Skip to playerSkip to main content
  • 14 minutes ago
कैसे बनाई अपनी पहचान? बिहार के 4 कामयाब युवा उद्यमियों ने आजतक पर क‍िया साझा

Category

🗞
News
Transcript
00:00अब मैं उन चार लोगों को स्टेज पर बुलाना चाहती हूँ जो इस वज़े से हैं क्योंकि धीरे धीरे बिहार
00:08में बहार होती गई और इनके कंदों पर वो जिम्मेदारी है कि बिहार की बहार में जो फूल है कुछ
00:14और खिलते रहें आप सब प्लीज आएं स्टेज पर और म
00:29में कहूंगी मैं एक अक्ट्रिस भी कहूंगी लेकिन नवस चारू हैं आए प्लीज बैठेए
00:41क्योंकि भले मंच आपके लिए पहली बार बड़ा हो लेकिन इसका ये मतलब है कि हम आने वाले दिनों में
00:50एक और बड़े मंच पर आपको देखना चाहते हैं
00:52अब मनीश वो शक्स हैं जिन्होंने एक सबसे छोटा क्याफे बरिस्ता के रूप में यहाँ पर शुरू किया
01:02आज आप अपनी उपलब्धी जरा हमारे दर्शकों के साथ हमारे जो पंचायत में दर्शक बैठे हैं हमारे साथ उनके साथ
01:11शेर कीजिए
01:12सबसे पहले मैं आतक का बहुत जन्यवाद करूँगा कि उन्होंने इस यंग धीन को यंग एंट्रेप्रिन्योर को और यंग प्रोफेशनल्स
01:22को मौका दिया इतने बड़े मंच में यह कोई छोटा मटा मंच नहीं है श्वेता ने कहा कि यह मंच
01:29है अच्छा मंच है यह हमार
01:41करें तो आदमी ज्यादा नावस होता है तो अभी की उपलबदी यह है कि दस साल पहले हमने अभी एक
01:49डेकेड कम्प्लीट किया है जब कोई ब्राइंड हम पिच करते थे कि पतना जाना है तो कोई ब्राइंड एगरी नहीं
01:56करते थे कि पतना जाना इस टेरिटरी वस नॉट �
01:59तो मैं आपको बताऊंगा और मैं चाहता हूं कि यूथ इसको सुने वियाव मेड इंडिया सेकेंड बिगेस्ट टेरिटरी इन पतना
02:07हमने जर्नी अपनी स्टार्ट की थी 200 कैफे से 200 स्क्वार फिट के कैफे से चार चेरों से हमनी दुकान
02:15चालू की थी आज हम साल में 13 ला�
02:29को इंस्पार करता हूं कि हमें किसी प्लाटफॉर्म का वेट नहीं करना चाहिए हमें प्लाटफॉर्म बनाना चाहिए
02:37तो यह बात है और मैं यह भी कहना चाहता हूं कि perception is very important
02:46चोटी सी बात है श्वेता, perception एक यूथ में है यूथ क्या करता है कि एक दोबी की दुकान को
02:54आज हम लॉंड्री बोलते हैं
02:56एक नाही की दुकान को हम सालों बोलते हैं और एक चाय कॉफी की दुकान को हम कैफेटरिया बोलते हैं
03:03तो this is the power of youth, I am very proud to have a Bihari, because a Bihari पहले एक
03:08सोच थी कि Bihari हमें अलग तरीके से देखा जाता हूँ, एक चीज, यहां की सरकार को, यहां की लोग
03:17को, और यहां के यूद को, I am proud to be a Bihari.
