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BRICS समिट में पीएम मोदी की कूटनीति का दम, सबसे बड़े 'धुरंधर'
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00:04नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं आज तक
00:08मौजूदा समय में ब्रिक्स के 11 सदस्यों को देखते हुए
00:12हमने आज तक पर अपनी कवरिज का नाम दिया धुरंधर 11
00:17लेकिन जिस तरीके से ये ब्रिक्स सम्मेलन हुआ है
00:20जिस तरह से इसका आयोजन हुआ है जिस तरीके से एक निशकर्ष निकला है
00:24जिस तरीके से दुश्मन भी एक साथ एक मेज पर बैठने को तैयार हुए है
00:29उसके बाद यही कहा जा सकता है कि भारत भी धुरंधरों का धुरंधर है
00:35और प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी ने अपनी कूट नीती से खुद को सबसे बड़ा धुरंधर साबित किया है
00:54थारत में आपका हर दिर स्वाकित करते हुए तुझे बहुत खुशी हो रहे है
01:00ब्रिक्स की बढ़ती ताकत, थाकर्शन और अभूत पुर्व, विश्वास का प्रमान
01:09ब्रिक्स में भी हमने मानो विकास और परियावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है
01:16मैं मेरे नीजी अनुभों से कह सकता कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वाथ बढ़ा है
01:23आप सबके सहीयोग और समर्तन से हम अपने साजा वीजन को वीन वीन सहीयोग में बदल सके
01:37दिल्ली के भारत मंडपम में अठारवे बिक्स सम्मेलन का मंच सजा तो दुनिया के सबसे बड़े नेताओं ने इसमें शिर्कत
01:43की
01:44रूस के राश्पती व्लादिमिर पुतिन आए
01:47चीन के राश्पती शी जिन पिंग आए
01:49दक्षण अफ्रिका के राश्पती रामा फोसा आए
01:51इरान के राश्पती मसूत प्रिजिश्कियान आए
01:54अबुधावी के क्राउन प्रिंस शेक खालिद बिन मुहंब्मध बिन जायद आए
01:59जानी बिक्स का मंच सजा तो दुनिया के धुरंदर इसमें आए
02:06लेकिन मेजबान भारत था जानि धुरंदरों का धुरंधर तो भारत था
02:12पिछले तीन दिनों में ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधान मंतरी मोधी ने विभिन देशों के राष्टा ध्यक्षों और शासना ध्यक्षों
02:18के साथ 15 द्विपक्षी बैठके की हैं
02:21इसके अलावा उन्होंने कई विश्व नेताओं और अंतरराष्टी संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अलग से अनौप्चारिक मोलाकाते भी की हैं
02:28तभी भारत ने वो हासिल कर दिखाया है जिसने उसको ब्रिक्स का धुरंदर बना दिया है
02:33वो धुरंदर जिसने सर्व समती से दिली डिकलरेशन पास करा लिया
02:37वी वादो के बावजूद दोस्ति का हाथ बढ़ाया
03:09वो धुरंधर जिसकी पहल पर पहल गाम हमले की निंदा में सब शामिल हुए चीन भी
03:15आज विश्व में तनावों की संध्या लगातार बढ़ रही हैं और सामान ये मानवी के जीवन पर उसका बहुती नेगेटिव
03:31प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव हो रहा है
03:36ये सबसे वड़ी मुलाकात की सबसे एहम तस्वीरे हैं ये दुन्या के बड़े राष्टा ध्यक्षों की मुलाकात की तस्वीरे हैं
03:42ये वो तस्वीरे हैं जिन पर दुन्या भर की नजरे हैं ये वो तस्वीरे हैं जो जितनी भारत के लिए
03:47जरूरी है उतनी ही अमेरिका के
03:49भारत की अध्यक्षता में हुआ अठार्मा ब्रिक्स सम्मेलन कई मायनों में याद रखा जाएगा
03:54140 पॉइंट्स वाले दिल्ली डिकलरेशन पर सभी सदस्य देशों की सहमती बनी
03:58इसमें ब्रिक्स की एक जुटता पर जोर दिया गया
04:01एक तरफ बहते टारेफ और व्यापारिक तनाफ पर चिंता जताई गई तो दूसरी तरफ पश्टिम एश्या में शान्ती की अपील
04:07हुई
04:07पहल गाम आतंकी हमले की निंदा की गई तो दुनिया को भविष्ट की महामारियों से बचाने और उनसे निपटने पर
04:13भी मन्धन हुआ
04:14जानि दिल्ली में सिर्फ दुनिया के बड़े निताओं की मिहमान नवाजी नहीं हुई
04:17बलकि ब्रिक्स के मंच से एक जुड़ दुनिया, शान्त दुनिया और बहतर दुनिया का संदेश भी दिया गया
04:28ये भारत की सफल कूटनीती का ही नतीजा है कि ब्रिक्स समिट में डेली डेकलेरेशन सर्व सम्मती से पास हुआ
04:36सबको स्वीकार रहा, सुबेच चार बजे तक मीटिंग्स चली
