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BRICS डिनर में शाकाहारी मेन्यू पर क्या कांग्रेस के सवाल जायज? देखें दंगल

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00:00नमस्कार मैं उसाहिल जोशित नंगल में आपका स्वागत है
00:03बारत में दुनिया के सबसे बड़े एविंट का आज समापन हुआ
00:07BRICS 2026 के सफल आयोजन के बाद सहवागी देशों ने P.A.M. Modi को बधाईयां दी है
00:13अगले BRICS अमेलन के आयोजन के लिए चीव के राश्टरपती को ये मोधी ने बधाई दी है
00:17पहली बार BRICS PLUS याने करीब दो दरजन देश मिलकर
00:22West LED Economic Model के समानां तर एक नई व्यवस्था खड़ी करने में कामियावी हासिल करते देख रहे है
00:28बड़े road map जो बन है
00:30इसमें local currency में business का plan
00:33दूसरे के लिए बाजार खोलने का plan
00:35एक दूसरे को critical minerals से लेकर AI, science और space तक में सहयोग की योजनाय भी बनाई गई है
00:43सभी सदेश्ट देश BRICS की बुलंदी की बड़ी उमीदों के साथ दिल्ली से लौट रहे है
00:47लेकिन यहां अपने देश में कुछ अलग ही लेवल की सियासत चलिए
00:51BRICS जैसे आयोजन को बेकार बता चुके कॉंग्रेस के नेता चेदंबरम आयोजन से पहले समाल उठा रहे है
00:58आयोजन के दोरान विपक्षि दल दिल्ली की सडकों पर परदे लगा कर गरीबी छिपाने के आरोप लगाने में लगे
01:04लेकिन समयलन के सफल आयोजन के बाद अब कॉंग्रेस को मेमानों की प्लेट में परोसे गए शुद्ध शाकारी व्यंजनों पर
01:12मासाहरी सियासत सूज रहे है
01:14राहूल कांदी ने तो सिर्फ यही कहा था कि 80% भी भारतिय मासाहरी है और भारतिय शाकारी व्यंजन स्वादिश्ट
01:22है
01:22लेकिन अब कॉंग्रेस के नेता आरोप लगा रहे हैं कि बीजेपी सरकार पहले देश्ट में लोगों पर खानपान थोपती थी
01:29और अब बैमानों पर भी खानपान थोपने लगी है
01:32मतलब यह है कि इतने बड़े आयोजन में विपक्ष के सवाल भी गाला डिनर की थालियों से ही निकल रहे
01:39है
01:39जबकि भारत ने दिल्ली गोशना पत्र के जरीए यूपी आई पेमिंट सिस्टेम की लिंकिंग से लेकर
01:45रुपिया रुबल, रुपिया दिनार, रुपिया युवान में कारोबार और रिमोट सेंसिंग डेटा शेरिंग से लेकर
01:51एपी आई के वैकल पिक इंतजामों तक के रास्ते खोल लिये
01:56यूएन के मंचों पर भारत के प्रस्तावों को वीटो करने वाला चीन आज दिल्ली डेकलेरेशन में पहलगाम हमले की निंदा
02:02करता नज़र आ रहा है
02:03टेरर फंडिंग को रोकने का प्रण भी लेता है और संयुक्त राश्ट सुरक्षा परिशत के विस्तार की मांग भी रख
02:10रहा है
02:10तो ब्रिक्स दोजार चब्वीस में भारत की कामियाबुयों और विपक्ष के सियासी सवालों पर आज के दंगल में हम चर्चा
02:18करेंगे
02:18लेकिन पहले इससे जुड़ी यह रिपोर्ट देखते हैं
02:38दुनिया के आधिये आबादी के नुमाइन दे
02:4140-20 से अधिक जीडीपी के हिस्सेदारी
02:4311 देश, 12 सहयोगी देश, यून समेत 5 इंटरनेशनल संगस्थान
02:48बस इतना समझ लीजिए कि दो तिहाई दुनिया ने दिल्ली में दो दिनों में जो फैसले लिए
02:52वो सभी सदस्यों के साजहा और उज्जल भविश के बुलन दिरादों के साथ खत्म हुए
02:58कि ब्रिक्स केवल देशों का समो नहीं, सॉल्यूशन्स का एक इको सिस्टिम है
03:12अठारवें ब्रिक्स सम्मेलन में तीन दिन के मंथन के बाद जो दिल्ली घोषना पत्र जारी हुआ, उसमें पांच बड़ी बाते
03:17थी
03:19पहली घोषना आतंक के खिलाब थी, जिसमें पहलगाम का जिक्र हुआ, टेरेर फंडिंग पर सक्त प्रतिबंध लगाने पर सहमती बनी
03:26दूसरी बड़ी बात, एक तरफा युद्ध याद सैन्ने कारवाई को लेकर बनी, जिसमें जंग के बीच कमर्शल शुपिंग रूट्स को
03:33लेकर शांतिपुर्ण बाचित से सुल्जाने की बात गई गई
03:36तीसरी बड़ी बात, ग्लोबल वेन्यू चेन दोहजार चप्वीस से तीस के तहट बाजारों को एक दूसरे के लिए खोलने और
03:43सहयोग बढ़ाने पर सहमती बनी
03:44इंटरनेशनल व्यापार में बिना सोचे समझे एक तरफा टैरिफ लगाने को लेकर भी चिंता जताई गई
03:50चोथी बात, परियावरण जैसी चुनोतियों पर नजर रखने के लिए
03:54ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सेटलाइड कॉस्ट इलेक्शन सहयोग समझोते को मंजूरी दी गई
03:59और पाचवी यूएनस्सी की संग्रचना में सुधार की मांग को दोराय गया
04:12ग्लोबल साउथ की भागिदारे बढ़ानी की मांग की गई
04:18जब दुनिया के दो हिस्वों में बारूत की आग धदक रही हो
04:22जंग की तपिश में विश्व के अर्थोयस्थाओं का दम खुट रहा हो
04:25तब भारत में शांती के बुद्ध संदेश के साथ ब्रिक्स 2026 का आयजन हुआ था
04:30जिस मंच पर यूकरेन युद में उलजे रूस से लेकर अमेर की जंग में फजे इरान तक के नेता
04:35भारत में मिलजूल कर स्थीरता के लिए निर्मान के उम्मीद लेकर पहुँचे थे
04:40क्योंकि उन्हें ब्रिक्स की ताकत का अंदाजा था
04:42युचे, हिड़ इटूओ चस्जान का गोड भी कर अजोटेवस में हमें स्थीर.
05:00ही उन्हें कर आथ हैं।
05:12तुम् cogょत पिर्डिक्सुछ, से अकंगर वाल झाले को 10 N cats तुम्
05:19ल क्युक्य है कि इहां?
