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  • 12 minutes ago
क्या US दबाव में UPI पर चार्ज लगाने के आरोप सिर्फ सियासी हैं? साहिल के साथ देखें दंगल

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00:01नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी डंगल में आपका स्वागत है आज का डंगल भारत की सियासत में अमेरिका की चर्चा
00:07पर है और वो चर्चा दो कारणों से है ताजा तो ये है कि अमेरिकी राष्ट्रपती ट्रम्प को ये ताकत
00:13बिल गई है कि रूस से तेल खरीदने वाले द
00:29और दूसरा विवार यूपी आई वाला है कॉंग्रेस लगातार कह रही है कि यूपी आई पर जो 0.4 प्रतिशत
00:36का मर्चेट डिसकाउंट रेट याने MDR लगाय गया है वो ट्रम्प के दबाव में ही लगाय गया है ताकि फोन
00:43पे वाले वालमार्ट और गूगल पे को मुना
00:46कॉंग्रेस के नेता हवाला दे रहे हैं कि अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजन्टेटिव्स रिपोर्ट में 0 MDR पर नाराजगी जताई गय थी
00:55और इसी लिए अब चार्ज लगाय जा रहा है जबकि सरकार ने बाकाइदा इसी अगस्ट में संसत से कानून पारित
01:02किया है जिसमें
01:03वित्व विभा की संसिदिय समीती की 32 वी रिपोर्ट का आधार भी बताये गया है और उस कमीटी में कॉंग्रेस
01:10के भी 5-6-6 सदस्य है उन्होंने इस रिपोर्ट में कोई डीसेंट नोट नहीं डाला याने कोई विरोध नहीं
01:16किया है बलकि समीती ने ये भी माना कि UPI को सरक
01:19सरकारी अरुदान पर चलाना संभव नहीं है और उससे अपना एक revenue model लाना होगा अब सरकार कह रही है
01:26कि आम आदमी पर इसका बोज नहीं पड़ेगा लेकिन हकीकत यहीं है कि आखिरी बोज आम आदमी पर ही पढ़ने
01:33वाला है
01:34Confederation of All India Trades जैसी कारोबारी संस्था और व्यापारी संगटन भी इस बात का विरोज जता रहे हैं
01:41खुद्रा कारोबारी भी शिकायत कर रहे हैं इससे नगदी को बढ़ावा मिलेगा टैक्स चोरी को बढ़ावा मिलेगा तुकडों में payment
01:47जैसी हरकते बढ़ जाएंगी
01:48और इनी दलीलों के साथ Congress Party अब UPI पर लगाए गए शून्य दशमलब 4 पीसदी MDR को वापस लेने
01:56की मांग कर रही है
01:57क्योंकि सुनने में यह आ रहा है कि सिर्फ शून्य दशमलब 4 पीसद है लेकिन भारत में सालाना 314 लाग
02:04करोड रुपे का UPI लेंदेन होता रहा है
02:07शून्य दशमलब 4 पीसदी सवा लाग करोड से भी अधिक होता है तो आज के दंगल में हम इनी मुद्दों
02:14पर चर्चा करेंगे लेकिन पहले यह रिपोर्ट देखने है
02:37अजन और डिबेट्स हो गई लेकिन विपक्ष मानता ने पहले गिरोद किया फिर विदेशी दवाब बनाया फिर नियम वापसी की
02:43मांग की और अब मनमाने फैसलेकारोप मड़ रहा है
02:49कॉंग्रेस पाटी के तमाम नेता प्रवक्ता कह रहे हैं कि सरकार ने अमेर्की दवाब में फैसला लिया
02:53और गौरब गोगोई कहते हैं कि जब संसदिय समित्थी के बैठक हुई तो वित्त मंत्राले के पास UPI पर टेक्स
02:59के कोई खोस प्रस्ताव नहीं थे
03:01मर्चेंट डिसकाउंट रेट यानि MDR की जरुद पर सवाल पूछा गया लेकिन जवाब नहीं थे
03:07ये गौरब गोगोई लोगसभा में कॉंग्रेस को उपनेता है और अपने दल के बांकी पाँच और संसदों के साथ वित्त
03:13विवाग के संसदिय अमामलों की समित्थी के सदस्य है
03:16इस समित्थी की 35 वी रिपोर्ट के पेज नंबर 23 पर साफ लिखा है कि बिना MDR के UPI चलना
03:21मुश्किल है
03:22पेज नंबर 78 पर लिखा है कि UPI के लिए अपना रेवेन्यू मॉडल तयार करना होगा
03:27और 12 मार्च को ये रिपोर्ट उस समित्थी ने दी थी जिसमें कॉंग्रेस की ओर से
03:31पीजी दंबरम, मनिश तिवारी, गौरब गोगोई, प्रमूत तिवारी, किशोरी लाल और केक गोपिनात
03:37ये सभी सांसत उस कमिटी के सदस्य हैं जिनकी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने आदेश निकाला है
03:41और रिपोर्ट पे खुद स्टेंडिंग कमिटी ने माना था कि सरकारी इंसेंटिव डिजिटल पेमेंट एकोसिस्टम की लागत का सिर्फ 11
03:48परसेंट ही कवर करते हैं
04:26और उन पर आरोप लगा गया है कि उन्होंने वीजा और मास्टर कार्ट जैसे अमेर्की पेमेंट प्लेटफॉर्म को बाहर कर
04:35दिया है
04:35जैराम रमेशनल सवाल उठायते कि क्या प्रम के दवाब में UPI को कमजोर करना चाहते हैं और डिजिटल पेमेंट सेक्टर
04:41को अमेर्की कमपनियों के लिए खोलना चाहते हैं
04:47अमेर्का की USTR की पेज नंबर 272 पर कहा गया था कि NPCI के रुख से अमेर्की कमपनियों को बराबरी
04:53का मौका नहीं मिल रहा
04:54अमेर्का ने थर्ट पार्टी एप्स को UPI सिस्टम में 30 पीज़ी के कैप का विरोज किया था
05:00हलाकि 30 पीज़ी का कैप अभी तक लागू नहीं किया गया है
