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चौथी बार भारत में ब्रिक्स समिट, किन उम्मीदों के साथ आया है? अंजना के साथ देखें हल्ला बोल

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00:00नमस्कार, हला बोल में आपका बहुत-बहुत स्वागत है, आपके साथ मैं हूँ अंजिना ओमकर्षय, भारत में कूटनीती का महामच
00:05सजने वाला है
00:0712 और 13 सतंबर को दिल्ली में होने जा रहे 18 वे ब्रिक्स समिट की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी
00:13है
00:15व्लादमिर पूतिन के साथ प्रदान्वांत्री नरेंद्र मोधी की द्वे पक्षय वारता होनी है
00:19समिट में चायना की तरफ से राश्रपती शी जिन्पिंग भी शामिल हो सकते हैं
00:23यही जानकारी आई है कि शुक्रवार को पूतिन आ रहे हैं और फिर शनिवार को शी जिन पिंग आ रहे
00:30हैं ठारवे ब्रिक्ष समिट में इरान के राश्रोपती वसूत पर जशके आन्गी शामिल हो रहे हैं
00:3411 देशों के BRICS Forum के इस शिखर सम्मेलन पर सब की नजरे टिकी हैं क्योंकि पश्चिम एशिया का युद्ध
00:40अभी जारी है भारत और जो निगोशियेटर्स हैं इस BRICS Summit से दुनिया के लिए एक सकरात्मक संदेश पहुंचाने की
00:46कोशश कर रहे हैं
00:47बारत में BRICS Summit के दौरान इरान, UAE और सौधी अरब का प्रतिन दित्व पश्चिम एजिया के नजरिये से बहुत
00:54एहम है क्योंकि रेखिए बहाँ पर युद्ध चल रहा है इरान लगातार UAE, सौधी अरब अलग जगों पर हमले करता
01:00आ रहा था ऐसे में सवाल है कि क्या ये �
01:02देश आमने सामने देख पाएंगे कैसे BRICS के सामने जो चालेंजिस हैं उन्चे नौतियों के बीच BRICS का ये पूरा
01:08समिट जो हो रहा है और कैसे एक वैकल्पिक तरीके से हम विश्व में इस वॉलटिलिटी के बीच इन ग्यारा
01:15देशों को ले जा सकते हैं जो की प्राइम
01:31ब्रिक्स समिट के दौरान रशा और चाइना के साथ भारत के दोई पक्षय संबंदों को भी और मजबूत ही मिल
01:36सकती है ये BRICS समिट किन उमीदों के साथ आया है आज इसी पर हम चर्चा करेंगे मुद्दा है भारत
01:42के नजरिये से अगर हम इसको देखें क्योंकि भारत इस
02:02हरे भरे और स्वस्थ भविश्य के उद्देश्य के साथ उमीदों का दिया जला है भारत की धर्ती पर हो रहा
02:1618 ब्रिक्स समिट दुनिया में सकारात्म कूर्जा पहलाने का मंच बनने वाला है
02:22भारत की अध्यक्षता वाले सम्मिट में मेजबान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे तो चीन के राष्ट्रपती शी जिन पिंग और रूस
02:29के राष्ट्रपती व्लादिमीर पुतिन खास महमान बनेंगे
02:31इरान के राष्ट्रपती मसूद पेजेश्कियान समेत 11 सदस्य देशों और 10 साजेदार देशों के सैकडों प्रतिनेधी ब्रिक्स के जरिये दुनिया
02:41की नई राहत तय करने की कोशिश करने वाले है
02:43दो हजार पचीस में ब्रिक्स अध्यक्षता हासिल करने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था
02:50हमारा लक्ष्य ब्रिक्स को नए सिरे से परिभाशित करना होगा
02:55जिस तरह हमने अपनी G20 अध्यक्षता के दौरान समावेशिता को बढ़ावा दिया
02:59और Global South की चिंताओं को एजेंडे में सर्वोच प्राथमिक्ता दी
03:03उसी प्रकार ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान भी हम इस मंच को
03:07जन केंद्रित द्रिश्टिकोन और मानवता सर्वोपरी की भावना के साथ आगे बढ़ाएंगे
03:13मौजूदा ब्रिक्स सम्मिट पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच हो रही है
03:17जिसमें इरान के अलावा सौधी अरब और UAE शामिल हो रहे है
03:21उधर भारत उन गिने चुने देशों में शामिल है जो रूस युक्रेन युद्ध को रोकने
03:26और शान्ती के प्रयासों के लिए एक साथ दोनों देशों के साथ संपर्क रख सकता है
03:31S.C.O. सम्मिट में युद्ध के खिलाफ दिया गया प्रधानमंत्री
03:35मोदी का संदेश दुनिया में गूंज रहा है
03:37भारत शान्ती के सभी प्रयासों का समर्थन करता है
03:42और शान्ती के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता रहेगा
03:48युद्ध में बिताया एक एक दिन मानोता को पीछे धकेलता है
03:57और शान्ती के तरफ बढ़ाया एक एक कदम पूरी मानोता को नई आशा से भर देती है
04:11हमें एंडलेस वार से एंड अफ वार उसी दिशा में जाना ही होगा
04:23जो मानोता की भलाय के लिए भी बहुत आवश्य है
04:27ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की राश्ट्रपति पुतिन और राश्ट्रपति शी जिन्पिंग के साथ विपक्षिय वारता हो सकती है
04:362012 में भारत पहली बार ब्रिक्स का मेजबान बना था
04:39मोदी सरकार के समय ये तीसरा मौका है जब ब्रिक्स समिट भारत में हो रही है
04:432016 और 2021 का भी मेजबान भारत था
04:472021 के COVID संकट काल के बाद 2026 में वैश्विक तनाव के बीच भारत फिर नेत्रत्व करने वाला बना है
04:552026 में भारत मंडपम में हो रही समिट के लिए दिल्ली में सुरक्षा के बेहत कड़े इंतजाम किये गए है
05:0125,000 से ज्यादा पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किये जा रहे है
