00:00बिहार इस वक्त एक बार सिर्फ उसाशनिक नाकामी और कुदरत की दोहरी मार्ज हील रहा है
00:05लाखों लोगों की जिंदगी खत्रे में है और वज़ा वही पुरानी
00:09वही लापरवाही, वही अंदेखी और वही तूटते टटबंद
00:14इस वक्त बिहार के उत्तर पश्ची में लाखों से जो तस्वीरे और आकड़े आ रहे हैं वो डराने वाले
00:19गंड़क नदी के प्रचंड दबाव के आगे चंपारण का तकबंद भस्त हो चुका है
00:25दो जगा से बान तूटा, लाखों क्यूसेक पानी बस्तियों में गुसा
00:30और देखते ही देखते पांच लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए
00:34वगार शहे डूप चुका है, पुलिस लाइन, स्पी दफ्तर, किसान भवन से लेकर दरजनों स्कूलों में तीन तीन फीट पानी
00:42तेर रहा है
00:42लेकिन सवाल यह है कि जब हर साल नेपाल में बारिश पूती है और हर साल गंड़क कोसी उफान पर
00:49आती है
00:50तो फिर हर बार हमारे टकबंद कागस की तरह क्यू बह जाते हैं? क्यू जल संसाधन विभाग की तैयारी आखरी
00:57वक्त में आकर दम तोड़ देती हैं?
00:59आज बात सिर्फ बाड की नहीं होगी, आज बात उन जल मगन गावो की होगी जो आज 36 घंटे से
01:04चूला नहीं जला है
01:05जहाराहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन तैर रहे हैं?
01:09पूरी रिपोर्ट देखें
01:11सबसे पहले आपको जमीनी हकीकत और आकडों की जरिये बताते हैं कि चमपारण में सोमबार रात से लेकर अब तक
01:17क्या क्या हुआ है?
01:18सोमबार रात लगबग 10 वजे गंडक नदी के भारी दबाव के कारण चमपारण टर्टमंद दो मुख्य जगों पर तूट गये
01:25पहला पश्ट्रिम चमपारण के बगहा सित खेरतवा गाउं के पास और दूसरा बेरिया प्रखंड के फूलिया खाड में
01:32इसके लावा उतर प्रदेश के कुशी नगर में भी गंडक का दाया अटरपन शतिग्रस हुआ है
01:38पानी का दबाव इतना अचानक और तेज था कि वालमी की नगर सित गंडक बराज से लगातार पांच लाग तिरपन
01:46हजार पांच सो क्यूसेक जल स्त्राव छोड़ा गया
01:49बराज पर पानी का बहाव तेरा घंटे तक पांच लाग क्यूसेक से उपर रहा और 32 घंटे तक चार लाग
01:57क्यूसेक से अधिक बना रहा
01:58इतने विश्वाल जल प्रभा को टत्बन सम्हाल नहीं सके
02:02नतीज़ आपके सामने बगा शहर के 9 वोड वोड नमबर 1, 2, 3, 4, 6, 7, 25, 27, 30 पूरी
02:11तरा डूप चुके है
02:12बगा इस पिकारेले, जल संसाधन विभाक का दफ्तर, पुलिस लाइन, वी आर्सी और किसान भवन
02:18सब जगा 3, 3 फीट तक पानी भरा हुआ है
02:21देड़ दरजन से जाद स्कूलों में पढ़ाई पूरी तरा ठप हो चुकी है
02:25इस सबाही के सबसे बड़ी मार पश्चिम चंपारण जिले ने जहेली
02:29जिले के 10 प्रखंडों जुन में योगा पट्टी, बेरिया का श्री नगर, बालमी की नगर, बगहा एक, बगहा दो, मधुवनी
02:38भित्हा और ठक राहा शामिल
02:40महा 5 लाग से अधिक अबादी बाढ़ के पानी से सीधे प्रभावित है
02:44केलाशनगर के 500 से ज्यादा और मंगरपूर के 500 से अधिक घरों के भीतर पानी घुश चुका है
02:50लोगों का राश्रन अनाज और घर का समान पूरी तरह बरबाद हो गया है
