00:00चर्चा शुरू करते हैं, सबसे बड़ा सवाल यही है, किस आधार पर आप यह कह रहे हैं कि कॉंग्रेस पार्टी
00:07को इस बारे में पूरी जानकारी थी, कि यूपी आई पर MDR लगाने की तैयारिया शुरू हो चुकी है?
00:17देखें, हम समय में कॉंग्रेस की भूमिका रहनी चाहिए थी, और रही भी है, पहले तो स्टेंडिंग कमिटी और फैनांस,
00:26परलिमेंटी स्टेंडिंग कमिटी और फैनांस, उसमें यह डिसकुशन हुआ है, चर्चा हुआ हूँ, मैं खुद एक मेंबर अफ पारलिमेंट रह
00:43में बाते रखने का, इस पूरे में जतने भी उनके दिगज लोग हैं, जो समझने वाले लोग, उसमें चितामरम विवे,
00:50मनिश तिवारी वे, गुगई साहब जैसे लोग हैं, जो उसमें थे, उपस्तिती थी, और उन्होंने इसको बदाबते समझा, और इसको
00:59आत को सराहा,
01:00कि सस्टेनेबिलिटी के लिए, यूपिय की सस्टेनेबिलिटी के लिए, एक ऐसा मॉडल होना चाहिए, जहां पर तीन चीज़े हैं, एक
01:07तो प्लाटफॉर्म, प्लाटफॉर्म जो उसमें इन्वेस्मेंट होता है, उसकी लागात आती, उसको पेंटेनेंस होता है, डेवल�
01:27और बढ़ेगी तो उसके लिए थोड़ा खर्चा चाहिए तो सभी लोगों ने सोचा कि कंजुमर को बिल्कुल इसको कोई भार
01:34ना पड़े कंजुमर पे लेकिन मर्चिंट पे पहुत थोड़ा सा भार पड़े वह सारे कैलकुलेशन करिएगा तो आप देखेंगे चाहे
01:402000 से कम
01:41अगर वाले जो है वो ट्रांजेक्शन जो है नाइटी सिक पर्सेंट होते हैं अगर वॉलीम टम में देखें यह अन।
01:47वालीम टम में देखें तो 65 � Passy जो है वह होते हैं जो जो हगळार से
02:07कैप कर दिया 5 रुपे में उसको
02:09300 रुपे में कैप कर दिया गया है
02:11तो उससे जो है बहुत मिनिमम
02:13जो है MDR से
02:15जो आगे की
02:17सॉस्टेनिपलिटी के लिए
02:18जो खर्चा चाहिए वो
02:21तो है बिलकुल आंफॉंडेड है
02:24गलत है
02:24में तो का है कि
02:26अमेरिका के दबाव में किया है भई आप एक प्लाटफॉर्म चला रहे तो उसमें लागत आती है कि ने बीज़ार
02:31क्रोड़ बीज़ार साथ सो कुल में लागत आती है
02:33हर बार का खर्चा है तो कौन बियर करेगा बैंक बियर करते है
02:41जफर इसलाम जी एक एक करके जाएंगे आमरिका की आरोप पर तो मैं आऊंगा पहले तो आपका पहला जो आरोप
02:48है कॉन्गरिस पार्टी पर उसको जरा निप्टा ने की कोशिश करते हैं क्यूंकि आप दरसल बीजेपी आलोग शर्मा जी यह
02:55कहने की कोशिश कर रहे हैं
02:56कि आप जो कह रहे हैं कि किसी से बात ही नहीं की गई
02:58सीधे सीधे डाइरेक्ली आकर इसके पूरी बात कर लो क्या है
03:06जफर इसलम जी मैं मैं एक एक करके इस बुद्धे पर आणा चाहिए
03:09पहले तो अलोग शर्माजी से ये पूछना जरूरी है ना
03:19अप इसी मुद्धे पर बाकी चीज़े तो रपी तो रिपीट हो रही है
03:30इस स्टैंडिंग कमीटी में डिस्केशन डिमेट सब कुछ हुआ और इनकी जानकारी में थी
03:37और इन लोगों ने सराहा और इसको एप्रूफ किया एक तरह से और दूसरी बात कि यह पारलेमन में भी
03:43चर्चा में आया है
03:52लेकिन आज सिर्फ यह जान रहे है कोई बुद्धा नहीं है ठोस बुद्धा तो इसको जनता के बीच में कैसे