04:40लेकिन ये घोशना पत्र समकी रजामंदी से पास हुआ
04:45140 बिंदूओं वाले इस घोशना पत्र में पहलगाम आतंकी हमले की एक सुर में निंदा की गई
04:51आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात हुई
04:54एक तरफा टारिफ और आर्थिक पाबंदियों पर चिंता जताई गई और पश्चिम एश्या में शांती की अपील की गई
05:01यानि नई दिल्ली का ये घोशना पत्र बदलती विश्व व्यवस्था का एक नया रोड माप बन कर उब्राइब
05:11ब्रिक्स समिट खत्म हुआ
05:12सवाल है इसका हासिल क्या रहा
05:15140 पॉइंट्स, 45 पन्ने और सुबा 4 वजे तक की मीटिंग
05:20फिर दुनिया के सामने आया नई दिल्ली डिकलेरेशन
05:23और इस डिकलेरेशन के साथ ही दुनिया के सामने पीएम मोदी और उनकी कूटनितिक समझ ने भारत को बना दिया
05:28है धुरंधर
05:29कूटनिति का, विदेशनिति का और रणनिति का धुरंधर
05:33दिल्ली में दो दिन तक सिर्फ नेताओं की बैठक नहीं हुई बलकि भारत की डिप्लोमेसी का बड़ा इम्तिहान हुआ
05:39दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आये नेताओं को एक मंच पर लाना और फिर इतने सारे मत्भेदों के बावजूद
05:45एक साज़ा घोशना पत्र पर सहमती बनाना आसान काम नहीं था लेकिन भारत ने ये करके दिखाया
05:53मैं डिक्लेरेशन को एड़ अप करने का प्रस्ताव रखता हूँ किसी सदस्य की और से आपती व्यक्त नहीं की गई
06:03है
06:07न्यूट देहली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वसंबती से एड़ अप किया जाता है
06:24जिस घोशना पत्र को लेकर आखरी वक्त तक आशंका बनी हुई थी उसे सर्व सम्मती से मन्जूर कर लिया गया
06:31बताया गया कि डिप्लोमाट्स की बातचीत रात से लेकर सुबा करीब चार बजे तक चलती रही
06:37जानी एक एक एक लाइन, एक एक शब्द पर बातचीत हुई और आखर में सभी देश साथ खड़े दिखाईती है
07:10अब जड़ा देखिये के इस घोषणा पत्र में भारत के लिए
07:13सबसे बड़ी बात क्या निकली आतंकवाद के मुद्द पर ब्रिक्स ने साफ कहा
07:17कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कोई दोहरा माबदन नहीं होना चाहिए
07:22जम्मो कश्मीर में 22 अप्रेल 2025 को हुए आतंकी हमले की निंदा की गई
07:27पाकिस्तान का नाम सीधे तोर पर आया नहीं लेकिन भारत के लिए ये भी कम बड़ी बात नहीं थी
07:32कि चीन और रूस ने संयुक्त राश्ट सुरक्षा परिशद में सुधार की बात के साथ भारत की बड़ी भूमिका का
07:39समर्थन किया
07:40रिप्रेजेंटेशन के समन में कहना चाहूंगा
07:44यूएन सेकुरिटी काउंसिल में रिफॉर्म अब और ताला नहीं जा सकता
07:51इस विशे पर टैक्स बेज नेगोशेशन को निश्चित समय सिमा और स्पस्ट परणाम से जोड़ना होगा
08:01उसी तरह फाइनांशल इंस्टिटूशन्स में वोटिंग पावर लेडर्सिप पोजिशन्स और पॉलिसी प्राइडिटीज आज की एकनोमिक रियालिटीज के अनुसार होनी चाहिए
08:20जो देश ग्लोबल एकनोमिक ग्रोथ को गती देते हैं उन्हें ग्लोबल एकनोमिक गवरनस को दिशा देने में भी उची भुमी
08:33का मिलनी चाहिए
08:35यही वो जगे हैं जहां मोदी की डिप्लोमेसी का असली टेस्ट दिखता है क्योंकि कूट नीती में हर चीज सीधे
08:41सीधे नाम लेकर कहीं नहीं जाती है
08:43कई बार इशारों में बात करने पड़ती है
08:46यह सबसी बरी बात है हम लोग यह कहना जाते है यह तो दिखिए डिलिये डिक्लिरेशन इस दे बेस्सक्सफल डिप्लिमाटिक
08:52मिशन अफ इंडिया
08:53यह क्योंकि इतना स्किल हो गया था आप समझ लो सारी जो लोग मेंबर है उनकी बहुत कंफरेंटेशन चल रहा
09:01था इंटर फाइटिंग हो रहा है फिर भी इस डिक्लिरेशन आ गया था
09:04इसका मकसद एक ही है देख लो गल्वान के बात करना यूएन के बात करना वेस्ट एशिया के जंक भी
09:09बात करना किसी भी क्राइशिस बात करना गवरनर्स भी बात करना यूनिलेटरल डिसिशन भी बात करना आप ये समझ लो
09:16पूरी पूरी डली डिक्लिरेशन जैसे हम लोग
09:19यूएन चार्टर बरना जाते हैं अब मिडली इस्ट पर आईए पश्चिमेशिया में बखते तनाव और जंग के बीच ब्रिक्स ने
09:28शांतिपूर समाधान बाचीत और कूटनीती की बात की अमेरिका के लिए भी इस घोशना पत्र में एक संदेश था एक
