे दिश्युल के उपर टैक्स का अतरिक्त बोज पढ़
07:08सकता है
07:09NPCI ने इन आशंकाओं को लेकर कहा कि छोटे वियापारी जो हर महीने UPI के जरीए एक लाख रुपए से
07:15कम प्राप्त करते हैं MDR से बाहर ही है
07:18और इसलिए उन पर इससे जुड़ा GST भी नहीं आएगा
07:21हलाकि कुछ विशेश परस्तियों में छोटे और पंज्वी करण से बाहर वियापारियों को लेकर भी सवाल अभी चर्चा में है
07:27इस पूरी विवस्था का बड़ा संदर भी समझना शरूरी है
07:31करीब 6 साल तक UPI पर ये शुलक शून्य MDR विवस्था लागो रही
07:36हब सरकार और RBI का तर्क है कि डिजिटल भूगतान का नेटवर्क लगतार बड़ा हो रहा है
07:42और इसे चलाने, सुरक्षित रखने तथा तकनीकी धाचे में निवेश के लिए
07:46भूगतान विवस्था से जुड़े हिस्सेदारों के बीच लागत का उचित बटवारा जरूरी है
07:51RBI ने भी कहा कि बड़े मूले के UPI लेंदेन पर MDR डिजिटल भूगतान विवस्था की लंबे समय से स्थीरता
07:58में मदद कर सकता है
08:00लेकिन अब इस पूरी विवस्था की कानूनी जाच और सुप्रिम कोर्ट में होगी
08:04अदालत ने फिलहाल सिर्फ इतना किया है कि MDR पर रोक लगाने से इंकार करते हुए
08:09RBI और NPCI से जवाब मांगा है
08:12इसलिए इसे ये कहना सही नहीं होगा कि सुप्रिम कोर्ट ने नए UPI चार्ज को अंति मंजूरी देती है
08:17अदालत अभी इसकी कानूनी वैद्धता और विवस्था की प्रकृती से जुड़े सवालों की जाच कर रही है
08:23तो आम UPI यूजर के लिए फिलहाल सीधी बात यही है
08:27दोस्तिया परिवार को पैसा भेशना मुफ्त रहेगा
08:292000 रुपए तक के व्यापारी भुगतान पर MDR
08:32यानि कि मर्चन डिसकाउंट रेट नहीं लगेगा
08:34और 2000 से ज्यादा कि समाने व्यापारी भुगतान पर 0.4 फीसी दी MDR
08:38व्यापारी पक्ष पर लागू होगा ना कि ग्राहंक पर ना कि आम जंता पर
08:43जिसकी अधिक्तम सीमा 300 रुपए है
08:45रेलवे इंदन टेलीकॉम बीमा और कुछ अन्य जरूरी छेत्रों में
08:48पांच रुपए का विशेश MDR है
08:50और सबसे एहम 15 अक्टूबर से लागू होने वाली इस से वेवस्था पर
08:54सुप्रिम कोट ने फिलहाल रुख नहीं लगाई है
08:57लेकिन मामले पर सुनवाई जारी रहेगी
08:59इसलिए आने वाले दिनों में अदालत का अगला रुख
09:18इंडियार क्या है, किस पर लगेगा, किस को देना है
09:20परसन टू परसन वाला कन्फूजन भी लोगों के अंदर बहुत ज्यादा है
09:24तो वो सारी क्लारिटीज के लिए इस वीडियो को शेर कीजिए
09:26और देखते रहें One India Hindi

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