05:22तुम् एक्स्साम सुखिए तुम् कोंऌ फईन भॉ invites उन बेस baby
05:30उन वाले का, झाह व्ल्ड yeah that the
05:43में जबानी का सम्मान, दुनिया तक शोहरत और फिकास की रफ्तार तेज करने की मोहलत
05:48इस ब्रिक्स सम्मेलन में भारत ने एक नहीं कई काम्याबिया हासिल की
05:54जिसमें पाकिस्तान का नाम लिये बिना ही सही
05:56लेकिन चीन ने पहलगाम हमले और टेरर फंडिंग पर रोक के दस्तावेश पर दस्खत किये
06:01यूएन में भारत के प्रस्तावों का विरोध करने वाले चीन ने उनस्य में सुधार की मांग को माना
06:06और ब्रिक्स में सहीयोग के साथ आगे बढ़ने के लिए अपने डेटा से लेकर स्किल तक और करेंसी से लेकर
06:12बाजार तक को लचीला बनाने के सहीयोग को तयार हुआ
06:17हमें समानता और व्यवस्था पर आधारित अंतर राष्ट्री ये व्यवस्था तथा समावेशी आर्थिक वैश्वी करण की वकालत करनी चाहिए
06:28ताकि विश्वशान्ती, स्थिर्ता और सम्रिध्धि को बढ़ावा देने के लिए अधिक सकारात्मक उर्जा का संचार हो सके
06:43लिगन इन तमाम कोटनितिक काम्यावियों के अलावा भारत ने अर्थिवस्था की ठोस जमीन पर भी मजबूत कदम बढ़ाए हैं
06:50क्योंकि ब्रिक्स सम्मेलन में जो फैसले हुए हैं उसमें क्रॉस बॉर्डर इन्वाइस डिसकॉंटिंग सिस्टम से भारत के 6 करोड़ MSMEs
06:58को ब्रिक्स देशों तक कारुबार में सहुलियत होगी
07:01भारत ने UPI को ब्रिक्स देशों के पेमेंट गेटवे से जोड़ना शुरू कर दिया है जिससे 200 अरब डॉलर का
07:07कारुबार अब रुपया, दिरहम, युवान, रुबल में हो पाएगा और इससे भारती कमपनियों को 4-6,000 करोड सालाना की
07:15बचत हो सकती है
07:16ब्रिक्स ने GVC Action Plan 2026 इसकी योजना बनाई है जिससे भारत चीन के अलावा रूस, ब्राजील, UAE के साथ
07:23मिलकर जीवन रक्षक दवाओं के raw material हब बन सकेगा
07:27ब्रिक्स के remote sensing satellite डेटा के तहट अब भारत को चीन, ब्राजील और रूस से real-time डेटा मिलेगा
07:35ब्रिक्स Logistics Supply Chain Cooperation Framework हमारी Supply Chainz को अधिक reliable, resilient बनाने में सहायक होगा
07:48Friends, इनोवेशन के अंतरगत, ब्रिक्स Incubator Network हमारे स्टार्ट अप और इंक्यूबेटर्स को आपस में जूड़ेगा
08:04इनोवेटिव और Scalable Solutions को बढ़ावा देने के लिए हमने Brics Startup Innovation Fund का प्रस्ताव रखा है
08:16Brics Network on Digital Agriculture किसानों के लिए नई संभावनाय तयार करेगा
08:25इसके बाध्यम से AI, Geo Special Technology और Digital Public Infrastructure को किसानों की वास्त्रिक आवशक्ताओं के साथ जोड़ा जाएगा
08:41Technology और Critical Minerals का वेपनाईजेशन हमारी साहजा प्रगति में बाध्या बन सकता है
08:56एक तरब दोत यहाई दुनिया की नुमाइन दे भारत में Brics सम्मेलन के सफल आयोजन पर भारत सरकार और PM
09:02मोदिक को बधायां दे रहे थे
09:04तो दूसरी और इस आयोजन के शुरू से अंतक घरेलू सियासत भी धुद्वादार रही
09:10आयोजन से पहले जांग कॉग्रेस ने ऐसे आयोजनों से भारत को कोई फाइदा नहीं होने के दावे कर दिये
09:15तो आयोजन के दौरान पर्दे से गरीबी छिपाने के आरोप लगा दिये
09:18आयोजन के बाद भी राहूल के वेज नॉन वेज का वीमर जयारी रहा है
09:23हलाकि कॉग्रेस के अंदर भी डिक्स को लेकर नेताओं की दो राय सामने रही
09:26लेकिन विपक्ष ने इस पूरे आयोजन को लेकर तरतर के सवाल उठाए
09:30विपक्ष का कहना था कि ऐसे आयोजनों से भारत के छोटे कारोबारियों को क्या मिलता है
09:34क्या डॉलर पर निरभरता कम हो जाएगी?
09:37API जैसे क्षित्र में चीन पर निरभरता कैसे कम होगी?
09:40विज्ञान, तक्नीक और अंतरिक्ष के क्षेत्र में क्या फाइदा?
09:44सुरक्षा के मोर्चे पर भारत को क्या फाइदा?
09:47विपक्ष को शिकायत पिर भी है
09:49कॉंग्रेस कहती है कि दिल्ली घोष्टन पत्र में पाकिस्तान का तो ना ही नहीं है
09:53तो टीमसी को डर है कि लोकल करेंसी में कारुबार से युवान का दबदबा हो जाएगा
09:58लेफ्ट अलग परिशान है कि ब्रिक स्कॉट दोनों में भारत किसके साथ वफादार है
10:03इस तरह के आयोजन से कई पहलूँ पर दूसरे देशों से सहयोग मिलता है
10:13या हम दूसरे देशों को सहयोग देते हैं
10:16लेकिन विक्सित भारत सपने के देखने के लिए परदेश सरकारों को भी उसमें योगदान और उनका सहयोग होना चाहिए
10:27तमाम शिकवाख शिकायतों के बावजूद ब्रिक्स का अठारवा सम्मेलन सबसे काम्याव सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है
10:34खासकर कोवीड और युद्ध के बाद बदले हालात में ब्रिक्स ने पश्रिम आधारेत एकनॉमी को नया आयाम देने के दिशा
10:40में मजबूत कदम बढ़ाए है
10:42गीता मौन और प्रणे उपादिया के साथ आज तक देरो
11:11है चर्चा करेंगे इस पर हमारे साथ गुरु प्रकाश पासवान भारतिय जन्ता पार्टी के प्रवक्ता इस चर्चा में शामिल हो
11:16रहे है
11:16प्रोफेसर रजय उपाध्याई कॉंग्रिस पार्टी के तरफ से इसमें अपनी भूमी का रखेंगे
11:20रज़त सेटी और आशुतोष हमारे पॉलिटिकल आनलिस्ट भी इस चर्चा में हिस्सा लेंगे
11:25एक राज़नितिक चर्चा इस पूरे मसलिपर हम करने की कोशिश करेंगे
11:28तीन सवाल इस पैनल के सामने
11:30पहला सवाल
11:30क्या ब्रिक्स 2026 समिलन में भारत को अबूत पूर फाइदा मिलने के रास्ते खुले हैं
11:35दूसरा सवाल
11:37क्या विदेशी महमानों को दिये गाला डिनर में
11:40शाकाहारी मेनू पर कॉंग्रिस का सवाल उठाना क्या ठीक है
11:44और तीसरा सवाल
11:45क्या ब्रिक्स प्लस का मंच
11:47डॉलर मुक्त अर्थविवस्ता तंतर बनाने में क्या कामियाब हो पाएगा
