00:00लीजी दोस्तों, दुनिया में भारत का एक और डंका बज गया है, जी हाँ, academic freedom, यानि academic स्वतंतरता में
00:08भारत और नीचे और नीचे चला गया,
00:22जी हाँ, जी हाँ, 0.14, यह संसान 0-1 के पैमाने तक पर काम करता है, जिसमें एक का
00:32मतलब होता है,
00:33सबसे ज्यादा है स्कोर, यानि सबसे अधिक स्वतंतरता, आप यह graphics देखिए, दुनिया में हमारी स्थीग क्या है, यह चार्ड
00:39देखिए, यह देखिए, किस तरह हम ध्यलान पर हैं, लगातार गिर रहे हैं,
00:44तो भारत की इस्तिती 1975-77 के आपात काल से भी बुरी डर्ज की गई है, यह अकादमिक स्वतंतरता आखिर
00:51मापी कैसे जाती है, इसके क्या माप दढ़ हैं, क्या पहली हैं, इसके पांच प्रमुक माम दढ़ हैं, पहला शोध
00:56और अध्यापन की स्वतंतरता, यानि रिसर्च �
01:14सांस्कृतिक अभीव्यक्ति की स्वतंतरता आजा दी, रिपोर्ट का बड़ा निश्कर्श ही है कि भारत में विश्वजाले और शोध संसानों में
01:20सरकारिया राजनितिक हस्तक्षिप बढ़ गया है, अभीव्यक्ति पर दबाओ है, और संस्वतंतरता में कमी आई है, वीड
01:43भागपा माले के महासाचीत दिपांकर भिटाचारे ने इन आकड़ों पर टिपनी करतु है, लिखा है, एक्सपर, कि भारत में अकादमिक
01:49स्वतंतरता तेजी से घट रही है, 0.14 के स्कूर के साथ ये सूचकांग, 0.55 के वैश्विक औस्तर से
01:58भी काफी नीचे है, पीछे है
01:59वो कहते हैं कि भारत की शिक्षा वैवस्था पर RSS का बढ़ता नियंतर हो, तो हम और क्या उमीद कर
02:05सकते हैं? ठीक ही कहा है दिपांकर ने, जब हमारे सारे विश्वडालियों कॉलेजों पर लगभग RSS BJP का कब्जा हो,
02:11इतिहास तक बदला जा रहा हो, विज्यान तक बद
02:27दिया जाता हो, रिसर्स रोग दी जाती हो, और अब तो पार्क में बैठकर किताब पढ़ने पर भी हिंदुत्तवादी पिटाई
02:35करते हो, तो उस देश और उस महल में academic freedom यानि academic स्वतंतरता की तो यह दुरदर्शा हो नहीं
02:43है, तो आप मेरे साथ कहिए, जय हो!
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