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ब्रिक्स में भारत-रूस-चीन के त्रिकोण पर होगी दुनिया की नजर, देखें दस्तक
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00:00आज तक पर आप देख रहे हैं दस्तक और आज दस्तक में दस्तक भारत की दुनिया को धमकी बृक्स में
00:09हिस्सा लेने के लिए रूस के राश्टवती व्लादीमर पुतन आज रात भारत पहुँच रहे हैं ये बृक्स की अब तक
00:16की सबसे बड़ी खवर है और देर रात व्ल
00:42पुरी दुनिया की निगाएं इस बात पर डिकी हैं कि साड़े तीन बजे कल पुतिन और मोधी की जो पक्षिये
00:49बैठक होगी उसमें क्या बाचीत होती है
00:51क्योंकि रूस इस समय युक्रेन युद्ध से जूज रहा है लेकिन अमेरिका को देखते हुए भारत का ये दौरा ब्रिक्स
00:57में उनका शामिल होना और उसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंदर मोधी से उनके दूपक्षिय वारता काफी काफी महत्पूर्ण हो जाती है
01:04साथ इसाथ शीज जिंपिंग चीन के राश्वदी भी आ रहे हैं तो तीन महाशक्तियों का ये मिलन दुनिया को अपनी
01:12तरफ आगर्शित कर रहा है दुनिया भर की निगाहें इस ब्रिक्स सम्मिलन पर लगी हुई हैं मोधी जिंपिंग और पुतिन
01:18के मुलाकात पर प्रण
01:33के मुलाकात को देख रही है बिक्स में निशित रूप से बहुत सारी जिग्यासा की नजरे होंगी कि अगर चीन
01:41के राश्पती भारत के प्रणान मंतरी रूस के राश्पती एक साथ एक मंच पर बैठते हैं तो क्या ताय करते
01:46हैं किस तरीके की साज्यदारी की बाचीत होती
01:48है आसनार पर ऐसे समय में जबकि दुनिया की अर्थ वेवस्थ था और दुनिया की राज्यदिक वेवस्थ था एक उतल
01:54पुतल के दौर से गुजर रही है लेकिन अगर हम ज्विपक्षी एजेंडा की बात करें सही तो भारत और चीन
01:59के मुद्धे अलग हैं भारत और रूस
02:00के संबंधों के मुद्धे अलग हैं रूसी राश्पती सबसे पहले आ रहे हैं उनसे मुलाकात भी होगी बहुत सारे मुद्धे
02:06हैं जिनके ओपर प्रदान मंतरी मोदी और रूस के राश्पती व्लादे मेर पुतिन बिश्केक में हुई अपनी बाचीप की कड़ियों
02:11को आ
02:30बहुत दिनी वाद प्रणे उपाद है हमारी समफ़ाद होता व्लादी मेर पुतिन रात डेड़ बजे भारत पहुंच रहे हैं और
02:41अब खबर नए दिल्ले में शुरू होने जा रहे है अठारवे ब्रिक्स सम्मिलन की जब यद्ध प्रतिबंध व्यापार बाधाओं और
02:48प
03:00भारत की मेज़मानी में ग्यारा सदसी देश दिल्ली में जुटेंगे ये देश विश्व की खरीब आधी आबादी और वैश्विक अर्थवरसा
03:08के बड़े हिस्से का प्रतिन धित्व करते हैं और यही कारण है कि ब्रिक्स की कूट निति धमक दुन्या में
03:14बढ़ी है लेक
03:28यह है कि जेंग पिंग और पतिन दोनों के साथ प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी की द्विपक्षिया बैठक है
03:42अठारवे ब्रिक्स शिखर समेलन के महमान भारत के पास है और इस समेलन के महमान भी खास है जी हां
03:49चीन के राश्पती शी जिन पेंग नई दिल्ली आ रहे हैं तो भारत के खास दोस्त रूस के राश्पती ब्लाद्मेर
03:55कोतिन भी इस ब्रिक्स समेलन में शामिल हो रहे हैं
04:04ये भी है कि भारत में पहली बार शीजिन पिंग के साथ द्विपक्षिय वारता ग्यानी मोधी और जिन पिंग आमने
04:10सामने बैठ कर बात करेंगे।
04:12तो रूस के राजपती व्लादिमिर पुतिन के साथ भी पीम मोधी की द्विपक्षिय बातचीत होनी है।
04:17आज हम आपको दिखाएंगे कि क्यों इस प्रिशक्ती पर अमेरिका से लेकर पूरा वर्ल्ड नजरे जमाए बैठा है।
04:24तो ये भी दिखाएंगे कि क्यों पियम मोधी की शीजिन पिंग और पुतिन के साथ ये द्विपक्षिय बातचीत एहम है।
04:31उससे पहले आपको बता दें कि ब्रिक्स दुनिया की बड़ी उभर्टी अर्थ विवस्थाओं का समू है।
04:36इसमें भारत, डूस, चीन, ब्राजील और दक्षिर अफ्रीका के साथ मिस्र, इरान, इथियोपिया, यूएई और इंडोनेशिय भी शामिल है।
04:45भारत का फोकस ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, उर्जा सुरक्षा, विजिटल तक्नीक, आतक बात से निपटने और