11:51जिसका जिक्र चीन और रिशिया बार बार करने की कोशिश कर रहे हैं
11:55लेकिन भारत उसे रोके हुए
11:56इस पर भी हम चर्चा करेंगे
12:11और उसके बाद जारा कॉंग्रेस प्रवक्ता से मैं पूछूगा कि क्या उन्हें ये बड़ी बाते नहीं लगती
12:15पहला आतंकवाद के मुद्दे पर पहलगाम हमले के निंदा और उसके साथ साथ टेरर फंडिंग पर भी
12:20सक्ष प्रतिबंध लगाने पर आम सहमती बनी है और चीन के होते हुए
12:25दूसरी बड़ी बात एक तरफा योध या सेंग्य कारवाई को लेकर जिसमें जंग के कमर्शिल शिपिंग रूट्स को लेकर शांतिपूर्ण
12:34बाचीत से सुलजाने की विपाते की गई
12:36ट्रेड रूट्स किसी ना किसी तरीके से प्रभावित नहों इस बात को लेका भी जिक्र इसमें किया गया और शांतिपूर्ण
12:43तरीके से इस बात को आपसी बाजार को खोलने की योज़ना बनाई गई है
12:46यानि किसी एक की दादागीरी नहीं चलेगी एक तरफा टैरिफ की निंदा की गई है कई बार यह सवाल उठाए
12:52गया है कि डुनाल्ड ट्रम के बारे में भारत चुप है क्या लेकिन एक तरफा टैरिफ के निंदा जॉइन डिकलरेशन
12:58में यहाँ पर निकल कर सामने आती है
13:16को दोराए गया है और क्लोबल साउथ की भागेदारी इसमें भारत एक बड़ा हिस्ता होगा उसकी भागेदारी होनी चाहिए यह
13:23बुद्दा भी उसमें रखा गया जॉइन डिकलरेशन की यह पांच प्रमुग बाते आजय उपाद्याजी मैंने आपके सामने रखने की को�
13:44आपके साथी पैनलिस्ट को और आपको भी नमस्कार अतीथी देवभावना जो है हमारी उस परंपरा के तहज सिखर सम्मेलन ब्रिक्स
13:52का जो सफल संचालन हुआ इसमें जितने भी करमचारी अधिकारी मंत्री प्रधान मंत्री समेट सभी को सुब कामना है कॉंग्रेस
14:01पाट
14:12तयार हुआ उसमें बहुत सारी चिंताओं को दरसाते हुए भी सभी देशों ने एक मंच कम से कम साजा करने
14:18का प्रयास किया कई बार आपसी भी बादों को परे रख करके और गलोबल साउथ की भूमिका को बढ़ाने के
14:24लिए जो बहुत रूए बिस्व है उसमें कैसे ये ब
14:41भारत में भी लगबग डेड़ दरजन के आसपास में सभी रास्टा परमुख रहे हैं इन सबने जिस तरह से मिलकर
14:47के कमन एजेंडा लाने का काम किया है वो काबिले तारीफ है साथ में तो चिंताएं हैं और चिंताएं हमारी
14:56नहीं है चिंताएं देश की है ब्रिक्स सफल क�
15:10प्रदानमंत्री जी से ही मैं सुरुवात करता हूं उन्होंने कहा हमारी एकता और साहमती को ठोस परिणाओं में अब बदलने
15:17किया वा सकता है ठोस परिणाम सब उन्होंने उपयोग किया यह वही ठोस परिणाम है जो पीच दमरम जी ने
15:23तीन रोज पहले जब टेंजिवल �
15:25आउटकम की बात की थी तो बहुत लोगों के पेट में दर्द हुआ देश की मिडिया को भी और भाजपा
15:29प्रायोजित लोगों में भी कि भाई यह तो कोश्चन लगा रहे हैं जबकि प्रदानमंत्री जी ने खुद कहा है यदि
15:35यह कहेंगे तो मैं आपके चैनल का ही रिप
15:53भौनाएं हैं आपने जो बात रखी अभी दो तीन बातें बड़ी दिल्चस्प है बस हमें एक राउंड का ही टाइम
16:01दे दीजिएगा बाद में बेसक मत दीजिएगा घोसरा पत्र में गाजा नरसंगहार के बारे में चर्चाएं हुई है और गाजा
16:08नरसंगहार से जुड�
16:20प्रिक्स में हुआ है या दोहरापन जारी रहेगा नितानाहूं मितरता निभाते रहेंगे पहली बात दूसरी बात जिस तरह से इरान
16:28पर हमले की निंदा परतिक्रिया में उन्हें ने जिस तरह से गल्प देशों पर प्रहार किया इस पर राश्पती खुद
16:36मसूद पज़
16:49भार हुआ उसके लिए इसराइल जिम्वार है और यह साज़ा प्रस्ण पत्र तयार करने में बात आई है इसके अलावे
16:56जो आपने भी चिंता जगाई पहल गाम की बहुत खुसी हुई और अच्छा लगा कि कम से कम 20 के
17:02देंताओं का कंसर्ण है यही चाइना है जिसने जो है
17:06आपरेशन सिंदूर के दवरान पाकिस्तान को समर्थन भी दे रहा था सहजोग भी टेकनिकल दे रहा था और यह मैं
17:13नहीं 25 जुलाई 2025 का हमरे 4 जुलाई 2025 का राहूल सिंग जो लेप्रिनेंट जनरल रहे हैं उन्होंने खुद स्विकरायुक्ति
17:21रखी थी तो क्या चाइना �
17:23आगे से ऐसी हरकतों से बाज आएगा यह महत्वपूर्ण चिंताएं भारत के लोगों की आज भी है जिस तरह से
17:30एक अपरेल 20 के पहले यह था इस्तिती की बात हम करते थे गलवान के सहीद उनकी बिदवाएं उनके बच्चे
17:37और दिस्वासी पूछना चाहते हैं आगे से प
17:53तरह से अरोनाचल और बाकी जगह सीमा पर विबाद होने के बावजूद प्रतिकूल हमारा व्यापार चाइना से भी और रसा
17:59से भी है और यूं कहें तो ब्रिक्स में भी सरवाधिक हम हानी उठा रहे हैं व्यापार घाटा 390 अरब
18:07डॉलर का जो हैं व्यापार करते हैं आय
18:23हम alternative कोई mechanism बनाने की इस्तिती में तयार हुए हैं चुकि बा-lateral talk भी हुआ है कि हमारे
18:30आयात के निर्यात कैसे बढ़े हमारे MSC मी कैसे मजबूत हो हमारे लोगों को नोकरी और manufacturing सेक्टर कैसे बढ़े
18:37हैं विपक्ष यहाँ पर रखने की कोशिश कर रहा है जो आप पर रोफि
18:53तो मैं आपको ये बात बतारा चाहूंगा क्योंकि जो स्टेक्पेंट निकाला गया था प्रधान मंतरी मोदी और शी जिन पिंग
19:00के बुलाकात के बाद में उसमें चीन के रेडाउट में इस बात का जिक्र किया गया था कि दोनों देश
19:05प्रतीदवन्दवी नहीं है बलकि भा
19:20कर दिया गया कि सीमा पर पूर्ण शांती स्थापित नहीं होती तब तक भारत पूरी तरीके से सतर्क रहेगा इस
19:27बात का जिक्र करना बहुत जरूरी है गुरु प्रकाश पासवान पॉइंट बॉइप आप से रिबटल चाहेंगे इस पूरे मुद्दे का
19:32हाला कि स्वागत
19:33कर रहा है विपक्ष इस पूरे ममले का लेकिन कुछ बुद्दो पर उन्हें लगता है कि कुछ क्लैरिटी होना जरूरी