05:03यह है कि अमेर्का की वालमर्ट वाला फोन पे और गूगल वाला गूगल पे भारत की 80 फीज़ी से अधिक
05:08UPI पेमेंट मार्केट पर कबजा कर चुकी है
05:10हलाकि इसमें से कुछ चार्ज वो बैंक भी वसूलेंगे जिनके खाते से पेमेंट हो रहे हैं
05:14और भी अनुवान के मुताबिक 7-8,000 करूर रुपे का सालाना फायदा गूगल पे फोन पे को हो सकता
05:20है
05:20और ऐसा ही फायदा पेटियम जैसी भारते पेमेंट अप्स को भी हो सकता है
05:24सरकार ये भी दलील देती है कि इन देसी एपस को चलाने के लिए सरकारी सबसीडी का रिवेन्यू मौडल नहीं
05:29चल सकता है
05:30क्योंकि पिछले साल फोन पे का सालाना खर्च 9,394 करोड रुपे था
05:34जिसमें सर्वर और डेटा सेंटर्स पर 2,800 करोड रुपे
05:38बैंकों और गिट्वे को 1688 करोड रुपे बाकी सोफ्वेर, क्लाउड, क्लाइंट, सपोर्ट सब मिलाकर 500 करोड रुपे खर्च हुआ था
05:46और ये तब था जब एक पिहाई मार्केट पर पोन पे का कफजा है
05:53अमेरिका के सामने चुनोती बनी हुए है कि अगर भारत में थर्ड पार्टी पेमेंट टैप्स पर 30 फिसदी का टैप
05:58लग दिया
05:59तो भारती वाजार पर उनका एकाधिकार सिमित हो सकता है
06:01और तब वालमॉट और बूगल जैसी कंपणियों का मुनाफा भी एक तीहाई टक से मढ़ सकता है
06:06इसके साथ ही पेटियम जैसी भारत की 30 फिसदी पार्टी पेमेंट एप्स को स्तरवाइवल का बड़ा मौका मिल सकता है
06:11क्योंकि अब शूनी तफमलत 4 फिसदी MDR लागो होने का फाइदा उन्हें भी मिलेगा
06:15आज तबीरो
06:19तो सरकारी सूत्रों से ये भी खबर आ रही है कि सरकार ने साफ कर दिया है
06:23कि अब इसे रोल बैक नहीं किया जाएगा
06:25ये पॉलिसी की तहट जो MDR लगाने की बात हो रही है
06:29जिस तरीके से गैजट नोटिफिकेशन निकलाए उसे वाफ्तस नहीं लिया जाएगा
06:32लेकि दूसरी तरफ विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि इससे आम जनता की जेब धिली हो सकती है
06:38क्योंकि मर्चट एक बार फिर कैश एकोनॉमिक की तरफ डखलने की कोशिश करेंगे
06:43तो इस पर हम चर्चा करेंगे हमारे साथ सेयद जफर इसलाम भारतिय जनता पार्टी के प्रवक्ता जोड़ रहे है
06:51कॉंगेरस पर बीजेपी ने एक बार फिर आरोप लगाया है कि जब स्टैंडिंग कमिटी में इसकी चर्चा हो रही थी
06:56स्टैंडिंग कमिटी और फैनांस पर तब कॉंगेरस के सांसदों ने विरोद क्यों नहीं किया
07:00जबकि Congress कहती है कि कोई पुर्जोर चर्चा नहीं हुई है, महज, कहा गया था लेकिन उस पर कोई आगे
07:05बात नहीं बढ़ी थी, उस पर भी हम पूछेंगे, लिप्ती तनिजा, Economist, दिली University की Professor of Economics है, वो
07:11भी चर्चा में शामिल होंगे और उसके साथ-साथ आशुतोष भी चर्
07:27हो रही थी, जबकि अमेरिकी कमपनियों को इसका लुकसान भी हो सकता है, जब 30% का कैप लगेगा, जो
07:34भारतिया Payment Authority के तरफ से कहा गया है, दूसरा सवाल, क्या UPI पर चार्च वाला कानून बनाने के पहले,
07:42Congress के सांसदों की इस रिपोर्ट में सहमती थी, Congress की सांसद इस बा
07:56बढ़ने का खत्रा है, क्योंकि इससे पहले भी, Trump कई बार ये धंकी दे चुके है, जबकि भारत के तरफ
08:02से इस बात को साफ कर दिया गया है, कि देश के इंटरेस्ट में, एनर्जी इंटरेस्ट में, रिशिया से तेल
08:08वो खरीदते रहेंगे, चर्चा शुरू करते हैं, सभ
08:11जफर इसलाम सबसे बड़ा सवाल यही है, किस आधार पर आप ये कह रहे हैं, कि कॉंग्रेस्ट पार्टी को इस
08:17बारे में पूरी जानकारी थी, कि UPI पर MDR लगाने की तैयारिया शुरू हो चुकी है
08:27देखें, हम समय में कॉंग्रेस की भूमिका रहनी चाहिए थी, और रहे भी है, पहले तो Standing Committee on Finance,
08:36Parliamentary Standing Committee on Finance, उसमें ये discussion हुआ है, चर्चा हुआ, मैं खुद एक Member of Parliament रहा हूँ,
08:42मैं जानता हूँ कि जब कोई चर्चा में आती है, तो सब को मौका मिलता है, चाहे वो कोई भी
08:47Member हो
08:47Opposition का हो, या Government का पार्टी का हो, लेकिन सब को मौका मिलता है, अपनी अपनी बाते रखने का,
08:53इस पूरे में जतने भी उनके दिगज लोग हैं, जो Finance, Economy समझने वाले लोग, उसमें चितामरम विवे, मनिश तिवारी
09:00वे, गुगई साहब जैसे लोग हैं, जो उसमें थे, उ�
09:17Platform, platform जो इसमें investment होता है, उसकी लागात आती, उसको plaintenants होता है, development होता है, innovation होता है,
09:24sustainability होती है, उसके लिए, इसके लिए थोड़ा खर्چाचा चाहिए, पहले जो है, free, absolutely free था और उसको लेकिन