04:53सप्लाई चेन मजबूत करने पर है।
04:55यानि ब्रिक्स को सिर्फ नाजनितिक मजब नहीं, बलकि व्यापार, निवेश और विकास के बड़े मजब के तौर पर आगे बहाने
05:02की कोशिश है।
05:05इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत कर रहा है, इसे 12 से 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत
05:12बंडपम में आलजित किया जा रहा है, और इसमें दुनिया के 11 देश शामिल हो रहे हैं, ऐसे में दिल्ली
05:18अभेद केले में तब्दील हो चुकी है, सुरक्षा ऐसी है कि को�
05:25दिल्ली में 25,000 से ज्यादा पुलिस कर्मी सुरक्षा विवस्था में तैनाथ हैं, 100 से ज्यादा एनेजजी कमांडो और एंटी
05:32ड्रोन सिस्टम की तैनाथी की गई है, एंटी एर्ट्राफ गन, स्नाइपर और एंटी सेबोटाइज टीमें भी लगाई गई हैं, दिल्ली
05:39के 35
05:40पुलिस रूट और 11 होटल सुरक्षा घेरे में रहेंगे, करीब 30 वरिष पुलिस अधिकारी जिनमें DCP स्टर के अधिकारी शामिल
05:47हैं, सुरक्षा की निगरानी करेंगे, 1000 से ज्यादा दिल्ली पुलिस के स्विफ्ट आक्शन टीम कमांडो भी तैनाथ किये गई हैं,
05:54दिल्
06:07सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, IB, SPG, NSG और दिल्ली पुलिस के जवान तैनाथ करीब 7000 सुरक्षा कर्वियों की तैनाथी
06:37को पता रहे कि कैसे रूट कर रहेगा, टाइमिंग्स का भी हम लोग ध्यान रख रहे हैं कि किस टाइमिंग
06:42से निश्य समय पे अर्वी आईपी पहुचे, इसके लाव हमने 22 डावजन पॉइंट्स पनाए हैं, जहां से हम लोग पबलिक
06:48को डावर्ट करेंगे, वहां पे हमन
06:50साइन्जिस लगाए हैं, बोर्ट्स लगाए हैं, अपनी हम में एडवाईजी की तुरू सोचल मीडिया, पिंड मीडिया की तुरू पबलिक को
06:56बताया है कि किस समय से और कौन को उसी रूट समय प्रभवजत रहेंगे
07:03रूस योकरेन, अमेरिका इरान युद और मिडल इस के संकट और आर्थिक गबाव के बीच अठारवा ब्रिक समेलन आयोजित हो
07:10रहा है
07:11तो मोधी, जिन पेंग और पुतिन जैसे दुनिया के शक्ति शाली नेताओ का एक मज़ पर जुटना वैश्विक कूतनीती की
07:18दशा दिशा तै करेगा
07:20क्योंकि भारत रूस और चीन के त्रिकोन को दुनिया भर में अलग-अलग नजरिये से देखा जाता है
07:26अमेरिका और पश्चिमी देश इस त्रिकोन को पश्चिम के वर्चस्व को चुनोती देने वाले एक नई शक्ति केंदर के रूप
07:32में देखते हैं
07:33पश्चिमी विश्च देशकों का मांदा है कि रूस और चीन मिलकर वैश्विक विवस्था को अपने पक्ष में मोरने की कोशिश
07:40कर रहे हैं
07:41जबकि दुनिया ये मांती है कि भारत रूस और चीन के साथ ख़ड़ा होने के बावजूद अपने पैस्टले स्वतंतर रूप
07:48से लेता है
07:49भारत पश्चिमी देशों के साथ भी संबंध रखता है जैसे कौन के साथ साथ ब्रिक्स में भी सक्रिये है
07:55BRICS के इस सम्मेलन में सबसे एहम मुद्दा अमेरिका होगा
07:59क्योंकि डॉनल्ड ट्राम की विदेश नीती ने दोस्तों और दुश्मनों दोनों को ही हैवान किया है
08:04लिकिन इस महा सम्मेलन में भारत की कूट नीती की भी परिक्षा है
08:08ऐसे में भारत ये पक्का करेगा कि अमेरिका की सीधी आलोचना ना हो
08:12खास कर इसलिए क्योंकि चीन और रूस ब्रिक्स के प्रमुक सदसे हैं
08:17भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता ऐसे समय में कर रहा है
08:20जब एरान अमेरिका और इसराइल युद्ध की वज़े से
08:23पूरा पश्चिम एशिया कोटनितिक तोर पर उबल रहा है
08:26इसमें एक तरफ एरान है तो दूसरी तरफ अमेरिका के खरीबी
08:30साओधी अरब और स्युक्त अरब अमिराथ यानि यूएई भी शामिल है
08:34एरान चाहता है कि अमेरिका इसराइल ने उस पर जो हमला किया
08:37उसकी दिंदा की जाए
08:39वहीं यूएई चाहता है कि इरान ने व्यापारिक जहादों पर जो हमले किये हैं
08:43उसकी अलोशना हो और होर्मुस ट्रेट पूरी तरह से खोला जाए
08:47साउधी अरब अभी खुद ही हूती विद्रोहियों की बज़े से बदने की भावना से उबल रहा है