03:57गुबरा करने का काम है
03:58वो राहुल गांदी कर रहें
03:59अफसुस की बात है कि उनके पढ़े लिखे
04:02जो बहुत सारे काबिल नेता है
04:04जिनको आर्थवा अर्षासत जानते है
04:06और उनको एकॉनोमी की जानकार्इ है
04:08वो लोग राहुल गांदी जी को ब्रीफ नहीं कर रहें
04:10आलोग भाई ही ब्रीफ कर देते हैं अगर चिदावराब जी ने कर रहे हैं इनको भी अच्छी समझ है कर
04:14देते हैं कि भाई इसमें कोई भार नहीं पढ़ रहा है ये तो सिर्फ लोगों को गुम्रा करने वाली बाद
04:19है उसके लिए सरकार कैसे रिस्पॉंसिबल है या नहीं है
04:26उस पर मैं आलक से आप से सवाल पूछूँगा लेकिन दरा पहले स्टैंडिंग कमिटी का वाला मामला निप्टा लेते हैं
04:31क्योंकि ये इस मामले को लेकर खुद दौरों गोगोई और उसके बाद मनीश तिवारी दोनों सांसर जो इस स्टैंडिंग कमिटी
04:38और फाइनांस क
04:56यार करना होगा और उसके साथ साथ इसी रिपोर्ट पर ये भी लिखा हुआ है कि सरकारी इंसेंटिव डिजिटल पेमेंट
05:03एको सिस्टिम के लागत सिर्फ एक दशमलव एक प्रतिश्ट कवर करते हैं और इसी लिए एप डेवलप्मेंट साइबर सेकुरिटी और
05:11फ्रॉड
05:12कि सारी चीजे इस सब के लिए फंडिंग के जरूरत होती हैं ये सारी बाते इस रिपोर्ट पे लिखियो वई
05:17थी उसके बावजूद कांग्रेस पार्टी ये दावा क्यू खर रही है कि हमें इसके बारे में कोई जानकारहि नहीं थी
05:22और उसके बार इनिब मेंडल आया उस �
05:26पार्लेमेंट के बीतर कोई चर्चा नी हो पाई थी अलुक शर्ण देखे दो विशे साइट ये आपने लिए पहला तो
05:32ये के सारहा कुछ सांसदों ने इस चीज़ को अगर कोई भी सारहने वाली कोई भी भाइट आपके पास हो
05:42या सेयर जफर इस्लाम जी के पास हो तो वो ज
05:55जी जी और अमिशा जी संसद से भाग गए क्योंकि बच्चों का इसू चल रहा था जब आप संसद में
06:01आएंगे ही नहीं तो चर्चा ही कैसे होंगे तीसरी चीज़ देखे जिस समय पर जी एस्टी लगाया था दूद दही
06:07और तमाम चीजों के उपर मक्षन शाच के उपर �
06:11तब भी इन्होंने कहा था कि वहाँ पर तो बैठे थे वो फाइनस मिनिस्टर्स जो कॉंग्रिस के शाचन के हैं
06:16लेकिन सब ने फिर मना किया गैर भाजपाई तमाम फाइनस मिनिस्टर्स ने कहा था कि जी एस्टी में हमने इसके
06:23ओपर सहमत ही नहीं थी तो जूटी सरकार ज
06:39अलग चीज़ होती है किसी चीज़ को भी sustainable बनाना sustainable तो उसको RBI के थूप भी बनाया जा सकता
06:46था
06:46sustainable तो उसको सरकार की subsidy से भी बनाया जा सकता था और sustainable तो already budget में जब 11
06:52,000 क्रोर से जाधा रखे
06:54तो sustainability की तो बात ही नहीं आपने कहीं पर भी रिपोर्ट में लिखा हो
06:59कि चार्जिस हम लगाएंगे 0.4% और 2000 के ट्रांजेक्शन से उपर
07:05और उस पर कॉंग्रिस के सांसदों के दसकत हों
07:08तो कॉंग्रिस उसके लिए तुरंथ अभी इसी समय हम खेट गट करेंगे
07:13के बेगलती हो गई हमसे लेकिन अगर अभी तक इस तरह का कोई
07:16document होता तो public domain में आ जाता मेरी दो लोगों से छे जो
07:21photo आज तक पर चल रहे हैं दो लोगों से मेरी भी बात हुई है
