00:00ब्रिक्स हम्मित दोहजार चब्श की समापती हो चुकी है और दुनिया के 55% पॉपुलेशन ने डेली डेक्लिरेशन को अडॉप्ट
00:08कर लिया
00:08लेकिन आज जैसे ग्लोबिल साउथ की बात हो रही थी सबका ध्यान लेकिन खीच लिया एरान और यूएई की बातचीत
00:17ने
00:17जी हाँ दरशको ये दो ऐसे देश जो एक दूसरे पर लगातार हमरे कर रहे हैं एरान ने यूएई का
00:25नाजाने कितना नुकसान करा दिया है चाहे वो टूरिजन की बात करे या इन्वेश्मेंट की बात करे
00:31मार्च के पहले हफ़ते से ही तना तनी चल रही है यूएई और इरान के बीच में लेकिन भारत के
00:39अंदर जब ये दोनों आमने सामने बैठे और पीस की बात की तो इसने सब को चौका दिया दरशको इसी
00:47विशे पर और चर्चा करने हमारे साथ मौजूद है
00:50मेजर जनरल अनुज मातुर जी साथ साथ ग्रूप कैप्टरन यूके देवनाजी भी मौजूद हैं सर आप दोनों को जेहंद और
00:57बहुत-बहुत स्वागत है हमारे इस कारिकरम में
01:00सर सबसे पहला ही सवाल आपसे मैं पूछूँगा मातुर साथ से ये सवाल पूछूँगा सर आज जो बात हुई है
01:08एरान और यूएई के बीच में इसका क्या मतलब है क्या अब मिडिल इस्ट के देश एक साथ आकर चीजों
01:17को डियेसकेलेट करना चाहते हैं
01:20जहिंद आकाश देखे बहुत साधानन सी बात है कि जो अमेरिका के उपर विश्वास था या जिस चीज़ को एक
01:30अमेरिका की अमेरिका द्वारा दी गई सिक्यूरिटी गारंटी माना जाता था वो गारंटी कहीना कहीं अभी थोड़े सी मिसिंग नजरा
01:37रही है वो लोगों
01:48के अन्य देश हैं वो पूरी तरह से अमेरिका से दूर नहीं हट सकते लेकिन उनको इस बात का पूरा
01:55यकिन हो गया है कि उनको अपना एक नया सिक्यूरिटी आर्किटेक्चर बनाने के आवश चकता है और वो सिक्यूरिटी आर्किटेक्चर
02:02बिना एरान के मेरी समझ से बन �
02:05नहीं सकता अब चुकि यह पात है तो वो यह बाइलिटर बातचीत करने का प्रयास इसी वे किया जा रहा
02:11है देखिए अगर आपको यादो कुछ दिनों पहले इसी फोरम का एक्सटरनल अफेर्स मिनिस्टर्स का एक एक एक बैठे कोई
02:19थी जिसमें के इन दोनों की वजा से एक
02:34दिल्ली में हुआ है वो भारत की कूटनी थी नरेंदर मोगी की कूटनी थी कि बहुत बड़ी मैं कहूंगा विजय
02:40है क्योंकि आपने इन दोनों को लाग करके पहली बात एक साथ दिल्ली में आमन तरण दिया और वो आए
02:49और उसके बाद दोनों की वन-उन बात्चीत करा द
03:03थे और बीच में वो मेडियेशन या जो शब्द है उसको मैं नहीं प्रयोग मिलाना चाता हूँ करने का प्रयास
03:09कर रहे थे लेकिन हमने फैसिलिटेट किया हमने दोनों को कन्विंस किया कि भई अभी जो मकसिद है बातचीत कर
03:17नतीजा कोई भी हो नतीजे की बात मैं नहीं क
03:32बहुत नुकसान किया है बहुत सारे पैसा जो उनके पास था उसको फ्रीज कर लिया है उनके कई क्योंकि बैंकिंग
03:38जो इरान की हो रही थी खास करके जो उनके शेड़ो फ्लीट वगरा की बैंकिंग वो सब यूए इसे इस