08:52ऐसे में साजा घोशना पत्र को बिना मत भेट के आपसी सहमती से तयार करवाना भारत के लिए बहुत बड़ी
08:59चुनौती बनकर उभरी है
09:01हाला कि चीन को भारत पर पूरा भरुसा है
09:05आज तक ब्यूरो
09:082019 के बाद 2026 में यानी साथ साल बाद चीन के राश्पती शी जंगपिंग ब्रिक्स सम्मिलन में हिस्सा लेने के
09:16लिए हमारे देश भारत आ रहे हैं
09:182019 में जंगपिंग भारत के दोरे पर आये थे
09:20लेकिन एक साल बाद 2020 में गलवान में भारत और चीन के सैनिकों की बीच खुनी जड़प ने दोनों देशों
09:27के रिश्टों में एक नई दीवार खड़ी कर दी थी
09:29खटास पैदा कर दी थी
09:31भारत के मोतोर जवाब से चीन को ये समझ में आ चुका है
09:34कि सैन इस शक्ति के दम पर भारत के साथ सीमा विवाद का हल नहीं निकलेगा
09:38और इसलिए दोनों देशों के बीच लगातार तनाफ़ खत्म करने के लिए डिपलोमेसी की टेबल पर बाचीच चल रही है
09:44ऐसे में जञपिंग के भारत दोरे से दोनों देशों के रिष्टों में घुली खटास में मिठास घुलने और जोडने से
09:53लेकर इसे आगे तक देखा जा रहा है
10:30प्रधान मंत्री बोदी के निमंतर पर चीन के राश्पती जिनपेंग भारत की अधर्ष्टा में होने बाले ब्रिक समेलन में हिस्सा
10:36लेने भारत आ रहे है
10:38इससे पहले जिनपेंग 2019 में भारत आये थे निकिन बीते साथ सालों में चाहे भारत चीन के रिष्टे हो या
10:45फिर ग्लोबर वर्ड ओर्डर बहुत कुछ बदल चुका है
10:482020 में चीन को भारत ने अपनी दाकत का एहसास गलबान में करवाया
10:55तो बीते साल चीन के पिष्टलकू पाकिस्तान को युद्ध के मैदान में खुतों के बल आने पर बजबूर कर दिया
11:04वही अमेरिका इरान और रूस यूपरेन युद्ध के चलते दुनिया घर में मची उथल उथल के बीच
11:09जिन्पिंग के भारत दौरे को वैश्विक राजड़ाई खलकों में दोनों मुलकों के रिष्टों में जवी बर्थ पिखलने के संकेत के
11:17तोर पर देखा जा रहा है
11:18ऐसा क्यों इसे तस्वीरों से समझे बीते साल की ये तस्वीरे आपको याद होंगी
11:23ये वही तस्वीरे हैं जिन्हें देखकर अमेरिकी राज़पती को बहुत मिर्ची लगी थी
11:29ट्रॉम ने चीन और भारत के रिष्टों को लेकर कटाक्ष किया था
11:32मौका था शंधाई संयोग संगठर यानि S.C.O. शिखर सम्मेलन का
11:37तब प्रधान मंत्री मोधी S.C.O. सम्मेलन में हिस्ऎ देने चीन के ट्यानजिन गए थे
11:42सम्मेलन के दौरान पि-म मोधी की जिन्पिंग के साथ मलाकाथ हुई थी
11:46और प्रधान मंत्री ने जिन्पिंग को भ्रिक्च सम्मिलन के लिए भारत आने का आमंतर दिया था
11:51पीए मोदी का नियोता जिन्पिंग ने अबूल करके दुनिया को बता दिया है कि भारत और चीन अपने रिष्टों में
11:58नया इतिहास लिखने को तयार है
12:00एक इंटर्व्यू के दौरान पीए मोदी ने जिन्पिंग के साथ अपनी बस्तल केमिस्टी की कहानी सुनाई थी
12:052014 में जब मैं पुर्धान मंत्री बढ़ा तो चीन के राष्पती राष्पती शी उनका कट्षी को लाया सुपकामनाय वगरे वगरे
12:16बाते ही फिर उन्हों ने खुद ने कहा कि मैं भारत आना चाहता हूं तो बिलकुल स्वागत है आपका जुरूराईए
12:22तो लेकिन मैं गु�
12:35मैं मुझा नागी तो बोले मेरा और तुम्हारा एक स्पेशल नाता है तो क्या वे एंसंग जो चाइनीज फिलोसफर था
12:46वो सबसे ज्यादा समय तुम्हारे गाउं में रहा था लेकिन बापिस जब आया चाइना तो मेरे गाउं मे रहा था
12:57तो बोले हम दोनों का यह करेक्�
13:02अब बहुत से लोगों के मन में सवाल है कि इस दोरे के माइने क्या है जिन्पिंग के भारत दोरे
13:08से क्या होगा क्यूंकि चीन 1962 में भारत की पीट पर हंजर खुप चुका है
13:13जानकार मानते हैं कि चीन के साथ रिष्टों को लेकर साबधान रहने की जरूरत है लिकिन पडोसी होने के नाते
13:19रिष्टे सुधाने की जरूरत भी है
13:26जिन्पिंग की भारत गात्रा क्यों एहब है?
13:29ये दोरा भारत शीन के रिष्टों को बहतर बनाने
13:31सीमा विवाद को सुलजाने के साथ साथ
13:34कारोबार और निवेश को नई रफ़तार दे सकता है
13:36क्या सीमा विवाद के बीच जिन्पिंग की बेजबानी ठीक है?