03:22यह सबसे पहला पाइदान होता है, बहुत जलूरी होता है, डॉक्टर तिश्या श्री, जो की मैं सही कहूँ, तो उनसे
03:31मेरा परचय एक छोटे से वीडियो के जरिये हुआ, वो वीडियो जहां पर एक खुमसूरत सी लड़की, एक कविता सुना
03:38रही होती है, सोचल मेडिया व
03:52पर लेकिन अब इनकी नई फिल्म आने वाली है, इनको आप बड़े पर देखेंगे, पर क्या हम उस कविता के
03:58साथ शुरू कर सकते हैं, बिल्कुल, मतलब ये तो मेरा सौ भागय है, कि मैं आज आपके सामने वो गीत
04:05का एक बंद, एक अंतरा सुना पारी हूँ, जिसमें आ�
04:09आपका ही नाम है, और ट्रस्ट मी, ये मैंने आज नहीं लिखा है, इस साल पहले इस गीत का लोकारपन
04:16हुआ था, और मेरे लिए बहुत बड़ी बात है, मुझे लगता है, बिहार की हर बेटी के लिए बहुत बड़ी
04:21बात है, क्योंकि उस 13 मिनट का ये गीत है बहुत लंब
04:25मैं आप घबराइए मत, मैं 13 मिनट नहीं लूँगी, उसके लिए कुई दूसरा मौका डूर नेगी, बिल्कुल, बिल्कुल, कुछ छोड़
04:31देना चाहिए, पर ये बहुत बड़ी बात है, कि सिर्फ गीत के लोकारपन के लिए, जो हमारे पूर्व माननिय राजयपाल
04:39है, �
04:39आरिफ महम्मद जी, उन्होंने लोकारपन किया और विधान साभा में किया, और उस दिन भी उस गीत में आपका नाम
04:46आया था, तो मैं बस वहीं से अपनी बात शुरू करती हूँ, और मैं ये गीत आज आज तक के
04:51मन से हर बेटी को, हर बिहार की बेटी को, हर भारत की बेटी
04:55को समर्पित करती हूँ, मैं बस चार पंक्तियों में
05:03खुश्बू हूँ, चंपा की मैं, खुश्बू हूँ, चंपा की मैं, हूँ पुर्वया प्यार की
05:33मैं हूँ, बेटी, बेहार की मैं, बेटी, बेहार की मैं, बेटी, बेहार की मैं, बेटी, बेहार की मैं, बेटी, बेहार
05:43की मैं, बेटी, बेहार की मैं, बेटी, बेहार की
05:55निर्भायता से पगपग चल खुद की पहचान बनाते, अंजनाओं कश्यबन मिटी का मान बढ़ाते।
06:20बेबाकी के आगे सब हो जाते हैं नत मस्तक, बनके श्वेता सिंग जगत में हम गरदा कर जाते।
06:45सहज सरल और पड़े जो मौका, सहज सरल और पड़े जो मौका,
06:53तीकी धार कटार के मैं हूँ बेटी बेहार की मैं बेटी बेहार की मैं बेटी बेहार की….
07:11बहुत बहुत धनेवाद है अच्छा जो हम पूछे थे कि गाना भी गाती हो तो मैंने कहा था बस गाहा
07:19लेती हूं सीखा नहीं एसा गाहा लेती हूं मुझे आता लेकिन ये गीत सही माइने में आज सार्थक हुआ है
07:26क्योंकि आज सामने से उन तक पहुचा है जिनके लिए ये
07:29लिखा गया तो एक बार इनके लिए तालिया बजाएए अच्छा ये फिल्म का चक्कर क्या हुआ क्या डॉक्टर मतलब क्या
07:39पढ़ाई पढ़ रही थी छोड़के क्या बीच में ओफर आया क्या हुआ मतलब मेरी कहानी तो बहुत लंबी है फिर
07:45ये स्लॉटी खतम हो जाए�
07:59क्या है थी मैं कम्प्लीट करके आई थी आई मीन पर मैं मैंने उसको अक्सेप नहीं किया था और हाँ
08:05ये बात सच है कि मैं पूरी पूरी डॉक्टर हूँ कॉलेज डॉप आउट नहीं हूँ स्वा एम एंबीएस डॉक्टर और
08:11उसके बाद मैं पोईट्री के शेतर में आ ग