19:38है गुरु प्रकाश पासवान नहीं साहिल जी देखिए आपको और पहले में उपस्तित सभी साथियों को हमारा नमश्कार फॉरिन पॉलिसी
19:48एक ऐसा �
19:49विशे होता है साहिल जी जिस पर राजनीती करना उचित नहीं होता है मुझे आज याद आ रहा है जब
19:54स्वर्गी अटल बिहारी वाजपी जी पहली बार विदेश मंतरी बने थे जगत महता उनके फॉरें सेकरेटरी थे और जब विदेश
20:02मंतरा ले अटल जी गए तो भई �
20:04नहरू जी का फोटो हटवा दिया गया था तो अटल बिहारी वाजपी जी ने सुनिश्चित किया जगत महता जी फॉरें
20:09सेकरेटरी को बोला कि नहरू जी की तस्वीर वहां लगवाईए ये दिखाता है कि आपको एक बड़े हृदय होने की
20:15आवशकता है विदेश नीती अ
20:32प्रतिशत एकॉनमी लगभग 26 प्रतिशत का ग्लोबल ट्रेड जी सेवें जो अपने आपको बड़ा एलीट एक इंस्ट्यूशन समझता था ग्लोबल
20:39साउथ की रूप में विश्व की ऐसे विकास्शील देशों का नेत्रित करता हुआ भारत में जरा रहा है मैं सुन
20:56रहा �
20:56दुनिया भारत की तरफ एक उम्मीद की नजरों से देख रहा है भारत की भूमी पे इरान के राश्वपती विजश्कियान
21:02और युएई के प्रिंस बिनजायद बैट करके युद्ध के बाद पहली बार बात कर रहे हैं मुझे लगता है कि
21:08इस से बड़ा उपलब्दी भार
21:10भारत के लिए कुछ और हो नहीं सकता है भारत ने एक मजबूत संदेश दिया है it is a message
21:14to the entire world that we stand for peace प्रधान मतरी जब कहते है साहिल जी कि हम विश्वबंधू का
21:20काम करना है a friend to the world यहाँ पे कौन सा विश है ऐसा तर जिसकी चर्चा नहीं हुई
21:24क्रिशी की चर्चा हुई
21:26entrepreneurship की चर्चा हुई resilience की चर्चा हुई innovation की चर्चा हुई जब से भारत ने ब्रिक्स की अधिक्ष्टा संबाली
21:32है साहिल जी तब से साड़े 300 से अधिक बैठिके हो चुकी है यहाँ पे देखे मैं तो बिहार से
21:38लाई हूँ आपका भी बिहार से तालुक है आप जानते हैं वहा
21:54बिद इतने वरिश नेता रहें वो ऐसा कहते हैं कि बरिक्स से कुछ प्राप्त नहीं होगा इससे कुछ प्राप्त नहीं
21:59होगा पूरे के पूरे आयोजन में Congress Party को सिर्फ एक ही समस्य दिखी और वो समस्य थी वेज़फूट की
22:05और नॉन-वेज़फूट की जब पूरी दु
22:22टीयों के साथ जो आपकी unilateral tariff impose होते हैं वो inconsistent हैं बिलकुल
22:26मजबूती से भारत की संप्रभुता का एक प्रदर्शन था एक अदभुत परीचे था कि जो हम
22:32वसुदेव कुटमकं कहते हैं जब हम कहते हैं सर्वे बहुंतु सुकेना सर्वे
22:35संतु निरामया उसका एक बिलकुल प्राक्टिकल था मेरे जैसे
22:39foreign policy और politics के चात्र के लिए पूरे दुनिया में आज जहां
22:43पे EU में चिनता है US में चिनता है South America में चिनता है
22:46सब के सब भारत की तरफ एक उम्मीद की नजरों से देख रहे हैं लेकिन
22:50दुरभाग्य है मैं बिना मांगा सुझाव दे रहा हूँ
22:52इट इस फ्री एडवाइस अन्सॉलिसिटेट एडवाइस तु मिस्टर राहूल गांदी
22:56और मिस्टर पीचर तम्रम आपको कम से कम स्वर्गी एटल बियारी वाजपीजी से
23:00आज सीख लेने की आवशकता है
23:02जगत महता के उस किताब को पढ़िये जहां पर ये इस प्रश्ट रूप से कहा गया है
23:05कि फॉरिंग पॉलिसी कंटिनियूम होता है
23:08फॉरिंग पॉलिसी में डोमेस्टिक पॉलिटिक्स का कुछ अंच नहीं आना चाहिए
23:11लेकिन उसके बावजूद कॉंग्रिस के नेताओं के दोरा ये कहा जाना
23:14और तब कहा जाना साहिल जी जब बिक्स का अयोजन चल रहा है
23:17जब यहाँ पे शी जिन पिंग है
23:19जब यहाँ पे पुटीन है
23:20जब यहाँ पे पैजशकियान है
23:21जब यहाँ पर UAE के प्रिंस से तमाम दस से अधिक देशों के head of state आये हुए हैं और
23:26उसके बावजूद हम आपका स्वागत करते हैं साहिल जी हम अपने विपक्षिक साथियों का स्वागत करते हैं यदि आप आते
23:31हैं हाँ पर economy की बात करते हैं लेकिन उसके बावजूद अज
23:45विदेशनीती को domestic politics से विदेशनीती को घरिलू राजनीती से अलग रख के देखने के आवशकता है अगर ऐसा ही
23:51था तो राहूल गंदी जी क्यों मिले मलीशिया के पतान मंतरी से वो तो गई मिलने आपचारिकता हैं बैठके होती
23:57हैं घोशना ही होती है लेकिन उसके बाव�
24:14जे उपद्य है जीब कॉंग्रिस पार्टी के तरफ से ये सवाल उठाया जाता था कि देखिए हमने अमेरिका के दबाव
24:18में रशिया से तेल खरीदना कम कर दिया है आज की स्थिति में जब हमें दिखाई देराएं कि रशिया के
24:23साथ हमें एक अलग तरीके से संबन बनाये ह
24:25हुआ हैं दूसरी तरफ हम किसी के साथ नहीं इस पॉलिसी पर चल रहे हैं भारत ये एक ऐसा देशी
24:30की जो क्वार्ड में भी शामिल है और प्रिक्स के भीतर भी शामिल है लेकिन इसके बावजूद किसी के साथ
24:35या किसी के खिलाफ नहीं है सब को साथ में लेकर चलने की एक
24:38मल्टी लैटरल सिस्टिम बनाने की कोशिच कर रहा है
24:41तो उस पे क्या गलत है
24:43क्यों आपको ऐसा लगता है कि कोई
24:45स्पेसिफिक भूमी का नहीं होगी
24:47तो इसका मतलब ये कि भारत की भूमी का
24:49कमज़ हो रहा है
24:53साहिल भाई बहुत अच्छा प्रसन है आपका
24:55उससे पहले हमारे साथी प्रवक्ता गुरू प्रकास जी
24:57वाकई दो तीन प्रवक्ता इनके हैं
25:00पढ़े लिखे विद्वान उसमें से इक इनको भी मैं मानता हूँ
25:02और विदेश निती की जनकारी रहते हुए भी यदि
25:05कुछ चीज़ें वो जान करके नहीं बताना चाहते हैं तो बात अलग है
25:08चिंता जाहिर करना उपलब्दियों को आगे बढ़ाने का प्रयास करना
25:13टेंजीबल आउटकम की बात करना जो प्रदान मंत्री जी खुद आपके चैनल पर कहे