02:55लेकिन तबाही सर्फ चंपारण तक सीमित नहीं है
02:57पूर्वी चंपारण संग्रामपुर और अरेराज प्रुखंड जुल्मगन
03:01मोतिहारी के अरेराज में मन्रेगा से बना रिंग बान तूट गया
03:05जसे दरजुनों गाउं में पानी फैल गया
03:22सारण तरेया प्रखंड के कई गाउं में गंडक का पानी फैलना शुरू हो चुका है
03:27सरकारी आकडों के मुताबिक 15 प्रखंडों की 28 ग्राम पंचायतों की
03:32सबालाख आबादी सीधे तोर पर प्रभावित दर्श की गई
03:36लेकिन जमीनी सचा ये है कि प्रभावितों का आकड़ा इससे कई गुना जाता है
03:40अब बात करते हैं उस प्रशाशनिक दावों की जो कादजों पर तो बड़े मजबूत दिखते हैं
03:45लेकिन जमीन पर उतरते ही बह जाते हैं
03:47चंपारण के पिपरासी प्रखंड की सौरहा, सेम्रा, लंबेदहा, बलुआ और मंचरिया पंचायतों के लोग पिछले 36 घंटे से पानी में
03:56रहने को मजबूर है
03:57लोगों के कच्चे और अलबेस्टर के मकान डह रहे हैं
04:04लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है
04:07लेकिन जमीनी रिपोर्ट किये है कि कई प्रभावित इलाकों में अब तक ना तुत्रपाल बाटे गए हैं
04:12और ना ही सामुदाइक रसोई यानि की कम्यूनिटी किच्चिन शुरू की गई है
04:17स्थानिय ग्रामिनों का सीधा आरोफ है कि बांधों से पहले ही लीकेज हो रहा था
04:21सिचाई और जल संसादन विभाग के अधिकारियों को समय रहते सूचना भी दी गई थी
04:25लेकिन वही पुराने धर्रे वाले कारेशेली अपनाई गई
04:28अधिकारियों ने समय पर ध्यान नहीं दिया और जब पानी का दबाव बढ़ा तो ठटबन तूट गया
04:34हालाद बिगडने के बाद सरकार और प्रसाशन में हलचल शुरू हुई
04:38मुख्य बंतरी समराच चौधरी ने विशाली, सारण के, हैजलपुर, मकेर, पूर्व, चमपारण और गोपाल गंज के बाद प्रभावित इलाकों का
04:48हवाई सर्वेक्षन किया है
04:50जुम्रिया घाट पर गंडक के जल स्तर की अधिकारियों को सक्त हिदायत दी है कि राहत कारे में किसी तरह
04:55की कोता ही बरदार्श नहीं की जाएगी
04:58मुख्याले से इंजीनियरों और कारेपालक अभियनताओ की चार टीमों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपाल गंज भेजा गया है
05:06लेकिन सवाल यह है कि हवाई सर्वेक्षनों और बैठकों से क्या उन परिवारों को तुरंत राहत मिलेगी जुनका नाच पानी
05:12भी बह चुका है
05:13जब नेपाल में बारिश का पूर्वनुमान पहले से होता है, जब हर साल सितंबर के महीने में गंडक का जलसर
05:19बढ़ता है, तो टटबंदों की मरमत में ये लापरवाही क्यू होती है
05:22क्यू हर साल बाड़ा आने के बाद ही प्रसाशनिक अमला जाकता है
05:25नेपाल की कैच्मेंट एरिया में हुर ही बारिश और बराज में लगतार छोड़े जा रहे है पानी से डाउन स्ट्रीम
05:31के इलाकों में खत्रा भी टला नहीं है
05:33अगले 24-47 गंटे मुझफर पूर, वैशाली, सारण और गोपाल गंच के लिए बेहत सम्वेद अन्शील है
05:55हम इस आपदा से जुड़ी हर एक खबर, हर एक प्रभावित छेतर की आवाज और सरकारी राहत कारे की जमीनी
06:01सच्चाई आप तक लगतार पहुचाते रहेंगे
06:03आप देखते रहें One India Hindi