05:06100 से ज्यादा NSG कमांडो और एंटी ड्रोन सिस्टम तैनात होंगे
05:10सुरक्षा के लिए एंटी एरक्राफ्ट गन, स्नाइपर और एंटी स्बोटाज टीमें भी लगाई गई है
05:26ट्राफिक के लिए भी खास इंतजाम है
05:45व्याइपी पहुचे इसके लाव हमने 22 डावजन पॉइंट्स पनाये हैं
05:48जहां से हम लोग पब्लिक को डावट करेंगे
05:50वहां पे हमने साइनेजिस लगाए है बोर्स लगाए है
05:53ब्रिक्स सम्मिट का उत्साह दिल्ली से बाहर भी नजर आ रहा है
05:56अमरिट सर में पेपर आर्टिस्ट जग्जोट सिंग ने खास पेंटिंग से
06:00ग्लोबल लीडर्शिप का भारत का संदेश आगे बढ़ाया है
06:03आज तक ब्यूरो
06:05बड़ी खबर ब्रिक्स समिट को लेकर यही है कि चाइना के राश्रोपती शी जिन पिंग का आना तै हो गया
06:10है
06:11अभी तक जानकारी ये थी कि वो आ सकते हैं लेकिन अब चाइना के विदेश मंत्राले ने आदिकारी कोस्ट में
06:17कहा है
06:18Ministry of Foreign Affairs, MFN जो वहाँ पर है उसने कहा है कि प्रदार्वंत्री नरेंद्र मोदी के नियोते पर राश्रोपती
06:24शी जिन पिंग भारत आ रहे है
06:2612 और 13 सितंबर को ब्रिक्स समिट के दौरान शी जिन पिंग भारत में रहेंगे
06:3012 और 13 यानि शनिवार और अविवार को ही मुख्य कारिक्रम है जिसमें तमाम जो राश्रा दक्षे हैं वो होंगे
06:36यानि शुक्रवार को व्लादिमिर पूतिन रूसी राश्रपती पहुच रहे हैं और शनीवार को पहुचेंगे चायना के राश्रपती शी जिन पिंग
06:45अगर आप देखिए तो ब्रिक्स के अंदर एक रिक की बात हमेशा होती है जिसमें रश्या, इंडिया और चायना है
06:50और कैसे ये तीन देश एक महाशक्ती के रूप में उभर सकते हैं उसी कड़ी में शी जिन पिंग का
06:57यहाँ पर आना और पूतिन का यहाँ पर आना बाइला�
07:15तो आईए चर्चा की शिरुवात करते हैं सभी खास मेहमान हमारे साथ इस चर्चा में जुड़ गए हैं सांसद भारतिय
07:20जनता पार्टी के राज्य सभाके और राश्र प्रवक्ता सुधान शुत्रिवेदी जी हमारे साथ जुड़ गए हैं अजय उपाधियाई जी प्रव
07:49तो जो बज अपने दर्शकों को दिखाते हैं जो ग्राफिक्स नंबर टू है एक बार अपने दर्शकों को दिखा ये
08:00क्योंकि
08:12लोगों की नींद उड़ाता है, उनमें बेचेयनी पैदा करता है, अक्सर हमने देखा है, अमेरिकी राश्वपती डॉनल्ड ट्राम्प ब्रिक्स को
08:18लेकर कहते हैं, वो डॉलर के खिलाफ एक मंच है, कभी वो कहते हैं, कि इस तरह की ये फूटनीती
08:23चल रही है, जिसमें हमने
08:24भारत को अलग अलग तरीके से वो अपने इसको इंटरप्रेट करते हैं, लेकिन ग्लोबल जो ट्रेड है विश्व का, उसमें
08:31भी 26 पीजदी हिस्सेदारी इन्ही ब्रिक्स देशों की है, और सुदान्चु जी इसी बैक्राउंड में आपसे मैं ये पूछ रही
08:37हूँ, कि भ
08:52हमें संपूर्ण विश्वे, एक बड़े संक्रवन काल से गुजर रहा है, जो यूनाइटेड नेशन्स की स्थापना के बाद, सेकंड वर्ड
08:59वार के बाद का वर्ल्ड ओर्डर था, वो पूरी तरीके से बदलता हुआ नजर आ रहा है, जब 2016 में
09:05टरम्प अमेरिका में आये
09:06सब्ता, मैं तो सबसे पहले उन्होंने अमेरिका को पैसिफिक एग्रिमेंट से बाहर किया, यानि वो ग्लोबलाइजेशन की जो शुरुआत का
09:14जिसका अलंबरदार स्वेम अमेरिका था, एक प्रकार से उसने ही वापस करना शुरू कर दिया, अपने कदम वापस कीचने श�
09:24इधर चाइना का पिछले 25 वर्षों में जिस प्रकार का राइज हुआ है, उसने विश्व के शक्ति संतुलन को पूरी
09:30तरीके से बदला, उसी के साथ साथ, भारत का जो राइज हुआ 21 सेंचुरी के शुरू होने के बाद, और
09:36फिर किसी को या अनिता लग सकता है, अठेल ज
09:51आज इसीति ये है कि कोई एक शक्ति विश्व को कंट्रोल नहीं कर सकती है, मगर प्रधान मंत्रीशी नरेंदर मोधी
09:59जी के नेतरतु में, भारत ने अपनी दक्ष्टा के साथ, आज हम ब्रिक्स के भी मेंबर हैं, हम क्वाड के
10:06भी मेंबर हैं, और हम G7 में पर्मानेंट इन
10:15इन वाइटी हैं, अब यह जो ब्रिक्स देश हैं, जिनके बारे में अभी आपने बताया कि है, चालीस प्रतिशत वर्ल्ड
10:21का GDP कंट्रोल करते हैं, यहाँ पे महतफून बात यह है कि पहली बार अमेरिकन कॉंग्रेस में, दो हजार चॉबिस
10:29जुलाई में, डी डॉलराइज
10:31के उपर डिसकेशन हुआ, बड़ा फेमस बयान है ट्रम साब का, जिसमें उन्होंने कहा कि यह ब्रिक्स जो है, वो
10:36डी डॉलराइजिशन करने कोशिश कर रहा है, और यही कारण हैंगी, वो अपने डॉलर को मजबूत करने के लिए, जो
10:41भी पॉलिसीज एडॉप्ट कर रहा
10:55है, मगर इसी के साथ साथ, यहां सिर्फ स्टेटिक, एकनॉमिक, डिप्नोमेटिक विशे नहीं है, ब्रिक्स देशों में अगर आप देखें,
11:03तो एग्रो एको सिस्टम के उपर, एग्रिकल्चर को डिजिटल सिस्टम बनाने को लेकर, ट्रडिशनल नॉलेज सिस्टम की शे
11:25साजहा रणनीत ही बनाई जा सकती है, क्योंकि जो राजनेतिक और हमारे जो पृतितनता वाला विशे है, उसमें बहुत सी
11:32चीज़े अलग रह सकती है, मगर ऐसी कुछ चीज़े हैं, जिनमें कि हम और दूसरे देश, उधार देना चाहता हूँ,
11:402015 में, बुखार के लिए, मल