09:35तरफ टारिफ और व
09:49और फाइनेशल सिस्टम पर सवाल जरूर खड़े थी इसके साथ ब्रिक्स पेमिन्ट टास्क फोर्स की भी बात सामने आई जिसको
09:56मकसद लोकल करेंसी में कारोबार और पेमिन्ट को बढ़ावा देना है
10:01इस एकॉनमिक पावर है जो शक्ती है इस ग्रूप के अंदर अभी तक और बर ना जाती है इसके अलावाबे
10:08है बिलकुल ये तो पॉलिटिकल फॉर्स बन जाते जब तक ये मल्टी पूलर वोर्ड में बनानी के लिए तैयारी है
10:14और इंडिया में सबसी बरी नमबर वन ली�
10:19जाती है क्योंकि आजकल का ब्रिक्स ही तो बहले तो इंडिया भी है फो साँट आफरीका है प्रजील मी है
10:26फ़र इंडिया फ़र अभी जा रहे है जो दो चाइना में।
10:44140 पॉइंट के घोश्ट अपत्र में आतंकवाद से लेकर UNSC reform, trade, sanctions, middle east, घाजा, technology, health, energy और
10:53payment system तक कई मुद्दो पर सहमती बनाना आसान नहीं था
10:56लेकिन ये सहमती भारत ने बनाई
10:58इस पूरी कहानी में भारत की भूमी का सबसे दिल्चस्प है
11:01भारत ना तो किसी एक खेमे का हिस्सा बनकर रहना चाहता है और नहीं किसे दूसरे खेमे के खिलाफ ख़ड़ा
11:06दिखाई देना चाहता है
11:07भारत अपनी बात भी रख रहा है, रूस से भी बात कर रहा है, अमेरिका से भी रिष्टे रख रहा
11:12है, चीन से भी बात्चीत जारी है और Global South की आवाज भी उठा रहा है
11:19United Nations Day for South-South Corporation है, Global South को समर्पित इस दिन पर ऐसा निर्णे लिया जाना विशेश
11:32महत्वर रखता है, भारत इस विशे में लेड लेने के लिए तयार है
11:39Friends, भारत में आयोजीत इस BRICS Summit का संदेश स्पस्ट होना चाहिए
11:50यदि हमारा भविश साजा है, तो उसके निर्मान का अधिकार भी साजा होना चाहिए
11:59From voice to impact, from privilege to partnership, यही BRICS at 20 का संकर्प हो
12:10एक ही मंच, दो बड़े पडोसी, जलता हुआ अतीत, सवाल पूछता वरतमान और उम्मीदों से देखता भविश्य
12:18BRICS में भारत और चीन साथ खड़े रहे, दोनों के बीट सीमा विवाद और रणनी तिक मत भेदों पर भी
12:25बात हो रही है
12:26दरसल आर्थिक सहयोग और Global South की आवाज जैसे मुद्दे दोनों देशों को एक साथ लाते हैं
12:32और इस बार तो भारत को पहलगाम के मुद्दे पर चीन का समर्थन मिला, तो क्या BRICS के मंच पर
12:38बढ़ती नजदी की दोनों देशों के द्विपक्षिये रिष्टों को भी नई दिशा दे सकती
13:00प्रदान मंत्री नरेंद्र मोधी ने शनिवार को BRICS शिखर सम्मेलन की बैठक की आपचारिक शुरुवात की
13:05इस दौरान जब वो BRICS समिट को सम्मोधित कर रहे थे तभी शुरुवात में ही चीनी राश्पती शी जिन पिंग
13:11कुछ असहज नज़र आए
13:12तो PM मोधी ने अपना भाशन रोक करूं से पूछा क्या सब ठीक है
13:27जवाब मिला इट इस ओके तब PM मोधी का संबोधन आगी बढ़ा
13:32पिछले 20 वरसों में BRICS ने वैस्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बढ़ाई है
13:42हम एक दूसरे के दर्शिकों का सम्मान करते हैं और consensus से आगे बढ़ते हैं
13:53हम किसी के बिरुत नहीं बलकि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते
14:04हैं
14:06सबको साथ लेकर आगे बढ़ने की बात की तो ये इशारा साथ था कि भारत रूस और चीन जैसी शक्तियों
14:13के साथ आगे बढ़ने का पक्ष धर है
14:15इससे पहले अठारवे ब्रिक्स समेलन में श्री जिन्पिंग का प्रधान मंतरी मोदी ने स्वागत किया आगे बाढ़कर हाथ मिलाया और
14:22फोटो खिचवाई
14:23प्रिक्स समेलन इस्थाल में बनाए गए रामनात स्वामी मंदीर की तस्वीर के बारे में जिन्पिंग को बताया जो तमिलनाडू के
14:30रामिश्वरम में है
14:31इसके बाद दोनों राश्र अध्यक्षों की पुतिन के साथ हाथ मिलाते हुए तस्वीर सामने आई
14:36ब्रिक्स समिट से आलग पीएम मोदी और श्री जिन्पिंग के बीच दुविपक्षी ये बैठक होई धान मंतरी मोदी ने राश्पती
14:43जिन्पिंग का स्वागत किया
14:46भारत में आपका हर दिख स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है
