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00:04sort of vats used to be a book!
00:10The bloggers wrote this book, the book is used to be by the book and by the devil.
00:11When you want to find one thing about it, the book was still written by the book.
00:23द्रोनाचार्य यह देखकर हैरान रह गए कि यह अचूता तीरंदाज राजकुमार अर्जुन से भी श्रेष्ट था
00:30जब द्रोनाचार्य ने पूछा तेरा गुरु कौन है तो एकलव्य ने गर्व से उनकी मूर्ती की ओर इशारा किया
00:37लेकिन अर्जुन को दुनिया का सबसे महान धनुर्धर बनाए रखने की गुरु द्रोन की प्रतिग्या आड़े आ गई
00:43गुरु दक्षिना के नाम पर द्रोवाचार्य ने एकलव्य से उसका दाहिने हाथ का अंगूठा मांग लिया
00:49बिना एक पल जिजके एकलव्य ने अपनी तलवार उठाई और अपना अंगूठा काट कर समर्पित कर दिया
00:56खून से सने अंगूठे को गुरु के चर्णों में रखकर उसने इतिहास का सबसे बड़ा त्याग कर दिया
01:02अंगूठा कटने के बावजूद एकलव्य ने अपनी उंगली और कलाई के सहारे तीरंदाजी जारी रखी
01:08ऐसे ही महाभारत के अंसुने रहसियों को जानने के लिए पेज को लाइक और फॉलो करें