09:31sustainable होडा करने के लिए, कुछ लागात चाहिए, आगे बहुत सारे expand किया जा रहा है
09:36नई टिकनोलोजी और बढ़ेगी तो उसके लिए थोड़ा खर्चा चाहिए तो सभी लोगों ने सोचा कि कंजूमर को बिलकुल इसको
09:42कोई भार ना पड़े कंजूमर पे लेकिन मर्चिंट पे पहुत थोड़ा सा भार पड़े वह सारे कैलकुलेशन करिएगा तो आप
09:49देखे
10:04पी टूपी वे जो है लगबख सतर परसेंट पी टूपी होते है वैसी फ्री है तो लगबख बीस परसेंट ट्रास्जेक्शन
10:12पे चार्जेज लगेंगे और उसको भी कैप कर दिया गया है बहुत सारे सर्विसेस को कैप कर दिया पांच रुपे
10:17में उसको तीन सो रुपे मे
10:19कैप कर दिया गया है तो उससे जो है बहुत मिनिमम जो है
10:23MDR से जो आगे की जो सस्टेरिबिलिटी के लिए जो खर्चा चाहिए वो
10:29सस्टेरिबिलिटी के लिए खर्चा चाहिए ये बिलकुल अनफॉंडेड है
10:33गलत है बेतुका है कि
10:36अमेरिका के दबाव में क्या है भई
10:37आप एक प्लाटफॉर्म चला रहे तो उसमें लागत
10:39आती है कि नहीं बीज़ार क्रोड़ बीज़ार साथ
10:41कुल में लागत आती है अरबार का खर्चा
10:43तो कौन बियर करेगा बैंक बियर करते है
10:54अमेरिका के आरोप पर तो मैं आउंगा पहले तो आपका पहला जो
10:57स्टैंडिंग कमिटी को लेकर जो आरोप है कॉंगरेस पार्टी पर उसको जरा
11:01निप्टाने की कोशिश करते हैं क्योंकि आप दरसल बीजेपी आलोग शर्मा जी
11:04किये कहने की कुशिश कर रही है कि आप जो कह रहा है कि किसी से बाती नहीं की गई
11:08है
11:33इसी मुद्धे पर बाकी चीजे तो रिपीट हो रही है
11:40स्टैंडिंग कमीटी के डिसकेशन पर इसको अप्रूफ किया एक तरह से और दूसरी बात कि यह पारलिमेंट में चर्चा में
11:53आए तो यह भाग गया है
11:56इसलिके इनको जानकारी थी कि भाई यह तो सही है तो कंजूमर पर कोई भार नहीं पड़ने वाला है
12:00तो चलो इसको ठीक है लेकिन आज सिर्फ यह जान रहे है कोई बुद्दा नहीं है ठोस बुद्दा तो इसको
12:05जनता के बीच में कैसे गुबरा करने का काम है वो राहूल गांदी कर रहे हैं
12:09अफसोस की बात है कि उनके जो पढ़े लिखे जो बहुत सारे काबिल नेता हैं जिनको अर्थवा अर्शास जानते हैं
12:15और उनको एकॉनमी की जानकारी है वो लोग राहूल गांदी जी को ब्रीफ नहीं कर रहे हैं आ लोग भाई
12:20ही ब्रीफ कर देते हैं अगर चिदामर जी �
12:22ने कर रहे हैं इनको भी अच्छी समझ है कर देते के बाई इसमें कोई भार नहीं पढ़ रहा है
12:26ये तो सिर्फ लोगों को गुम्रा करने वाली बात है जफार इसलाम जी उसके लिए उसके लिए सरकार कैसे रिस्पॉंसिबल
12:34है या नहीं है उस पर मैं आलक से आप से सवाल �
12:37पूछूँगा लेकिन जरा पहले स्टैंडिंग कमिटी का वाला मामला निप्टा लेते हैं क्योंकि ये इस मामले को लेकर खुद दोरों
12:43गोगोई और उसके बाद मनीश तिवारी दोनों सांसर जो इस स्टैंडिंग कमिटी और फाइनांस के मेंबर है उन्होंने इस बारे
12:49
12:49अपनी भूमी का रखी हुई है कुल मिलाकर आलोक चर्बा जी जो स्कैंडिंग कमिटी के रिपोर्ट है उसके पेज नंबर
12:5423 पर साफ लिखा है कि बिना चिदम बरम भी है उसमें बिना MDR के UPI चलना मुश्किल है पेज
13:02नंबर 78 पर पर पर लिखा है कि UPI के लिए अपना एक
13:05revenue model तयार करना होगा और उसके साथ-साथ इसी रिपोर्ट पर ये भी लिखा हुआ है कि सरकारी incentive
13:11digital payment ecosystem के लागत सिर्फ एक दशमलव एक प्रतिशनत कवर करते हैं और इसी लिए app development, cyber security
13:20और fraud का पता लगाना बाकी सारी चीज़े इस सब के लिए funding के जरूरत होती है ये सारी बात
13:25पर इस रिपोर्ट पर लिखी हुए थी उसके बावजूद Congress Party ये दावा क्यों कर रही है कि हमें इसके
13:30बारे में कोई जानकारे नहीं थी और उसके बार्ट का बिल आए गया आमेंडमेंट बिल आए गया उसमक्त भी पार्लमेंट
13:36के बीतर कोई चर्चा नहीं हो पाई थी अ
13:51आपके पास हो या सेद जफर इस्लाम जी के पास हो तो वो ज़रूर चलनी चाहिए वो ये एक स्टेटमेंट
13:56किसी न्यूस पेपर में के Congress के सांसदों ने उसको सारा है पहला पॉइंट 21 दिन तक संसद नहीं चलने
14:03थी इन लोगों ने मोदी जी और अमिच्छा जी संसद से �
14:08क्योंकि बच्चों का इशू चल रहा था जब आप संसद में आएंगे ही नहीं तो चर्चा ही किसे होंगे तीसरी
14:14चीज़ देखें जिस समय पर जी स्टी लगाया था दूद दही और तमाम चीजों के उपर मक्षन शाच के उपर
14:20तब भी इनोंने कहा था कि वहां पर तो बै
14:38अगर ये बात थी देखें एक सस्टेनेबल मॉडल बनाना या कहीं से पैसा आरेंज करना एक पॉइंट होता है दूसरी
14:45चीज़ के आप जंदा के उपर उस चार्ज का बर्डन डाल दें यह अलग चीज़ होती है किसी चीज़ को
