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  • 10 minutes ago
पढ़िए डीग के पान्हौरी गांव के बारे में, जो अपनी धोती के लिए खास पहचान रखती है. श्यामवीर सिंह की रिपोर्ट...

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Transcript
00:09एक छोटी सी गली, एक छोटा सा कमरा, लेकिन यहाँ पर सिली जाने वाली धोती कई मशूर हस्तियों की पसंद
00:16है
00:17राजस्थान से लेकर उत्राखंड के मुखे मंत्री तक और देश के कई सांसद और विधायक आज इसी साधारन से परिवार
00:24के हाथ का हुनर पहनते हैं
00:25यहाँ तैयार होने वाली धोती, दिल्ली, हर्याना, उत्तरप्रदेश, उत्राखंड और महारास्ट्र तक पहुँचती है
00:34भरतपुर संभाग मुख्याले से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित पानहौरी गाउं में ये काम पिछले 52 सालों से चल रहा
00:41है
00:41इसकी शुरुवात बिहारी लाल सैन ने की थी, घर की परिस्थितियों के कारण पढ़ाई आगे नहीं कर सके
00:47इसलिए उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया
00:51धीरे धीरे यही काम उनकी पहचान बन गया
00:54सामान ने कपड़ों की सिलाई करते करते उन्होंने धोती की सिलाई में ऐसी पकड़ बनाई
00:58कि आज परिवार की सबसे बड़ी पहचान ही धोती की सिलाई बन गई है
01:03अब इस 52 साल पुरानी विरासत को बिहारी लाल के बेटे, लोकेश और विशाल आगे बढ़ा रहे हैं
01:10दोप्ती कमीज पुर्त पाजावा की सिलाई करते हैं
01:14बैसे सभी काम करते हैं पर इस पेसल दोप्ती के लिए
01:26पुरी जिले में आपके यह से दोप्ती सिलके काहा का जाती है
01:34हो producto एह तक दोप्तिय जाती है यूपी गुर्गावा हरयाना नव्ड़ा सब जड़े के दोपि कैइन तो नेताओं के जैसे
01:47बात करें
01:47What do you think about your clothes?
01:50It's a good time to wear clothes.
01:55That's why it feels good.
01:59The government doesn't look like it.
02:02My father told me that I would take care of it.
02:07I don't want to go to private.
02:10How many years have you been in this website?
02:12I don't want to go to public.
02:25Let's go to public.
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