25:18का ये तो मैं ये औलडी है मैं सुनाता हूँ जिस बात को फीची दमरम जी ने पहले कहा कि
25:23भई टेंजीबल आउटकम मिलना चाहिए तभी इसका पूरा जो है मिनिंग है आप ये आपका दरसक के दी देखना चाहिए
25:36ठीक है आपकी आवाज नहीं आ रही है लेकिन आप कह रहे हैं कि प्रदान मंत्री ने कहा था कि
25:40टेंजीबल आउटकम निकलना चाहिए बात क्रीक है किसी भी समिट का टेंजीबल आउटकम कैसे निकलेगा उस बात को लेकर हमेशा
25:46चिंटा जताई जाती है
25:47तो मैं आपको चार चीज़े यहाँ पर रख देता हूं कि कौन से टेंजीबल आउटकम से इसमें निकले हूँ है
25:53जरा वो चला दीजेगा जो हम लोग ग्राफिक्स के जरीए माप को बताना चाहिए जरा एक गर चला दीजेगा सबसे
25:59पहली बात
25:59सिर्फ इसमें मैं इतना साइल जी कहना चाहते हैं जो समीट में जो एजिंडा तय होते हो एजिंडा तो रहते
26:14हैं लेकिन सिर्फ एजिंडा से काम नहीं चलता हमें रिजल्ट पर भी ध्यान देना होता है
26:19ब्रिक्स अंतराश्टिये संगठन एक तरह से छेत्रिये अंतराश्टिये संगठन है
26:24ग्लोबल साउथ का यहाँ पे रिप्रेजेंटेशन है भारत में उसकी अपनी भारत की दूमिका है
26:29और भारत के कारण एक बड़ा सम्मान और सम्मिलन हो रहा है
26:32इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं है कॉंग्रेस पार्टी तहे दिन से इसका स्वागत करती है पहले भी करती रही
26:38है
26:38लेकिन जो रिजर्ट आना चाहिए उसपर यदी चर्चा होती है
26:42जो सम्मिलनों में भी हुई है कि भाई कॉंमन एजेंडा कहां है
26:46डी डोलाईएशन कैसे डेवलप होगा जब आप कमन ब्रिक पे डेवलप करेंगे
26:51करेंसी में जो अपने करेंसी में लोकल करेंसी में ट्रेड होगा
26:55जब क्वार्ड में आप कहा रहे हैं कि हम क्वार्ड में भी मेंबर हैं
26:59और यहां भी मेंबर हैं तो आपको यह साउधानी से चलना होगा
27:02क्वार्ड से तो आप देख लिया साहिल जी किस तरह से इंडो पैसिपिक में से इंडो हटा दिया इसी चाइना
27:09और पाकिस्तान के दबाओं में अमेरिका ने तो हम कहां हैं और कहां खड़े हैं हमें सीधा खड़ा होना है
27:15हमारी बात असपश्टता के साथ होनी का यह मूदी ज
27:33पूर्वा विदेश पंतरी सल्मान खुर्शीद इस वक्त जुड़े हो है जरा उनसे कुछ सवाल पूचेंगे सल्मान खुर्शीद जी सबसे पहले
27:39तो पूर्वा विदेश पंतरी होते हुए आपकी भूमी का हम समझना चाहेंगे ब्रिक्स की सफलता है जो यहां पर गिना
27:58चीन के साथ जो हमारी बाचीत हुई उस पूरे बाद को लेकर और पहलगाम का जिक्र होना इन सारे मुद्दों
28:05को के मद्दे नजर आप ब्रिक्स के इस डेली डेक्लरेशन को किस तरीके से देखते हैं
28:12मैं मानता हूँ कमोबेश हमको संतुष्टी प्राप्त हुई है बहुत आसान नहीं था जिन परिस्थितियों में ब्रिक्स का अधिवेशन हुआ
28:23है और जो विश्ट की स्तिती थी तो बहुत आसान नहीं था बहुत सरल नहीं था कि हम लोग आम
28:31सहमती बना सकते
28:33लेकिन आम सहमती बनी है ठीक ठाक आम सहमती बनी है कई उसमें विशे ऐसे हैं जिनमें विशेश रूची भारत
28:42वर्ष को थी और वास्तविक्ता है ये कि हम को जो विशेश चिंता है वो आतंगबाच से है
28:52क्रोस बॉर्डर टेरिरिजम से है और उस पर बहुत स्पष्ट बात कही गई है और ये इसका हमको स्वागत करना
29:00है ये बात कि किसी और देश का नाम नहीं लिया गया यहीं नहीं और बामदों में दूसरे किसी और
29:07देश का नाम नहीं लिया गया तो ये उनकी एक रणनीत र
29:22यहां युद की स्तिथी रही है और युद विराम पून रूप से नहीं हो पाया है उसके बारे में भी
29:29जो संकेत दिये गए हैं वो बहुत अच्छे हैं स्पष्ट हैं सकरात्मक हैं forward looking हैं और वो संकेत जो
29:37हैं उससे पूरी मामले का समधान नहीं निकलेगा लेकिन हम उस पर का
29:44करके आगे बढ़ सकते हैं सही दिशा में आगे जा सकते हैं यह एक बहुत महत्वपून बात इस अधिवेशन में
29:52बाहर निकल कर आई है और लेकिन मेरा यह मानना है कि भारत की विदेश नीती में सिर्फ सीमित नहीं
30:01किया जा सकता हर चीज़ को ब्रिक्स की अधिवेशन में
30:05ब्रिक्स की अधिवेशन के बाद भी कूट नीती के प्रयास जारी रहने चाहिए जो जो आइडेंटिफाई किया गया है जो
30:13भी सांकेतिक रूप से जो भी फ्लाग किया गया है उस पर आगे भारत की ओर से क्या काम हो
30:21सकता है वो काम चलते रहना चाहिए चलना चाहिए ताक
30:25ये कहा जा सके कि ब्रिक्स ने बैट कर बातचीत जो ही और जो आम सहमती बनी थी उस सहमती
30:32को कर्यानविद करने के लिए भारत ने कुछ करके दिखाया है
30:38एक बड़ी दिल्चस बात यह है क्योंकि परधान मंत्री ने भी अपने संबोधन में इस बात का जिक्र किया था
30:43कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं है
30:45और भारत के प्रयास इस तरीके से रहें कि इस मंच को अमेरिका या पश्चिम विरोधी नहीं बने देना चाहिए
30:53और उसे रोकने की कोशिश की गई है क्या यहीं बात सही है जैसे ब्रिक्स करंसी पर डी डॉलराजेशन पर
30:59भी कोई साफ घोशना यहां पर नजर नहीं आ दिया लेकिन
31:02नैशनल करंसी में हम ट्रेड कर सकते हैं इस बात का जिक्र कहीना कहीं किया यह कितना फाइदे मन साबिक
31:07है
31:09देखिए वो तो पहले से वो बात चल रही थी और पहले जो विशे था वो यह था कि अलग
31:18से एक बैंक होना चाहिए
31:20नहीं अब बैंक तो है न्यू डिवेलब्मेंट बैंक तो बन गया है और करियानवित हुआ है जो कारिकरम उनको कर
31:27रहे हैं वो करियानवित हुए है
31:28जो डी डॉलराइजेशन की बात थी वो तो स्थगित कर दी गई थी उस पर स्पष्ट उपिनियन नहीं बन पाया
31:35था ब्रिक्स में और अभी भी नहीं बन पाया है
31:38और वो एक बहुत गंभीर विशे है उस पर कब क्या कुछ हो सकता है ये तो आगे आने वाले