07:25उन्होंने कहा केवल एक discussion आया था और इस सरकार बहुत कुछ चुपा कर गए
07:30नोट बंदी का किसी को नहीं पता चला था महामाना वाय थे और उसके बद आर्बियाई को नहीं पता था
07:35आर्बियाई के
07:36तमाम deputy directors उन्होंने का कि हमें ही नहीं पता चला था कि नोट बंदी में क्या क्या होगा कैसे
07:41होगा तो देखिए
07:42ट्रेड डील होने से पहले ही ट्रेड डील लागू होने से पहले ही सरेंडर प्रधान मंत्री ने और ज्यादा सरेंडर
07:49कर दिया है और उसको लागू करना शुरू कर दिया है
07:52राम मंदिर के डखेत हैं साहिजी राम मंदिर के डखेतों से बहुत जादा उमीद नहीं की जा सकती है
07:58अभी जब अगर हमने सहमती थी तो छे तारिक को जैराम रमेज जी ने संसद में विरोध क्यों किया पर
08:05उस समय पर कोई सांसद बीजेपी से क्यों नहीं बोला कि आपके मेंबर्स की तो सहमती है इसमें तब तो
08:11कोई नहीं बोला
08:12जैराम रमेज जी ने ओन रिकॉर्ड ऑफिशली इसका विरोध किया
08:16साथ के साथ निर्मेला सीतारवन जी ने इसको इस लायक नहीं समझा
08:20अलोग जी मैं एक लाइन आपको पढ़कर सुना दू अलोग जी एक लाइन में आपको पढ़कर सुना दू उस रिपोर्ट
08:28की जो आप मांग कर रहे हैं
08:30जो Standing Committee on Finance की जो recommendation है, उसकी मैं लाइन आपको पढ़ कर सुना देता हूँ, ठीक है,
08:36कहां confusion है वो बात भी clear हो जाएगी, देखे मैं quote unquote English में लाइन यह पढ़ कर सुनाता
08:41हूँ, क्योंकि यह report English में मेरे पास यहां पर आई हुई है, जिस इस report की जो लाइन है
08:46वो यह है, the committee would like to emphasize that establishing a
08:50viable revenue mechanism, कोई ऐसा mechanism तयार होना चाहिए, revenue mechanism, is critical to ensuring the UPI ecosystem achieves financial
09:01sustainability without perpetually sustaining, without perpetually straining the government exchequer,
09:10यानि सरकार कब तक इस पर खर्चा करती रहेगी, UPI की ecosystem को मजबूत बनाने के लिए revenue source हमें
09:17develop करना चाहिए, इस बात पर standing committee on finance में सभी सांसर दोने, जो भी member है उसके, उन्होंने
09:25यह report submit किये, अब इसमें आता हूँ, यानि प्रपोस किया है, यह होना चाहिए, viable revenue source, तीन शब
09:40viability क्या के बज जनता के ऊपर बोज डालके ही viability आएगी, क्या उसमें clarification था कि हम 0.4
09:48% करेंगी, यह 0.6% क्यों नहीं है, यह 0.2% क्यों नहीं है, क्या कोई finance की
09:54revenue की कोई, जिस किसी भी तरूप में कोई committee इन्हों ने बनाई technical committee, क्या किसी technical committee की
10:02recommendation वाँ finance committee में रखी गए, कोई ची
10:09लिखकर के viability होनी चाहिए इसकी, अब इसके दो परभाव हैं सीधे सीधे, या तो इसका जो सीधा परभाव है