14:51भी सस्टेनेबल बनाना सस्टेनेबल तो उ
15:07रिपोर्ट में लिखा हो के चार्जिस हम लगाएंगे 0.4% और 2000 के ट्रांजेक्शन से उपर और उस पर
15:16कॉंग्रिस के सांसदों के दसकत हों तो कॉंग्रिस उसके लिए तुरंथ अभी इसी समय हम खेट गरेंगे कि बेगलती होगी
15:24हमसे लेकिन अगर अभी तक इस तरह का क
15:36इस दिसकेशन आया था और इस सरकार महुत कुछ छुपा कर बहुत बहुत अब सकतिये नोट बंधी का किसी को
15:41नहीं पता चला का किसी को नहीं पता चला था
16:06बहुत जादा उम्मिद नहीं की जा सकती है अभी जब अगर हमने सहमती ठीट तो छे तारिक पो जैराम रमेज
16:13जी ने सनसद में विरोध क्यों किया फैर उस समय पर
16:16कोई सांसत बीजेपी से क्यों नहीं बोला कि में आपके मेंबर्स की तो सहमती है इसमें तब तो कोई नहीं
16:21बोला जैराम रमेज जी ने ओन रिकॉर्ड ऑफिशली इसका विरोध किया साथ के साथ निर्मेला सीतारवन जी ने उसको लायक
16:30नहीं समझा अलोग जी मैं एक लाइन
16:36मैं आपको पढ़कर सुना दू उस रिपोर्ट की जो आप मांग कर रहे हैं जो स्टैंडिंग कमिटी और फाइनांस की
16:42जो रेकमेंडेशन है उसकी मैं लाइन आपको पढ़कर सुना देता हूँ ठीक है कहां कन्फूजन है वो बात भी क्लियर
17:01हो जाएगी ने कि मैं कोट अन
17:03मेकनिजम तयार होना चाहिए रेविडू मेकनिजम इस क्रिटिकल तो एंसूरिंग ड़ यूपी आई एको सिस्ट्म अचीवस फाइनशिल सस्टेनिबिलिटी विदाउट विदाउट
17:15परपिचुली सुस्टेनिंग विदाउट परपिचुली स्टेनिंग गवर्मेंन इक्�
17:32जो भी मिम्बर है उसके उन्हों यह रिपोर्ट सब्विट किया अब इसमें आता हूं इसमें देखे शब्स किया है यह
17:40होना चाहिए वायबल रेवेन्यू सोर्स तीन शब्द है मेली वायबल वर्ड रेविट्टी क्या जंता के ऊपर बोज डालके ही वायबलिटी
17:54आएगी कि
17:56ऑसमें क्लारिवीकेशन था किम पॉंट फोंट करेंगी यह पॉईंट सिक्स परिसेन क्यों नहीं है यह जा कोई फाइनेश की रिवेन्विए
18:05की कोई जिसक वी तरूप में कोई कetrॉप होना झालके टेकनिकल कमेंटी क्या किसी टेकनिकल क्रेंएटी की कोई
18:14कोई चीज नहीं रखी गई सब कुछ अंधेरे में रखा केवल एक सेंटेंस लिखकर के वायबिलिटी होनी चाहिए इसकी अरे
18:22बजट में अगर आपने रख रहे हैं अब इसके दो परभाव हैं सीधे सीधे या तो इसका जो सीधा परभाव
18:30है वो यह है कि जो आप मर्चंट क
18:33की बात कर रहे हैं मर्चंट अपने दामों को बढ़ा है वो अपने जेव से तो पैसा देगा एक तरफ
18:3910% के करीब डब्लू पी आई जा रहा है होलसेल प्राइस इंडेक्स महंगाई और इससे और महंगाई बढ़े और
18:48इसमें चीज और है साइक जी बहुत बड़ी बड़ी
18:50चलाकी से इन्होंने क्या किया है कि आगे का रास्ता भी खोल दिया है अभी तो केवली 2000 के कैप
18:57लगा के छोड़ दी कि भी 2000 से नीचे तक का नहीं करेंगे लेकिन अब पार्लेमेंट में जी डिसकुशन की
19:02ज़रूत नहीं है अब NPCI जो है वो हैड करेंगी और कमेटी जो है
19:07वो डिसाइड कर लेगी सर्विसे स्टेरिंग कमेटी जो है वो केवल डिसाइड करेंगी कल को 2000 से नीचे पर भी
19:13आ जाएंगे अभी इतना बड़ा फिगर जो आपने बताया आज तक पे कि 2026 में 314 लाक करोड का ट्रांजेक्शन
19:22है और उसमें से 2000 अबाओ जो है वो 207 लाक क
19:36पर देंगे जाएगा और ये सीधा सीधा अमेरिका के दबाओ में काम हुआ है अमेरिका का दबाओ पिछले कई महीनों
19:45ते क्या कई सालों से था ये जो अमेरिका के दबाओ की बात आप यहां पर आलोग शर्मा करने की
19:49कोशिश कर रहे हैं उस बात को लेकर हम आगे की बात कर
20:06यानि यह सुजाव था यह 0.4 प्रतिश्चत का आंकड़ा आया कहां से जरा इसका जवाब दे दीजेगा यह कहां
20:15से तय हुआ किस तरीके से तय हुआ क्योंकि मनिश्टिवारी आप यह कह रहे हैं कि अगर उस आंकड़े के
20:20साथ किसी रिपोर्ट के आधार पर अगर वो फाइन
20:36कमीटी की बाद यह कह रहे हैं बाहर में कोई बाइट देता इस्टैनिंग कमीटी के डिस्केशन के बाद कोई भी
20:41बाहर में इस तरह की चर्चा नहीं करता है सिर्फ बाद में जब पब्लिक होता है बिल आता है तो
20:47उसमें जो आता है सब के सामने आता है रिपोर्ट आती है �
20:50तो मैं दुसरी बात कहा रहा हूँ कि उस वक्त इस ब्यात से इस बात की चर्चा की गई कि
20:55सस्टेनेबिलिटी के लिए हमें प्रावधान बनाने चाहिए वो फ्लेक्सिमिलिटी लाने चाहिए और वो उसको प्रोविजन करना चाहिए यह सब की
21:05सहमती थी कि वो सस्टेनेबल म�
21:10जब चर्चा में आया पार्लेमेंट में पार्लेमेंट ने
21:13इसको अथराइज किया कमीटी गोज जैसे आज बहुत सारे
21:17board अप्रूफ करते है कि chairman will decide the committee will
21:20board of directors will decide and group of board of directors
