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  • 49 minutes ago
खेल में कैसे बनाया कर‍ियर? नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडलि‍स्ट निखत खातून और खुशबू कुमारी ने बताया

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00:00आखिरकार पुलीस सर्विस की दो महिलाएं हमारे साथ में क्यों बैठी होगी
00:04तो पहले तो मैं उनका एक इंटोड़क्शन दे दूँ आपको
00:07जिससे आपको पता चलेगा कि आखिरकार पंचायत के इस मंच पर इन्हें क्यों बुलाए गया है
00:13तो मेरे साथ में हैं निखत खातून जो सब इंस्पेक्टर है पुलीस लाइन नालंदा में
00:19और इन दोनों में एक चीज़ कॉमन है कि ये दोनों लौन बाल नैशनल जो गेम्स हुए थे हमारे
00:3738 वे नैशनल गेम्स हुए थे उत्राखंड में उसमें बिहार को गोल्ड मेडल ले आने में इन दोनों का हाथ
00:44रहा है
00:49तो सबसे पहले तो आप दोनों का बहुत-बहुत स्वागत है इस मंच पर
00:53मैं शुरुबात इसी से करना चाहूंगा कि कितना मुश्किल था
00:59ये गोल्ड मेडल जीतना आपके लिए क्या माईने रखते है और कितना मुश्किल था
01:11इस टाइम क्या अंदर चलता रहा तर फिलिंग में क्या नहीं कर नहीं कर वो बहुत मुश्किल है
01:21जब बहुत ही जादा मुश्किल था कि कैसे तरीके से मतलब हम लोग को मतलब मेडल लेना है
01:27और में बात हम लोगा टेंसन था कि क्या हम लोग को बिष्ट मंगौल से मैच था
01:34और हम लोगा पॉइंट मतलब लेना मतलब बहुत ज़रूरी था हम लोग एक एक पॉइंट बहुत जादा आहमियत था
01:42लेकिन उसके बाद आप पुलीस सर्विस में आपने काम करना शुरू कर दिया
01:48तो क्या सर्विस में काम करते हुए अपने खिलाडी के तौर पर अपना काम करना एक प्लेयर के तौर पर
01:53प्रैक्टिस करना यह सब आपको मौका मिल पाता है या वो मुश्किल हो जाता है
02:05किस तरे क से आप एनल करती है, डुनों चीज़ों का
02:10अटना वर यह संव की काम करने में इतना वक्त उसमें आप
02:33करते हैं लेकिन कभी कभी दंडे भी चलाने पड़ते होंगे हाँ तो कभी कभी हो जाता है तो
03:16लिए गवार सरकार की एक स्कीम है कि आप मेडल लेके आओ और नौकरी पाओ तो कई सारे लोग उस
03:23स्कीम के लिए कोशिश कर रहे हैं
03:25तो मेडल जीतना जरूरी हो गया कि अगर आपको नौकरी चाहिए तो नौकरी के लिए मेडल है या मेडल के
03:31साथ नौकरी है पहला प्रियरिटी किस बात को लेकर लेकर है
03:34हम लोगो पहले तो मेडल जितना है जोब भी लेना पर मेडल पहले हम लोगो जीतना है पहले हम लोगो
03:41पाम है फिर बाद में देखेंगे जोब क्या है मिंग क्या है नहीं है वो बाद में देखेंगे पहले हम
03:48लोगो मेडल लाना है मेडल जीतना है अब वो कैसे जीते क्या करे
03:58लेकिन उसके बाद में आपके खेल में तो कुछ अंतर नहीं हो गया एक बार नौकरी कई बार ये बोलते
04:02हैं कि भाई नौकरी मिलने के बाद खेल के उपर ध्यान हड जाता है और फिर नौकरी में ही पुरा
04:07समय भी जाता है खास करके जब पुलीस के नौकरियों एसा नहीं है ह
04:12हम लोग दोनों मैंनेज कर लेते हैं कैसे मैंनेज करते हैं वो तो बताईए तो हम लोग का डिप्टी रहता
04:19है मिंग टाइमिंग है सारे दस दस से अमिंग कभी भी होता भी तो हम लोग जोईन किये हैं ये
04:23फिलाल उतना मिंग एचिमिंट हुआ नहीं नोकरी का क्या है नहीं
04:27कियें थे हमक्तरा सुमनों कि ट班 एंटी होती है और या शॉटी के लूब
04:42है है धिश्फ सबस्काथ है तुछ झी बुल्ड हम ऑख लाज ने रहते हैं वह सब hyork fit
04:55अभी काम सीखी रहा है आप दोनों को दसी दिन हुआ है नहीं मेरा एक मेने होने वाला आपको एक
05:02मेना होने वाला आपका ट्रेनिंग हुआ है की ट्रेनिंग होना बाकी है अभी हम लोग जितने भी ऐसा है सब
