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ढोलकल गणेश की महिमा अपरम्पार है. गणेश चतुर्थी पर आप भी किजिए विघ्नहर्ता के दर्शन.मुकेश श्रीवास की रिपोर्ट

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00:09ुपर विराजित गणपती
00:30गणपती उसी रूप में है जैसे इने इस्थापित किया गया था।
00:34धोलकल गणपती प्रतिमा में दाय हात में फरसा, बाय हात में टूटा हुआ दंत, नीचे दाय हात में अभय मुद्रा
00:42और नीचे बाय हात में मोदक दिखाई देता है।
00:46गले में अक्षमाला धारण की धोलकल गणेश के प्रतिमा का स्वरूप अनुपम है।
00:54स्थानिय मानेताओं के अनुसार गणेश शी और भगवान परशुराम के बीच युद्ध इसी क्षेत्र में हुआ था।
01:01कथा के मुताबिक युद्ध के दोरान परशुराम जी के फरसे के प्रहार से भगवान गणेश का एक दंत तूट गया
01:08था।
01:08इसी वज़े से यहां विराजमान गणपती को एक दंत स्वरूप में विशेश आस्था के साथ पूजा जाता है।
01:38घटना के बाद पुरातत्व विभाग और जेला प्रशाशन ने प्रतिमा को दोबारा जोड़ा। इसके बाद धोलकल गणपती की सुरक्षा विवस्था
01:47भी मजबूत की गई है।
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