21:23और ये बात कोई ऐसा भी कह सकता है कि आप घर में
21:30discuss कर रहे हैं कि छट ठीक करनिया में लेकिन
21:34अचानक आपको पता चलेगा कि करोड़ों रुपे खर्च करके चट ठीक किया जा रहा है वही चर्चा करने के बाद
21:52वह competent
21:53कमीटी जो है स्टेरिंग कमीटी उसने जो चर्चा की और जो बहुत मिनिमल उसमे था कि बहुत मिनिमल जो चार्जेज
22:00होने चाहिए वह आपको पार्लिमेंट में डिसकेशन काया है कि बहुत छोटा सा चार्जेज होगा जिससे के कंजुमर को नहीं
22:06ने अरे भाई पार्लिमें
22:22के लिए चाहिए दूसरी बात आप जो अभी 96 65% जो ट्रेड है उसका पुरा जो
22:29P2P देखिए उसमें केते हैं जो 2000 के वॉल्म से दो अधार से जादे के हैं तो
22:33P2P में तो 100% free है तो actual केता परसेंट परसेंट पे लग रहा है तो लगब
22:51कर रहे हमने तो बिल्कुल आज जो आम नागरी को जो भोगता है जो
22:55consumer है जो end users है उनको हमने बिल्कुल protect करके रखा है और फिर
23:00merchant को भी protect करके रखा बहुत minimal charges merchant के लिए भी और जो
23:05investors है या फिर जो ecosystem में है चाहिए बैंक हो चाहिए नपीचिया हो चाहिए
23:12उनके भी investment endlessly नहीं हो इसने के उनके भी सीमा होती है
23:17endlessly service provider को भी कुछ charges होने चाहिए ताके वो sustain करें आप देखिए एक छोटी
23:23सी बात असाहिल जी आपको पता है कि UPI एक प्लाटफॉर्म जो payment platform है
23:27payment system है वो अब दुनिया में हर जगा acceptable हो रहा है
23:30अब उसको robust बनाने के लिए क्या उसके development के लिए उसके innovation के लिए
23:34पैसा चाहिए कि नहीं क्या यह भी कमीटी नहीं लिखा रही है कि सरकार से नहीं बहुत रही पक्ता चाहिए
23:41लिए नो free lunches तो यह भी चीफ बहुत तो नहीं चल सकती खास करके technology development हो या बाकी
23:48सारी financial systems हो या financial
23:50जो services दी जाती है वो free lunches की तरह नहीं चल सकती इस बात बिलकुल साफ है अगर इस
23:56तरीके से bank या payment systems financial systems पैसा नहीं ले रही है तो अलग तरीके से उसमें लेगी
24:03आपको यह अमेरिका का आरों कहां से लगा है उसमें इस बात को भी जिक्रे कर दीजेए यह यह अमेरिका
24:12वाला अमेरिका वाला एंगल कहां से आ रहा है
24:13मैं फिर कहूँगा क्योंकि अमेरिका का चाहे वो गूबल पे हो और चाहे पॉन पे हो इनका खितना शेर है
24:20आज तक ने कल बड़े विस्तार से बता रहे है आपने इक शो में
24:23किस तरह से 85 प्रतीशब जो है जो ऑनलाइन ट्रेंजेक्शन का जो तरीका है वो इन दो कंपनियों के माध्यम
24:30से हो रहा है
24:31और महां से दबाव था इसमें कोई दो राए नहीं उस चोटा डीटेल मिस कर रहा है जो यूएस की
24:41ट्रेड रिपोर्ट आई है उस रिपोर्ट पे इस बात का साफ जिक्र किया गया है
24:45इस बात का साफ जिक्र किया गया है कि नैशनल पेमेंट जो कमिशन आफ इंडिया है उन्होंने ये साफ शब्दों
24:54में कहा है कि दिसम्बर मैने से 30 प्रतिशत का कैप लगेगा
24:57जो अमेरिकन कमपनीज है गूगल पे या फोन पे जो 80 प्रतिशत का कैप लगेगा
25:27जबकि बाकी सारे शेर्स का बैंड बजा हुआ है तो इसमें कहीं ना कहीं पे टीम को ये इंफॉमिशन भी
25:33लीक की गई थी
25:33कि हम इस तरह से यूपी आई के उपर आने वाले समय में 0.4% इस तरह से टेक्स
25:39लगाने चार्ज लगाने जा रहे हैं आप देखें पे टीम का शेर किस तरह से बढ़ा ये लूटेरी सरकार है
25:45रेलवे के टिकेट से लेका जो सेनियर से टिकेट के बैने पर देखें आप देखें आज फॉंडेट रिपोर्ट को इसे
25:55बढ़ा तो उसमें दिक्क्त क्या है
25:58हर चीज़ में ऐलेगेशन अरे को सब्स्टेंशेट करिए ना अरे किस तरह से आप बोचाते हैं इस तरह के लिए
26:05पहले से ही इंफॉमेशन लिए रही है वो तो निवेशक निवेशक कर रहे हैं वो खरीद रहे हैं और हमने
26:15कहा था पेटियम का मतलब पेटु मोदी
26:17अरे बाई किसी कमपणी के शेयर को करिदे के लिए एक निवेशक चाहिए वो निवेशक अगर खरीदता है तो उस
26:25पे हम और आप क्या करेंगे ये मार्केट डैनमिक्स है डिमांड सप्लाई है तो आइस उसके बेसे जबढ़ता है आशुतोष
26:33जी आशुतोष आज करा तरक
26:47जब बागी बागी ज़रा अशुतोर जी को इस चर्चा बेलाना है डिप्ती जी को इस चर्चा बेलाना है एक पिनिट
26:55ऑलोग जी एक पिनिट जो मुझे दिखाई दे रहा है रहा है देखिए सरकार की भूमिका इसमें बिल्कुल साप है으면जajन
27:01नहीं पता कि ये 2000 रुपे की
27:06उपर जो transactions होते हैं उसमें 66 फीस भी transactions हो रहे हैं लेकिन वो जो 66 फीस भी transaction