03:44दात हो रही थी तो उन्होंने भी उनको उतना ही
04:02बहुत बड़ी अर्किटेक्टिर की मैं बात कर रहा था, वो मुझे कहिना के बनता हुआ नजर आ रहा है, और
04:12इस वज़ा से आप देखिए, इसमें जो मेका पैक्ट की कंट्रीज हैं, वो भी देखिया आगया करके, कुछ न कुछ
04:19उसका निकल करके आएगा, ये बात हमको सम�
04:32बहुत अच्छे से सर पुट किया कि कैसे भारत ने जो फैसिलिटेशन दी है, इसी की वज़े से ग्लोबल डिप्लोमसी
04:38में हमारा नाम भी होगा, लेकिन देवनाच सर मैं अब आप से ये जानना चाहूंगा, कि जिस हिसाब से UAE
04:44भी डिएसकेलेट करने की बात कर रहा है, सा
04:59सिविलियन लोगों की जाने ना जाए, एनर्जी सिक्योरिटी सब के लिए बरकर आ रहे है, और ग्लोबल शिपिंग रूट्स, ग्लोबल
05:07ट्रेड रूट्स पर कोई असर ना पड़े, यानि एरान भी मान रहा है, UAE भी मान रहा है, तो क्या
05:13आप, शेट ओफ होर्मूस खुल
05:15जाएगा, क्योंकि ऐसा कुछ दिखतो रहा नहीं है, आज ही कभी बैबल मेंडेप पर फिर हुटीज ने हमला किया है,
05:21टैंकर फिर उड़ाया गया कल रात को, तो यह सर कहा जाता दिख रहा है यह सारी चीज़े आपको?
05:28आकर्श हो यह रहा है कि जब UAE बात करते हैं या साओधी अरविया बात करते हैं कि स्टेट ओफ
05:34हर्मूस खुल देना चाहिए, तो वहाँ चाहते हैं कि दुनिया बर से जितने टैंकर्स UAE गए हैं या साओधी गए
05:43हैं, जब वो भरके वापस जा रहे हैं, तो इरान उनको स
05:53से माना नहीं किया है, एरान ने कहा है जाओ, सिर्फ एरान इतना कह रहा है कि आप मुझे 48
06:02गंटे पहले बता दो, किस देश का टैंकर है, किस देश का जंडा होगा, कहां से आ रहा है, कहां
06:10जा रहा है, क्या लेके जा रहा है, एरान ने काफी शिप्स को इस तरह से जाने दि
06:22तो दिक्कत यह आ रही है कि कभी-कभी अमरीका की नेवी के भ्रह्म में आकर
06:29UAE का टैंकर, सौधी का टैंकर या कोई दूसरा देश का टैंकर
06:36अमरीका की नेवी कहते हैं जाओ-जाओ-जाओ, हम तुम्हें प्रोडेक्शन देंगे
06:43जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ
06:59-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-जाओ-�
07:08तो ऐसा नहीं है कि एरान सभी शिप्स को रोक रहा है हाँ शायद अभी तक उसका कोई प्रपच्छे परमान
07:18नहीं मिला दुनिया में काफी सारे पेश ऐसे हैं या काफी सारी शिपिंग कमपनिया ऐसे हैं जिन्होंने चुप-चाप अपने
07:26कैप्टन को बोल दिया है यार हम य
07:34इसको कहीं पर जमा कर देंगे जी हम काउं के किसी बैंक में जमा कर देंगे इरान को पता होता
07:40है कि हम काउं के फलाने बैंक में जमा हो गया या सिंगापूर के फलाने बैंक में जमा कर देंगे
07:45और वो उसका जो जैसे ही उसकी खबर मिलती है आया किसी को तो फिर उनका सारा
07:52एक्विशन क्लियर हो जाता ही, ठीक है जाओ, तो यहां पर शिपिंग लेन को रोग कहारा है, आकर्श, अमरीका ने