13:40गलवान जड़ब के बाद दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर
13:44कई दौर की बैठकें की हैं
13:46ताकि सीमा पर तनाव को कम किया जा सके
13:48बीते साल पी एम मोदी और जिन्पिंग
13:51स्सी ओ सम्मिलन के दौरान गर्म जोशी से मिले थे
13:53भले ही वहाँ अपचारिक द्वीपक्षिय बादचीत नहीं हुई थी
13:57लेकिन दोनों मुलकों की टौप लिडर्शिप ने यही संकेत दिये
14:00कि अब टकराव का नहीं बलकि रिष्टों को सुधारने का वक्त है
14:04जिन्पिंग के दौरे से पहले पंदे के पीछे क्या कूटनीती चली
14:08जिन्पिंग के भारत आने से ठीक पहले इने से अजीत डौवाल ने चीन का दौरा किया
14:14भारत चीन बौडर विवाद सुलजाने की दिशा में कदम उठाए गए
14:17दोनों देशों के डिलिगेशन के बीच हाई लेवल टौक हुई
14:21इन्ही मीटिंग्स के बाद जिन्पिंग और पीम की मुलाकात की जमीन तयार की गए
14:26भारत चीन सम्मंधों में सुधार की प्रिष्ट भूमी क्या है
14:30भारत चीन रिष्टों की खाई और गहरी होगा
14:33लेकिन गलवान जडब के बाद दोनों देशों के बीच सैनिकू के पीछे भेजने में सहमती बना
14:39दोनों मुलकों के राजनाइक और सैन्ने स्तर पर बातचीत के जरिये से रिष्टों में धीरे धीरे सुधार हो
14:45भारत और चीन किन मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं?
14:49सीमा विवाद सुलचाना, रिष्टों को वहतर बनाना, भारत का कारोबार घाटा कम करना, निवेश, तकनी, रेर मिनरल की सप्लाई
15:00बड़ी बात यह है कि 2020 में गलवान घाटी में हुई, हिंसक जड़ब के बाद, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं
15:06के बीच ये पहली औपचारिक वन टुवन बाचीत होगी
15:09जानकार बाते हैं कि भारत चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं, बलकि कई एहम मुद्व पर बाचीत होगी,
15:16क्योंकि चीन को भी ये पता है कि अब भारत से दुश्मनी घाटे का सौदा है
15:2062 की कहानी अभी बहुत पुराने होगे, अभी उसका में जिकर ही नहीं करना चाहिए, क्योंकि आगे जब जैसे गलवान
15:28के हम बात कर रहे हैं, तो हमने ना सर गलवान में, लेकिन उसे पहले भी डोकलाम में, सिक्किम में,
15:3767 में, कई बार उनको दिखाया हुआ है कि हम, जो हम
15:50दोनों अगर आप जोड़े, तो अभी हम एक बहुत ही स्ट्रॉंग देश हैं, और जो बांडरी प्राब्लम है हम दोनों
16:00के बीच में, इसका अभी मिलिटरी सिल्योशन नहीं हो सकता, ये तो भूल जाए, वो भी भूल जाए, और ये
16:08मैं नहीं कहरा हूँ आर्मी चीफ के है
16:13मतलब नए वर्ल्ड ओर्डर में भारत की ताकत को नजर अंदास करने की गलती चीन नहीं कर सकता, यही वजह
16:20है कि गलवान में मिले मुहतोड जवाब के बाद चीन की अपल भी ठिकाने आ गई है, ऐसा क्यों? आप
16:26बीते छे साल में भारत-चीन के रिष्टों की टाइम ला�
16:352020 से 2023, गलवान के बाद तलाव खत्म करने की कोशिशे सफल हुई, दोनों देशों के सैने अफसरों के बीच
16:43कई दोर की बाचीत, समझोती के बाद विवात खत्म नहीं, लिकिन सैनिक पीछे हटे
16:49अक्टूबर 2024, रूस के गजान में मोदी जिन्पिंग के मुलाकात से पहले पूर्वी लंदाफ में पेक्ट्रोलिंग और सैनिकों की तैनाथी
16:57को लेकर समझोता हुआ
17:002025 कैलाश बांसरोवर यात्रा शुरू हुई, गल्वान के बाद बंध डिरेक्ट प्लाइट्स शुरू हुई
17:06मार्च 2026 भारत में चीन निवेश के कुछ नियमों में धील दी, जिससे कारवार के बोच्चे पर रिष्टे सुधाने के
17:14संकेत मिले
17:23बीजेपी के अपाध्यक्ष राम माधव ने भी आज तर गे ब्रिक्स डाउन टेबल में बताया
17:28कि आज भारत को कैसी ग्लोबल डिप्लोमेसी में संतुलन बनाय रखने की ज़रूरत है, चीन को लेकर भारत की रणनीती
17:34क्या है
17:38इसमें जो दो बहुत प्रमुख हावाजें हैं, एक भारत, एक चाइना
17:44हमारा रिष्टा एक तरफ उस एलेसी के आरपार जो भारत और चीन के बीच नजर आता है
17:51अन्रिजॉल्ड मुद्दे, जिसको लेकर लगातार बाते हो रही है
17:54ये उमीद की गलवान के बाद, जब पहली बार प्रधान मंत्री और चीन के राश्रपती बैठेंगे
17:59तो बहुत सारी गाठें वहाँ पर भी और सुलजेंगी
18:02हमारे रिष्टा कैसा है से, ब्रिक्स के बीतर सहयोग और ब्रिक्स से पार हम देखें तू टकराओ
18:09First of all, ब्रिक्स कोई bilateral forum नहीं है
18:12So bilateral issues का BRICS में कोई साम नहीं है
18:15तेशों के बीच हो सकते हैं, issues हो सकते हैं
