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Delhi Satya Niketan Hostel Collapse: 7 मौतों के बाद ग्राउंड रिपोर्ट, क्या लापरवाही ने ली छात्रों की जान? साउथ दिल्ली के सत्या निकेतन में 5 मंजिला पीजी इमारत ढहने से हड़कंप मच गया है, मलबे से शव निकलते ही पूरे इलाके में मातम और चीख-पुकार मच गई।

A tragic building collapse in Delhi's Satya Niketan area claimed the lives of seven people, including students and construction workers. The five-storey structure, operating as a private PG accommodation near Delhi University’s South Campus, suddenly collapsed due to ongoing underground alterations and monsoon conditions। Rescue teams including NDRF cleared tonnes of rubble as safety violations and municipal negligence came under heavy scrutiny.

#SatyaNiketan #DelhiNews #BuildingCollapse #OneindiaHindi

~HT.410~PR.250~GR.506~ED.108~VG.HM~

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00:00तो उस दिन सुबा जब उठे खाना खाया तो नीरजबावा के सा रूम में बैठे थे सेकिंड फ्लोर पे
00:05तो खाना खाके उसके रूम में बैठे तो इतने में बिल्डिंग भूरी कॉलैपस होगी
00:10तो हमें पता है नहीं लगा कुछ उस टाइम
00:13तो हम बिल्डिंग के नीचे दब गिये थे दोनों
00:15तो हमें एक दूसरे की वास तो आरथी बट हम देखनी पार थे
00:18फिर उसके पास फोन था उसने कॉल्स की सीनियर्स को लोकेशन भेजी कि हम इधर दबे हैं
00:23फिर सीनियर्स ने आslे करें की कि मारे हिदर इधर बंदे फसी हैं
00:27उन्हों ने हमें निकालना शुरू किया
00:29तो निकालने में काफी टाइम लगा मेरी इंजरी आ गए थी
00:32लेफ्ट शोल्डर लेफ्ट लाग मेरे फस दिया थे उनों
00:54तो मेरा यह सेकंड येर था, फर्स्ट येर में गया था तो सत्यानिकेतर में यह बिल्डिंग लिए थी, तो कॉर्स
01:00मेरा भी कॉम प्रोग्राम दिल्ली युनिवस्टी मोहतिला नहरू कॉलेज
01:08बिल्डिंग में एक्जैक्ली तो नहीं पता वर नो दस बच्चे थे और सेकंड फ्लोर पे मेयर जमू का लड़का था,
01:14कटुवा का निरज बावा तो वह थोड़ा क्रिटिकल है, उसकी सर्जरिस चल रही है, बड़ डॉक्टर कह रही है, वह
01:19रिकावर कर जाएगा
01:21पर बिल्डिंग के खालात को लेकर शक्या चिता हुई थी?
01:24नहीं सहर, इतना पता नहीं था कि बिल्डिंग कॉलाइप्स कर जाएगी, फैसलेटिस तो पूरी थी बिल्डिंग में बट कॉलाइप्स का
01:30नहीं पता था
01:31आपको जो बचाव दल्डिंग कैसे घूला आपको फिर जो नीरेस था उसमें जो लोकेशन सीनियर्स को बेज़ी थी, सीनियर्स ने
01:38हमें उस लोकेशन पर टीम को बेज़ागी, इधर बच्चे दबे हुएं, फिर हमें टीम ने देखा, टीम ने फिर निकालना
01:44शुरू किया
01:46जब आपको निकाला गया तो सबसे परे दिमार में क्या ख्याला है आपको लग्या किस तरह से आप सोच रहे
01:51थे जब निकालना शुरू किया तो तब यही था कि क्या बच ची जाएं, फिर उन्हों निकाल दिया, फिर थोड़ा
01:57यह हुआ कि नहीं बच जाएंगे अब, तो �
02:10पहले निकाल देते तो यह हास सानी होता जो हुआ, अच्छा कि आप निकाल दिया, जो हमारे साथ हुआ वो
02:17किसी और के साथ नहीं होगा, आपको जब पता चला जब आपको पता कैसे चला इस बारे में पूरा है,
02:21पता मुझे फोन से तरजला तो सब बेटी को कॉल आई थी,
02:28तो किसा होगा इमार्थ है। तो हम इस बारे में पता लगए पांचाता है, वह वह पता जब आपको पूरे
02:34हैं, तो वीये फुर सकते हुआ है, नहीं कि कुस्कि पंच्छे और हैं धर की आइरिपोर्ट की फुलाइट, फुलाइट हम
02:37ने जासे टेक टो बूकर रएटी हु�
02:56जब पहुंचे तब क्या हालती तब इसका टीर्मेंट चर रहा था तो अंदर तो नहीं जाने देए वहां पी बड़ा
03:01बुरा हाल था
03:02अगर मुझे ऐसके साथ मिलाया नेतिस के साथ क्योंकि मेरी हालात बीतनी बुरी थी कि मैं इसको देखने के बिना
03:08रहा नहीं ते मैं सोचा बैभी डड़ जाओंगी तो उन्होंने मुझे मुझे बच्चे का ट्रेड मैं चर रहा हुआ तो
03:14नहीं थोड़ी से शांती मिली फिर �
03:15तो बच्चों की रेडवाडी देखे मुझे फिर ड्प्रेशन में चलिए थी वो बड़ा दुख लगा मुझे बच्छों को देखे प्रशासन
03:22से को या आपको फोन या बात चीख लेगी तक तो मुझे मुझे मुख्यमंत्री से मेरी बात हुई थी वहां
03:29पर हॉस्पेटर में
03:29कर देखें होनी जाए उन से मेरी काफी देर अधा टाड़ा दीघ आपने येजन के चैकिंग होनी चाहिए क्उब कोई
03:38भी पीजी में होना चाहिए क्हानी चाहिए प्र लग्ताए जो इसकान जो प्रफ्ट्र क्राधने शलीन निकालगे इनको पहले निकालनomet कालने
03:59चाहिए
03:59कुछ आसा होगी, जैसे ही बच्ची आते, तब भी कुछ चाहिए करके ही बच्ची को पीजी देना चाहिए, कुछ आसा
04:05होना चाहिए, सरकार कितार सभी बच्चे पढ़ने के लेगे हुए, पीजी की चाहिए, जितनी भी बिल लिगे, सभी की होने
04:10चाहिए, चाहिए, चाहिए
04:18Download the OneIndia app now
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