00:00नई दिल्ली में आज से अचारवे बिक्स शिकर सम्मेलन का आगास हो गया जहां दुनिया की नजरे प्रधान मंतरी नरेंदर
00:05मोदी और चीन की राष्टती शीर जिन्पिंग की बहुत एहम मुलाकात पर टिकी है
00:09साथ साल भाद शीर जिन्पिंग भारत पहुच रहे हैं और बिक्स शम्मेलन के एतर आज दूनों नेताओं के बीच दिपक्षिय
00:16वारता होगी
00:17यह रगातार तीसरा साल है जब पिये मोदी और शीर जिन्पिंग की मुलाकात हो रही है
00:22बैटशन कारोबार, सीमा सुरक्षा, दिपक्षिय सम्मंदों को मजबूत करने जैसे मुर्दों पर चर्चा की उमीद है
00:29सब की नज़र होगी पूरे दुनिया की नज़र होगी
00:33चीन की राश्पती शी जिन्पिंग और भारत के प्रधाल मंतरी नरेंदर मोदी की दुए पक्षिय मुलाकात पर
00:47दिए भारत मेंड़पब में ब्रिक सम्मिलन का आज आगाज होगा
00:51राश्पती पुतिन आचुके हैं
00:53शी जिन्पिंग और प्रधाल मंत्री नरेंद्र मोदी की आज मुलाकात साथ साल बाद वैसे तो मुलाकात पिछले तीन सालों से
01:02हो रही है लेकिन भारत के दोरे पर साथ साल बाद शी जिन्पिंग आ रही है
01:12जिन्पिंग की भारत यात्रा पर नजर क्यों है उसके पीछे की भी अमवजा आपको बता रहे हैं
01:17लेकिन जोबाल और वांग की सीमय विवाद पर चर्चा हुई थी
01:27और ये बड़ी कापर आपको बता दें कि मुलाकाद से पहले चीन ने कहा है कि भारत और चीन को
01:30अपने मधविदों को उच्छित तरीके से सभालते हुए सम्मंदों को रर्दीतिक और दीर कालिक नजरिये से देखना चाहिए
01:39वहीं प्रदाल मंतिक नरेंदर मोदिया ज्रिक्स नेताओं वी सम्मान में भव्या रात्री भोज की मिजवानी भी करेंगे
01:48शिवानी हमारी सायोगी इस वक्त हमारे साथ में जुड़ चुकी है
02:00ब्रिक्स सम्मिट पर लगातार नजर बनाये हुए है कल से हर एक हलचल पर नजर भी उनकी बनी हुई है
02:11उनमें रूस के राश्पती व्लादमिर पुतिन के साथ जो चर्चा की प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी ने और फिर एरान के
02:18राश्पती के साथ
02:18आज एक और एहम बाइलेटरल है हालाकि मुलाकातें बहुत सारी हैं लेकिन सबकी नजर जिस पर है वो चीन के
02:25राश्पती शीजिंग पिंग के साथ प्रधान मंतरी की मुलाकात पर है क्यों क्योंकि साथ साल बाद वो भारत आ रहे
02:31हैं गलवान क्लैश के बाद वो पहली बार �
02:34और पिछले तीन सालों में अगर हम बात करें तो ये तीसरी मुलाकात होगी प्रधान मंतरी नरीदर मोदी की और
02:40शीजिंग पिंग की और लाइन ओफ एक्ट्वल कंट्रोल जो विवाद का बिंदू रहा है भारत और चीन के बीच में
02:473488 किलोमेटर लंबी ये लाइन ओफ ए
03:03देखा कि जो अग्रीमेंट था, म्यूच्वल अग्रीमेंट, डिसिंगेजमेंट को लेकर वो आगे बढ़ा, डेप सैंक प्लेंज, डेम चौक का इलाका,
03:12तबाम दूसरे इलाके उन सब को लेकर बातचीत की जा रही है और सिदी को सामाने बनाने के लिए काफी
03:19प्रगती श
03:32बेध हैं और किस तरह से चीन भारत के साथ मिलकर अब अपनी अर्थवेवस्था को सुधारना चाहता है, उसकी अर्थवेवस्था
03:39दबाव में है, ये सब जानते हैं, किस तरह से वहाँ पर वो उन चीजों को कंट्रोल कर सकता है
03:44और भारत कैसे मददगार हो सकता है, तो दो
03:46पडोसी कैसे एक दूसरे के साथ मिलकर उनकी प्रगती में भागीदार हो सकते हैं उस पर भी बाचीत होगी हिमानशू
03:54दूसरी जो एहम बात है पूरी दुनिया में आप देखे ब्रिक्स की शुरुवात हुई थी यूएस को काउंटर करने के
04:01मकसद और मतलब से तो यही बात ह
04:03है जब 2009 में ब्रिक्स का पहला सामिट हुआ था रूस में उसके बाद से लगातार कोशिश यह की जा
04:09रहे है कि जो यूनिलेटरलिजम है याने जो एक देश अपने आपको सुपर पावर बताता है उसको कैसे काउंटर करें
04:16तो उसके लिए रश्या, इंडिया, चाइना, इन
04:32अच्छे देशों की तरह बाचीत करते हैं और क्या लाइन ओफ एक्ट्रोल के अलावा दूसरे जो मुद्दे हैं, एहम मुद्दे
04:39हैं, पीपल तो पीपल कनेक्ट है, डिरेक्ट फ्लाइट शुरू ही, लाशमान सरोवर्यात्रा शुरू ही, तमाम जॉब ऑपरचुनिटी�
04:48अच्छे शवानी एबाद बताईए, ये तो हमने देखा कि जब व्लादिमिर पुतिन की तरफ से अपनी बात रखी गई तो
04:55उन्होंने बहुत पस्ट कहा, जी सेवन को लेकर भी कहा, उन्होंने ब्रिक्स की बढ़ती ताकत को लेकर कहा, उन्होंने ये
05:00भी कहा कि ब्रिक्स �
05:02जी डी पी में कितनी एहमियत रखता है, लेकिन जब शी जिन पिंग अपनी बात रखेंगे, तो क्या ये माना
05:07जा सकता है कि वो जलक देखने को मिलेगी जो पुतिन के बयान से सामने आई थी, लादिमिर पुतिन जैसा
05:12उन्होंने जी सेवन को लेकर का था, जैसा अमेरिका क
05:22लेकर एक तरह से इशारा दिया था, वही शे जिन पिंग भी ऐसा कुछ कह सकते हैं?
05:44और चीन के जब राश्पती यहां पर होंगे, तो पुतिन की तरह ही, वो जो भी कुछ बोलेंगे, एक एक
05:51बिंगू, बहुत माईगी, दुनिया भर की नज़र भी रही कि क्या कहने जा रहे है, बने रही है आप हमारे
05:55साथ.
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