11:53का इलाज खोजने के लिए, अब बताइए, काढ़ा पीपी के हम जो हैं बुखार उतारते थे, मगर ट्रडिशनल मेडिसिन पर
11:59हमने कभी ध्यान नहीं दिया था, अब प्रधान मंत्री जिने ट्रडिशनल मेडिसिन सिस्टम बनाया, तो हमारा चीन से बहुत सारा
12:18मदवेद ह
12:19रखते हैं, साउथ अफ्रिका भी इसमें अच्छा कंट्रिब्यूट कर सकता है, तो हमारे वो आर्थिक, रणनीतिक और डिप्लोमेटिक अलग चलेंगे,
12:26इससे इस देशों को ग्रो करने का मौका मिल सकता है, जो वेस्टन कंट्रीज के पास नहीं है, उनकी सभिताओं
12:32के प
12:49मजबूत इस्थिती में आज भारत है, कि हर देश का विश्वास भारत की तरफ है, मैं एक उधार और दे
12:55देना चाहता हूँ, चिप बनाने की सबसे बड़ी कंपनी फॉक्स कॉन ने, चाइना के बाहर अपनी सबसे बड़ी फैक्टरी भारत
13:02में बनाई है, और आईफोन की �
13:04चाइना के बाहर सबसे बड़ी फैक्टरी भारत में है, अमेरिका ने यह नीती बना रखी है, कि जो आईफोन भारत
13:10में बनेंगे, वही अमेरिकन बाजार में बिकेंगे, चीन से बने हुए आईफोन नहीं बिकेंगे, क्योंकि उन्हें चीन में अविश्वास है,
13:17यह कुछ
13:17करके तो नहीं दे रहा है उदर चीन अपनी कमपनियों से कह रहा है कि एन्वीडिया के प्रॉसेस चिप एस
13:22पॉस्बिल मत यूज करिये तो फॉक्स कॉन के लिए संभावना अधिक है क्रिटिकल मेटीरियल पर तो चीन का कंट्रोल है
13:29क्योंकि अब चीन को विश्वास है अमेर
13:43प्रशक हैं बलकि भारत को एक नई दिशा में ले जाने के लिए प्रधान मंतरी शीनरेद्र मोदी जी के नितुरत
13:49में प्रयास हो रहे हैं उनकी सार्थक सकारात्मक और उपयोगी भूमिका प्रस्तोत्ति अब मैं आपके पास आना चाहती हूँ देखिए
13:56मुझसे अगरी कर
14:11कर रहे हैं बारह में जब आपकी सरकारती यूपे की तब ब्रिक्स पहली बार भारत ने होस्ट किया था 12,
14:1616, 21, 26, 24 चौती बार हम होस्ट कर रहे हैं लादेमिर पूटिन के साथ बाइलाटरल कनफॉर्म्ड है मसूद पिजिशकियान
14:26के साथ बाइलाटरल प्रधानोंती नरे
14:41पर चाया हुआ है एक ऐसा वक्त जब बहुत सारी चालेंजेज है और मल्टी पोलारिटी जो है वो इतनी जादा
14:47अंतराश्य स्तर पर बढ़ी है भारत बल्कि उसका स्पेर हेड करने में भी आगे रहा कि बही किसी एक पर
14:54निर्भर नहीं हम सबसे अच्छा रिष्टा रखे
15:10कॉलों को कॉंग्रेस पार्टी इस समीट का स्वागत करती है हमें गर्व है कि सदियों से हम अंतरास्टीय मंच पर
15:19अपनी उपस्तिती पूरी मुस्तहदी के साथ मौजुदगी अपनी दर्शाते रहे हैं इस समीट को भी और इस से पहले भी
15:27बहुत सारे समीट अंतरास्टी
15:28अस्तर पर देश में भी हुए हैं और हम भी देशों में भी जाकर भारत उपस्तिती अपनी दर्ज करता है
15:33यहां किसी को कोई सक्सुभा नहीं होना चाहिए मुझे लगता है हमारे सतापक्ष के साथियों को या एनलिस्ट को देश
15:42का हर नागरिक अंतरास्तिये मुद्दों पर
15:44साथ खड़ा होता है जहां तक बात है अयतिहासिक सम्मेलनों की बड़े-बड़े तस्वीरों की बड़े-बड़े बाकी इवेंट मेनेजमेंट
15:55की तो जरूर कई बार इस पर प्रस्ण आते रहते हैं कि जो सरकार लगातार बताती है कि ये समीट
16:02जो हुआ अयतिहासिक हुआ
16:03तो उस अतिहासी के साथ साथ उसके अतिहासी कुछ परणामों पर भी हमको चर्चा जरूर करनी चाहिए
16:08और देश के लोग इस बात की अप एक्छा भी रखते हैं इसमें कोई पुराई नहीं है
16:12जहां तक बात है हम इस ब्रिक्स समिलन की चर्चा चुकी हो रही है
16:16तो इस पर हमें जरूर एक बार इसका रिकूर्ट कार्ड बिशले दो एक तीन साल का ले लेना चाहिए
16:212023 में जहां सबर्ग में जो समिट हुआ था उसमें एक्सपेंसन हुआ
16:25और एक गारब मेंबर्स की जिस तरह से उसमें टीम आई है
16:30एक्सपेंसन जरूर हुआ संख्या जरूर बढ़ी लेकिन क्या संख्या के साथ साथ
16:35ब्रिक्स की इंटरनेशनल लेवल पे प्रभाव भी उतना बढ़ा या नहीं
16:39ये महत्वपूर्ण डिसकेशन का मुद्दा आज भी है इस बार भी है 26 में भी और पहले भी था
16:45सच पुछिये तो बिस्तार होना एक महत्वपूर्ण कदम था पर क्या उस बिस्तार के साथ जो आपसी सहमती बनाने की
16:52प्रक्रिया आज भी जारी है वो क्या हो पाई है कि नहीं कि बहुत सारे देश आपस में अभी उल्जे
16:59हुए हैं और भारत को उसमें अहम होनी का निवा
17:13सब्सक्राइब की गई थी आज भी वो सवाल बरकरार है कि क्या हम 26 में भी ब्रिक्स पे कहां तक
17:18पहुंचा है लोकल करेंसी ट्रेड कितना बढ़ा है और वैसी भुक्तान बहुस्था कितनी ऑपरेशनलाइज जो हुई है 24 के बाद
17:27हम 25 का एक छोटा सा उधारा ले ले लेते
17:43चनात्मक बदलाव लाया है यह भारत पर प्रस नहीं है ओभर और कोई भी इंटरनेशनल औरगनाइजेशन है एदी उसकी चर्चाएं
17:51होती है तो यह उसके चुनावतियों को भी और उसके खुबियों को भी आपको रखने की चीजें आनी चाहिए रियो
17:57में कमीटमेंट्स �
17:58बहुत हुए लेकिन institutional breakthrough की बात की जाए तो अभी भी बहुत कमी है ऐसा नहीं है कि कुछ
18:03नहीं हुआ हुआ भी है बहुत चीज इस वार भी जो हमें पूरी विश्वास है वरुसा है कि कुछ अच्छा
