00:12साथी अरब की वो तेल पाइपलाइन जिसे स्ट्रेट अफ हॉर्मूज के संकट के बीच उसकी सबसे बड़ी बैक अप प्लान
00:19माला जा रहा था अब खुद हमले की चपेट में आ गई है
00:22नई सैटलाइट इमिजिज में साथी अरब के इस्ट वेस्ट ओयल पाइपलाइन से जुड़े एक इंफ्रास्ट्रक्चर फिसिलिटी के पास भारी आग
00:30और काले धुएं के निशान दिखाई दे रहे हैं
00:32खास तोर पर मदीना के दक्षिन पूर्व में मौजूद इस इलाके की तस्वीरों ने पूरी दुनिया का ध्यान खीचा है
00:39लेकिन यहां एक बेहत जरूरी बात समझना जरूरी है
00:42साओधी अरेबिया के मुताबिक 10 सितंबर को रियाद और मदीना रीजिन्स में इस्ट वेस्ट पाइपलाइन को कई ड्रोन्स ने निशाना
00:50बनाया
00:50और ये ड्रोन्स इराक से लॉंच हुए थे
00:53हमले में कुछ लोग घायल हुए और इंफ्रस्ट्रक्चर को नुकसान पहुचा
00:57साओधी अरेबिया ने पाइपलाइन को एहतियात के तोर पर बंद कर दिया है
01:00अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली है
01:05अब सवाल ये है कि आखिर इस पाइपलाइन को लेकर इतनी चिंता क्यों है
01:09क्योंकि ये सिर्फ एक तेल पाइपलाइन नहीं है
01:12करीब 1200 किलोमीटर लंबी इस्ट-वेस्ट पाइपलाइन साओधी अरेबिया के इस्टन प्रोविंस में मौजूद
01:18ओइल फील्स को रेड सी के किनारे यनबू एक्सपोर्ट टर्मिनल से जोडती है
01:22यानि साओधी अरेबिया अपने तेल को पर्जिन गल्फ और स्ट्रेट अव हॉर्मूस से बचा कर
01:28सीधे रेड सी के रास्ते ग्लोबल मार्केट्स तक पहुँचा सकता है
01:31इसकी क्षमता करीब 5 मिलियन बैरल्स पर डे बताई जाती है
01:35जबकि इसकी माक्सिमम डिजाइन कपासिटी इसले ज्यादा है
01:39यही वज़े है कि हॉर्मूस क्राइसिस के बीच ये पाइपलाइन साओधी अरेबिया के लिए
01:52सबसे बड़ा सवाल होता है तेल निकलेगा कैसे
01:55साओधी अरेबिया के पास इसका जवाब था इस्ट वेस्ट पाइपलाइन
01:59लेकिन अब इसी अल्टरनेटिव रूट को डैमिज पहुँचने की खबर ने पूरी रणनीती पर सवाल खड़े कर दिये है
02:05और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि रिपोर्ट्स के मताबिक ड्रोन्स ने सिर्फ पाइपलाइन को नहीं बलकि उससे जुड़े पंपिंग
02:13इंफ्रस्ट्रक्चर को भी प्रभावित किया
02:15सैटलाइट इमिजरी में एक फसिलिटी पर एक्स्टेंसिफ फायर डैमिज दिखाई दे रहा है
02:20यानि असली चिंता सिर्फ पाइपलाइन में छेद होने की नहीं है
02:23क्योंकि तेल को जमीन के अंदर से निकालना एक बात है
02:26लेकिन उसे हजारों किलोमीटर दूर एक्सपोर्ट टर्मिनल तक पहुँचाने के लिए
02:31पंपिंग स्टेशन्स और पूरा लॉजिस्टिक्स नेटवर्क काम करना जरूरी है
02:35और अगर ये इंफ्रस्ट्रक्चर लंबे समय तक बंद रहता है
02:52स्ट्रेट अफ हॉर्मूस पहले ही भारी दबाव में है
02:54हॉर्मूस से गुजरने वाला कमर्शल ट्राफिक सामान्यस तर से काफी नीचे है
02:59और ओल मार्कित्स में अंसर्टिनिटी बढ़ रही है
03:02इसी बीच साओधी अरेबिया का अल्टरनिटिव एक्सपोर्ट रूट भी अस्थाई रूप से बंद हो गया है
03:07और इसका असर तेल की कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है
03:11ब्रेंट क्रूड हाल के दिनों में 100 डॉलर प्रती बैरल के पार जा चुका है
03:15और मारकेट अब हर नए अटाक को ग्लोबल सप्लाई के नजरिये से देख रहा है
03:20अब सबसे बड़ा सवाल यही है
03:22साओधी अरेबिया कितना तेल प्रिडूस कर सकता है यह नहीं
03:26बलकि कितना तेल सुरक्षित तरीके से एक्सपोर्ट कर सकता है
03:29क्यूकि अगर हॉर्मूज संकट में है और इस्ट वेस्ट पाइपलाईन भी प्रभावित होती है
03:34तो साओधी अरेबिया का सबसे बड़ा बैक अप रूट भी दबाव में आ जाता है
03:38और यही इस पूरे हमले को एक सामान्य ड्रोन स्ट्राइक से कहीं ज्यादा बड़ा बनाता है
03:43यह हमला अगर लंबे समय तक साओधी ओयल लोजिस्टिक्स को प्रभावित करता है
03:47तो इसका असर सिर्फ रियाद या मदीना तक नहीं रहेगा
03:50इसकी गूंज, ग्लोबल ओयल प्राइसेस, फ्यूल मारकेट्स और दुनिया की पूरी एनरजी सिक्योरिटी तक पहुँच सकती है
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