27:12है उसमें person to merchant जिस पर ये MDR लगेगा वो मैस 30 फीस दी है और उसे सरकार को
27:21आमदनी होगी जो payment company है क्योंकि सरकार अब फिलाल उसके लिए पैसा दरी है ये सब बाते ठीक है
27:27मैंने जैसे पहले कहा कि अ
27:36सारी चीज़े होती रहेगी बात ये नजर आ रही है आशतोर जी कि कहीं न कहीं जैसे सरकार बार बार
27:41ये कहती रही कि इतनौल मिलाने से 20% इतनौल मिलाने से आपके इंजिन में कोई शिकायत नहीं होगी जादा
27:48खराब नहीं होता है आपका इंजिन लेकिन लोग बानने के �
27:50ले तैयार ने करे आज भी लोगों के मन में इस बात को लेकर संदेग क्यूं है कि आखिर कार
27:56जो भी पैसे बढ़ेंगे जो भी चार्च लेगेगा वो ट्रांसफर किया जाएगा उनके पास इसका कारण आपको क्या नदर आते
28:03हैं
28:04साहिल लिखे सबसे पहली बात यह कि जो तमाम जो मर्चेंट एस्सेशन हैं नोंने तो साब तोर पर कह दिया
28:09है कि हम इसको ट्रांसफर करेंगे और हम बरदास्त नहीं करेंगे इसको आज के अख़बारों में सारी खबरें कई एस्सेशन
28:16तो सुप्रीम कोर्ट भी चली गई है
28:19तो यह कोई छुपी हुई बात नहीं है आज आप किसी भी आम आदमी से पूछ लेंगे वो इसका जबाब
28:24आपको दे देगा मर्चेंट भी जबाब देगा लेकिन साहिल मैं एक बात कहना चाहता हूँ एक जो 48 घंटा 48
28:30आवर्स का एक फॉर्मूला है यह महाजित तफाक है म
28:53अगले 48 घंटे के अंदर यानि 10 अगस्त को भारत के पार्लेमेंट में UPI MDR का बिल पास हो जाता
29:00है 48 घंटे के अंदर आप ध्यान देंगे इस बारे में उसके बाद
29:0617 सितंबर को इस बिल को पास करती है और अमेरिका के रास्ट्रपती को कह देती है कि आप 100
29:16पर्चेंट का बिल लगा सकते हैं उसके ठीक 48 घंटे पहले 15 सितंबर को भारत में UPI पर MDR लगा
29:26दिया जाता है
29:27अब यह महज इत्वाक है या क्या मुझे में बालू कि 7 अगस्त को सिनेट से पास होता है दस
29:33अगस्त को इंडिया इसको पर फिर फिर वह जो standing committee on finance में जो discussion हुआ standing committee on
29:40finance में जिस तरीके से सजिस्ट किया गया सुझाव दिया गया कि इस तरीके कि revenue generation के बारे में
29:46सोचना चाहिए
29:47वो स्तरोत धूरने चाहिए सरकार को
29:49और उस पर काम होना चाहिए
29:50ताकि यह सस्टेनेबल हो सके यह एको सिस्टेम
29:52तब तो कोई किसी
29:54American Congress में इस तरीके का कानून पारित
29:56नहीं हो रहे वाला था
29:57साहिल अभी
30:00कल के अख़बारों में खबर चपी है
30:03कि सोर्स हवाले से खबर चपी है
30:05कि UPI MDR पर
30:07लगाने के लिए पिछले
30:09पांच साल पहले सरकार ने फैसला कर लिया था
30:11कि MDR लगेगी यह सोर्स बेस स्टोरी है
30:13NDTV पर साब तर पर चपी है अगर कोई कईगत
30:15मैं आपको फारवर्ट कर दूँगा
30:16लेकिन उसी के साथ साथ
30:18अगर आप ध्यान से देखिए
30:20तो फिनांस मिनिस्ट्री का एक
30:22ट्वीट है
30:23कितने तारीकों? 11 जून
30:262025 का, एक साल पहले
30:29Speculation and claim that the NDR
30:30will be charged on UPI transaction
30:32are completely false, baseless and misleading
30:34Such baseless and sensation
30:36creating speculation causes needless
30:38uncertainty, fear and suspicion
30:40among our citizens. The government remains
30:42fully committed to promoting digital payment
30:44via UPI. तो पांच साल पहले
30:46हो गया था. सर
30:48USDR की रिपोर्ट 2018
30:50से आप देखिए आशिदो जी
30:51USDR की रिपोर्ट में हर
30:54साल 2018 से हर
30:56साल 0% MDR
30:58का USDR में हमेशा विरोध रहा है
31:00अमेरिका कभी नहीं चाहता था कि
31:020% MDR हो ताकि उनकी
31:04कमपनियों को competition यहाँ पर
31:05फेस करना पड़े. ये बात तो
31:06साफ पहले दिन से नजर आ रहे थी. लेकिन उसके बावजूद
31:090% MDR इसलिए रखा गया था ताकि
31:11digital transaction के तरफ
31:13लोग जाए. और आज
31:15RBI के पूरवर गवर्नर है. उन्होंने
31:17अब एक लेक लिखाया और उसमें साफ शब्दों में काये कि
31:21formal economy में लाने के लिए इन digital transactions
31:24बहुत एहम साबित हुएं. इसका फाइदा रहा है. ये भी बात
31:28को कहने की कोशिश कर रहे हैं. देखिए लेक लेक लिखना
31:31sustainable economy बनाना ये अलग चीज है. लोगों को
31:35confidence में लेना, लोगों को भरोसे में लेना और फिर
31:37policy बनाना अलग चीज है. मैं आप, मैं क्यों ये बात
31:40बार बार खेह रहा हूँ? भारत की तरीके से बारत के
31:44पास, भारत की तरीके से ब्रेजील के पास fix system है.