14:53ब्रिक्स समिट में आपके सकारात्वक वक्तव के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद
15:06इसकी जवाब में पियम मोदी की मिहमान नवाजी को कुबूल करते हुए श्री जिन्पिंग ने बता दिया कि कैसे वो
15:12और प्रधान मंतरी मोदी पहले भी कई बार मिल चुके है
15:17ब्रिक्स नेताओं की बैठक में भाग लेने के लिए यहाँ आकर और आपसे फिर से मिलकर मुझे बहुत खुशी हो
15:23रही है
15:24मैं इस बैठक के सफल आयोजन के लिए भारत को शुभकामनाय देता हूँ
15:2912 वर्षों के बाद मैं फिर से नई दिल्ली आया हूँ
15:33सतह सप्तमबर 2014 को
15:36आपने अपने जन्म दिन के दिन मेरे लिए अपने ग्रिह नगर की यात्रा का आयोजन किया था
15:41हमने अब तक 20 से अधिक बार मुलाकात की है और कई महत्वपूर्ण सहमतियाँ बनाई है
15:48जिससे चीन भारत संबंधों का समग्र और स्थिर विकास हुआ है
15:57चीन के सहयोग और समर्थन के लिए राश्पति शी का आभार विक्त किया
16:08और चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए मैं आपका आभार विक्त करता
16:17अब हमें द्रीपक्षिय सहयोग पर चर्टा करने का अउसर मिल रहा है। एक बार फिर भारत में आपका हार्दित स्वागत
16:29है।
16:31चीन के राश्पती शी जिन पिंग और भारत के प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी की बीच ये द्रीपक्षिय बैठक हुई जो
16:37करीब 50 मिनट चली।
16:40दोनों देशों की बीच बढ़ते व्यापार असंतुलन, सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों और एक दूसरे के बाजारों तक सार्थक पहुच
16:46सुरिश्चित करने की आवशक्ता पर जोर दिया।
16:57जोर इससे पहले दोनों नेताओं की मुलकात कजान और त्यान जिन में हुई थी।
17:07भारत चीन के बीच अच्छा व्यापार है ब्रिक्स में कई नए मुद्दों पर समझोते हुए हैं भारत और चीन के
17:13रिष्टे दुनिया की दो बड़ी अर्थवेवस्थाओं को दर्शाते हैं जहां एक समय था अमेरिका और योरोप ही विश्व की अर्थवेवस्था
17:20पर नि
17:38एक तरफ दहारता हुआ मेक इन इंडिया वाला शेर दूसरी तरह आग उगलता ड्रागर लेकिन दोनों जब अपनी अपनी दुश्मनी
17:55को छोड़कर दोस्ती का हाथ बढ़ाएं तो समझ में आता है कि दोनों को ही एक दूसरे की जरूरत है
18:00क्योंकि दुश्मनिया सरहतों प
18:06जोडता है भारत और चीन के बीच बड़े स्तर पर व्यापार होता है व्यापार ही वो सूतर है जो तमाम
18:12विवादों के बावजूद बार बार दोनों को एक साथ लाता है
18:182025 में भारत चीन के बीच दूई पक्षिये व्यापार 127.69 अरब डॉलर रहा
18:252026 में ये घट कर 96.46 अरब डॉलर हो गया इसमें भारत का चीन को निर्यात 12.20 अरब
18:33डॉलर था जबकि चीन से आयात 84.26 अरब डॉलर रहा
18:38नवंबर 2025 तक चीन भारत का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक रहा कुल भारतिये निर्यात में चीन की हिस्सितारी करीब 3
18:46.94 प्रतिशत रही
18:48भारत में विदेशी निवेश यानि FDI के मामले में चीन 23 स्थान पर है अपरेल 2000 से सितंबर 2025 तक
18:56चीन से भारत में कुल 2.51 अरब अमेरीकी डॉलर का FDI आया
19:03हमारे दोनों देशों के बीचे कुछ बोर्डर को लेकर, ट्रेड को लेकर इसूस है, बट अध दिसेम ताम दोनों देशों
19:11के बीच एक
19:11strong trade relationship भी है, I'm sure we all know that India's trade relationship with China is 159 billion dollars,
19:20in this 159 billion dollar trade, trade deficit is more than 100 billion dollars, I mean our exports and our
19:28imports, a huge mismatch exists,
19:30so we have been trying to, you know, increase our exports to China so that there can be some trade
19:37balance, in that China has to take a few steps, a few measures, they have to ease their restrictions, trade
19:43restrictions, these are the things on which also, lot of negotiations are going on, on border, of course, we have