05:09का ट्रेनिंग होना बांकिया है अभी नहीं हुआ है अभी नहीं ह
05:23स्पोर्ट्स में करियर कर पाना क्या पॉसिबल है आपको लगता है इस देश में और खास करके बिहार में वैसे
05:28भी स्पोर्ट्स करियर के तौर पर चुनने के लिए दस बार घर में बोला जाता है कि आरे कहां खेलकूद
05:34में जा रहे हो नौकरी पहले पालो उसके बाद खेलक�
05:48यह तो मेरी सुबात तो बहुत पहले से हैं बहुत टाइम दिए इसमें लॉण बॉल में बहुत टाइम दिए तब
05:56यहां तक हम लोग पहुचें अभी तक हां होता है प्रॉब्लम होता है जाओ समाज में लोग क्या बूलेंगे बेटी
06:02को खिला रही हो परहा रही हो बार भे
06:18से फोड़ी पाला जा सकता है अईसे कभी बुला कभी ने कभी ऐसाने हम लोगर फैमिली सपोर्ट करने वाले क्या
06:25कहती थी फैमिली जब आप खेलने जाती है
06:27मतलब हम उछैमिली तो कभी मतलब ये मतलब नहीं बौली की नहीं जाना खेलने लेकिन हां
06:33आज प्रोस के बतलब बगल के लोग वो लोग बोलते थे कि बेटी को भेज़ते हैं ये करते हैं
06:38क्या करते हैं आपके परिवार में
06:43क्या करते हैं आपके परिवार में
06:45मेरे पापा
06:54इनके पापा राज मिस्तीरी का काम करते हैं
06:56अच्छा और आप
06:59क Na अजल्व मेरे पपा किशान है वहली चलता है मंई असावर कर यह शावर कर चो यह पार कर
07:06enorm वाई- कि अज़ाट दे 2022 को लगा कि खेलेज में जाना जाना gimman का सपोर्ट है मम्य का
07:10सपोर्ट चो पूरा पापा कप सब का सपोर्ट विस्वास था अपने बेटी पें हाँ यह कु
07:27के लिए मैदान चाहिए जो सुविधायें चाहिए वो सब थी या आपको उसमें अजस्मेंट करना पड़ा नहीं नहीं हम लोग
07:33को तो पूरा मिला है हम लोग ट्रैक्टिस किये हैं तब तो आज तो कि यहां तक आये हैं ऐसे
07:39बिना प्रैक्टिस का कुछ ना प्लब दी हो यह �
07:44यह ऐसा कुछ नहीं हम लोग को पूरा सपोर्ट मिला है हर तरह से लेकिन क्या आपको लगता है कि
07:51इसके साथ-साथ इंफरस्ट्रक्चर की भी जरूरत है सिर्फ नौकरी देने से काम होगा या आपको लगता है कि खेल
07:58की इंफरस्ट्रक्चर में भी सुधार करने के जरूरत
08:00कि अमुमन ये देखा गया है कि बड़े-बड़े खेलों में स्टेडियम्स की कमी होती है, मैदानों की कमी होती
08:07है, बाकी सपोर्ट सिस्टेम की कमी होती है, सपोर्ट स्टाफ की कमी होती है, तो उसके मद्देनजर आपको लगता है
08:12कि उस पे सुधार किया जा सकता है, और अग
08:29अच्छा है, हम लोग के लॉन बॉन में ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन बिहार जैसे राज्य को क्या करना चाहिए,
08:39कि जिसमें आप जैसे जो आप गोल्ड मेंडल लेकर आई, वो कोई एक अचीवमेंट रहकर नहीं रहना चाहिए, उस तरीके
08:45से गोल्ड और भी मिले, नैशनल ग
08:58जीद सके हैं, हम लोग को तो प्रैक्टिस के लिए है, तो हमें टायम मिलता है, प्रैक्टिस करते हैं, क्या
09:05कर न चाहिए, इसलिए सब लोग सपोर्ट में हैं, नैवी लेकिन क्या सरकार के तरफ से आपको कोई उम्मीद है,
09:25कि और भी आपको कुछ सुविधाए मिले, क्या स
09:28आप चीज बता पाएंगे कि यह सुविधा अगर मिलेंगी तो हम कुछ जादा कर पाएंगे अच्छा बहतर प्रदर्शन कर पाएंगे
09:34नैशनल गेम्स में अलग-अलग आप जब बाकी एथलीट से भी मिलती होंगी बाकी राज्यों के तो उसकी तूलना में
09:39आपके हां पर क�
09:58मिदल लगा है तो ये तो बहुत बदा फासला होता है इसलिए पर पूछ रहा हूं बहुत बड़ी बात है
10:03ये पचीज अलबाद बिहार को गोल लगा है और कौनसे स्पोर्स है कि जिसमें आपको लगता है कि बिहार बहतर
10:11कर सकता है आपको तो बाकी अथलीट भी मिले होंग
10:24कि आजकल लड़कियों का बड़ा दम चलता है चुनाव में भी चलता है और स्पोर्ट्स में भी उनका दबदबा शुरू