10:21वो यह है, कि जो आप merchant की बात कर रहे है, merchant अपने दामों को बढ़ाए, वो अपने जेव
10:28से तो पैसा देगाने, एक तरफ 10% के करीब WPI जा रहा है, wholesale price index, महंग
10:37आई बढ़े, और इसमें एक चीज़ और है साइक जी बहुत बड़ी, बड़ी चलाकी से इन्होंने क्या किया है, कि
10:43आगे का रास्ता भी खोल दिया है, अभी तो केवली 2000 के कैप लगा के छोड़ दी, कि भी 2000
10:49से नीचे तक का नहीं करेंगे, लेकिन अब पार्लेमेंट में �
10:51दिसकुशन की जरूप नहीं, अब NPCI जो है, वो हेड करेंगी और कमेटी जो है, वो डिसाइड कर लेगी, सर्विसेस
10:59टेरिंग कमेटी जो है, वो केवल डिसाइड करेंगी, कल को 2000 से नीचे पर भी आ जाएंगे, अभी इतना बड़ा
11:05फिगर जो आपने बताया आज तक पे
11:07कि 2025 सेथे में 314 लाग करोड का ट्रंजेक्शन है, और उसमें से 2000 लाग करोड हे, लगभग लगभग पैसेट
11:18परसेंट वॉल्म का, तो ये बहुत बड़ा खेल है, सरकार की जेम में, सरकार की जेम में, साहिल है।
11:26और ये सीधा सीधा अमेरिका के दबाओं में काम हुआ है
11:33अमेरिका का दबाओं पिछले कही महीनों तर
11:35क्वी सालों से था
11:45तक है कि हमने एक रविणी सोर्स जनरेट करना चाहिए
11:54जिसके वज़े से UPI का एको सिस्टेम सस्टेनेबल हो
11:57यानि यह सुजाव था
11:58यह 0.4 प्रतिश्चत का आंकड़ा आया कहां से
12:03जरा इसका जवाब दे देजेगा
12:04यह कहां से तै हुआ, किस तरीके से तै हुआ
12:07क्योंकि मनीश्टिवारी आप यह कह रहें
12:09अगर उस आंकड़े के साथ
12:10किसी रिपोर्ट के आधार पर अगर
12:12वो फाइनन्स कमिटी के सामने अगर मामला आता
12:14तो उसका कॉंग्रेस के सांसर विरूत करते हैं
12:17तो यह आंकड़ा कहां से आया है, वो जरा बता दीजे
12:20देखिए
12:23पहली बात तो
12:26यह
12:26स्टेंडिंग कमिटी की बात यह कह रहे है
12:28बाहर में कोई बाइट देता, स्टेंडिंग कमिटी के
12:30डिसकेशन के बाद कोई भी बाहर
12:32में इस तरह की चर्चा नहीं करता है
12:34सिर्फ बाद में जब पब्लिक होता है
12:36बिल आता है तो उसमें जो आता है
12:38सब के सामने आता है रिपोर्ट आती है
12:40तो मैं दूसरी बात कह रहा हूँ कि उस वक्त
12:42इस बात की चर्चा की गई कि सस्टेनेबिलिटी के लिए
12:46हमें प्रावधान बनाने चाहिए
12:48वो फ्लेक्सिबिलिटी लाने चाहिए
12:50और वो उसको वो प्रोविजन करना चाहिए
12:54यह सब की सहमती थी कि वो सस्टेनेबिल मॉडल होना चाहिए
12:58अब सस्टेनेबिलिटी के लिए तो वो कमीटी है
13:01जब चर्चा में आया पारलिमेंट में
13:03पारलिमेंट ने इसको अथराइस किया
13:05committee जैसे आज
13:07बहुत सारे board approve करते हैं कि
13:08chairman will decide
13:10board of directors will decide
13:12और एक competent authority
13:16तो यह बात कोई ऐसे भी कह सकता है
13:19कि आप घर में discuss कर रहे हैं
13:21कि चट ठीक करनिया में
13:24लेकिन अचानक आपको पता चलेगा
13:25कि करोड़ो रुपे खर्च करके
13:27चट ठीक किया जा रहा है
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