00:00इरान का मक्का पैक्ट को लेकर क्या पुजिशन है, क्या स्टैंडिंग है, क्यूंकि अगर साओधी अरेबिया, पाकस्तान तुर्किये साथ खड़े
00:08हैं और ये युद चलता रहा, क्या पाकस्तान इरान के खिलाफ खड़ा हो जाएगा?
00:16साओधी अरब के साथ हमारी कोई लड़ाई नहीं है, और हूथी लोगों की अपनी समस्याएं हैं, मैंने पहले भी कई
00:23बार कहा है, कि इस इलाके के सभी देशों को एक साथ बैठकर शान्ती और सुरक्षा कायम करनी चाहिए,
00:34इस इलाके में टकराव की कोई वज़ा नहीं है, यूरोप के देश सेकड़ों साल पहले हुई लड़ाईयों के बावजूद एक
00:41साथ बैठकर बात करते हैं, उन्होंने अपने आपसी व्यवहार के लिए कानून बनाए हैं और एक दूसरे के लिए रास्ते
00:48खोले हैं, वो ए
00:54एक दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और एक दूसरे का समर्थन करते हैं, तो क्या वज़ा है कि हम
01:00अपने इलाके में ऐसा नहीं कर सकते हैं?
01:02हर किशवरी बासलाइव खुदश बाएंदीशहाई खुदश रह देश अपने हितों, विचारों और सोच के साथ रह सकता है, सुरक्षा के
01:11माहौल में हम एक दूसरे से बात चीत कर सकते हैं, युद्ध और टकराव सही रास्ता नहीं है, एक इन्सान
01:21को दूसरे इन्सान की �
01:22जान नहीं लेनी चाहिए, असल में हर इन्सान को जीने का हक है, सौदी अरब, तुरकी, पाकिस्तान और क्षेतर के
01:30सभी देश अपनी पहचान बनाए रख सकते हैं, और साथ ही हम एक गतिशील अर्थ व्यवस्था बना सकते हैं, इस
01:39अर्थ व्यवस्था में रहने वाले सभ
01:40लोगों का जीवन बहतर हो सकता है, इन्सान को इन्सान से लड़ने की कोई वज़ नहीं है, यही हमारा मानना
01:50है, और इसलिए हम मध्ध पूर्व में मानवी एकता के रास्ते पर चलना चाहते हैं, इन बावर और इतगाद मास,
01:58वब दुन्बाल इन्हीं के एक वहतत्त और इ
02:02इन्सानी दर मनतगे एज़ाद कुनें
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