10:30हो चुका है तो कि बिहार के लड़कियों के लिए कुछ बोल पाएंगे आपके आपके अनुभाव के आधार पर कि
10:34आप क्या करना चाहिए आपको किस �
10:53बेश्ट दे हिमत नहीं हारना पढाइके बीड़ा में भी नखेल के दार में ना इधर न उदर बस अपना मेनद
10:59फोकस एक चीज पर रहना चाहिए इससे मिलती है जी निखजी आप क्या कहना चाहेंगे मेरा भी वही सेम है
11:09मतलब अपने परहाई पर अपने खेल पर हर चीज
11:14पर फोकस देना चैए कि हम मतलब हाडना की नहीं यह नहीं होगा ललेकिन ये मतलब इस्वास रखना चाहिए कि
11:21हम मतलब इह करना
11:23तो करना है लेकिन अगर कोई हमने देखा रहा कि नितीश कुमार जब मुख्यामंत्री थे तब उनोंने लड़कियों क 먹고
11:33साइकल देना शुरू किया था जिसके चलते
11:34कोई स्कूल जाया है या उसके लिए
11:36उनको बढ़ावा देने की कोशिश की थी
11:38अब ये योजनाल आई गई है जिसका मैंने पहले
11:40जिक्र किया कि आप मेडल ले किया हो
11:42और आप नौकरी पाऊंड ठीक है
11:45इसी तरीके से अगर कोई लड़की
11:48स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाना चाहती है
11:50तो आपको लगता है कि उसको
11:51वो ये कर पाएंगी और उसको
11:54ये किस तरीके से करना चाहिए उस लड़की को
11:56ये किस तरीके से करना चाहिए बिहार में
11:57बिहार के लड़कियों को आप स्पोर्ट्स में करियर बनाने को लेकर क्या कहेंगे
12:02जिसके जिसमें रूची है बिहार में खेल में स्पोर्ट्स में आए
12:06जो भी है जिसको कोई भी खेल खेलना उसमें अपना मेहनत दे
12:09सारा अपना मेहनत लगाए
12:18अब बिहार के लड़की होगा, अगर स्पोर्ट पे उनको करियर करना है तो क्या कहना चाहेंगे आप उनको, जिस चीज
12:24में जो गेन में वो लोगा इंटरेस्ट है, वो गेम के बारे में थोरा सा भी मतलब सोचना चाहिए कि
12:30हाँ, हम वो गेम खेलेंगे तो हम भी मतलब यहां �
12:33तक पहुच सकते हैं, या आप, आपको जीतने के बाद के लड़की आँके मिली की वही हम, हमको भी यह
12:38स्पोर्स में करना है, हम लोग को, लैंड में भी वहां गे थे, तो सब लोग हम से पूची कि
12:43किस तरीके से खेली हमको भी खेलना है, कैसे की, वो सब हम लोग मतलब वहा
12:52आपका मतलब गेम है, आप सोची ही कि हम गेम खेलने इंट्रेस्ट एक उस गेम में, तो वो गेम खेलिए
12:57और अगर आप चाहती है, तो आप कर सकती है, आप क्या कहती थी लड़कियों को, जब आपको मिलने के
13:03लिए आती थी लड़किया, जब कि भई हमें भी इस्पोर्स मे
13:22लेकिन अचानक आप पहला गोल्ड 25 साल के बाद जो मिला उसके बाद यहां पर अकबारों में खबरे चपी या
13:26बाकी आपके फोटो चपे हैं, तो आप तो एकदम अपने गाउं में या अपने इलाकों में एकदम सब लोग आके
13:32आपको मिलना जुलना शुरू कर दिया होंगा
13:34सब मिलना जुलना बहुत ही वाँ वाई लूट रही है, मिंग सब ये की वो की अच्छी बात है, अब
13:41सब गाउं के भी लर्की सब बोलती है, कैसे गई, कैसे खेली, हमको भी ले चलो, ऐसे हमको भी खेलना
13:46है, सब बोलती है, इस स्कीम से कितना फरक पड़ेगा, मेरा समय कहत
14:03ही जादा, मतलब बिस सो परसेंट, समझ, और अभी पुलीस की सर्विस के वज़े से खेल कूद तो बंद नहीं
14:13होगा, मतलब आपको जोब भी करना है, और खेलना भी है, चले हम आपके लिए, अभी तो आपकी ट्रेनिंग हुई
14:23नहीं है, लेकिन उमीद है कि ट्रेनिंग के
14:26बाद भी आपकी खेल कूद बनना हो, और आप से उमीद जगी है कही बिहार के लड़कियों की, कि वो
14:33भी खेल कूद में अपना करियर कर सकती है, नौकरी के साथ-साथ खेल कूद भी कर सकती है, आप
14:37दोनों का बहुत-बहुत शुक्रिया, आपने आपका जो एक्सपिरियंस
14:44के साथ में इसके लिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया, तैंक यू
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