08:29मुझे सदिनली घर बैटे एक दिन उफर आ गया वो बोलते है ना कि घर बैटे थोड़ी ना कुछ मिल
08:33जाता है उसके लिए निकलना पड़ता है महनत करनी पड़ती है बद आप इमाजिन करिये आप सोचिए कि आपने कभी
08:38महनत नहीं की आपने कोई और अदिशन नहीं दिय
08:55बट फिर जो होना था बस हो गया इस वेरी लॉंग स्टोरी बट हाँ ये बात सच है कि अब
09:00मूवी आ रहे है फिल्म रिलीज से पहले वो लॉंग स्टोरी पर हम लोग बात करेंगे पर करेक्टर टिपिकल बिहारी
09:06है इसलिए मैं कह रही हूं क्योंकि इतनी सारी चीजें करन
09:23क्षेत्र में है मुझे याद आता है अपना बचपन खेर जब बहुत कुछ दिखता नहीं था यहां पर उसके बाद
09:32एक मॉल बना मॉल में असल में सिर्फ एक बड़ा कन्वीनियन स्टोर था लेकिन उसको दूर दूर से लोग देखने
09:37आते थे के पटना में मॉल बना है आ�
09:54अच्छली मेरे पिता जी ने ये कंपनी साथविका क्रुप स्टार्ट की थी अभी से पंदरा साल पे तब चार कथे
10:01के लैंड में हम लोग डेवलप किये थे एक स्टैंडलोन बिल्डिंग और अभी और अभी मैं इंगलेंड से पढ़ाई करके
10:10वापस आया हूं वहां से मैं
10:11कंप्यूटर साइंस कंप्लीट किया तो अभी हम लोग बिहार का सबसे वड़ा मॉल बना रहे हैं अच्छे ये ये चीज़
10:18बताएए आप इंगलेंड में आपने पढ़ाई की और आप वापस आये बिहार जी बिल्कुल अच्छली मुझे बिहार में ही कुछ
10:26करना था और ज
10:39चाहता था नहीं मैं खुद भी यही चाहता था कि मैं वापस भीहार आऊ और भीहार के लिए कुछ करूं
10:45तो अब आगे आपका लक्ष क्या है आगे मुझे जो ये मेरी कंपनी है इसमें मुझे कुछ इनोवेशन लाना है
10:55बिहार के लिए कुछ बेस्ट करना है इंफ्रास्�
11:10अब साक्षी ये जैसे केशव बाहर से पढ़के बिहार में सेटल कर गए ये बिहार को बाहर ले जा रही
11:17है जूल्री डिजाइनिंग में है क्या कर रही है आप साक्षी
11:23अब साक्षी मेरे कंपनी का नाम आतमिस पिंक है और जैसा कि आपने कहा कि हम बाहर को बाहर लेका
11:30जा रहे हैं तो आतमिस पिंक के अंदर भी नेक लगज़री नाच्रल राइमंड जूल्री जो हम गल्फ में एक्सपोर्ट करते
11:36हैं इंडियन क्राफ्टमेंशिप को इंडिय
11:51संस्कृति की जूल्री पहने हमें अभी डिसेंटली ऑपरचुनिटी भी मिली कि हम बिहार में पटना में अपने इस लाइन उस
11:58जूल्री को शोकेस करें और जिस लेवल का हमें प्यार और अप्रीसिएशन मिला लोगों से वो बिलकुल भी एक्सपेक्टेड नहीं
12:04था तो ब
12:09बिहार में भी वो ताकत है मैं सिर्फ पटना से पढ़ी हूँ मैं पंदरा साल अपने एजुकेशन पटना में किया
12:14है और यह करने के बाद भी आई किन गो टू अन इंटनाशनल प्लाटफॉर्म जहां पे मैं बिहार को रप्रेजेंट
12:20कर पाऊं इंडिया को रप्रेजेंट
12:43बिहार में बिहार में पॉसिबल नहीं है वह हम चाहते हैं वह जो क्राफ्मेंशिप अभी सूरत बॉंबे जहां पे जूलरी
12:54बन रही है हम चाहते हैं कि वह फाक्टरी बिहार में कि तब यहां का भी प्रोग्रेस दिखाए देगा
13:02नहीं सही बात है आप जैसे मेरे लिए बड़ा सप्राइजिंग था कि ओबरा नाम की जगे है जहां पर कालीन
