00:00कॉंग्रेस लगातार कह रही है कि UPI पर जो 0.4 प्रतिशत का मर्चेट डिसकाउंट रेट याने MDR लगाय गया
00:08है वो ट्रम्प के दबाव में ही लगाय गया है ताकि फोन पे वाले वाल्मार्ट और गूगल पे को मुनाफ़ा
00:14हो सके
00:14कॉंग्रेस के नेता हवाला दे रहे हैं कि अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजन्टेटिव्स रिपोर्ट में 0 MDR पर नाराजगी जिताई गय थी
00:23और इसलिए अब चार्ज लगाय जा रहा है जबकि सरकार ने बाकाइदा इसी अगस्ट में संसत से कानून पारित किया
00:30है जिसमें वि
00:43विरोध नहीं किया है बलकि समीती नहीं ये भी माना कि UPI को सरकारी अरुदान पर चलाना संभव नहीं है
00:50और उसे अपना एक रेविन्यू मॉडल लाना होगा अब सरकार कह रही है कि आम आदमी पर इसका बोज नहीं
00:56पड़ेगा लेकिन हकीकत यही है कि आखिरी बोज आम आ
01:12बढ़ावा मिलेगा टैक्स चोरी को बढ़ावा मिलेगा टुकडों में पेमिंट जैसी हरकते बढ़ जाएंगी और इनी दलीलों के साथ कॉंग्रेस
01:19पार्टी अब UPI पर लगाए गए शून्य दशमलब 4 पीजदी MDR को वापस लेने की मांग कर रही है क्योंकि
01:26सुनने में �
01:27आ रहा है कि सिर्फ शून्य दशमलब 4 पीजद है लेकिन भारत में सालाना 314 लाग करोड रुपे का UPI
01:34लेंदेन होता रहा है शून्य दशमलब 4 पीजदी सवा लाग करोड से भी अधिक होता है तो आज के दंगल
01:41में हम इनी मुद्दों पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले य
01:55तीन दिनों से तबाही मची है स्तरकार सफाई देकर परेशान है P.I.B. ने बताया वित्त मंत्राले ने बताया
02:01N.P.C.I. ने कई बार बताया फिनांशल सर्विसेज वाले फैंस दे रहे हैं तरजन और डिबेट्स हो गई
02:06लेकिन विपक्ष मानता ने पहले गिरोद किया फि
02:37जब मनमाने फैसलेकारोप मढ़ रहा है
02:41वित्त विवाग के संसदिय मामनों की समीटी के सदस्य है
02:44इस समीटी की परतीसवी रिपोर्ट के पेज नंबर 23 पर साफ लिखा है कि बिना MDR के UPI चलना मुश्किल
02:50है
02:50पेज नंबर 78 पर लिखा है कि UPI के लिए अपना रिवेन्यू मॉडल तयार करना होगा
02:55और 12 मार्च को ये रिपोर्ट उस समीटी ने दी थी जिसमें कॉंग्रेस की ओर से
03:00पीजी दंबरम, मनिश तिवारी, गौरब गोगोई, प्रमूत तिवारी, किशोरी लाल और केक गोफिनात
03:05ये सभी सांसर उस कमिटी के सदसे हैं जिनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने आदेश निकाला है
03:09और रिपोर्ट पे खुद स्टेंडिंग कमिटी ने माना था
03:12कि सरकारी इंसेंटिव डिजिटल पेमेंट एकोसिस्टम की लागत का सिर्फ 11% ही कवर करते हैं
03:18एप डेवलप्मेंट, सैबर सिक्योरिटी, फ्रॉड का पता लगाना, सेटलमेंट, क्यवाईसी और क्लाउड इंफ्रस्रक्चर के लिए लगातार फ्रंडिंग की जरुरत होती
03:25है
03:25तो यह आरोप सच नहीं कि कॉंग्रेस की जानकारी मंजूरी के बिना चूनी दस्मलब चार फिजडी MDR लागू हुआ