18:18हमारा चीन के बीच issues हैं, उनका platform अलग है
18:21And we are very clear, both India and China, we both countries are very clear
18:25that the issues between us will purely be dealt with at the bilateral level
18:31BRICS उसका कोई forum नहीं है, BRICS के forum पर उन मुद्धों को उठाना भी नहीं होता है
18:36BRICS talks about the larger issues of global south, it's the voice of global south
18:42रही बात bilateral की
18:44है, हमारे दोनों देशों के बीच कुछ border को लेकर, trade को लेकर issues है
18:50But at the same time, हम दोनों देशों के बीच के बीच एक strong trade relationship भी है
18:55I'm sure we all know that India's trade relationship with China is 159 billion dollars
19:02There also we have an issue, in this 159 billion dollar trade, trade deficit is more than 100 billion dollars
19:08I mean our exports and our imports, a huge mismatch exists
19:13So we have been trying to, you know, increase our exports to China
19:18so that there can be some trade balance in that China has to take a few steps, a few measures
19:24They have to ease their restrictions, trade restrictions
19:27These are the things on which also, lot of negotiations are going on, on border
19:31Of course, we have a border commission headed by our NACI on our side and foreign minister on their side
19:39They keep talking and decent talks happened just last week in Beijing
19:43We are engaged with each other on those issues
20:15जोतों की दृष्टी से भी दोनों की ये मुलाकात काफी महत्पूर्ण है
20:28किर्गिस्तान की राजधानी विश्के के बाद एक बार फिर से पियम मोदी और रूस के राजपती व्लादमिर पुतिन के बीच
20:34विपक्षिये बात होगी
20:35लेकिन इस बार मौका खास है क्योंकि मेजबान मोदी है और नई दिल्ली में ये वात्ता होने जा रही है
20:41पिछले नौ महीने में पुतिन का ये दूसरा भारत दौरा है इससे पहले राजपती पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत
20:49आये थे
20:49रूस यूकरेन युद शुरू होने के बाद ये उनका पहला भारत दौरा था
20:53युद अब भी जारी है और पुतिन ब्रिक्स में हिस्सा लेने भारत आ रहे है
20:59ऐसे में मोदी और पुतिन की बैठक में रूस यूकरेन युद भी चर्चा का एहम मुद्दा हो सकता है
21:04दोनों नेता युद की मौजूदा स्थिती और उसके वैश्विक असर पर बादचीत कर सकते हैं
21:09आपको बता दें कि एस्चियो में भी पियम मोदी ने पुतिन से कहा था
21:12कि वो युकरेन और डूस के बीच चल रहे युद को खत्म करने के पक्ष में हैं
21:17क्यूंकि युद का हर दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है
21:20भारत शांती के सभी प्रयासों का समर्थन करता है
21:25और शांती के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता रहेगा
21:31युद में बिताया एक एक दिन मानवता को पीछे धकेलता है
21:40और शांती के तरफ बढ़ाया एक-एक कदम पूरी मानवता को नई आशा से भर देती हैं, उमंग से भर
21:51देती हैं
21:53हमें endless war, endless war से end of war उसी दिशा में जाना ही होगा
22:05जो मानवता के भलाई के लिए भी बहुत आवश्य है
22:10और आई अब हम आपको दिखाते हैं जब मौस्को से राश्मति पतिन दिल्ली आने की पूरी तैयारी कर चुके हैं
22:16ठेक उसी समय युक्रेन ने रूस पर ड्रोन से तावर तोड हमले शिरू कर दिया
22:21इन हमलों में रूस का अलिश्यान और पुतिन की सबसे पसंदीदा शहर बारूच से धदग उठा इतना ही नहीं
22:28युक्रेन ने रूस के आर्क्टिक के लाके में पूरे बतीस सौ किलो मीटर अंदर घुसकर भी तबाही मचा दी
22:34युक्रेन ने ने सिर्फ इन हमलों की जब्मदारी ली है बलकि ये भी सिद्ध कर दिया कि उसके ड्रोन कितने
22:40घातक है
22:41बड़ी बात तो यहां पर यह है कि रूस और युक्रेन ने एक दूसे पर हमले उस समय और तेस
22:46कर दिये हैं
22:47जब टरंप इस कोशिश में लगे हैं कि किसी भी तरह से युद्ध रुक जाए तो आईए आपको दिखाएं रूस
22:53और युक्रेन का युद्ध अब कहा तक जाएगा आखर पुतिन और जैलिंस्की के दिमाग में चल क्या रहा है
23:10प्रिक्स समयलन से पहले रूस पर युक्रेन के ताबर तोड हमले