13:08बनते हैं मुझे लगता था सिर्फ भदोही में बनते हैं और मैं बिहार से हूँ तो ये चीजें कब तक
13:15बाहर नहीं निकलेंगी तब तक वाकई लोगों को पता
13:31ये भी शुरुवात में कम से कम मेभी ये आज एक स्टीरियो टाइप हो के वल लेकिन एक डर था
13:37कि भाई महौल नहीं है वैसा महौल नहीं है क्या आज बिहार में बिजनेस के लिए स्टार्टप के लिए महौल
13:42है मैं आप एक छोटी सी बात कर रहा हूं बहुत अच्छा को�
13:48आशियत है वह संघर्स करना बच्पन से सीख जाते हैं आप भी उसमें से एक एक ग्जैम्पल है तो संघर्स
13:58ईश्वर ने हमारे अंदर भर के भेजा है
14:03तो कोई भी भी भी शंगर्स करने से डरता नहीं है दिखिए मैंने मेरा च्वाइस नहीं था कि मैं कहां
14:11पैदा होंगा किस हालत में पैदा होंगा बट ये तो च्वाइस है कि मैं अपनी नसीब मेरे अपने हालाथ बदल
14:21दो
14:23आप में से कोई भी मेरे पिता जी का नाम नहीं जानता होगा
14:28मैं किसी लेगेसी के कारण यह नहीं आया हूँ मेरी फ्यामली की कोई लेगेसी की आप मुझे मेरे काम से
14:33पहचानते हैं
14:35आप मेरी महनत से पैजानते हैं, अभिश्वेता ने बोला कि हर जगह की चीजे कालीन के बारे में डिस्कुस किया,
14:42मेरा ड्रीम है कि बनारस का पान बहुत फेमस है, आगरा के पेठे बहुत फेमस है, मैं चाहता हूं कि
14:49लोग पतना आए, पतना उतरे और बरिस्ता की कॉफी ज
15:02बोलनी पड़ती होगी, जिस तरह का, जो होता है कि छोटी चाहे के दुकान में अलग लोग जाएंगे, बढ़ी कॉफी
15:07के दुकान में तो, भाई, बहुत बहुत वैलिट कोश्चन है, मैं इस कोश्चन का बहुत टाइम से वेट भी कर
15:14रहा था, आज के वक्त में क्या होता ह
15:17मेरे हमें आपको इसक्रम प्राक्टिकल एग्जामपल बताता हूं कि मेरे एक बन्दा हाउसकिपिंग से जॉइन करता है, अब हाउसकिपिंग जोइन
15:26करता है, अब हाउसकिपिंग से जोइन करता है, फिर उसको मन करता है कि मैं ब्रू मास्टर बनूगु, फिर उसको
15:46मन करत
15:47ये हाजिपूर के ही है, इनका नाम टीटू है, और टू, टीटू, I am proud of you, if you will
15:52see this episode, and उसकी कॉफी के लिए मुझे वेट करना बड़ता है, and आपको एक और खास्यत बताता हूँ,
16:00कि तीन सो पैसट दिन में उस बंदे ने हाटली चार से पास दिन चुटिया लियोंगी, और एक
16:05एक चोटी सी स्टोरी बता रहा हूँ, एक दिन मेरा मैनेजर है न, वो आइफोन चुपा रहा था, मैंका क्यों
16:13चुपा रहे हो, I feel proud that you are using iPhone, आप आइफोन का देख रहे होंगे, और एक चोटी
16:21सी और स्टोरी मेंस क्लोस करूंगा, मैं कोवीड में गया एक एपल स्टोर मेरा
16:26आइफोन लेना था, तो एक खूब सुरा सी लड़की थी, मैं मास्क पहना था, बहुत सूट करेगा, मैं भी भाई,
16:34लड़का, लड़की बोल रही है तो भाई, लेना चाहिए, मैंने अपने मैनेजर को फोन किया कि आइफोन थी ले रहा
16:39हूँ, सर मत लीजे, हम तो आइफो
16:58आइफोन आइफोन थी लेकिन ये लेकिन ये अलग तरह कि अंथर्परिनोंशिप है, जब आप बिहार की बात भी कतत करते
