00:00सोचिए, एक हाथसा होने से करीब तीन महीने पहले पुलिस ने एक पूरे लाखे की सेफटी को लेकर वर्मिंग दी
00:07हो
00:08एक्शन की मांग भी खड़ी कई थी और इसके बाद भी वही लाखा एक ऐसे हाथसे का गवा बनता है
00:15जिसमें साथ लोगों की जान चली जाती है
00:18सत्या निकेतन बिल्डिंग को लैप्स में सामने आए पुलिस की एक ऐसी चिठी ने अब सिस्टम की वर्किंग पर बड़ा
00:25सवाल खड़ा कर दिया है
00:26रिपोर्ट्स के मताबिक 17 जून को साउथ कैंपस पुलिस टेशन के SHO ने महरोली SDM को एक लेटर बेजा था
00:34इस लेटर में सत्या निकेतन के PG's और कैफेस की सेफटी को लेकर concerns रेस किये गए थे
00:41पुलिस ने बताया था कि establishments के पास fire safety NOC ही नहीं था और जरूरी safety measures भी नहीं
00:48थे
00:48लेटर में inspection और early action की मांग की गई थी और पुलिस ने inspection में मदद करने की भी
00:55पेशकश की थी
00:56लेकिन सवाल यहीं से शुरू होता है कि क्या इस warning पर कोई action हुआ था
01:01SDM राहूल रॉथाओर का कहना है कि उन्होंने ऐसा कोई letter receive ही नहीं किया
01:06बल्कि उन्होंने ये भी possibility को जरूर बताया है कि letter शायद office में आया हो
01:12और MCD को forward भी कर दिया गया हो
01:14भही MCD ने इस letter को लेकर पूछे गए हर सवाल को इंकार किया है और कोई जवाब नहीं दिया
01:20है
01:20और ये भी आपर ध्यान देने वाली बात है कि हौजरानी में 23 लोगों की जान लेने वाली fire के
01:27बाद 13 district level committees भी बनाई गई थी
01:30इन committees में अलग-अलग government agencies और MCD के officials शामिल थे
01:35इनका काम safety violations की जाच करना था और जरूरी action लेना था
01:41फिर 6 September को सत्यने केतन में वो हादसा हुआ जिसने पूरे system पर ही सवाल खड़ा कर दिया
01:48हादसे की बात पता चला कि जिस PG building में collapse हुआ उसके पास fire NOC ही नहीं था
01:54initial survey में सत्यनिकेतन और मोती बाग के कम से कम 20 और multi-story buildings भी सामने आई
02:02जिनोंने जरूरत के बावजूद भी fire NOC के लिए apply ही नहीं किया था
02:06पुलिस F.I.R. में building को करीब 50 साल पुराना बताया गया है
02:11F.I.R. के मताबिक building में 4 illegal floors एड़ किये गए
02:16साथी साथ हाथसे से थोड़ी देर पहले ground floor की एक wall को shop के लिए space बनाने के मकसद
02:23से हटाया जा रहा था
02:24पुलिस के मताबिक एक plumber ने collapse के करीब देर घंटे पहले wall ना तोरने की भी warning दे दी
02:31थी
02:31इस हाथसे में 5 DU students और 2 labors की मौत हुई जबकि 12 लोगों को rescue किया गया है
02:38अब सवाल सिरफ ये नहीं है कि building कैसे गिरी
02:41बड़ा सवाल ये है कि जब पुलिस ने 3 महीने पहले ही सत्यनिकेतन में safety को लेकरs warning दी थी
02:48तो उसके बाद action क्यों नहीं लिया गया
02:50और action अगर नहीं हुआ तो इसकी जिम्मदारी किस की बनती है
02:54आप लोगों को क्या लगता है कि क्या ये हाथसा सिरफ illegal constructions का नतीजा था
03:00या warnings के बाद action ना लेना भी इस tragedy की बड़ी वजा है
03:04आपकी राय हमें comment section में जरूर बताए
03:07ऐसे ही important or ground level news stories के लिए जुड़े रहिए One India Hindi के साथ मैं हूँ अशुता
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