00:00पुजिपात योगी सम्राट देवरहा बाबा का ये बहुत प्राचीन स्थान है जहां पे बाबाजी स्वयमा करके यहां परश्या किये थे
00:12और करीब जो है हम लोग पांच भी पीड़ी हैं और अपने पुजी गुर्देव परमपुज्य मांत्री कनहिया दाज जी महराज
00:23रा
00:36पुजी माराज जी कमी समय में चले गए तो हमारे बड़े गुरुभाई स्री संदोजदाज जी महराज साधनानंजी महराज ने इस
00:49काम को मस्तावित किया है कि जल्द से जल्द बूड़ होगा
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