18:07होगा तस थोड़ा सा हमको और बग ले दीजिए चैलेंजेज क्या है इ
18:25असली मुद्धा पर हमको आना चाहिए ब्रिक्स में सबसे बड़ा अर्थव्योस्ता कौन है तो सबको पता है चाइना है सबसे
18:31बड़ा निर्यातक भी चाइना है सबसे बड़ा रणितिक प्रभाव भी natural है कि उसका सबसे ज़्यादा इस पर है और
18:3723 के expansion से सबसे ज़्यादा
18:39लाव किसी को हुआ है तो चाइना को हुआ है अं मैं बात इसलिए कह रहाँ हूं कि जब भी
18:43ब्रिक्स के पीमज की बात आईगी तो अर्भिक मंजकर दूसरी बात आर्थिक मंज
19:02डॉलर की एकनोमी जरूर हुई है और इस खुसी बात है कि ये गारा देशों का जो संगठन है इसमें
19:08अच्छा सा व्यापार बढ़ा है लेकिन भारत के संदर में देखेंगे तो 400-416 अरब डॉलर का व्यापार और व्यापार
19:17घाटा जो है 224 अरब डॉलर का भारत का हो गया ह
19:20भारत इंपोर्ट एक तरह से 320 अलब डॉलर का किया है और निर्यात मत 96 डॉलर का किया है ये
19:28तरह से हम देखें तो ये कहीं ने कहीं हमारी ये स्ट्रेटिक पार्टनर सिर्क कम और इंपोर्ट डिपेंडेंसी जादा बढ़ी
19:34है तो हमें इन मुदू पर आना चाहिए राजनि
19:49करने में कोई बुराई नहीं है वालेट पॉइंट अजय जी और मुझे लगता है कि जवाद दे उसके बाद मैं
19:55अचल जी फोरण आउंगी रश्या की तरफ से जो क्रेमलिन के स्पोक्स परसन है उन्होंने एक प्रेस कांफरेंस की थी
20:01और उन्होंने हालाकि वो डी डॉलरा
20:18लगभग 96 फीजदी जो इस वक्त पेमेंट कर रहा है रश्या वो रुपया और रूबल में है जो हमने अभी
20:25नंबर्स दिखा है उसको वापस दिखा दीजे ताकि हमारे दर्श्रा के नंबर्स को देख पाएं चाइना के साथ वो इससे
20:30भी आगे बढ़ गया है लगभग म�
20:46लुबल 96 फीजदी एरान के साथ भी 96 परसेंट हो गया 96 फीजदी और मसूद प्रजशकियान के साथ भी राश्रपती
20:54जो है इरान के उनके साथ भी एक बाइलाटरल होना है प्रधानमंटी नरेंदर मोधी का एजिब के साथ 40 फीजदी
20:59ब्रजिल के साथ 10 फीजदी जो यू�
21:14रिजिलियन्स थी मैं इस बार का रिजिलियन्स यानि कैसे हम एक मजबूत दीवार बनकर ये देश खड़े रहें तो उस
21:20कड़ी में मुझे लगता है कि सुदान्चु जी बड़ा कदम है डॉलर से दीरे दीरे अपने आपको अलग करना
21:28ये निशित रूप से मैं यह बात कहने वाला था आपके विशलेशन में बात आ गई कि भारत रूस के
21:33साथ जो भी व्यापार हो रहा है अभी जून के मैने में हमने 8.3 मिलियन बैरल तेल आयत किया
21:40है जो हमारा मतब टोटल आवशक्ता का 48 प्रतिशत हमने रूस से लिया है औ
21:55जहां तक अजय जी ने बात उठाई ये सही बात है बहुत सारे अंतराश्टी ये मुद्दों के उपर अंतराश्टी ये
22:00जो मंच होते हैं उन पे निर्णे होते हैं और इंप्लिमेंटेशन में उनमें समय लगता है परंतु मैं यहाँ भी
22:05कहना चाहता हूँ जो उन्होंने �
22:07ट्रेड सर्पलस और ट्रेड डेफिसिट की बात कही तो जो मैंने अपने पहले वगता में बोला था रिपीट कर देता
22:12हूँ कि 2003 में हम चाहिना से 1 बिलियन डॉनर के ट्रेड सर्पलस में थे अब जब हम आये 2014
22:18में तो 118 या 49 बिलियन डॉलर के ट्रेड डेफिसिट में आ ग
22:37आप mobile handset import करेंगे तो excise duty कम है और mobile के parts
22:40import करेंगे तो excise duty ज़्यादा है इस वज़े से हम second biggest
22:44consumer थे mobile handset के पर producer अल्मोस निल थे अब हम second
22:48biggest producer भी हुए है अभी आप देखिए कि जो EV batteries होती है
22:54उनके उपर 95% चाइना का control है और total industry पर 85%
22:59जो solar panels होते हैं उनके construction में 95% चाइना का control है
23:04और overall business में 85% मगर भारत की कोई company जो solar में
23:09inlist होने जाती है US stock exchange में तो ऐसा मवाल होता है
23:13यहाँ पर क्यों इनलिस्टी नहोने पाए फिर 2-3 साल बात फिर जाती है
23:17फिर इनलिस्ट नहीं होने पाए अगर 4 साल पहले इनलिस्ट हो गई होती
23:20तो 15-20% कोई न कोई share तो हमारे पास होता
23:23जैसे defense के export में हम non existent थे
23:27आज हमारा चोटा सा share है
23:29अभी हम शायद बमुश्किल 12% के आसपास global share में पहुंचे है
23:34अगर हम कहीं न कहीं आगे बढ़ रहे हैं
23:36तो मुझे ये लगता है कि इस प्रकार की जो summit है
23:39जैसा अजय उपाध है जी ने कहा
23:41अगर चाइना सबसे important है तो भारत की उपसिती उतनी ही important है
23:47क्योंकि भारत और रूस अगर किसी भी मुद्दे पे एक होंगे
23:50तो निशित रूप से ब्रिक्स के अंदर एक balancing fact उबर कर सामने आता है
23:55इरान के साथ के involvement की बात अभी सामने आई
23:58अब समझे यदि इरान के राश्टपत के साथ प्रधान मिंतरी मोधी जी की दिपक्षी अवारता हो रही है यहाँ पर
24:04इरान के प्रमुक के साथ
24:05तो यह निशित रूप से इस बात का प्रमाण है कि इरान का भी विश्वास भारत के प्रतियेक सकारात्मक दृष्टिकोंड
24:12से है
