00:01ुदिश्थिर की बुद्धी ने यक्ष के घातक प्रशनों का कैसे उत्तर दिया।
00:05वनवास के दौरान पांडव प्यास से व्याकुल होकर एक रहस्य में सरोवर के पास पहुँचे।
00:10जब नकुर भाई ने पानी पीना चाहा तब एक अद्रिश्य यक्ष ने चेतावनी दी।
00:40सामने लोग मरते हैं, फिर भी इनसान अमर होने की कामना करता है।
00:45संतुष्ठ होकर यक्ष ने कहा हे राजन, मैं तुम्हारे एक भाई को जीवनदान दे सकता हूं, किसे चुनोगे।
00:51युधिष्ठिर ने सौतेली माता मादरी के पुत्र नकुल को चुनकर अपनी धर्म प्रायनता का परिचय दिया।
00:58यक्ष रूपी धर्मराज प्रसन्न हुए और सभी पांडवों को जीवनदान देकर अद्रिश्य हो गए।
01:08झाल
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