19:50a border commission headed by our NACI on our side and foreign minister on their side, they keep talking and
19:57decent talks happened just last week in Beijing,
20:00we are engaged with each other on those issues
20:04पिछले कुछ सालों में व्यापार बढ़ने के साथ कई भारती कंपनियों ने चीन में अपने operation शुरू किये हैं,
20:10सौ से अधित चीनी कंपनियों ने भारत में अपने बेस बनाए हैं, यानि बनते बिगड़ते रिष्टों के तूपानों के बीच
20:16व्यापार का पौधा पेड़ बन कर चड़े मजबूत कर रहा है, देखिए सरा भारत चीन को क्या-क्या दिर्याद करता
20:23है।
20:24इसमें इलेक्ट्रिकल मशीनरी, उपकरण और उनके पुरजे, खनिज इंधन, खनिज तेल और उसके डिस्टिलेशन से बने उतपाद, आयस्क, स्लैग और
20:34राक, मचली, क्रस्टेशिन्स, मॉलस्क और दूसरे पानी वाले जीव, नूकलियर रियाक्टर, बॉयलर, मशीनरी
20:42और मिक्यानिकल उपकरण, उनके पुरजे, और गैनिक केमिकल्स, नमक, सल्फर, मिट्टी, पत्थर, प्लास्टरिंग सामगरी, चूना और सीमेंट जैसी चीज़े शामिल
20:54हैं
20:55वही चीन से भारत आयात होने वाली प्रमुक वस्तों में इलेक्ट्रिकल मशीनरी, उपकरण और उनके पुरजे, नूकलियर रियाक्टर, बॉयलर, मशीनरी
21:04और मिक्यानिकल उपकरण, उनके पुरजे, और गैनिक केमिकल्स, प्लास्टिक और उससे बनी वस्तों, वाहन और
21:10उनके पुरजे, उर्वरक, ऑप्टिकल, फोटोग्राफिक, मेडिकल और प्रेसिशन एक्विप्मेंट्स, अलुमीनियम और उससे बनी वस्तों शामिल है।
21:40हम सबने लॉबी किया, ऐसे नाज़क वक्त पे चाइना ने हमें बहुत आदी कीमत पे फर्टिलाइजर दिया। तो ये ब्रिक्स
21:48की वज़ा से काफी समिकरन चेंज हो रहा है।
22:10लेकिन अगर भारत चीनी कंपनियों को बड़े पैमाने पर सुईकार करता है, तो चीन भारतिये मिनुफ्याक्चरिंग एको सिस्टम में अपनी
22:18पकल बना लेगा।
22:24भारत ने पश्चिमेश्या के तनाओं के बीच टकराव नहीं, समवाद और शांती का रास्ता अपनाने की अपील की।
22:30एक तरफ UAE और सौधी अरब, दूसरी तरफ एरान पश्चिमेश्या में जारी युद्ध के बीच ये तीनों ब्रिक्स में भारत
22:38पहुँचे।
22:38प्रधान मंतरी मोदी ने इरानी रश्चिमेश्या के लिए तनाओं बढ़ाने से नहीं, समवाद बढ़ाने से रास्ता निकलेगा।
23:02एक ही मंच और तीन ऐसे देश जिनके वीच तनाव है, संघर्ष है, युद्ध है, लेकिन दिल्ली में ब्रिक्स के
23:09मंच पर आमने सामने बैठे थे, हाथ मिला रहे थे, बातचीत कर रहे थे।
23:18इस तस्वीर के पीछे भारत की वो कूर्णीती है, जिसे कहा जाता है स्ट्रीचिक और्टनॉमिक, यानि सभी से रिष्टे, लेकिन
23:26पैसला सिर्फ अपने राश्ट्री हित को देखता है।
23:29हम एक दुसरे के दर्श्टिकों का सम्मान करते हैं और कंसेंस से आगे बढ़ते हैं।
23:40हम किसी के विरुत नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते
23:52हैं।
23:53आप समय हैं कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमती को बैस्विक मंच पर ठोस परणामों में बढ़ले।
24:07इस मंच पर दुनिया की उभरती ताकतें आर्थिक सहयोग की बात कर रही थी।
24:12लेकिन इसी मंच पर ब्रिक्स के कुछ सदस देश आपसी मसले भी सुझाने की कोशिश कर रहे थी।
24:20ब्रिक्स के इस मंच पर एक तरफ एरान था, दूसी तरफ यूएई और इसी मंच पर सौधी अरब भी मौजूद
24:26था।
24:27ऐसे वक्त में जब अमेरिका और इरान के बीच तनाव जारी है और खाड़ी की सुरक्षा पर सवाल है तो
24:34भारत की कोशिश थी कि ब्रिक्स को टक्राफ कर नहीं बातचीत का मंच बनाया जाए।
24:40पायाद आर्स कुनम के अरतबात मा बा नुखस वज़िर मौटराम हिंदूस्तान
24:46मैं यह कहना चाहता हूँ कि जब से मैंने पद संभाला है भारत के माननी प्रधानमंत्री के साथ हमारे संबंद
24:52हर दिन बहतर होते जा रहे हैं
24:54असल में एरान और भारत के बीच गहरे संस्कृतिक संबंद रहे हैं दोनों देशों का इतिहास हजारों साल पुराना है
25:01यह ऐसी चीज नहीं है जो समय के साथ बदल जाएगी
25:14हम स्वाभाविक रूप से इन संबंदों को हर दिन बहतर बनाने और उन्हें अपनी गहरी संस्कृति पर आधारित करने की
25:21कोशिश कर रहे हैं