24:12और इसके बावजूद में अपना repeat करना हो जबकि हम कौट के सदसे हैं
24:16जबकि अमेरिका हमको अपना strategic partner कहता है
24:20तो इसी लिए मैं ये कहना चाहता हूँ कि इस पूरे व्यवस्था में पूरे परकण में हम देखें
24:26तो भारत एक बहुत सकारात्मक और प्रभावी भूमिका निभाता हुआ दिख रहा है
24:31और ये ब्रिक्स की समिट उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगी
24:35एकदम छोटा सा अजे जी आप आठा उठा रहे हैं इस पर मुझे लगता है
24:50अपनी छोटी राजनिती छुदर राजनिती देशकी राजनिती से उसे उपर उठकर करके इसको हम सबको देखना है
24:56और हम लोग देखते भी हैं, सभी पार्टियां देखती हैं, मैं यही मान के चलता हूँ, हमारे समय में बहुत
25:01सारे BRICS को लेकर के मिटिंग हुई और जैसे New Development Banks के अस्थापना हुई
25:06institutional framework हमने बनाने का काम उस समय की जो सरकारे थी, बरत्मान सरकार मोदी जी के समय भी बहुत
25:12सारे expansion इस BRICS में हुए हैं, हाँ, China एक factor है और China factors को कैसे हम ignore कर
25:17सकते हैं, हम दोनों एक मंच पर बैठ रहे हैं, चली एक मंच प्रभाइट किया है, या SEO में भी
25:23हम बैठे, पर आज भी सी
25:28सिट की जो बात कही गई है, 12 साल में हम तोहमत पिछली सरकारों को लगाएं, इस से काम नहीं
25:33चलेगा, 12 साल में हमें उस पर ध्यान रखना है,
25:36क्वाड की बात आई है, क्वाड में हमें एक बड़ी सफलता थी जब हम उस समय साथ में थे, पर
25:42आज जिस तरह से इंडो पैस्फिक से इंडो हटा करके, और अमेरिका भी चाइना और पाकिस्तान को बैलेस करने में
25:48लग गया, तो उससे हमें कहीं न कहीं दिखते हुई हैं,
25:51तो मुझे लगता है कि अंतराश्टिय मंच की अपने पर्मूटेशन कंबिनेशन और समय और परिस्तियों के हिसाब से भी चलते
25:57हैं, इसको हमें ध्यान रखना है, और भारत हमेशा मजबूत रहे, हमारा यही उदेस है, राश्टिय ही हमें कैसे इन
26:04विशंग परिस्तियों म
26:18में हम फिर से चौती बार होस्ट कर रहे है, 20 साल हो गया है ब्रिक्स को अब, गठन से
26:23लेकर अब तक, तो उसका 20th celebration भी है एक तरह से, भारत क्या दे सकता है, और एक, देखे,
26:31डॉलर ट्रम तो खूल के कहते हैं, इस इस फोरूम अगेंस दे डॉलर, यह डॉलर के खिलाफ ए
26:47नाशकार देखे, इसे थोड़ा लार्जर कांटेक्स में देखे, आज हम उस दोर से गुजर रहे हैं कि जो वर्ड वार्ड
26:56टू के बाद जो ग्लोबल ऑडर हमने वर्ड ऑड इस्टाबिश किया था, वो इनाइक इनेशन सो, आयम एफो, वर्ल बैंक,
27:02वो दूसरी ऑगनेश
27:02वो अगर पूरी तरह से ठेह रहें गई तो चर्वरा जरूर गई है, अब सवाल यह पैदा होता है कि
27:09जब तक नया वर्ड ऑड नहीं आता है, तो हम एक पीरड ऑफ ट्रांजिशन से गुजर रहे हैं, इस पीरड
27:15ऑफ ट्रांजिशन में, मल्टिलेटरल और्गनाजेशन, मि
27:31बहुत इंपोर्टन हिस्सा बनके, ग्लोबल अजेंडा को शेप करने में अपनी कंट्रिबूशन दे, हम पहले से कहते हैं आ रहे
27:41हैं कि और साल निकल गए कि और विवर फॉल्विंग दे ग्लोबल रूस, आज हमें ग्लोबल रूस लिखने का अधिकार
27:51मिलना चाहिए, तो �
27:52इस मेरे हिसाब से एक ऐसी ऑर्गनाइजेशन है, यह ठीक है कि अगर आप कंपोजिशन पर नदर मारेंगी, तो इसका
28:00एक आपको सामने दिखाई देगा कि इसमें ग्लोबल नॉर्थ की कोई भी रिप्रेजेंटेशन नहीं है, तो विली निली यह ग्लोबल
28:06सौथ की एक रि
28:12इसकी प्राइटीज यह हैं कि जितने भी ग्लोबल इंस्टूशन सब गवर्रंस हैं, उसमें ग्लोबल सौथ की रिप्रेसेंटेशन को बढ़ाए जाए,
28:21क्योंकि उनका रोल ग्लोबल इरीना पे, अब वो नहीं है जो पाज से असी साल पहले था, तो इस दिशा
28:28में भारत को
28:29जो पॉलिटिकल सपोर्ट भड़ रही है, युएन रिफॉर्म्स को लेके, रायम आफ वोयर बैंक की रिफॉर्म्स को लेके, अब सवाल
28:37यह है, इस पर एक और इंपॉर्टन फेक्टरी है, हम वेक नहीं कर सकते कि कब रिफॉर्म्स होंगी, उसके चलते
28:44हुए, प्रिक्स न
28:56को नजर में रग के फैलेंसिंग प्रोवाइड करता है, खुद भारत में बहुत सरे प्रोजेक्ट्स हैं, जो लोकल करन्सी में
29:04फैलेंस हो रहे हैं, वो हो रहे हैं, बहुत से डेवलोपिंग कंट्री बेनेफिक्ट उठा रही, तूसरा जो इंपॉर्टन बुद्दा हमारा
29:13है, ये डॉलर पर डिपेंडेंस को कम करना, कोई भी इस्तेमाल नहीं करता हमारे इंडिया भी नहीं करता, कोई भी
29:21नहीं करता, ये डॉलर ट्रम करते हैं, कि उसे डी डॉलर डिपेंडेंस करते हैं, हकीकत ये हैं कि हम डॉलर
29:27पर डिपेंडेंस कम कर रहे हैं, अपनी लोकल क
29:32इसके बहुत से फाइदे हैं तो बिलाबात की जो ट्रांजेक्शन खॉस होती हैं वो कम होती हैं इसको संभाल के
29:40रखने की बहुत से रोज पर रही है वो होते हैं तो अब यह सब जो ब्रिक्स की डेलिबरेशन से
29:47अल्टीमेट ऑबजेक्टिब जो है अगर आप टेंजिबल की
29:50बीबात करें तो जैसे मैंने बोला भारत में इसमें बहुत से ऐसे प्रोजेक्श चल रहे हैं जो न्यू डवलप्मेंट बैंक