17:07हैं, आप जब दुनिया को बताते हैं उसके बारे में, मतलब ये मुझे बढ़ा बच्पन से बहुत चुबती थी ये
17:14बात, कि जिस भूमी से मैं आत
17:25हुई, लेकिन ये सच्चाई थी, वो बातें बताना भी, अगर आप एक परदे पर आती हैं और उससे लोग अडिन्टिफा,
17:31हम लोग तो एक शत्रोगन सिना को देखकर बड़े हुए, आज इतने आक्टर्स हैं बिहार के और ये जो सॉफ्ट
17:37पावर डिप्लोमसी में कही ज
17:53और ये सिर्फ कहने की बात नहीं है, आज तक पर हूँ, इसलिए ये नहीं कह रही हूँ, कोई भी
17:58मेरा, कोई भी वीडियो अगर मेरी उठा करके देख ले, फेस्बुक, इंस्टा, यूट्यूब कहीं भी, तो मैं परिचे की पंक्तियों
18:06से शुरू करती हूँ, और जो अग
18:22उसने बात कहीं कि हमें बताना पड़ता है और हमें चिढ़ाया जाता है, तो तब मैंने उस पर ये चार
18:29पंक्तियां लिखी थी कि कभी दिनकर, कभी मांजी, कभी ठाकुर भिखारी हैं, बुझाने से बीना बुझपाने वाली हम चिंगारी हैं,
18:41और जो पूछे कौन हो दु
18:47तो फिर तुम गर्व से कहना बिहारी हैं, बिहारी हैं, बिहारी हैं, बिहारी हैं, बिहारी हैं, बिहारी हैं, यहाँ पर
18:56युवा बैठे हैं, और सबसे ज़्यादा प्रॉब्लम इसी एज में होती है, कि जब हम घर छोड़ करके बहार निकलते
19:06हैं, तो हमें चिढ़ाने वा
19:17बॉम्बे से हूँ ये बड़ा common सा answer था कि पता बदल दिया क्योंकि शर्म आती थी क्योंकि उनको चिढ़ाया
19:23जाता था
19:24तो आज भी ऐसे लोग हैं आज भी बच्चों को चिढ़ाया जाता है और आज भी कुछ लोग कहते हैं
19:30दूसरे स्टेट्स वाले भी और अपने भी राजे के कुछ लोग की बिहार की वज़े से हमारा देश पिछड़ा है
19:35तो मैं आज यहां से कुछ कहना चाहती हूँ वैसे लोगों को और अपनी वार्णी को विराम देना चाहती हूँ
19:40इन पंक्तियों के साथ
19:41कि जो लोग यह सोचते हैं कि बिहार की वज़े से देश पिछड़ा है आज सब बिहारी हैं
19:46सवाल पूछने वाले से लेकर के जवाब देने वाले और जितने ओडियंस हैं सब बिहारी हैं
19:52हम लोगों को बहुत गर्व है कि हम बिहार से हैं और क्यूं नहूं क्योंकि बिहार भारत का एक अभिन
19:59अंग है आप चाहे इस बात को स्विकार करे या ना करें ये सच कभी नहीं बदलिगा कि बिहार के
20:06बिना भारत अधूरा है क्योंकि
20:11क्योंकि आर्य भट के शूने के बिना गणित अधूरा होता
20:14नालंदा विश्व विद्याले से ग्यान की गंगा नहीं बहती
20:17माता सीता का जन्म अगर मिथला की धर्ती पर नहीं हुआ होता
20:21तो रामायन भी अधूरा होता
20:23दिनकर, विद्यापती, बेनीपूरी के बिना हिंदी साहित्य कभी सम्रिद नहीं होता
20:28अगर बिहार की धर्ती पर गुरु गोविन सिंग सहब का जन्म नहीं हुआ होता
20:32तो काकड़ परंपरा की शुरुवात नहीं होती
20:35जै प्रकाश नारायन नहीं होते तो भारत को संपून क्रांती का सपना कौन दिखाता
20:40राजेंद्र प्रशाद नहीं होते तो एक्जामिनी इस बेटर दान एक्जामिनर का खिताब कौन दिलाता
20:44अगर बिहार का चंपारण नहीं होता तो महात्मा गांधी के स्वतंतरता अंदोलन के शुरुवात कहां से होती
20:52अगर बिहार का वैशाली नहीं होता तो पूरे विश्व में लोक तंतर की स्थापना नहीं होती