25:27हम इसके आधार पर एक नया धाचा बना सकेंगे और दुनिया में बढ़ रही ताना शाही का मुकाबला करने में
25:34एक दूसरे की मदद कर सकेंगे
25:38इसी कूर्णिती की सबसे बड़ी तस्वीर सामने आई 12 सितंबर को दिलनी में
25:43ब्रिक्स समिट के पहले दिन इरान की राश्पती मसूद पिजश कियान और अबुधाबी के क्राउन प्रिंस
25:49शेख खालिद बिन मुहम्मद बिन जायद अल-नहयान की मुलाकात हुई
25:54ये कोई सामान ये मुलाकात नहीं थी
25:56पश्चे मेशे में जाली युद के बीच ये दोनों देशों के नेताओं के बीच सबसे उच्छ सतर की मुलाकातों में
26:03से एक थी
26:03दोनों नेताओं ने तनाव कम करने, स्थिर्टा बढ़ाने और शेत्रिय शान्ती के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर चर्चाने
26:11लेकिन ये कैसे संभव हुआ
26:1311 सितंबर को प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी ने इरान की राश्पती मसूद पिजश्कियान से मुलाकात की
26:20दोनों नेताओं की दो हफ़ते से भी कम समय में ये दूसरी मुलाकात थी
26:25इस से पहले 31 अगस्त को बिश्किक में S.C.O. सम्मेलन के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी
26:31वही दूसरी ओर 12 सितंबर को प्रधान मंतरी मोदी ने अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मुहम्मद से भी
26:39मुलाकात की
26:39ब्रिक्स समिट के दौरान भारत ने इरान और UAE दोनों के साथ उचस्तरी बाचीत की और इसके बाद उसी ब्रिक्स
26:48के मंच पर इरान और UAE के शीर्ष नेताओं की आमने सामने मुलाकात हुई
26:53यही वो तस्वीर थी जिसने दिल्ली की कूटनिती को खास बना दिया
26:57आज बिश्व में तनावों की संध्या लगातार बढ़ रही हैं और सामान ये मानवी के जीवन पर उसका बहुती नेगेटिव
27:14प्रभाव भी हो रहा है और व्यापक प्रभाव हो रहा है
27:20लेकिन कहानी सिर्फ इरान और युएई तक सीमित नहीं थी सौधी अरब भी ब्रिक्स के विस्तारित समूह का हिस्सा है
27:2612 सेतंबर को सौधी विदेश मंत्री दिल्ली पहुँचे और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया
27:32जानी एक ही मंच पर इरान, युएई और सौधी अरब
27:37तीनों के अपने अपने क्षेतरी हित हैं लेकिन भारत ने इन्हीं एक ऐसे मंच पर साथ रखा
27:43जहां बातचीत और सहमती की गुणजाईश बनी रगी और फिर आया सबसे बड़ा टेस्ट
27:47क्या ब्रिक्स पश्टिम एशिया के मुद्दे पर एक साजह बयान जारी कर पाएगा
27:52लेकिन जैसे ही दिल्ली डिकलरेशन का एलान हुआ सर्व सम्मती से सुईकार किया गया
28:38प्रिधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दूसरे दिन एक एहन घोशना की
28:42ये था ब्रिक्स इंटेग्रेटड अर्ली वर्निंग सिस्टम यानि संक्रामक बीमारियों की रोक्ताम के लिए एक ऐसा वर्निंग सिस्टम जो समय
28:51रहते
28:52संक्रामक बीमारियों की पहचान करे और उस पर फॉरण आक्शिन ले
28:58ब्रिक्स के दूसरे दिन भारत का फोकस दुनिया की बड़ी समस्याओं के इलाज पर रहा
29:02अब ज़रा देखिए इनमें मुद्धे क्या क्या शामिल रहे
29:05खनिजों का हत्यारी करण रोकना, सप्लाई चेंड सुरक्षित करना, महामारी की पहले चेतावनी देना, AI को आम आदमी तक पहुचाना,
29:15ग्लोबल साउथ की भूमी का बढ़ाना
29:16ब्रिक्स के दूसरे दिन, यानि 13 सिदंबर को, PM मोदी ने चेतावनी दी कि महत्पूर्ण खनिजों और तकनीक का वेपनाईजेशन
29:24दुनिया के विकास को रोक सकता है
29:26यानि आज जंग सिर्फ जनीन और सीमा पर नहीं, खनिजों और तकनीक पर नियंतर भी ताकत कर नया हथियार बन
29:33रहा है
29:35टेक्नोलोजी और क्रिटिकल मिन्रल्स का वेपनाईजेशन हमारी साहजा प्रगति में बाधा बन सकता है
29:44इसलिए हमने टेक्नोलोजी के एडप्शन में इंक्लूजीविटी पर बल दिया है
29:53पश्चिमी एशिय संकट और हॉर्मूज ब्लॉकेट जैसे प्रकरणों ने साबित किया
29:58कि कैसे युद और व्यापारिक तनाव दुनिया के कई हिस्सों में जरूरी सप्लाइज चेन को प्रभावित करते हैं
30:20कोविट ने दिखाय था कि महमारी आने के बाद तयारी करने के बजाए पत्रे का पहले से पता लगाना ज्यादा
30:26एहम है
