00:12मुजफर पुर का नाम आते हीं जेहन में सिर्फ साही लिची की मिठास तैरने लगती है
00:17लेकिन अब यहां की आबो हवा में एक नए बदलाओ की खुस्बू घुल रही है
00:22अंजीर, अवाकाडो और लूंगान की खेती से नए इबारत लिखी जा रही है
00:27और खेती की सुरुमान्चक पटकता के नायक हैं जिले के सिरकोहिया गाउं के अनील कुमार जिन्होंने जमीन की तासीर ही
00:36बदल दी है
00:36देखिए मुझफरपूर तो ऐसे विशेस रूप से पुड़े देश में विदेश तक जाना जाता है लीची के लिए
00:42और हमारी मिट्टी उप्यूक्त भी है लीची के लिए से कोई शक्त नहीं है और लेकिन आप अगर पुरा लीची
00:48का देखें एक साहर होने के बावजुद उससे लीची से आयक क्या होता है
00:52तो आज भी किसान को दो लाग से जादा आयक लिची में नहीं हो पाता है उसमें भी हमारे प्रकृति
00:59का भी कुछ आबदा आता है जिसके कारण अगर उनका एवरेज टेनी यर्स का देखेंगे एक लाग के आसपस में
01:05आता है परेकर नेट प्रॉफिट ली आता है
01:08ऐसे में किसान को क्या होता है कि आज के समय में जो महांगाई बढ़ा है तो वो अलग-अलग
01:15दोर में अलग-अलग समय में वो चाहते हैं अधिक से अधिक हम मुनाफ़ा कमाए उसके लिए टीसू कल्चर आधारित
01:20जो कुछ खेती है उन निश्यत रुप से आए जादा है औ
01:27और सिर्फ बीजवर के लिए नहीं पांच लाग-छे लाग का पूरा उत्पादन होता है जिसमें आप अगर सब खड़
01:33से निकाल दे फिर भी किसान को तीन लाग से चार लाग के बिच में आमदनी होता है अंजीर के
01:39अलावा और क्या-क्या है अब अब एवोकाडू कर रहे
01:43हैं और जो सबसे बड़ा अप्रचिटी इधर जो निकल रहा है कि लेमन बहुत आता था बाहर से ट्रक से
01:49आता था अपने बिहार में हम लोग ने सीडलेस लेमन को प्रमोट किया अब हम लोग ने काफी हथ तक
01:55जो बाहर से आने वाला निम्बू है उसको रूख दिया है एक �
02:01केमिश्ट्री के फॉर्मूलों और किताबों से निकल कर अनिल कुमार ने अपने प्रैक्टिकल ग्यान से बिहार को अपनी पहली टिस्यू
02:08कल्चर लैब का तोफा दिया यहां लैब के सांत और कांच के घेरे में प्रकृति के नियमों को थोड़ा सा
02:15तरास कर अंजीर के विय
02:28अलग धंग का खेती स्टार्ट किये जो बहुत सक्सेस्फुल रहे हैं और अब तो पुरे देश में हमारे यहां से
02:36अंजीर की खेती है तो भारत अमुमन अठान्वे परशंट अंजीर इंपोर्ट करती है हमरा हाट क्रेंसी भी बाहर जाता है
02:46हम लोग ने टीसू कल्चर किय
02:48अंजीर का प्लांटेशन किया है किसानों को प्रेडित किया है और बिहार सरकार ने भी काफ मदद किया है उन
02:54लोगों ने भी इसको अंजीर को प्रमोट किया है और आज अंजीर किशान लोग लगा रहे हैं बिहार सरकार के
03:01मदद से लगा रहे हैं अब अंजीर की खेती के ल
03:18water logging
03:18so water logging
03:21doesn't need to be water logging
03:23so we have
03:24many plants
03:26where the plants
03:29have left the plants
03:31because they don't have enough
03:33other plants
03:34the plant is the plus point
03:36and the plant is the pruning
03:41when the plant
03:43is 5 feet
03:44so it's 3-3 feet
03:47where the plant is cut very well
03:51because they have that
03:52then there come four branches
03:53and then there come four branches
03:55and the six branches
03:58there are the two branches
03:59but the piece of the plant
04:03almost requires three-four
04:21ुपया पर प्लांट आपका इन पर लाक रुपया पर प्लांट आपका
04:38किसान पर प्लांट आपका सकते हैं उसके आरामसे 440 प्लांट लगा सकते हैं तो औस्तन सारे 5-6 लाक का
04:49पूरा उत्पाधन होता है उसमें आप अगर सब खड़ें फिर भी किसान को 3-4 लाक के बिच में एक
04:55लेमन के पेड़ से हमारा लगबग 1500 से 2-2000 उत्पाधन होता है जो का
05:01foreign
05:04foreign
05:05foreign
05:05foreign
05:06foreign
05:07foreign
05:37It's a water logging thing worse than the€
05:52और बल्कुअ बास का चुक जुगाड बिहार के लिए अपने आप में काबिली तारीफ है
06:18अन्जीर, बास और टिस्यू कल्चर का ये अनोखा कॉंबिनेशन आज हजारों किसानों की तकदीर बदल रहा है
06:25अनिल कुमार ने सावित कर दिया है कि अगर इरादे पक्के हों और अधुनिक तकनीक का साथ हो तो पारंपरी
06:33खेती से आगे बढ़कर लैब की परकनलियों से भी देश की तरक्की की नई अबारत लिखी जा सकती है
06:39ATV भारत के लिए मुझफर पूर से विवेक कुमार की रिपोर्ट
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