20:58और अंजुना ओमकश्यप और श्वेता सिंग के बिना पूरी भारत की पत्रकारिता नहीं होती
21:03और अगर बिहार की माटी ने इतने I.S. और I.P.S. आफिसर्स देश को नहीं दिये होते
21:09तो भारत का प्रसाशन इतना मजबूत नहीं होता
21:11इसलिए इस बात से कोई फर्क नहीं पढ़ता कि दुनिया क्या कहती है
21:14इस बात से कोई फर्क नहीं पढ़ता कि हमें लोग पिछड़ा हुआ कहें
21:17ये सच कोई नहीं बदल सकता है कि भारत के बिहार के बिना भारत का इतिहास और भूगोल दोनों अधूरे
21:25है
21:25और इसलिए मैं गर्व से कहती हूँ कि मैं हूँ बेटी बिहार की
21:31बहुत कम शब्दों में बहुत अच्छे से आपने बांधा अपने इतने सम्रिद इतिहास को
21:36लेकिन केशव अगर हम एक सम्रिद इतिहास सम्रिद विरासत को स्वर्निम भविश्य में केशव देखना चाहते हैं
21:44तो एक businessman बिहार का क्या चाहता है और
21:52अभी government काफी काम कर रही है businessmen के लिए
21:56काफी सारी policies आ रही है businessmen के लिए
21:59लेकिन अभी भी माम system को वो चीज accept करने में एक lag है
22:06तो as a businessman अभी system को वो policy को adapt करना time के साथ वो adapt होगा
22:16लेकिन वो जल्दी हो जाए तो हमारे जैसे businessman के लिए वो अच्छा होगा
22:21for example मैं तो infrastructure sector से हूँ तो किसी भी approval के लिए थोड़ा delay हो जाता है
22:30कोई भी approval लेना होता है हमें तो थोड़ा delay हो जाता है
22:33तो उन सारे चीज़ों पर अभी काम किया जा सकता है
22:37और क्या चीज़ें इंप्रूव हुई है
22:40जो भी policies अभी नए आए हैं उससे में बहुत सारी improvements भी हुई है
22:46for example एक ease of going business
22:49अभी हमारे जैसे businessman के लिए काफी बड़ा topic है
22:58तो हम लोग वो सारी policies जो हैं
23:02हमारे जैसे businessman को basically एक platform देती है
23:08कि हम लोग कोई भी बाहर का plan
23:10जो भी हम लोग बाहर देखते हैं शीखते हैं
23:13उस plan को हम लोग बिहार में ला सकें
23:15और बिहार के लिए कुछ कर सकें
23:18सक्षी आपको कुछ ऐसा लगता है कि कुछ चीजें और
23:24क्या बदला है और क्या और बेहतर होना चाहिए
23:28माम पिछले दस साल में तो बिहार में बहुत चेंज़ आया है
23:32चाहे वो इंफ्रास्ट्रक्टर के मांगल में हो
23:34चाहे जो लोग है ना हमारे जिनरेशन बेसिकली वो बाहर जाती है
23:39बाहर पढ़ाई जरूर कर रही है पट वो वापस आना चाहते हैं
23:43हमारी जो यूट है वो वापस आके यहां पे कुछ करना चाहती है
23:46क्योंकि उन्हें जो यहां पर दिखता है नहीं एक fire है बिहार में एक fire है जो आप उज़ा नहीं
23:51सकते हो तो वो बार बार चाहती है आज की यूद की वो वापस आएं और वो हमारे बिहार में
23:56कुछ ऐसा करें कि बिहार का नाम आगे लेके जा पाएं
24:01तो यह एक लास्ट सवाल के साथ मैं सबसे एंड करना चाहूंगी, आप बिहार को क्या देना चाहते हैं अब?