30:27भारप ने ब्रिक्स के जरिए संक्रामक बीमारियों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम की जरूरत पर जोर दिया
30:33कोई भी संकट एक छेत्र तक सिमित नहीं रहता इसलिए हमने ब्रिक्समूस में रिजिलियन्स बढ़ाने पर विशेश बल दिया है
30:48चुनोतियों को समयरते पहचानना उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कारवाई करना भी उतना ही आवश्चक है
30:58इसी सोच के साथ
31:04इंफेक्शियस डिसीज के प्रिवेंशन और रिस्पोंस के लिए
31:11ब्रिक्स इंटिग्रेटेड अर्ली वर्निंग सिस्टिम पर सहमती बनी है
31:18प्रधानमंत्री मोधी ने तकनीक को कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित रखने के बजाए
31:22इंक्लूजिब टेक्नोलजी पर जोर दिया
31:25AI को क्रिशी जैसे छेत्रों में इस्तिमाल करने की बात हुई
31:28ब्रिक्स नेटवर्क और डिजिटल एग्रिकल्चर किसानों के लिए नई संभावनाय तयार करेगा
31:38इसके बाध्यम से AI, जियो स्पेशल टेक्नोलोजी और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्रक्टर को किसानों की बास्त्रिक आवश्रक्ताओं के साथ जोड़ा जाएगा
31:58जंगल की आग जैसे आपदाओं में कुछ घंटे की चेतामी भी हजारों लोगों की जान बचा सकती है इसलिए डिजास्टर
32:05मैनेजमेंट को मजबूत करने पर भी जोड़ रहा
32:07डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए अर्णी बॉर्निंग डेटा इंट्रिकेशन गाइडलाइन तैयार की गई है
32:21यानि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स ने दुनिया की नई चुनोतियों के लिए नए समाधान का एक खाका भी खीचा
32:27है
32:29ब्रिक्स के मंच पर भारत, रूस और चीन का साथ रहना इसलिए एहम है क्योंकि ये तीन देश केवल तीन
32:37अर्थ व्यवस्थाएं नहीं
32:38बलकि वैश्विक, राजनीती, उर्जा, कारुबार और बदलती विश्व व्यवस्था के तीन बड़े केंद्र हैं
32:44इनका सैयोग दुनिया में फॉरण कोई बड़ा बदलाव नहीं लाएगा
32:48लेकिन ये संकेत जरूर देता है कि आने वाले वक्त में शक्ती केवल एक दुरूवदस सीमत नहीं रहेगी
33:03भारत, रूस और चीन दुनिया की तीन बड़ी ताखते एसी ताखतें जो बदलती विश्व व्यवस्था में ग्लोबल साउथ की आवाज
33:11को मजबूत करने का दावा करती हैं
33:12एक मंच पर तीन अलग धुरूओं की मौजूद की
33:20रूस, सुरक्षा और उर्जा शक्ती, चीन, व्यापार और आर्थिक प्रभाव का बड़ा के इंगर, भारत, तेजी से बढ़ती आर्थ व्यवस्था,
33:28ग्लोबल साउथ की प्रमुक आवाज
33:33ये सिर्फ आर्थिक गुडबंदी नहीं, बलकि शक्ती का एक मेया संतुलन है
33:37ब्रिक्स के मंच पर इन तीनों की मौजूदगी कितनी एहम है, इसे समझने के लिए उनकी आर्थिक ताकत पर नजर
33:44डालिये
33:44ब्रिक्स के कुल अर्थ व्यवस्था जीडिपी के हिसाब से 35 ट्रिलियन डॉलर और परचेजिंग पावर पैरिटी के आधार पर 90
33:52ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की है
33:53इसमें सबसे बड़ा योगदान चीन का है, चीन की नॉमिनल जीडिपी करीब 20.9 ट्रिलियन डॉलर और पीपीपी के आधार
34:02पर उसकी अर्थ व्यवस्था करीब 44.3 ट्रिलियन डॉलर है
34:06दूसरे नंबर पर भारत है जिसकी नॉमिनल जीडिपी लगभग 4.2 ट्रिलियन डॉलर है और पीपीपी के आधार पर अर्थ
34:14व्यवस्था करीब 18.9 ट्रिलियन डॉलर है
34:17वहें रूस की nominal GDP लगभग 2.7 trillion डॉलर है और PPP के आधार पर करीब 7.5 trillion
34:25डॉलर
34:25यानि चीन, भारत और रूस ये तीनों मिलकर ब्रिक्स की 80% से ज़्यादा nominal आर्थिक ताकत और purchasing power
34:34parity के आधार पर करीब 78% आर्थिक ताकत का प्रतिनिधित करते हैं
34:44चीन वैश्विक manufacturing, electronics, machinery और उब्भोकता वस्तों के व्यापार का बड़ा खिलाली है
34:50रूस, तेल, गैस, परमानू उर्जा, उर्वरक का महत्व पूर्ण सप्लायर है
34:56भारक का बड़ा उब्भोकता बाजार, डिजिटल भुकतान धाचा, आईटी सेवाएं, ब्रिक्स्ट भीतर नए कारोबार और निवेश के अफसर पैटा करती
35:05है
35:05तीनो देशों के लिए सुरक्षित समुद्री मार्ग, कम व्यापारिक बाधाएं, बहतर लॉजिस्टिक्स और सीमा पार भुकतान व्यवस्था महत्पूर्ण है