08:02तो फाइनली अमरीकन कॉंगरेस में यूएस नेदी को जब सवाल पूचा गया है, डेमोक्रेट्स दौरा, उनको कॉंगरेस में जाके बताना
08:09पड़ा कि अ�
08:15यानि 86 देश के जहाज हिंद मास अगर, अरब सागर होते हुए उमान भी खाड़ी पर पहुँचे, अंदर जाएंगे फूस्टेट
08:23फॉर्मूस से, तो यूस नेवी ने पूचा कहा जा रही हूँ, जैसे ही वो बोलता है कि वो इरान के
08:31किसी बंदरगाह में जा रहा है, तो
08:32उसको वापस कर देते हैं, और मैं आपको बताता हूँ, यह जे 86 जहाज हैं, इसमें से कम से कम
08:38तीन जहाज ऐसे हैं, जो कि भारत ने कॉंट्रेक्ट पे लिए हुए थे, भारत ये जहाज नहीं थे, लिकिन भारत
08:46में वेश्विक मेरिटाइम मार्केट से कॉंट्रेक्ट में
08:49लिए हुए थे, जैसे समझो पनामा का साइंड वेपन है, लेकिन जा रहा था वो भारत के लिए कच्छा ते
08:55लामने के लिए, और किस बंदरगा जा रहा था, इरान के बंदरगा को जा रहा था, तो यूएस नहीं थे
09:02नहीं उसको वापस बैच दिया, हमारे विदेश मंतरा
09:15को खबर दे दी थी, ओमान के मसकट में जो अमरीका की नेवी के नेवल अटेशी हैं, उनको पहले से
09:27हमारे डिफेंस अटेशी ने खबर दे दी थी मसकट में, कि फलाना फलाना जहाँ जा रहा है, पनामा रेस चाड़
09:34है, वो इंडियन कारगोश लेके आएगा, लेकिन फिर
09:47इरान से ज़्यादा, अमरीका की नेवी वहां कर्कियों कर रही है, जी अकश, जी सर बहुत बहुत बैतरीन तरीके से
09:55आपने समझाया कि कैसे अभी हाल फिलाल में क्या चल रहा है, पर सर अब अगला सवाल, ब्रिक्स क्योंकि खतम
10:02हो चुका है, मैं वापिस आओंगा, मेजर
10:05जनरल साब से पूछूँगा, सर सवाल ये है कि डॉनल्ड ट्रम्प हमेशा से ब्रिक्स के खिलाफ रहे है, पिछली बार
10:13भी उन्होंने कहा था कि ब्रिक्स इस डेड, कहा था कि टारिफ लगा दूगा, लेकिन इस बार ब्रिक्स के अंदर
10:20से ही जो आवाज निकली हो है, वो
10:33क्या ये इंडिया और अमेरिका के रिष्टों में खटास डाल सकती है? आकाश दिखे, मैं आपको थोड़ा सा इक्तिहास दिखाऊंगा,
10:42कि ये एक बड़ा फेमस टायलॉग कहा गया था ब्रिटिश एम्पायर के बारे में, कि the sun will never set
10:47on the British एम्पायर, हर उस एम्पायर का जो �
10:53दुनिया पर अपना प्रबूत वो जमाती है, उसका समय आता है, और मैं आपको बता सकता हूँ कि अमेरिका का
11:00समय आ चुका है, अमेरिका की जो बपोती थी, जो अमेरिका की दादा गिरी थी, वो डिकलाइन पर है, और
11:07उसमें आग में घी डालने का काम डोनल्ड ट्रम्प �
11:10ने किया है, आप देखिए कि जो ब्रिक्स की बात कर रहे हैं, ब्रिक्स से अमेरिका को परेशानी नहीं है,
11:18ब्रिक्स से अमेरिका को घवराहट है, उसके मैं आपको वज़ा बताता हूँ आका, देखिए, अमेरिका जब सोवेत संग का विगटन
11:26हुआ उनिस सो इकानवे में
11:28उसके बाद अमेरिका के पास एक बहुत बेहतरी मौका था
11:31कि वो पूरी विश्व को अच्छे से लीड करके और विश्व का लीडर बना रह सकता था