31:48अमेरिका ने ब्रेजील को धमकी दी, ब्रेजील उसके
32:05union pay उसको भी धमकी दी गई है, Gulf countries उनको भी
32:08धमकी दी गई है, यानि ये अमेरिका की consistent policy है
32:12कि level playing field के माध्यम से, नकेवल उनके credit card की
32:16जो companies है, master and visa, उनको नुक्सान हो रहा है, इसलिए
32:20वो कहता है कि भारत में जो trade barriers लगे हुए, वो American
32:34बार कह रहा, उसके बाद आप इंडो-US trade deal होती है, जिसमें
32:38यहां से सामान अमेरिका जाएगा, तो 18% का tax, वहां से आएगा ता
32:410% का tax, क्या यह महजित तफाक है, there is a set pattern, और उसके
32:47बाद अमेरिका का senator Blumenthal कहता है कि India and China has to clean up
32:53आप senator सीदे सीदे अमेरिका को धंकी दे रहा है, दिप्ती तनेजा, दिप्ती तनेजा पहले आप जवाब दीजे, क्योंकि यह
33:01सवाल कुछ आशुतोष यहां पर उठा रहे हैं, टाइमिंग को लेकर लेकर लेकिन उसके बाद जफर
33:05इसलाम जी इस बात का भी जवाब चाहिए, यह 30% का कैप कब तक होल करेगा, यह किकिन हो
33:10रहा है डिसेंबर महिने से, लेकिन कब तक होल कर पाएगा, क्योंकि उस पर भी दबाव आने वाला है, उस
33:15पर भी USTR की रिपोर्ट पे बार बार सवाल उठाए जा रहे हैं, पहले द
33:35साथ अगस को पालेमेंड में चर्चा होती है, वो यह नहीं बता रहे हैं कि यह कोई चर्चा आचानक से
33:39तो हुई नहीं थी, जिस दिन ओम बिर्ला जी ने पूरा मॉंसुन सेशन का प्लान बताया था, उस पे अल्रेड
33:45यह पहले से था, तो यह जो साथ अगस्त और आपको �
33:47तालेस गंटे का खेल किला रहे थे, उससे पहले जो पांच दिन का खेल था, वो अशुतोष जी बहुत कर
33:53गए, दूसरा इन्होंने जो पांच साल पहले की रिपोर्ट का हवाला दिया, कि इसके ओपर जीरो MDR को लेकर, लेकिन
33:59उस रिपोर्ट में जो लिखा हुआ था कि इ
34:16यह वाद को भूल गए हैं जब उस रिपोर्ट में साहिल जी आपने ही बड़ी कि विदाउट परपेचुली पंडिंग वाइद
34:22गवर्मेंट, तो अगर गवर्मेंट फंड नहीं करें की, तो कहां से वो पंडिंग होगी, आप जो बात कर रहे हो
34:27कि वे वाइबल रेविन्य
34:28mechanism system, तो कौन सो रेविन्यो वाइबल mechanism system होता है, self-sustaining system ही तो होगा, government ने तो
34:34perpetually उसको नहीं करना है, उसी पे सारे
34:36कॉंग्रिस के लोगों ने साइन किया है तो ये सारा जो खेल है ये जगलरी ओवर्ट की जा रही है
34:42ऐसा कुछ भी नहीं है कि अमेरिका के दबाव की बात है क्योंकि मैं अगर बात करूं तो अशुतोष जी
34:47के अपनी बात का ही जवाब है कि अगर
34:49जुकी गया था भारत तो फिर इस बात का रैशनल भी मुझे बता दीजेगा जफर इसलाम जी के पास जाने
35:00से पहले कि जो अभी निसमबर मैने से केकन होगा 30% का जो कैप लग जाएगा ये फैसला तो
35:072020 का है ये लागू करने के लिए 6 साल का इंतजार क्यों किया गया ये फैस
35:18कि इसके पीछे की कारण इसका इसके पीछे का कारण हम क्या दे सकते हैं देखे साहिल जी सिरफ 30
35:25% के बात नहीं है बात तो ये भी हो गई थी कि MDR लगने चाहिए बट वो जो एक
35:30infant industry argument होता है जैसे कि independence के बाद हम अपने अपनी इंडस्ट्री को सपोर्ट करने के लिए किया
35:35
35:35गया था टारिफ्स हाए रखे हुए थे हमने इंपोर्ट ड्यूटी हाए रखी हुए थी तो उस तरीके से system को
35:41kick in करने के लिए system को robust बनाने के लिए ये तरीका था क्यूंकि अगर मैं सिरफ narratives की
35:46बात करूं और जो आरोग गटे जा रहे हैं उसकी बात करूं तो आलोग जी ने
36:05गया था हमने अपना एप बनाया लेकिन उसको जिस तरीके से ताकत देनी चाहिए थी वो लाने में समय लगा
36:11हम उस level playing field पर ही नहीं पहुंच पाए थे जिसके वज़े से वो 30% का जो cap
36:16है वो kick in कर पाए हम वो लागू कर पाए हम ये भी तो उसका कारण हो सकता है
36:20अगर narrative की ब
36:31रोबस्ट करोगे तो ये तो जो आपकी सारी बात है और जो मैं भी बोल रहे हूं तो अशुतोष जी
36:36और अलोग जी की तो सारी बात उसे निगेट ही हो जाती है तो इट इस नौट अट अमेरिकन दबाब
36:40इस अबाट सिस्टम को पहले एक सुचारू तरीके से चलने देना �
36:45लोगों को उसकी यूस्टू होना उसको रोबस्ट बने देना और पिर उसको वायबल बनाना इस वक्त हम स्क्रीन पर चला
36:51रहे हैं 9,394 करोड की लागत है इतने में तो भीम पे आप जो है हमारा सेयद जफर इसलाम
36:58जी यह तो उसको दे सकते थे ना पेमेंट कंपनी की ला�
37:12बात करती है सुदेशी भारत की बात करती है वोकल फालोकल की बात करती है जब भीम पे जब भीम
37:18पे को लाया गया था तब कहा दिया बड़ा रिवुलूस्टरी है लेकिन आज की तारिक में फोन पे 48.9
