00:00तो उस दिन सुबा जब उठे खाना खाया तो नीरजबावा के सा रूम में बैठे थे सेकिंड फ्लोर पे
00:05तो खाना खाके उसके रूम में बैठे तो इतने में बिल्डिंग भूरी कॉलैपस होगी
00:10तो हमें पता है नहीं लगा कुछ उस टाइम
00:13तो हम बिल्डिंग के नीचे दब गिये थे दोनों
00:15तो हमें एक दूसरे की वास तो आरथी बट हम देखनी पार थे
00:18फिर उसके पास फोन था उसने कॉल्स की सीनियर्स को लोकेशन भेजी कि हम इधर दबे हैं
00:23फिर सीनियर्स ने आslे करें की कि मारे हिदर इधर बंदे फसी हैं
00:27उन्हों ने हमें निकालना शुरू किया
00:29तो निकालने में काफी टाइम लगा मेरी इंजरी आ गए थी
00:32लेफ्ट शोल्डर लेफ्ट लाग मेरे फस दिया थे उनों
00:54तो मेरा यह सेकंड येर था, फर्स्ट येर में गया था तो सत्यानिकेतर में यह बिल्डिंग लिए थी, तो कॉर्स
01:00मेरा भी कॉम प्रोग्राम दिल्ली युनिवस्टी मोहतिला नहरू कॉलेज
01:08बिल्डिंग में एक्जैक्ली तो नहीं पता वर नो दस बच्चे थे और सेकंड फ्लोर पे मेयर जमू का लड़का था,
01:14कटुवा का निरज बावा तो वह थोड़ा क्रिटिकल है, उसकी सर्जरिस चल रही है, बड़ डॉक्टर कह रही है, वह
01:19रिकावर कर जाएगा
01:21पर बिल्डिंग के खालात को लेकर शक्या चिता हुई थी?
01:24नहीं सहर, इतना पता नहीं था कि बिल्डिंग कॉलाइप्स कर जाएगी, फैसलेटिस तो पूरी थी बिल्डिंग में बट कॉलाइप्स का
01:30नहीं पता था
01:31आपको जो बचाव दल्डिंग कैसे घूला आपको फिर जो नीरेस था उसमें जो लोकेशन सीनियर्स को बेज़ी थी, सीनियर्स ने
01:38हमें उस लोकेशन पर टीम को बेज़ागी, इधर बच्चे दबे हुएं, फिर हमें टीम ने देखा, टीम ने फिर निकालना
01:44शुरू किया
01:46जब आपको निकाला गया तो सबसे परे दिमार में क्या ख्याला है आपको लग्या किस तरह से आप सोच रहे
01:51थे जब निकालना शुरू किया तो तब यही था कि क्या बच ची जाएं, फिर उन्हों निकाल दिया, फिर थोड़ा
01:57यह हुआ कि नहीं बच जाएंगे अब, तो �
02:10पहले निकाल देते तो यह हास सानी होता जो हुआ, अच्छा कि आप निकाल दिया, जो हमारे साथ हुआ वो
02:17किसी और के साथ नहीं होगा, आपको जब पता चला जब आपको पता कैसे चला इस बारे में पूरा है,
02:21पता मुझे फोन से तरजला तो सब बेटी को कॉल आई थी,
02:28तो किसा होगा इमार्थ है। तो हम इस बारे में पता लगए पांचाता है, वह वह पता जब आपको पूरे
02:34हैं, तो वीये फुर सकते हुआ है, नहीं कि कुस्कि पंच्छे और हैं धर की आइरिपोर्ट की फुलाइट, फुलाइट हम
02:37ने जासे टेक टो बूकर रएटी हु�
02:56जब पहुंचे तब क्या हालती तब इसका टीर्मेंट चर रहा था तो अंदर तो नहीं जाने देए वहां पी बड़ा
03:01बुरा हाल था
03:02अगर मुझे ऐसके साथ मिलाया नेतिस के साथ क्योंकि मेरी हालात बीतनी बुरी थी कि मैं इसको देखने के बिना
03:08रहा नहीं ते मैं सोचा बैभी डड़ जाओंगी तो उन्होंने मुझे मुझे बच्चे का ट्रेड मैं चर रहा हुआ तो
03:14नहीं थोड़ी से शांती मिली फिर �
03:15तो बच्चों की रेडवाडी देखे मुझे फिर ड्प्रेशन में चलिए थी वो बड़ा दुख लगा मुझे बच्छों को देखे प्रशासन
03:22से को या आपको फोन या बात चीख लेगी तक तो मुझे मुझे मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई थी वहां
03:29पर हॉस्पेटर में
03:29कर देखें होनी जाए उन से मेरी काफी देर अधा टाड़ा दीघ आपने येजन के चैकिंग होनी चाहिए क्उब कोई
03:38भी पीजी में होना चाहिए क्हानी चाहिए प्र लग्ताए जो इसकान जो प्रफ्ट्र क्राधने शलीन निकालगे इनको पहले निकालनomet कालने
03:59चाहिए
03:59कुछ आसा होगी, जैसे ही बच्ची आते, तब भी कुछ चाहिए करके ही बच्ची को पीजी देना चाहिए, कुछ आसा
04:05होना चाहिए, सरकार कितार सभी बच्चे पढ़ने के लेगे हुए, पीजी की चाहिए, जितनी भी बिल लिगे, सभी की होने
04:10चाहिए, चाहिए, चाहिए
04:18Download the OneIndia app now
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