11:38और सब की यँ चीज को उन्होंने क्या प्रेफर किया कि लोगों को अतंकित करो
11:44लोगों को धमकाओ, लोगों को डराओ, एकनॉमिक टेररिजम मैंने कहा ये, एकनॉमिक टेररिजम करो, डॉलर को वैपनाइज करो
11:53और उन्होंने लीड करने की बज़ायद दुनिया पर नियंत्रण करना ज्यादा बेतर समझा
11:58और उस नियंत्रन की वज़ा से आगे आप देख रहे हैं कि ये जो फोरुम्स बन बन के उबर करके
12:04आ रहे हैं ये उसकी वज़ा है और एक और मैं आपको बता सकता हूं कि ये जो बना था
12:10गाराच से 25 वर्ष पहले उसकी वज़ा भी यही थी और अब उसको इस डॉलर टेररि�
12:18से इन्होंने और एक ऐसा जगे पहुंचा दिया कि अब उन्होंने एक टर्ल सिस्टम वहां पर लगाने की का इंडिश्चित
12:26रूप से डिसाइड कर लिया है आकाश इसका एक बहुत महत्वपूर्ण जो जो रिजल्टन निकल करके आया है इस ब्रिक
12:33समिट इस वाली ब्रिक
12:48वे ओवर हो गया है तो अब ये इसी वज़ासे अमेरिका को थोड़ी परेशानी हो रही है लेकिन वो जानते
12:53हैं वो भी समझते हैं उनको मिलिटरिली उनके जगे दिखा दी है एरान ने पश्च्चिमेशिया में उनको इनको यहां पर
13:03जिस प्रकार से इकनॉमिक ली जो न�
13:18चीज़ें इस बात को इस तरफ इशारा करती हैं कि टॉनल ट्रम्प को तकलीफ होना बिल्कुल निश्चित है और ये
13:26बात वो समझते हैं जानते हैं कि ये उनका समय इस प्रकार का आ चुका है अब वो टॉलर अभी
13:32भी बहुत ताकत्वर करंसी है आकाश के मानने की बात है �
13:35अमेरिका अभी भी एक बहुत बड़ी सामरिक और आर्थिक शक्ति है वर्ल्ड की ये भी बात हमको मानने की आवश्यक्ता
13:43है लेकिन लेकिन उनका टिकलाइन मुझे लगता है शुरू हो गया है और ये जो फोरम ब्रिक्स का बन किया
13:50रहा है देखिए आपके रेप्रेजें�
14:04तो हर प्रकार के लोग हर प्रकार के देश इसमें हैं पचास प्रतिशत पचपन प्रतिशत आपने खुद कहा थोड़ी देर
14:11पहले पचपन प्रतिशत आबादी को ये रेप्रेजेंट करते हैं और चालीस प्रतिशत जीडी भी को ये रेप्रेजेंट करते हैं ये
14:22बहुत भ
14:34का समिट नई दिल्ले में हुआ है भारत की कूटनीती की वज़े से इसने एक नया आयाम हासिल कर लिया
14:41है आकाश और जो इतना जबर्दस तहला कि चालिस पता नहीं कितने चावालिस पेज का एक एक साचा गोशना पत्र
14:49निकाला गया है उसकी सफलता भी देखा जाएगा कि आ
15:04अंतर राष्ट ये संस्थाओं में जो है वो जादा होना चाहिए और उसका सपोर्ट करना चीन जैसे देश का आतंकबाद
15:11पर भारत का का पक्षल अपने तरफ मानना और पहलगाओं का स्पेसिफिक मेंशन इस साजा गोशना पत्र में होना चीन
15:23का ये कहना कि भारत से और भ
15:34एक बहुत जबर्दस्ट कूट निटिक सफलता मैं कहूंगा नरे दिर मोधी और उनकी टीम की रही है और इससे ये
15:42बिकुल साफ हो करके नजर आ रहा है कि अब जो है विश्मु का जियो पुलिटिकल एंड जियो इकोनोमिक और
15:51पदली होने वाला है
16:04झाल
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