31:46समय की बात है लेकिन जब तक ऐसा कुछ हो और इस पर कोई कदम ठोस उठाज जा सकें तब
31:54तक लोकल करंसी में लोकल ट्रेड करने की जो विवस्ता है उस पर प्रकाश डाला गया
32:01है और जैसे रूस और भारत के पहले संबंद जो होते थे उसमें रूपी रूबल ट्रेड की बात हुआ करती
32:08थी वो फिर हो सकता है वो फिर करा जा सकता है चल रहा है हो रहा है इसी तरह
32:13से और देशों के बीच में भी ये हो सकता है हमारा और देशों के साथ भी ये हो सकता
32:17
32:17लेकिन वो एक सीमित तरीके से ही होगा वो पूर्ण रूप से जो अभी मॉनेटरी सिस्टम है उसको बद उस
32:26में कोई परिवर्तन नहीं ला पाएगा यह आगे की किसी किसी अदिवेशन में या आगे की किसी समित में यह
32:34बात आगे बढ़ाई जाएगी ऐसा मुझे लगता है
32:48शी जिनपिंग का भारत आना साथ साल के बाद शी जिनपिंग भारत आये थे इससे पहले भी दो बार प्रदानमंतری
32:53से उनकी मुलाकात होfficी है लेकिन इस बार जिस तरीके से भारत के घाटे वाले वैपार सप्लाइचेन की कमजोरियां चीनी
33:01बाजार में भारत की पौहूँ
33:02की जरूरत की हुए इस सारी मुद्दों पर चर्चा हुई लेकिन सीमा पर शांती और सव्वेदन शील्टा का सम्मान करना
33:09भी कैसे जरूर यह यह भी एक तरीके
33:23क्या रिष्टे आगे बढ़ा ले बेशर तेकिए वो कितना बड़ा हिस्सा हो सकता है या हुआ है यह तो बात
33:31जब हमारे सामने रखी जाएगी तभी हम कुछ इस पर प्रतिक्रिया कर पाएंगे सची बात यह है कि ब्रिक समिट
33:39से पहले और ब्रिक समिट के बाद हम क्या आपस
33:45में विपक्ष के साथ सतारुन दल जो है सरकार क्या बात करती है क्या अपनी बातचीत को साजा करती है
33:53उसके बाद ही हम कुछ कह पाएंगे ना उससे पहले तो नहीं कह सकता है हमको नहीं मालूं कि जो
33:58बाइलाटरल बातचीत हुई प्रेजड़न जी के साथ वो उसमें क्या-
34:08है उसके आधार पर मैं आपसे यह सवाल पूछ रहा है नहीं रीडाउट्स तो आप बता तो एक जनरल रीडाउट्स
34:16है ना उसमें सचमुझ क्या बात हुई उसका तो कोई लेक है नहीं जो भी चार चार विशे उन्होंने जैराम
34:25जी ने उठाए हैं वो चार विशे वो हैं
34:27जो बहुत समय से बहुत समय से हम उठाते चले आ रहे हैं और हमको उनका जवाब नहीं मिल रहा
34:32है और वो जवाब क्या आज इस जी प्रेजिडन जी के साथ बातचीत करने में उसमें कुछ जवाब मिले हैं
34:40कि नहीं मिले हैं और अगर मिले हैं तो सरकार हमारे साथ साजा करे
34:54जो कुछ संभव था इतना हमने रखा और उसमें ये हमको उनकी प्रतिक्रिया या उनका रिस्पॉंस बिला है तो ये
35:02जब बात हम तक हमसे कही जाएगी जब भी कही जाएगी तो हम इस पर और कुछ कह पाएंगे नहीं
35:07तो उससे पहले हम कैसे कहेंगे
35:11सलमान कुर्शी जी आखिर में प्रदानमंत्री भी इसका जिक्र कर चुके हैं चेदंबरम ये सवाल उठा चुके हैं कि ब्रिक्स
35:17समिट में एक टैंजिबल आउटकम कुछ नहीं होता है आम तोर पर क्या आप इस बार उमीद कर रहे हैं
35:23कि कोई टैंजिबल आउटकम इसका नि
35:37कि जा मैं समझ गया डेक्लिरेशन में इतनी इतनी विस्तार से चीज़ें आई हैं कि कहीं न कहीं कुछ ना
35:45कुछ तो निकाला जा सकता है ये कहकर कि देखिए ये टैंजिबल है ये ठोस है जरूर कहा जा सकता
35:51है लेकिन जो थोड़े से जो कॉंट्रिवर्शल इशूस रहे है
35:57और जिसकी जादा चिंता हम सब को है उसमें टेरिरिजम है उसमें जो खाड़ी का यूध है उसके बारे में
36:04है इरान और अमरीका की संबंद के बारे में है वही योरोप में जो हुआ उसका तो कोई उलेक नहीं
36:11हुआ है यूकरेन का कोई उलेक नहीं हुआ है लेकिन वो भी �
36:15एक background का मामला वो भी रहा है तो इन सब में अब आगे क्या होगा उससे पता लगेगा कि
36:22थोस कुछ हो सकता है कि नहीं हो सकता है लेकिन थोस कुछ करने के लिए एक धरातल जमीन तयार
36:30की गई है जमीन तयार करी गई है अब इसमें क्या भारत ये समझ ले कि अब हमारा काम पू
36:45है कि भारत कहे कि हम जो नहीं कर पाए वो आज करने की हमको शमता मिली है विशेश हमको
36:51समर्थन मिला है और इसलिए हम इस काम को आगे बढ़ाएंगे और अगर भारत ये दायत और ये जमेदारी अपने
36:59कंदों पर लेता है तब हम ये मानेंगे कि ये जो कुछ भी हुआ है �
37:03ये सफल रहा ठोस रहा और इस पर ठोस कदम उठाने का हमको एक मौका मिला है
37:11बहुत बहुत शुक्रिया सल्मान कुर्शिद जी आपने आज तक से बात की इसके लिए लेकिन एक बहुत एहम बात है
37:16तो सल्मान कुर्शिद यहां पर कहने की कोशिश कर रहे हैं कि जो ठोस आउटकम की बात जो यहां पर
37:21की जा रही है उसके लिए जमीन जरूर तयार की गई
37:23और भारत इस बात को कैसे आगे ले जाता है इस पर नजर रखना बहुत जरूरी होगा रजट सेटी बहुत
37:29इस दिल्चस बात है कि यहाँ पर थोड़ी देर पहले हम चर्चा कर रहे थे लेकिन सलमान कुर्शीत कहे रहे
37:34हैं कि डेली डेकलेरेशन एक बहुत बड़ी सफलता है
37:36और आगे थोस आउटकम के लिए एक जमीन तैयार की जा रही है यह बहुत बड़ी बात है
37:44साहिल जी कोई भी सुझा हुआ और एक्सपीरियंस पॉलिटिशन यही बोलेगा अगर वो पॉलिटिक से थोड़ा हट जाए
37:49तो जो बाते की गई हैं उस सच में चार भजे तक सुबेरे इसकी उपर क्या वर्डिंग्स होगी
37:55जॉइन डिकलेरेशन की उसकी उपर पहस होती रही प्रधान मंत्री खुद इसकी लीडर्शिप लेते रहे और जाके
38:00इतने सारे डाइवर्स ओपीनियन के लोगों की ग्रूपिंग है ब्रिक्स और उसमें लोएस कॉमन डिनॉमिनेटर की शब्द फाइनलाइज हो पाए
38:08और उसमें भारत का जो हिट है
38:09वो सर्वोपरी रखा जा सके यह अपने आप में असान बात नहीं थी और मुझे खुशी है कि कमोवेश विपक्ष