29:56की द्वारा लोकल करनसी में उन्हें फैलेंस किया जा रहा है हलां कि लोकल करनसी में ट्रेड करने के भी
30:02फिलिप साइट्स हैं जिससे हमें आप
30:16समस्या है बट जो ट्रेंड की बार के रहें जो हमारा अल्टिमेंट एम यह है कि जब तक निया वर्ड
30:24और नहीं आता जो ग्लोबल साउथ की जरूरात को मदे नजार रखते हुए काम नहीं करने वाला वर्ड और नहीं
30:32आता तो हमें एक कुछ ऐसी इस्टिशनल फ्रेमवर्
30:37जिसके चलते हुए हम ग्लोबल एजेंडा भी इंफ्लेंस कर सके और जो इतना बड़ा ग्लोबल साउथ है उसके जो प्रॉलिटीज
30:45है उसको भी अट्रेस कर सके तो उस हिसाब से आप ब्रिक्स की को असेस करिए जो भी बात करते
30:52हैं कि टेंजिबल रिजर्ट्स बताईए क�
30:59अगरेशन की जो डेलिबरेशन सोती है उसके आउटकम्स जो होते हैं ओवरनाइट नजर नहीं आते हैं लेकिंदीर आते हैं बीस
31:06आल में आप देखिए ये डिव डेवल्ट्रेंट बना आपने लोकल करेंसिस में ट्रेड शुरू किया बहुत सरी ऐसी बात हैं
31:12जो सामने आत
31:13ही नहीं है आपनारों में इसका चर्चा ही नहीं होता तो वो ही चल रहे हैं वो ट्रेंट सेटिंग हो
31:17रही है तो end of the day आपको इस तरह से हसे करना पड़ेगा और मुझे लगता है बिल्कुर रसून
31:25जी अब मैं आपके पास आ रही हूं अचल जी बार-बार कह रहे थे कि ये
31:29transition phase है और हम लोग एक बहुत बड़ा ब्रिक्स पर अपना conclave भी कर रहे हैं उसमें ज्यादा तर
31:35जो वक्ता है वो इसको एक transition phase मान रहे हैं ये transition phase है या इसको नया नौम मान
31:41लिया जाए जहाँ पर multi polarity और cross border national currency payment systems ही decide करेंगे कि देशों में व्यापार
31:51कैसे होगा और किसकी चल
31:59जी अंजर ना जी बहुत बहुत धन्यवाद मैं कुछ numbers देना चाहूंगा जैसे हमारे पूर वक्ता बोले थे
32:07intra brinks में business 13 गुना बढ़ा है 42 billion worth के financing projects approved हो है जिसमें तकरीबन 139
32:18projects है भारत का लखनौ Metro face उससे fund हुआ है भारत को जो question किया जा रहा है कि
32:24भारत को क्या फायदा हुआ है उसी का जो fringe benefit हुआ है जो AIIB bank है उसने हमारे ये
32:31जो Delhi merit corridor है वो भी हमें fund का support मिल रहा है
32:36तो और numbers भी है पर numbers के impacts overall अगर आप देखिए 2400 megawatt की renewable energies के projects
32:46को support किया है local currency में
32:48ब्रिक्स bank के तुरू 14.7 million tons of CO2 को reduce किया गया है ब्रिक्स nations में through financing
32:571400 km of water infrastructure जिसमें हमारे प्रदानमंत्री जी का भी एक बहुत अच्छा project से हर गर जल
33:08तो ground level पे काम हुआ है numbers available है छोटे है पर grow कर रहे है तेरा गुना इंटर
33:15ब्रिक्स में business बढ़ा है
33:17तो overall इसका impact और आपने जो कहा के it's a new norm जो subverting the paradigm after this multipolar
33:27world
33:27एक बहुत बड़ी और बुलंद आवाज ब्रिक्स बनके आ रहा है और ground पे जो हमें support चाहिए
33:34चाहे वो हमारी growth financing हो चाहे हमारी energy security हो including rare earth
33:41BRICS nations तकरीबन 72% of global rare earth को control करते है
33:48which is very critical for you know every tech ecosystem चाहे वो chip कह लिजिए चाहे वो digital infrastructure कह
33:57लिजिए
33:57तो overall उस पूरे group का narrative अगर भारत set करता है तो ये एक बहुत बड़ी उपलब्दी है
34:05ना सिरफ as a भारती है पूरे wish में भी क्योंकि भारत को एक ऐसा देश में
34:11जैसे आदम देखे हम quad में भी हैं दूसरे जगह में है क्योंकि एक कही ना कही trust है
34:17कि भारत जब काम गरता है तो वो मतलब सिरफ profit based नहीं होता है
34:22वो growth based और common citizens की benefit के लिए होता है
34:29सुदान्चु जी अब वापस camera आपकी तरफ क्योंकि जादा तर experts और जो अजय जी का भी कहना है
34:35कि भारत इस moment को seize कैसे कर सकता है
34:38ब्रिक्स में भारत का मजबूत जोड लिख भी रहे है
34:43बहुत सारी बाते हैं जो भारत को एक edge दे सकती है
34:46उन पे आगे काम करने की जरूरत है
34:48इस पर आपकी राए
34:50भारत को एक balancing act भी करना है
34:52तो ब्रिक्स एक दम अमेरिका के खिलाफ है
34:55इस बात से सारी ब्रिक्स देश बचते हैं
34:57हम भी बचते हैं
34:58क्योंकि अगर हम देखें तो
35:00ब्रजेल, रश्या, इंडिया, चाइना, साउथ आफ्रिका, मेन
35:02पांच permanent members उसके बाद जो बाकी
35:05members बने उसमें इथियोपिया, इजेप्ट, इरान
35:07ये तमाम देश है
35:08लेकिन इसी के साथ-साथ जो
35:10invited भी members है, साउधी अरब है, UAE है
35:13अब यहां तो 35-40 पीज़दी
35:16इंडियन आवादी रहती है
35:17अमेरिका में एक बहुत बड़ा इंडियन