35:14इन मुद्दों पर सहयोग का असर बिक्स से बाहर के व्यापार पर भी पड़ सकता है
35:44स्वीर में एक साथ देखते हैं तो ब्रिक्स का एक बहुत बड़ा मेसेज जाता है
35:53लेकिन अगर देखा जाए इसको हम बोलते हैं कि नौन वेस्ट है या एंटी वेस्ट नहीं है
35:58लेकिन एज अन ऑल्टर्नेटिव टू वेस्ट एक यह बड़ा इफेक्टिव प्लैट्फॉम बन सकता है
36:06एज अन ऑल्टर्नेटिव क्योंकि वेस्ट के जो डेवलप्प्रेंट मॉडल्स हैं उससे काफी दिक्कते कड़ी हुई है
36:12ट्रेड रिलेटिव दिक्कते कड़ी हुई है ट्रेड इंबैलेंसी हुए हैं फिरेंशल इंफ्लोज एफेक्ट हुए हैं और यह अगर आप क्यात
36:20का देंगी
36:20तक 2006 में बना जब इसलिए था लिमेंड ब्रदर्स के जो लिक्विडेशन हुआ बेंक्रप्टी हुई उस लीमेंड ब्रदर्स के बेंक्रप्सी
36:31के बाद में जो पूरी वेश्विक
36:34फाइनेशल अवस्था चरमर आ गई थी तो उस तहीं पर ये समझा गया है जरूरी कि जो दुनिया के साउथ
36:42के जो बड़ी कंट्रीज हैं चाइना इंडिया और अशिया साथ में आकर के एक अल्टेनेटिव प्लैक्टरॉम प्रवाइड करें और ये
36:51उसकर समय ब्रिक्स का ग�
37:03बंधन कहना सही नहीं होगा ना ही भारत ऐसा चाहता है क्योंकि भारत सहित कई सदस्य देश पश्चिमी देशों के
37:10साथ भी गहरे आर्थिक और रणीतिक रिष्टे रखते हैं लेकिन डॉलर पर निर्भरता कम करने की कोशिश ब्रिक्स की सबसे
37:17चर्चित आर्थिक पहलों म
37:32पश्चमी विद्धिय नेटवर्क पर निरभरता कम हो सके है कि के डॉलर इस डॉमिनेंट करंसी वी कांट अवाइट पर थोड़ा
37:41थोड़ा तो हमें अपना वी कांट पूट ऑल एक्स इन वन बास्केट उसका फॉर्वड प्रीमियम देख लिजे मर रहें एक्सपोर्टर
37:48�
37:48बैशारे इमपोर्न पFF घॉल उगी रहें चैनलों पूर्परी ड्राइड का होगया वह लब थो इसलिए यह बड़ा इंपोर्टेंट है कि
38:07हम नОकोईन फ्रेक्शन ओफ जो डॉलर ट्रेंट है उसको लोकल करन्सी में बायशे वी में बाई लेटरल करन्सी में आप
38:14तो इं�
38:25भारत एकी समय में रूस के साथ रक्षा और उर्जा संबंद बनाए रखता है चीन के साथ सीमा और व्यापार
38:30जैसे जटिल मुद्दों को संभालता है और अमेरिका यूरोप के साथ भी साजेधारी बढ़ाता है ब्रिक्स भारत को चीन और
38:37रूस के साथ सीधे समवाद का मंच
38:39देता है बिना किसी स्यान इगट बंधन में बंधे जानी भारत के लिए ब्रिक्स का मतलब है साजेधारी भी रणनी
38:46तेक स्वायकता भी ब्रिक्स का विस्तार एशिया अफ्रीका मध्यपूर्व और लैटिन अमेरिका के देशों को एक मंच पर लाता है
38:54भारत रूस और चीन
39:09का जिक्र करते हैं ब्रिक्स के सम्मेलन में ब्रिक्स के मंच से प्रधान मंत्री ने एक बार फिर यह बात
39:16कहें और इस बात पर भी जोर दिया कि केवल दुनिया के बनाए नियम नहीं बलकि उन नियमों को बनाने
39:25में भागिदारी भी एहम रुपी है
39:27ग्लोबल साउथ आज वैस्वीक संक्टों की फ्रंट रों में है लेकिन डिसिजन बेकिंग की बैक रों में है हमें इस
39:41पिरामिड अब प्रिविलेज को प्लेटफॉर्म अब पार्टनर्सिप में बदलना है
39:49जहां हर देश की आवाज हो हर सदस्ट का स्टेक हो हर प्रयास के केंद्र में मानवता का विकास हो
40:02इस उद्देश से मैं प्रस्ताव रखता हूं कि हम मिलकर ग्लोबल गवर्ननस रिफॉर्म के दस प्रपोजल्स तयार करें
40:15जिसे हम अगली समिट तक एक ब्रिक्स रिफॉर्म रोड मैप का रूप देने का प्रयास कर सकते हैं
40:25युनाइटेंड नेशन देफ और साउथ साउथ कॉपरेशन है
40:31ग्लोबल साउथ को समर्पित इस दिन पर ऐसा निरने लिया जाना विशेस महत्वर रखता है
40:39भारत इस विशे में लेड लेने के लिए तयार है
40:45फ्रेंट्स भारत में आयोजिक इस ब्रिक्स समिट का संदेश स्पस्ट होना चाहिए
40:56यदि हमारा भविश साजा है तो उसके निर्मान का अधिकार भी साजा होना चाहिए
41:04प्रम वाइस टू इंपेक्ट प्रम पिविलेट टू प्राटनर्सीप यही ब्रिक्स एट प्रेंट्टी का संकर्प हो
41:17हमारी इस खास पेशकर्श में अभी के लिए इतना ही देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते
41:22रहिए आज तक
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