23:19रूस पर युक्रेन का घात अकबार बन तीस सौ किलोमेटर अंदर तक रोन अटाइग
23:28पुतिन के पसंदीदा शहर पर जैलिंस्की ने की बंबारी
23:36युक्रेन का घात अकडोन रूस के लिए बनेगा काल
23:45युद्ध रोकने की ट्रंप की कोशिशों पर जैलिंस्की ने फेरा पानी
23:52जब रूस के राजपती ब्रिक सम्मिलन में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आ रहे हैं
23:56ठीक उससे पहले युक्रेन ने डोन हम्लों से जैसे रूस में तबाही बचा कर रख दी है
24:04अब ये पुतिन के उन हमलों का पलट बार है जो डूस ने मौस्को और गीप याफ्तरा से ट्रंप के
24:11दो शांती भूतों के लॉक्ते ही करवाए
24:14पुतिन ने गीप पर हमलों में मिसाइल और डोन इस्तवाल किये
24:18तो अब जिलन्सकी अपने डोन की पावर पुतिन को दिखा रहे है
24:239 सितंबर की रात यूक्रेन ने डूस के मश्वूर ब्लैक सी डिसॉर्ट शहर सोची में डोन से हमले किये
24:31रिपोर्ट के मताविक यूक्रेन के समुदरी डोन ने सोची के तट और पुति राके को निशाना बनाया
24:37हमले के बाद तट के पास आग और धुए के विडियो सामने आए
24:43रूसी अधिकारियों के मताविक इस हमले में आक लोग घायल हुए और पोर्ट के कुछ हिस्तों को नुखसार पहुचा
24:49यानि यूकरेन ने एक बार फिर रूस के उस शहर तक अपनी भार पहुचाई जो युद्ध की सीधी रेखा से
24:55सैक्रों किलोमीटर दूर है
24:594 सितंबर की रात आस्पान में डोन और जमीन पर धमाकों की आवाज बूच रही थी
25:05सोची के एडलर एराके में एक तेल डिपों में आग लग गई
25:08रिपोर्ट के मताबिक तेल भंडारन सुधाओं में लगी आग का असर इतना बड़ा था कि आस्पान में कई किलोमीटर दूर
25:15तक कालत हुआ दिखाई दिया
25:18इस हमले का असर सोची एरपोर्ट पर भी हुआ
25:21एरपोर्ट पर करीब 11 घंटे तक उड़ानों पर पाबंदिया रही
25:26कई उड़ाने देर से चली कुछ को दूसरे शहर की तरफ मोड़ना पड़ा और विमान में इंधर भरने पर भी
25:32रोक लग गई
25:34यानि हमला सिर्थ सैने ठिकाने तक सीमत नहीं रहा
25:37इसका असर आम लोगों, यास्रियों और शहर की इंधर विवस्था तक दिखाई दिया
25:43कुछ रिपोर्ट में सोची के करीब सीरियस इलाके में मौजूद एर डिफेंस सिकाने को निशाना बनाय जाने की बात कही
25:49गई
25:50कुछ ओपन सोर्स विश्टलेशनों में यहां S300 या S400 सिस्टम की मौजूद्नी का दावा किया गया
25:58आपको बता दें कि काले सागर के किनारे बसा सोची रूस के सबसे मशूर परिटन शहरों में से एक है
26:052014 में सोची में विंटर उलिम्पिक हुआ था
26:11पुतिन के दौर में सोची को रूस की आधुनेक्ता आर्थिक ताकत और वैश्विक प्रतिष्ठा के प्रतिक के तौर पर पेश
26:18किया गया
26:18यही नहीं सोची राश्पती व्लादबिर पुतिन से भी बेहत करीब से जुड़ा शहर है
26:23और यही वज़े है कि सोची पर लगातार हो रहे यूकरेनी हमले का संदेश काफी बड़ा माना जा रहा है
26:31यूकरेन ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि युद्व सिर्फ मोचे तक सीमित नहीं रहेगा
26:35रूस के भीतर दूर दरास के इलाके भी उसकी पहुच से बाहर नहीं है
26:40ये हमले ऐसे वक्त में हो रहे हैं जब युद्व को खात्म करने की कोशिशों के बीच
26:45शानती वारता को फिर से आगे बढ़ाने के प्रयास हो रहे है
26:48हाल में अमेरिकी राजपती डॉनल्ड ट्राम्प के दूर स्टीव विटकॉफ और जिरेट कुश्टनर ने रूस और यूकरेन का दौरा कर
26:55दोनों पक्षों से बाचीत की थी
26:58इसी बीच 9 सितंबर को अमेरिका के राजपती डॉनल्ड ट्राम्प का बाव बयान सामने आया है
27:02ट्राम्प में रूस के राजपती व्लादिमिन पुतिर से हुई बाचीत को अच्छा बताया है
27:48ट्राम्प यूद रुकवाने की बात कर रहे हैं और जैनेंस की अब रूस में 22 किलोवेटर अंदर धोसकर हमने कर
27:55रहे हैं
27:59जी हाँ यूकरेन के खातक गोणों ने रूस के सुदूर उत्तर में स्थित
28:03आप्टिक शेत्र के यमालो निनेच स्वायत इलाके में धावा बोला
28:08निशाना बने रूस के सबसे बहत्रपोर्ड गैस प्लांट
28:12नोवी औरेंगोए और पुट्सर की इसे यूकरेन का रूस पर सबसे लंबी दूरी वाला हमला बताया जा रहा है
28:20यमालो निनेच स्चेतर में रूस की 80% प्राकृतिक गैस है
28:24गैस कंडेंसेट से बिलने वाला अर्बो डॉलर दूस को यूकरेन के खिलाब जंग जारी रखने में बदब करता है
28:31यूकरेन के फाइर पॉइंट डोनों ने बतीस सो किलोमेटर दूर इस ठिकाने पर सटीक निशाना साधा
28:39ये हमला राश्पती व्लादमिर पुतिन के लिए एक बहुत बड़ा द्रणीतिक और आर्थिक जटका है