35:19जो population है, वो मौजूद है
35:22तो हमको balancing act भी करना है
35:24SMA BRICS में भारत क्या भूमिका निभा सकता है
35:27मेरा पहला सवाल
35:28और दूसरा सवाल सर
35:29AI के researcher जो है
35:32Jacob, उन्होंने
35:33जो anthropic में काम करते थे
35:36उन्होंने एक बहुत बड़ा
35:37खत्रा कांदेशा दिया है
35:39वो यह कह रहे है कि AI
35:41आने वाले दिनों में
35:43human race को खत्म कर देगा
35:46AI का भी एक challenge
35:48बहुत बड़ा है, दुन्या के सामने
35:49भारत के सामने, दोनों पर आपका
35:51जवाब है
35:56बिल्कुल, जो आप
35:57ने कहा, अगर हम देखें
35:59यह कहना उचित नहीं रहेगा
36:01बहुत तक्निकी दृष्टी से
36:03कि कोई यह anti-American block है
36:05हम यह कह सकते हैं कि second world war
36:07के बाद जो इस्थापित
36:09वैश्विक व्यवस्था थी
36:11यानि global order था
36:13अब वो नया सुरूप धारण कर रहा है
36:15तो उसमें एक नए
36:17और प्रभावशाली मंच के रूप में
36:19ब्रिक्स दिखाई पड़ रहा है
36:20और उस मंच में भारत किस प्रकार
36:23प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है
36:24जैसे आप देखिए कि जिन मामलों पर
36:26ब्रिक्स में सहमत ही हुई पिछली बार में
36:29उसमें आतंखवाद का विशे भी था
36:31बाकी तो विशे मैंने बताए कि
36:32चाहे अग्रिकल्चर डविलप्मेंट चाहे
36:34इंवार्मेंटल का इशू हो चाहे टेक्नॉलजी का
36:36इशू हो या ट्रडिशनल मेडिसिन का इशू हो
36:39वो विशे तो अपनी जगह है
36:40परन्तु यदि हम आतंखवाद को लेकर
36:42एक निश्यत इस्तर तक की भी
36:44साजा इस्तिती बनाने में सफल होते हैं
37:00तो अगर हम ब्रिक्स के अंदर
37:02आतंखवाद को लेकर किसी भी
37:04प्रकार की सहमत ही बनाते हैं
37:06प्रस्ताओ का हिस्सा बनाने में सफल होते हैं
37:08तो मैं कह सकता हूँ
37:10कि ये कूटितिक दृस्टी से भारत के लिए
37:12इन व्यक्तिगत रूप से
37:14और पूरे विश्व के लिए
37:16एक बहुत सकारात्मक दृष्टी दिखाई पड़ती है
37:19अब यहां पर एक और बात आप समझे
37:21जो आपने AI की बात कही
37:23जैसे आपने कहा है
37:24एंत्रोपिक के एक रिसरचर बाहर आये
37:27और उसने कहा कि ये पूरी
37:28हुमिन रेस को खतम करने की बात है
37:30तो कोई एलेन मैक्स कहते है कि पता नहीं कितने
37:32वन बिलियन हुमिन आइड्स कुछ वर्षों में
37:34बन के तयार हो जाएंगे रॉबर्ट्स
37:36और वो पूरी दुनिया को कंट्रोल करने लगेंगे
37:38तो मानी हुई बात है जब पूरी दुनिया के सामने आज चुनोती है
37:41तो वो चुनोती को कोई देश अकेले नहीं वहन कर सकता
37:44कोविड अगर आया अब उसमें गलती चीन की रही हो
37:48या किसी और की रही हो या बाई चांस लापरवाई हुई हो
37:51मगर समस्या तो पूरे विश्व को जेलनी पड़ी
37:55तो AI में भी यह चुनोती आने वाली है
37:57तो जब तक कोई साधा चुनोती नहीं होगे
37:59अब इसमें भारत की भूमिकाशी बात करते है
38:01अगर आप देखें तो आज AI जिस जंग से आगे बढ़ रहा है
38:05उसी के साथ साथ यह भी आवशक्ता महसूस हो रही है
38:08कि एक नैतिक मांदंड भी होना चाहिए
38:10एक इथिक्स भी होना चाहिए
38:12और इथिक्स की बात भारत सदैव से हर विशेफे करता आ रहा है
38:16पिछले सत्तर अस्ती साल से नहीं
38:18हमारा सिविलाइजेशनल डेरेटिव है
38:20मतलब मैं वहां से कह दूँ
38:21कि वेना कन्वेंशन तो उननीस सो के आसपास आया
38:24मगर युद्ध में
38:26नॉन कंबेटेंट के साथ दुर्वेभार नहीं होगा
38:28यह भारत ने हजारों साल से परंपरार पाई
38:30हमारे कोई लूट पार्ट नहीं होती थी
38:32मारकाट नहीं होती थी
38:33युद्बंदियों के सर्वे
38:34किसी राजा जीतने वाले का सर्वर नहीं काटता था
38:37तो मैं कह रहा हूँ जब इथिक्स की बात आएगी
38:39तो मानी हुई बात है
38:40उसका structured framework भारत के पास है
38:43और ऐसा ही देश उसको लीड कर पाएगा
38:45जिसमें दुनिया के अधिकांश देशों के साथ
38:48एक विश्व मित्र के रूप में वारता लाब करने की छमता हो
38:53जो मोदी जी के कारेकाल में हमने डेवलप की है
38:56कि हम से बात करने में
38:58अभी देखे रशा यूक्रेइन के लड़ाई थी
39:00तो हम ही वो एक देश थे
39:02जो की यूक्रेइन के प्रधान मंतरी राष्टपती जलेंसकी
39:05और रूस के राष्टपती पुतिन दोनों से बात करने में सक्षम थे
39:08आपने देखा था कि अभी कुछ दिन पहले
39:11करीब फरवरी के महीने में
39:12फिलिस्तीन की विदेश मंतरी भारत आई थी
39:14और उन्होंने कहा था कि अगर भारत के इज्राइल से
39:16स्ट्रेटिक संबन है हम इसावशक्ता को समझते हैं
39:20और हमें लगता है कि ये बहतर भूम का निभा सकता
39:23क्योंकि फिलिस्तीन के प्रतिवी भारत के अच्चे संबन है
39:25और इज्राइल से भी हैं तो एक ऐसे देश के रूप में
39:28जिसकी बात दोनों लोग सुनते हों
39:30शायद भारत महतर भूम का निभा सकता हूँ
39:32तो मैं इसलिए ये बात कह रहा हूँ
39:33कि अगर ब्रिक्स का ये फोरम
39:36जिसमें हम मनुष्य के सामने आने वाली चुनोतियों को