03:33इसके बार जब लोगसभा में 6 अगस्त 2026 को टेक्सेशन एंड अधर लॉज बिल पर चर्चा हो रही थी तो
03:38विपक्षी सांसस शोर मचा रहे थे
03:40द्वनिमत से बिल पारित हुआ था इसी तरह 10 अगस्त को भी बिल पर चर्चा के समय विपक्षी आसन के
03:45सामने शोर मचा रहे थे और बिल पारित हो गया था
03:48और तभी जहराम रमेश ने आरोप लगाए था कि यह संतोथन बिल यूएस टेड रिप्रेजन्टेटिव की 2026 की रिपोर्ट के
03:54बाद आया है जिसमें UPI और घूपे के मुफ्त होने की आलोच नहीं गई है और उन पर आरोप लगाए
03:59गया है कि उन्होंने वीजा और मास्ट
04:00सरकार्ट जैसे अमेर्की पेमेंट प्लेटफॉर्म को बाहर कर दिया है जैराम रमेश ने सवाल उठायते कि क्या प्रम के दवाब
04:06में UPI को कमजोर करना चाहते हैं और डिजिनल पेमेंट सेक्टर को अमेर्की कमपनियों के लिए खोलना चाहते हैं
04:15अमेर्का की USTR की पेज नंबर 272 पर कहा गया था कि NPCI के रुख से अमेर्की कमपनियों को बराबरी
04:21का मौका नहीं मिल रहा अमेर्का ने थर्ट पार्टी एप्स को UPI सिस्टम में 30 फीजदी के कैप का विरोध
04:27किया था
04:28हलाकि 30 फीजदी का कैप अभी तक लागू नहीं किया गया हाल ये है कि अमेर्का की वॉल्मर्ट वाला पोन
04:33पे और गूगल वाला गूगल पे भारत की 80 फीजदी से अधिक UPI पेमेंट मार्केट पर कवजा कर चुकी है
04:38हलाकि इसमें से कुछ चार्ज वो बैंक भी वसूलेंगे जिनके खाते से पेमेंट हो रहे हैं और भी अनुवान के
04:43मुताबिक 7-8,000 करू रूपे का सालाना फायदा गूगल पे पोन पे को हो सकता है
04:49और ऐसा ही फायदा पेटियम जैसी भारते पेमेंट अपस को भी हो सकता है
04:52सरकार ये भी दलील देती है कि इन देशी अपस को चलाने के लिए सरकारी सबसे भी का रिवेन्यू मॉडल
04:57नहीं चल सकता
04:58क्योंकि पिछले साल फोन पे का सालाना खर्च 9,394 करोड रूपे था
05:03जिसमें सर्वर और डेटा सेंटर्स पर 2,800 करोड रूपे
05:06बैंकों और गिट्वे को 1688 करोड रूपे
05:09बाकी सोफ्वेर, क्लाउड, क्लाइंट, सपोर्ट सब मिलाकर 500 करोड रूपे खर्च हुआ था
05:14और ये तब था जब एक पिहाई मार्केट पर फोन पे का कफ़जा है
05:21अमेरिका के सामने चुनाती बनी हुई है कि अगर भारत में थर्ट पार्टी पेमेंट टैप्स पर
05:39क्योंकि अब शूनी तफमलत 4 फीजदी MDR लागो होने का फाइदा उन्हें भी मिलेगा
05:43आज तबीरो
05:47तो सरकारी सूत्रों से ये भी ख़बर आ रही है कि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इसे
05:51रोल बैक नहीं किया जाएगा
05:53ये पॉलिसी की तहट जो MDR लगाने की बात हो रही है जिस तरीके से गैजट टैंट नोटिफिकेशन निकलाए उसे
06:00वापतस नहीं लिया जाएगा
06:01लेकिंगे दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि इससे आम जनता की जेब धिली हो सकती है
06:06क्योंकि मर्चट एक बार फिर कैश एकोनॉमिक की तरफ डखलने की कोशिश करेंगे
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