28:44या मालो नेनेट्स वही इलाका है जहां से रूस की कुल प्राकृतिक गैस का लगभग 80% बिस्ता निकलता है
28:52ये दोनों प्लांट पुतिन की बनी मशीन कहे जाते हैं जिन से मिलने वाले अर्गो डॉलर के राज़सों से डूस
28:58अपने युद्ध का बजट चलाता है
29:01युक्रेनी हत्यारों ने इसी आर्थिक रीड को ठप कर दिया है
29:04अब तक क्रेमलिन का मानना था कि साइबेरिया और आर्थिक के ये सुदूर इलाके युद्ध शेजर से हजारों किलोमीटर दूर
29:11होने के कारण पूरी तरह सुरक्षित से दोन है
29:14लेकिन युक्रेनी हत्यार निर्बाता कामपनी फाइर पॉइंट के डोनों ने बिना पकड़े गए इतनी लंबी तूरी तैकर्ड साबित कर दिया
29:21कि रूस का कोई भी कोना अब महफूज नहीं है
29:25विशाल काय रूस के लिए अपने हरे गैस और सैने ठिकाने पर एर डिफेंस लगाना वेभारी ग्रूप से नामुम्किन साबित
29:32हो रहा है
29:35रूस पर हुए हमलों को लेकर युक्रेन के राजपसी जेलिस्की ने अपने सैनेकों की फीट खटपाई है
29:40जेलिस्की ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फिछले 24 घंटों में हमारे सैनेकों ने गुद में बदद करने वाले
29:46रूस के आठ इंट्रासेक्चर ठिकानों पर हमला किया
29:49जेलिस्की ने ये भी कहा कि मैं हर उस सैनेक और उस सभी लोगों का शुक्रिया अदा करता हूँ
29:55जिनकी वज़े से हमारी लंबी दूरी तक मार्ट करने की शब्ता और सठीक निशाना लगाने की खावियत मुम्किन हो पाई
30:02है
30:02आपको बता दे कि युक्रेन ने फाई पॉइंट एफ़ी वन डोन से रूस पर ताजा हमले किये हैं
30:10ये एक लंबी धूरी का कम लगत वाला कामी काजे यानि सुइसाइड डोन है
30:15जो रूस के अंदर 32 किलो मिटर तक के गहरे ठिकानों पर सठीक हमला करने में तच्शम है
30:21अब सवाल ये है कि जिस तरह से पहले रूस थे और अब युक्रेन ने एक दूसरे पर घातक हमले
30:27किये हैं
30:27ऐसे में ये जंग जो अब अपने पाच्वे साल की और बढ़ रही है उसके बंद होने के आसार नहीं
30:33दिखते
30:34जिनिसकी ख़फनाग धंकी दे रहे हैं और फुतिन ने युक्रेन को आतंकी देश बता कर बाचीत के दर्वाजे ही बंद
30:41कर दिये है
31:09इस बीच खबर ये भी है कि युक्रेन के राजपती बोलोदुमीर जेलिंसकी का विमान मुल्टोवा से नॉर्वे के लिए उडान
31:16भड़ते समय एक अग्यात गों से तकराते तकराते बाल-बाल बच गया
31:20जेलिंसकी नॉर्वे के दिवंगत राजा हेरल्ड पंचम के अंतिम संसकार में शामल होने के लिए उसलो जा रहे थे
31:28तब ही उनकी सुरक्षा में ये गंभीर चूक सामने आए
31:31नॉर्वे के प्रधान मंत्री जुनासकार स्टोरे ने बुदवार को सरकारी प्रसारक एन आरके से बाचीत में इस घटना की पुष्टी
31:39की
31:39और कहा कि ये युक्रेनी राजपती की यात्रा के दौरान बने सुरक्षा खत्रे की गंभीरता को दिखाता है
31:46आज तक बेरो
32:34इरान अमरिका युद्व से चुनाव का नया एंगल
32:41टरम बोले मिटर्म चुनाव बाद खत्म होगा युद्व
32:49मिटर्म चुनाव तक जंग खीशना चाहता है इरान
32:55इरान का प्लान मिटर्म चुनाव में टरम्प की हार
33:02नवंबर से पहले टरम्प करेंगे सबसे बड़ा हमला
33:09इरान का पर्मारू ठिकाना है टरम्प का निशाना
33:15एक बार नहीं सौ बार अमेरिकी राजपती एलाद कर चुके हैं कि युद्व में इरान ने घुटने टेक लिये हैं
33:21लेकिन जंग के बोचे पर अमेरिकी सैने ठिकानों पर इरान के दावर तोड हमले सबूत हैं कि दम के दावे
33:27में कोई दम नहीं
33:28अमेरिका ने चद घंटे पहले इरान के पाँच तेल टैकरों को निशाना बनाया
33:33तो इरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सेने ठिकानों पर भारी तबाही मचाई
33:37एक नहीं बलकी दो दर्जन से ज़्यादा मिसालों से हमला किया
33:40अब इरानी सेना ने अमेरिका को खुलन खुला धंकी दी है
33:44हम की ये कि अमेरिका के एक हमले के बदले इरान दस हमले करेगा
33:48यानि इरान पर अमेरिका के एक हमले का बदला इरान दस ठिकाड़ों पर बंबारी करके लेगा
33:56रणनीतिक जल्माद पर इरान की शक्ती, अधिकार और पबंधन अब सबसे बड़ी सचाई है
34:01इरान इस शम्ता का इस्तमाल दुश्मन के आक्रमण का जवाब देने के लिए करेगा
34:05इरान की इजाज़त के बिना हुर्मुच से कोई भी जहाज नहीं गुज़र सकता
34:09सचाई यही है कि अमेरिकी युद्पोथ हुर्मुच से कम से कम 400 किलोमीटर पीछे हट गए है
34:15हमने कुछ दिन पहले करीब 500 किलोमीटर की दूरी पर एक विमान बाहत पोथ पर भी हमला किया था