39:40गंभीडता से विचार करें और एक साजा रणनीती बनाएं
39:43और उस साजा रणनीती में इस फोरम के बाहर के
39:46कंट्रीज के साथ भी समनवे इस्थापित करें
39:48उसमें भारत एक महत्पूर मोई करेवा सकता है
39:50चली चीक है आज जाजी अब आपके पास फोकस ला रहे हैं
39:53क्योंकि आज देखे भारत और चाइना का रिलेशन्शिप
39:56इस पूरे ब्रिक्स में हमेशा स्कूरूटिनी में रहता है
39:59तो दूसरी तरफ इस ब्रिक्स में तो इस बार वेस्ट एशिया के इस वार के बीच
40:05युद्ध के बीच इरान, मसूद पर जशक्यान खुद आ रहे है
40:09इरान, साओधी अरब, UAE, वही साओधी अरब, UAE जिस पर इरान ने हमला भी किया
40:28इसराइल को अटाकर तो बहुत सारी बात है लेकिन इन सब के बीच साओधी अरब, UAE, इरान भी वहाँ पर
40:34है
40:34तो मतलब ऐसे देश जो आई-टू-आई देखने को तायार नहीं है
40:38ऐसे में जॉइंट स्टेट्मेंट एक बड़ा चालेंज होगा
40:40और मुझे लगता है कि आतंकवाद के मुद्दे पर जो सबसे बड़ी बात हम कह सकें वो इस मंच से
40:45हमें कहनी चाहिए
40:50बहुत अच्छा है आपका ये अनालिसिस और वाकई होना यहीं चाहिए
40:53मंच पर सहजोग तो जरूर दिख रहा है और मंच पर बैठने में लगेगा निताओं की एकता
40:59पर सच कुछ ये तो रणनितिक और विश्वास का भाव इस बार इस मंच के माध्यम से भी कहीं न
41:05कहीं
41:06चुँकि परिस्तिया ऐसी अंतरास्टियास तरपर बनी है कि वो भी कहीं न कहीं दिख रहा है
41:11और भारत को वाकई बड़ी भूमिका निबानी होगी क्योंकि भारत के आहां जो है
41:16जस तरह से हम समिट करा रहे हैं सारे सारी लिडर से यहां आ रहे हैं
41:20तो उनसे ये आसा की जाएगे कि West Asia में कहीं न कहीं conflict जो है उसको कहीं न कहीं
41:25पीछे रख करके और जो BRICS के मुद्धे हैं उन मुद्धों पर ही discussion जादा हो क्योंकि इरान और सौधी
41:31और UAE का जो है अपसी तालमिल बनना आसान नहीं है पर इस मंच के मद्धन से यह कोई unified
41:38कोई
41:39घोसना हो declaration हो तो वो हितकर होगा अदेश के ही जहां तक बात भारत की भूमिका की है भारत
41:46की भूमिका कहां किसी को उससे दिक्कत है अब विदेश निती की प्राथमिक्ता हैं अपने अपने हिसाब से बदल जाया
41:52दी किसी सरकार की तो उस पर हम प्रस्प नहीं कर सकते लेक
42:07को बैलेंस का आसा विष्व हम से करता रहा है पर कई बार हम उस बैलेंस को उस संतुलन को
42:12हम वो समय को खो देते हैं यदि उस समय का हम ख्याल रखें तो हमें तो लीडर्सिप की भूमिका
42:18में हमने आज थोड़े कुरियन क्राइस में रहे नन इलाइलमेंट में रहे पोस्ट
42:23सीद जुद के वुपरांद जो वर्ल्ड बना उस वर्ल्ड में रहे आप तो मल्टी परलर्लिटी का दोड़ है बहुत धुरूए
42:29भिस्व है इस भिस्व में भारत की ताकत अपने आप सोता आगे आएगी क्योंकि हम जनसंक्या में बढ़े हैं एकनोमी
42:34में बढ़े हैं हमार
42:35हमारी पहचान है टेकनोलोजी में बढ़े हैं तो इसका लाब तो निचुरल है कि हम ले सकते हमारी ताकत है
42:41पर इस ताकत का हम उपयोग कैसा करते हैं यह महत्वपूर्ण है और सरकारों पर नियल बात है डिपेंड करती
42:47है थोड़ी बहुत अब इजरायल आप नहीं गए हो
43:05हमने देखा कि मंच का जो है आतंकवाद को लेकर के जो रणिती बननी चाहिए थी पिछले दो तीन मिटिंग
43:12से वो नहीं बना पा रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान जैसा देश और चाइना उसमें हडल करता है चाइना यहां भी
43:18है चाइना हमारा प्रतियस परधी भी है और हम ज
43:30जिस तरह का सीमा पर आतंकवादी गतिविदिया जिस तरह से पाकिस्तान को भी सपोर्ट किया उसमें सीजपायर के ऑपरिशन सिंदूर
43:37के दोरान और अभी जिस तरह से अभी इश्वास पैदा है तो उसमें हम कैसे थोड़ी बहुत सहुलियत ले सकते
43:43हैं फिर व्यापार घ
43:58अंतराश्य संबंद बैलन्स करने हैं एक चीज में जोड रही हूं क्योंकि रश्या यूक्रेन युद भी चल रहा है प्रदानम्ती
44:04दे पिछली बार कहा था कि एरा व वार से एंड अफ वार की तरफ बढ़ना होगा तो एक एक
44:09दवाव अंतराश्य मंच पर ये भी हो सकता ह
44:12है कि यहां से एक सल्यूशन निकालने की कोशिश हो रही है सुधान चुजे देखे इस पूरे विशय को सकारात्मक
44:22दिर्श से देखना चाहिए जैसे अभी आजय उपाध्या जी ने कहा ठीक है उसी रंग से रेखना चाहिए मर क्या
44:27बता है पुना बीच में राजरीत का वि
44:31अचि आरोशनात्मक बयान दे चुके हैं इस विशय के उपर मगर मैं ये भी कहना चाहूँगा पूरु में भारत में
44:37जिसमें आजय उपाध्या जी ने उलेक किया तो मैं याद देलाना चाहता हूँ नॉन एलाइन मुमेंट गुट निर पेक्ष आंदोलन
44:43के तो प्रनेता ह
44:44उमीद है तो उमीदे बहुत सारी है अब देखते हैं ब्रिक्स के समिट के जरीए क्या कुछ हम कर पाते
44:49हैं वक्त इतना ही देता है जैजी आप सभी का बहुत धन्यवाद हमारे साथ इस चर्चा में जोड़ने के लिए
44:53देशनया के बागी खबरों के लिए देखते हैं आज
44:55झाल झाल झाल झाल झाल
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