38:15के जितने भी बड़े नहिता है और चो प्रवक्ता भी बैठे हैं आपे सब लोग कमोवेश उनको लग रहा है
38:20कि ठीक हुई ब्रिक्स अब कई चीज़े ख�
38:35प्राउधान के तहट कितनी चीज़ें की जा सकती है उतनी ही चीज़ें की जा सकती है कोई बहुत मिलिटरी अलाइंस
38:40नहीं है कोई कोई ट्रीटी का अलाइंस नहीं हो गया है तो इसकी एक लिमिटेशन है ब्रिक्स की और हम
38:45लोग कई बद कन्फ्यूज कर जाते हैं कि अगर
39:01पहर बात टैंजिबल की कर रहे हैं मुझे लगता है कि सबसे बड़ा गेन जो है वो इन टैंजिबल गेन
39:06है कि भारत जैसी विश्व की विवस्था है वेस्टर डॉमिनेटेड अमेरिका डॉमिनेटेड उसमें ये लगातार रख सके कि हमारी स्ट्रटीजिक
39:13ऑटॉनमी की जो �
39:14विदेशी कोर प्रिंसिपल्स हैं उस पे कोई समझाता नहीं होगा इसी लिए एक तरफ इरान के प्रेसिडेंट से भी मिलते
39:22हैं तूसी तरफ बेंजमिन नेतर यहां से भी प्रधान मंत्री मिल सकते हैं और दोनों देशों से देश का जो
39:27हित सर्वोपरी रखते हुए कैसे �
39:29बाग करनी है इसकी समझ ये मैचुरिटी सतर साल की हमारी विदेशी आप जो कहने की कोशिश कर रहे है
39:36थोड़ी देर पहले आजाए उपाद्याए मैं मानता हूं कि एक कॉंग्रेस की भूमी का होगी हलाकि इसका जिक्र सलमान खुर्शीद
39:42खुद नहीं कर रहे थे जो थो�
39:57दोरा मापदन के तौर पर जो रखने की वो कोशिश कर रहे है वो सही नहीं है आज की दुनिया
40:01में हमारे दोस्त भी हो सकते हैं और ये भी हो सकता है कि कोई चीज हमें हमारे दोस्त की
40:06पसंद नहीं है हम उसका भी जिक्र कर सकते हैं
40:09निशाहिल जी जीरोसम की तरह से कि किसी का गेन और किसी का नुकसान ऐसे तो रहना आप विदेश की
40:14नीती चला ही नहीं सकते हैं
40:15इसमें आपको यही देखना है कि भारत और भारत का हित जो है वही सरवोपरी कैसे हो सके और उसमें
40:21अगर छोर के दो अलग अलग अलग देश हैं उन दोनों से अगर हमको मधुर संबंद बनाने होंगे तो बनाये
40:26जाएंगे इसमें संकीरता की कोई गुंजायश नहीं है और इ
40:45बात करेंगे ताकि देश का हित सरवोपरी रह सके और इसमें यह जीरो और वन इस तरह से और माइनस
40:50वन इस तरह से नहीं देखना चाहिए
40:54बाइनरी नंबर्स में नहीं देखना चाहिए
40:56कुल मिलाकर रजट सेटी इस बात को रखने की कोशिश कर रहे हैं
40:59लेकिन आशे तो पिछले साल से अगर हम देखें तो आंतरराश्ट्रिय मुद्दे
41:03डोमेस्टिक पॉलिटिक्स में याने भारत की राजनीते में कई बार चर्चा में आये हुआ है
41:07एक तो इसराइल और पैलेस्टेइन के बीच में जो मामला चल रहा है उस बात को लेकर
41:13और खास करके पैलेस्टेइन में इसराइल की कारिवाही को लेकर
41:17डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरीके से एक तरफा टैरिफ लगाया और उसके बाद भारत की भूमी का उस पे रही
41:21उस बात को लेकर
41:23ऑपरेशन सिंदूर को लेकर और उसके बाद खारी यूद को लेकर
41:25इन सभी मुद्दों के मद्दे नजर आज जो ब्रिक्स का समिट हुआ है वो एक ठोस आउटकम लेकर कुछ सामने
41:33आया हुआ है
41:33यह कहना अगर गलत होगा तो आप बताईए यह सही है कि गलत है
41:37देखे साहिल सबसे पहले तो हमें यह समझना पड़ेगा कि किस कॉंटेक्स में ब्रिक्स हुआ है और उसमें भारत की
41:44बदिशनीती क्या है
41:45दरसल ट्रम्प के आने के बाद से जो अंतरास्टे राजनीत में जो विपलव हुआ है जो डिस्रप्शन हुआ है
41:51उसने पुरी दुनिया को कंफ्यूज किया और उसमें हर देश के अलग-अलग तरीके से रियक्शन्स रहें
41:56उस संदर में भारत के प्रधानमंतरी का नितनियाहूं के पास जाना टैरिफ पर कुछ जादा ना बोलना
42:01और इरान के जो सुप्रीम लीडर है उनके कतल के बाद भी थोड़ी सी चुप्पी रखना
42:07यह सब उसी disruption की वज़े से जो सवाल खड़े हुए उस पे उससे निपटने की तरीकी की कोशिश थी
42:14मुझे लगता है कि BRICS में BRICS के इस जोईन डिकलरेशन है पैतालिस पेज का इसमें जो सबसे बड़ी बात
42:20हुई है
42:20कि जो हमारी विदेशनीती के अंदर जो confusion दिखाई पड़ रहा था उसको हमने पूरी तरीके से संतुलन में लाके
42:27खाड़ा कर दिया है
42:28हमने बिना अमेरिका का नाम लिये हुए अमेरिकन का जो ट्रम टारिफ है उसकी निंदा की है
42:34बहुत सबस्ट सब्दों में मैं कह रहा हूँ और आज प्रधानमंत्री जी ने जो critical minerals है उसके weaponization की
42:43बात की है
42:44तो उन्होंने चाइना को भी संदेश दिया है कि ट्रम टारिफ को weaponize नहीं कर सकते हैं और चाइना critical
42:51minerals को weaponize नहीं कर सकता है
42:54नेतन्याहू हिंदुस्तान को taken for granted डाले अगर गाजा में man slaughter हुआ है नरसंगार हुआ है तो भारत एक
43:02moral leadership के ताथ उसकी भर्षना करेगा
43:04और यह भी उसको बादा करेगा कि यह जो displacement of philistine है यह नहीं चलेगा हम two state की
43:09बात हमेशा से करते रहें और हम two state की बात करेंगे
43:12come what may I think यह जो जो मैं कहता हूँ संतुनन की बात है equilibrium लाने की बात लेकिन
43:19जो महत्पूर सवाल है मुझे लगता है क्योंकि आज हम multilateral institutions के दौर से बाहर निकलते हैं
43:24materials में आ गए है अगर हम यह हम सवाल हम यह पूछे कि दरसल जो यह ब्रिक्स है इसे
43:30हमें क्या फाइदा हो अगर मैं यह सवाल आप से पूछ हूँ क्या फाइदा मुझे लगता है कि इसमें भारत
43:36को बहुत करने की जरूरत क्योंकि हमारा
43:38इंपोर्ट जो है वो 131.8 परसंट बढ़ा है ब्रिक्स कंट्री से 131.8 लेकिन हमारा
43:47corresponding जो एक्सपोर्ट है वो सिर्फ 48.8 परसंट बढ़ा है यानि बहुत जबरदस्त गैप है जो 11 देश है