37:24% मार्केट कमांड करती है भाई साब गूगल पे 37.7% टुगेदर दे
37:29कमबाइन 46.6% यानि वालमाट और गूगल 86 तो यह भीम पे का क्या हुआ सरकार ने इसको क्यों
37:38नी प्रमोट करने दिया सरकार ने कैज़े विदेशी परसेंट 0.8% यह आकड़ा है भीम पे का सरकार ने
37:47वालमाट वालमाट और गूगल को हमारे हमारा जो यूपियाई सिस्�
37:51मैं इस पर डॉमिनेट और मिंग लिगी क्यों करने दिया यह क्या यहाथ में निर्बर भारत की बात की जा
37:56रही है पूरी विदेशी कंपनियों का कब्जा हो गया इसके उपर भीम पे कहा है
38:04फिंटेक में जो बाकी सरकारी कंपणी जो वारतिये कंपणी आई है उसको लेकर भी शायद सरकार का प्लान हो सकता
38:10है लेकिन सही है जवाब दीजे इसका
38:12बीम पे को मजबूत बनाते तो आज इतनी बैस करने की ज़रूरत नहीं होती है देकि जाहिल
38:16कहां वालमाट रहता और कहां पर गूगल पे रहता देकि साहिल जी जो नहीं साहिल जी देखिये ऐसा है इस
38:26तरह के प्लाटफॉर्म बनाने में बाकी लोगों की सहायता जो है अपने आपको आत्म निर्भर बनाने के लिए ऐसा नहीं
38:32कि एक दिन में इनॉंस कर दिया आत्म �
38:33बेर गया जाहिर उसके लिए अपने आपको रोबस्त बनना पड़ता है और आप में टेखनोलेजी के लिए डेभल्मन ड़कन हूना
38:40सालग आप का जो नो हो है टेखनोलीजी नो हाई
38:43वो भी होना चाहिए और साथ साथ जो market dynamics है उसको भी ध्यान रखते वे यह timeline जो discuss
38:53जो भी निधारित किया जाता है
38:54कोई isolation में कोई listen नहीं होता है उसके बहुत सारे पहलू होते हैं बहुत सारे dynamics होते हैं
39:00और उसको ध्यान रखते वे जो best interest होता है बदेश के हित में उसको ध्यान में रखते वे decent
39:06लिया जाता है
39:06लेकिन मैं आपके यह बता दू कि आपने पूछा कि कब तक केकिन करने के बाद कब तक last करेगा
39:12मैं सिर्वे इतना बता सकता हूँ
39:13के देखे जो भारत के हित में होगा भारत के फाइदे के लिए होगा अपने इंट्रेस को सेफगार्ट करने के
39:20लिए होगा अपने यहां के लोगों के इंट्रेस को सेफगार्ट करने के लिए होगा वो हम बराबर करते रहेंगे हम
39:26किसी दबाव में यह जो कॉंग्रेस पार्
39:42प्रशियों फाइन्स ने जो रेविनी सोर्स को लेकर जो जो लाइन का इस्तमाल किया था उस तरीके की है
39:48मैं स्पेसिफिक आप से सवाल पूछ रहा हूँ आप स्पेसिफिक जवाब दीजिएगा
39:56आपका क्या स्पेसिफिक सवाल है कब तक लास्ट करेगा बिलकुल उस वक तक लास्ट करेगा और हमारे देश के हितों
40:04के लिए लास्ट करता है
40:10मैंने कहा ना कि it is always driven by जो हमारे देश का जो इंटरेस्ट है उसको सेफ़गाट करने के
40:16लिए
40:16तो वो जब तक कोई भी changes कोई भी amendments या कोई भी changes लाने वोसी वक लाया जागा जिससे
40:25हमारे देश को फाइदा हो
40:26देश के हितों का कहीं ना कहीं जवाब दीजेगा हमारे इस वक्त नहीं कह सकता हो कि किस तरह कि
40:37यह जो सब कुछ हो रहा है या isolation में नहीं हो रहा है
40:39हम भी यहीं कह रहे हैं कि सब isolation में नहीं हो रहा है और एक लाइन में जोड़ दू
40:45आलग शर्मा जी उसका भी जवाब दीजे क्या Congress Party एक सूत्र के तौर पर एक सूत्र के तौर पर
40:51इस बात को मानती है कि यह ecosystem आत्मा निर्वर होनी चाहिए उसका अपना एक revenue generation होना चाहिए
41:09उसको भी आई उसको भी आप सोचें कि जनता की जेव की जेव के उपर कैंची चला के उसको चलाएंगे
41:16तो इस सरकार के पास बताने के लिए भी कुछ नहीं बचेगा फिर थोड़े दिन बाद ही अड़ानी चलाता हुआ
41:22नजर आएगा आप देख लेगा साहिल नहीं यह ब
41:41जर्वार नहीं लगने वाला है तो कैसे आप कैसे बोल सकते हैं जेव कार्ण जी की बात से सहमत हैं
41:49आप राहूल गार्दी जी और आप सब लोगो देश को घुमरा कर रहे हैं पहले तो आप संपो नहीं दोई
41:55इसको घुम्रा की जिए ना बशीक बोल ये ना कि ये एक एक ब
42:11अगर पार्लेमेंटरी कमेंटरी में तब कुछ टै हो गया था या डिसकेशन हो गया था तो दस तारिक को निर्मिला
42:17सीतारमन ने फ्लोर ऑफ दाहूस क्यूं कहा कि इसके उपर कोई चार्ज नहीं लगेगा कोई पैसा नहीं लगेगा सबसे बड़ी
42:24जवाबी जाती है जवा
42:39कि नाम क्यों बार बार एंड यूजर की बात कर रहे हैं या कंजूमर की बात कर रहे हैं कि
42:52कई मर्चंट कई ट्रेडर्स इस बात को शुरुवात कर सकते हैं एक प्रिए
43:20लेकिन उसके बावजूद भी इस बात का जोर दिया जा रहा है इस बात को लेकर
43:27कि एक formalized economy होने के लिए इस तरीके के transactions की जरूत पड़ेगी और UPI का भी इस्तवान उसके
43:33लिए किया जाएगा
43:34तो दोनों तरफ से इस बात को लेकर चिंता है और चर्चा भी है
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