34:21हम उस सिती में पहुच गए हैं जहां अगर दुश्मन हमारे दो या तीन ठीकानों पर हमला करता है
34:26तो हम 20 ठीकानों पर जोड़दार जवाबी हमला करेंगे
34:31इरान के इस बारूदी प्रहार पर अब अमेरिकी राश्पती ने युद को लेकर नया एंगल जोड़ दिया है
34:37अमेरिकी राश्पती का कहना है कि बिट टर्म चुनाव को प्रभावित करने के लिए इरान युद को लंबा खीच रहा
34:43है
34:43टर्म की माने तो जैसे ही अमेरिका में होने बाले बिट टर्म चुनाव के नतीजे आएंगे वैसे ही युद खत्म
34:49हो जाएगा
35:20अमेरिका में इसी साल नवंबर महीने में बिट टर्म चुनाव होने वाला है
35:24अमेरिका के चुनावी विश्टे शक मानते हैं कि चुनाव में एरान युद का असर दिखेगा
35:29क्योंकि बीते कुछ महीने में हुए तमाम सरवे यही बताते हैं कि टरंप को ईरान के खिलाव अमरीकी नागरिकों का
35:35खुला सपोर्ट नहीं है
35:37यही नहीं एरान ग्युद के बाद से हुए तमाम सर्वे टरंप की लोफ्रियता के ग्राफ में लगतार गिरावट के ओर
35:44इशारा कर रहे हैं
35:45मतलब यही है कि टरंप को भी मिल्टर्ब चुनाव में हार का डर सता रहा है
35:49कही वज़े है कि मिल्टर्ब चुनाव से ठीक पहले टरंप ने वोटरों को पाँच हजार डॉलर देने का ऐलान किया
35:56है
35:56शर्ट यही है कि उनकी पार्टी जीती तो अमेरिका के सभी बालिकों के खाते में पाँच हजार डॉलर सरकार देगी
36:03वही दूसरी तरफ चुनाव में इरान की एंट्री करवा कर ट्रांप बोटरों को ये संदेश दे रहे हैं कि युद
36:10के पीछे बाल खेल है
36:11हाला कि ट्रांप ने एक बार भी दावा किया है कि युद में अब ज्यादा दिनों तक इरान नहीं टिकेगा
36:42अबरीकी राश्मति ट्रॉंप के दिमाग में इरान का परमानू ठिकाना क्यों घूम रहा है क्या आप
36:47ट्रॉम्प इरान के एट्मी सेंटर पर सबसे बड़ा हमला करेंगे ट्रॉम्प का प्लान परमानू सेंटर क्या है समझते हैं इरान
36:53अमेरिका वोर को कवर कर रहे हबारी समफवादाता सुमिछ चौधरी से
36:59ट्रॉम्प ने एक बार फिर से पिक एक्स मौंटेन को लेकर बड़ी धमकी दिया लेकिन आकिरकार इस मौंटेन को लेकर
37:05इतनी बाचीत की हो रही है यह समझने के लिए सबसे पहले आपको दिखाते हैं कि आकिरकार यह पिक एक्स
37:09मौंटेन है जिसको लेकर डॉनल्ल ट्रॉम्
37:15यह दरसल नतांज के बहुत करीब और इश्वाहन के बहुत करीब पढ़ता यानि बीच में नतांज और इश्वाहन के दरसल
37:24इस समय तीन ऐसी फैसिलिटीज है जो इरान की यूरेनियम इंडिच्मेंट साइट्स मानी जाते हैं जिसमें इश्वाहन, नतांज और फॉर्दो
37:30है
37:31लेकिन सबसे महत्पूर्ण है फॉर्दो और इश्वाहन के बीच का ये इलाका जहां पर इंडिच्वाहन को रखा गया है
37:36सबसे पहले आप देखें कि आकरकार ये पिकेक्स माउंटेन है क्या ये आप देखें ये समंदर की उचाई से करीबन
37:421600 मीटर की उचाई प्रस्थित ये इलाका है यानि जो माउंटेन है ये इस इलाके में मौझूद है जो 1600
37:47मीटर की उचाई पर ये इलाका है अब जो इस इ
38:03पर असल इलाके यानि यह जमीन से करीबन 100 मीटर की दूरी पर है इस समय अमारिका के पाद जितने
38:10हात्यार मौजूद है जितने बॉंब्स मौजूद है उनकी जो मारक शमता है किसी भी बॉंब की अगर आप करें B2
38:15बॉंबर्स में अगर इसमाल होने वाले आप GBU 57 या किसी की
38:19शमता जो है वो 18 से 20 मीटर या फिर आप मैक्सिम कह सकते हैं 40 मीटर ये 50 मीटर
38:23के होती है लेकिन इसकी जो इसकी आप कह सकते हैं जो इसकी ये फैसलिटी है ये 100 मीटर के
38:28नीचे मौजूद है यानि इससे पहले ग्रेनाइट और आप कंक्रीट की 100 मीटर की बड़ी चादर है �
38:34जिसको भेद पाना किसी के लिए भी किसी बॉम के लिए भी बहुत मुश्किल होता है अगर आप करें तो
38:39ये भूमिगत हौल है जहांपर यही पर इन्रिच यूरीनियम को रखा जाता है उसको एसेंबल किया जाता है और उसकी
38:45प्रक्रियाओं को पर रखा जाता है अब लग
39:04आप में बहुत चोटी नजर आ रही हो लेकिन ये कई किलो मीटर में फैलिवी फैसिलिटीज हैं।
39:08शायद इसी वज़े से डॉनल्ल ट्रम चाहा कर भी अमेरिका चाहा कर भी इनको बरबाद नहीं कर सकता।
39:14अमेरिका के तरफ से कोशिश पहले भी की गई थी उसने लगातार फॉर्डो इश्वाहन और नतांज में अटाइक किये लेकिन
39:20फिर से इन जगों पर अटाइक करना उसके लिए काफी नहीं साबित हुआ।
39:25दस्तक में आज के लिए बस अपना हैं आप प्लीज अपना बहुत ख्याल रखिएगा शुब भरातरी
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