24:08मैंने आपको जैसा कहा ना कि कोई भी आदमी ताकतवर अकेला नहीं होता है, यह में ध्यान में रखना चाहिए,
24:15मैं तो अपनी टीम को और मैं अपने जितने भी गेस्ट है या मेरे जितने भी युवास आती हो, यही
24:20बोलूँगा कि सब को लेके आके चलो इस बिहार में और इ
24:36क्योंकि यह मेरा subject नहीं है, लेकिन मैं इस पर actually कुछ कहना चाहती हूँ, आपने अभी पूछा कि government
24:43क्या कर रही है, पहले के और अभी के वक्त में बहुत जादा बदलाव आया है, पहले मैं वेवसाईयों का,
24:51मैं दर्द समच सकती हूँ सारे businessmen का, क्योंकि एक time हमने बहुत
24:57unsafe भी देखा है, लेकिन हम उस पर नहीं बात करके, let's talk about the brighter side, look at the
25:04brighter side, क्योंकि अब government बहुत खुद भी बहुत कोशिश कर रही है, सारे entrepreneurs को, businessmen को एक favorable
25:12condition देने की, और मुझे लगता है क्योंकि यहां पर you are बैठे हैं, में एक बात बताना चाहती हूँ,
25:18that you guys need to understand the difference between businessman and entrepreneur, entrepreneurship और business कर
25:25होना एक बात नहीं है, क्योंकि यह एक broadly हम कह देते कि वो businessman है, but हमेशा entrepreneur वो
25:32होता है, जो who comes up with a new idea, with a new concept, जो अभी तक हुआ ही नहीं
25:38है, और businessman वो होता है, जो उस concept को operate करता है, जो उसको लेकर के आगे बढ़ता है,
25:44so now it's your choice कि आप entrepreneur बनते हैं, कि आप businessman बनते हैं, बने हुए concept
25:50को आप लेकर के आगे बढ़ते हैं, या आप कुछ नया लाते हैं, मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि
25:55यहां जितने लोग बैठे हैं, उस सब के अंदर एक entrepreneur है, it's just that, कि हम समझ नहीं पा
26:00रहे हैं, entrepreneur कौन है, जिसके पास एक idea है, the man of idea can be a very good entrepreneur,
26:07और मैं जो यह कह रही थी कि आ�
26:20आप कैसे लोटेंगे उस idea के साथ, जो मैं आपको बता रही हूँ और आप कैसे शुरू करेंगे वो business
26:25यहां, तो मुझे लगता है कि बहुत ज़्यादा potential है, और government अब start-ups पे 10 lakhs तक का
26:32interest-free loan दे रही है, up to 10 years, like यह सारी जो चीजें हैं, अभी जो registered start
26:39-ups हैं, that is I think 1761 start-ups है, registered,
26:44बिहार में, और women-led जो start-ups हैं, that is 253, which is less, but beginning, so हम, मैं
26:55हमेशा बोलती हूँ न, कि महीला वो है, जो डेलीज के इस पार देवी और देलीज के उस पार दूर्गा
27:01भी हो सकती है, तो हम सब में वो potential है, चलिए इसी इसी thought के साथ अमन्त करते हैं,
27:06समय इतना ही है, बहुत बहुत
27:07धन्यवाद, आप चारू का यहाँ पर आने के लिए, thank you so much
Comments

Recommended