43:54उन 11 देशों में सिर्फ एजिप्ट और इथोपिया वो कंट्री है जहां हमारा
43:59ट्रेट सर्प्लस में है बाकी आप UAE ले लिजे साओधी अराबिया इंडोनेशिया ब्रजील साउथ अफ्रिका चाइना रश्या हमारा ट्रेट जो
44:08है वो
44:08डेफसीट में जा रही है जानर गव्यापर घाटे में है और उसमें भी जो सबसे अस्ट्रिन
44:14बार है वो चाइना का है तो हमें इस बारे में सोचना पढ़ेगा कि हम BRICS के Mitch के मीमबर
44:18है तो BRICS में जो ट्रेड है उसमें हम związ आपने एक्सपोर्ट को कैसे
44:44उसको बरबात करने हैं कि सारे कोशिशे कर ली, उसने critical minerals पे रोक लगाने की कोशिश की, उसने foxcom
44:50से अपनी engineer बुलाने की कोशिश की, उसने chemical fertilizer से उसके कोशिश की, चाइना ने अपना decree पास क्या
44:57834, 835, यानि जो नाम नहीं लिया है, लेकिन जो export होगा, उसको कैसे regulate करना है, च
45:14इकनॉमी में ये कहा जाता है कि trade deficit भी किसी देश के लिए कई बार फाइदे मन साबित हो
45:18सकता है, खास करके भारत जैसे एक बड़े अर्थवेवस्ता के लिए और बड़ा market जब है, भारत जैसा देश, उसके
45:26हिसाब से भी अगर देखा जाये तो तब भी ये कहा जा सकता है क
45:29भारत के पास offer करने के लिए बहुत सारी चीज़े हैं और खास करके हमारी dependency अमेरिका पर आपने कहा
45:35कि multilateral से bilateral की तरफ जाने की कोशिश कर रहे है, मुझे लगता है कि BRICS में इससे बिल्कुल
45:41विपरीत संदेश दिया गया है, कि एक बार फिर हमें UN, World Bank या IMF के तरफ जाना च
45:59देखें साहिल, वो दौर खतम हो चुका है, जब 1991 में जब इराग गल्फ वार हुआ था तो अमेरिका ने
46:10UN के सपोर्ट लिया, जब George Bush ने दुबारा अटैक हुआ, उस वक्त अमेरिका ने NATO कंट्री से साथ बात
46:16करने कोशिश की, आज की तारिक में अमेरिका पूरी तरीके से
46:19United Nations को धता बताता है, नेटोस की नजर में कुछ नहीं है, यह दो बहुत ही पाउर्फुल ग्लोबल इंस्टिटूशन
46:25के, आप इस बात को मानते हैं, मैं पूरी तरीके से मानता हूँ, मेरा मानना है कि एक नया ग्लोबल
46:31वर्ड ओर आ रहा है, उस निव ग्लोबल वर्ड ओर म
46:35बहुत अच्छा काम यह किया है कि उसने अमेरिका को भी मेसेस्ज दिया, उसे चाइना को भी मेसेस्ज दिया, यू
46:41काई अच्छी बात है, इसे एक डनगल डेकलेरेशन भी कहा जा सकता है कि कई सारे ऐसे मुद्धे हैं कि
46:49जिस पर अश्टोष और रजट सेटी एक ही पेज �
46:51पर नजर आ रहे हैं यह बहुत अच्छी बात है गुरु प्रकाश आप कुछ कहना चारहें तीस सेकंड और उसके
46:55बात रज़त सेटी आकर में
47:01अच्छी बहुत ही चतुराई से आकरों की बाजीगरी करते हैं मुझे ठीक नहीं लगता है यहां बोलना पड़ेगा भाई भारत
47:07का आज फॉरिक्स रिजर्व सर कितना है 700 बिलिड डॉलर से अधिक है आज भारत और EU का FTA होता
47:12है तो EU की जो चीफ है उर्सला वो कहतनी कि मदर
47:25करें तैंजिबल के मैं बस आदे सेकंड मताता हूं आपको BRICS Counter Terror Action Plan तैंजिबल नहीं है क्या BRICS
47:32Digital Health Summit, BRICS Vaccine R&D Centre, Remote Sensing Satellite Constellation Agreement, Agriculture Initiative, 2026 से 30 तक का
47:39GVC Action Plan, Proposed Development Bank Initiative तो यह कह देना कि तैंजिबल कुछ नहीं आया है, economy नहीं ठीक
47:45है, important नहीं ठीक और आए, selectively इन विशेव को देख
47:48साहिल जी मुझे नहीं लगता है कि ये ठीक बात है और बार बार हम कह रहे हैं कि फॉरिंड
47:51पॉलिसी अंतर राष्टी राजनीती को आप गहरे रूर राजनीती में घसीड करके लाएंगे तो ये देश हित्मे नहीं है ये
47:57संविधान के हित्मे नहीं है अमारे संप्रमुदा क
48:14के पक्ष में जो सभी का प्रते निदेत्व करें जहां विकास शील ग्लोबल साउथ की आवाद सुनी जाए और आर्थिक
48:21दबाव से सुरक्षा भी मिल सके लेकिन साथ ही पश्चिमी देशों के बाजारों पूंजी और टेक्नोलोजी तक भी भारत की
48:28पहुंच बनी रहें य
48:30अमोदी ने ये भी साफ कर दिया है कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं है और भारत के प्रयासों से
48:36ही इस मंच को अमेरिका या पश्चिम विरोधी बनाने से रोका भी गया है
48:41ब्रिक्स करंसी पर या डी डॉलराइजेशन पर भी कोई घोश्चा नहीं की गई है और इस मंच का जोर अपनी
48:48अपनी करंसी में व्यापार, डिजिटल पेमिंट सिस्टेम, मजबूत सप्लाइचेन से लेकर खाद्य और सुरक्षा, उर्जा सुरक्षा पर खास करके रहा
48:55है
48:55इसके अलावा UN, IMF और World Bank में सुधारों पर भी इसका जोर रहा है
49:01और बड़ी बात ये भी है कि मीडल इस पर इरान और UAE के मद्वोटों के बावजूद भी दिल्ली घोश्टा
49:07पत्रेक दिर्विवात तरीके से तयार किया है
49:09मोदी और पुतिन की मुलाकात में भी भारत और रूस के रिष्टों की मजबूती साफ दिखाई देती है
49:15और भारत ने रूस की उस सोच का समर्तन नहीं किया है जिसमें ब्रिक्स को पश्चिमी नियमों को उखाड फेकने
49:21वाले एक विरोधी संगटन के रूप में देखा गया है
49:37कि सीमा पर शांती और समयदन शिल्ता का सम्मान रिष्टे की उन्याद है
49:42खुल मिलाकर भारत ने ब्रिक्स को किसी विचारधारा या भाशिन बाजी का अखाड़ा नहीं बनने दिया
49:47व्यावारिक चर्चाई होई और अब देखना ये होगा कि 2027 में जब चीन में ब्रिक्स की बैटक होगी
49:54तब ग्लोबल साउथ का प्रतिनिती बनने वाला भारत इसे कैसे आगे बनाता है
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