00:00आरत माता की गुजरात के राजपाल आचारिय देवरत जी यहां के लोगप्रिय मुख्मंत्री स्री भुपेंद्र भाई पटेल
00:20इस कारकम में ओनलाइन हमारे साथ अनेक राज्यों के महनुभाव जुड़े हैं
00:31महाराष्टर के गवर्नर जिश्नुदेव वर्मा जी
00:39मुख्मंत्री देवेंद्र फड़नवीज जी
00:43DPCM एकनाचिंदेजी DPCM स्रीमेती सुनेत्र पवार जी
00:50अन्यमंत्री गण, साउसद गण, विदायक गण
00:58और वहाँ पर भी कठेविये लाखो नागरी भाईबेंड
01:06या मंच पर उपस्तित, केंद्रिय मंत्री मंडल के मेरे साथी
01:13अस्विनी वैश्णव, उपमुख्मंत्री, युवा नेता हर्थ संग्वी,
01:21गुजरात सरकार के मंत्री गण, उपस्तित अन्य जनप्रतिनीदी गण,
01:30गुजरात के मेरे प्यारे भाईयों और भेहनों अन्य खाज इतले मड़ा वड़ुद रहना,
01:48महराजा सयाजी राव उनिवर्सिटी का ये मैदान,
01:57अलग-अलग फिल में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव,
02:10यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है,
02:18साथियों, आज मैं विक्सीट भारत की आत्रा को और गती देने के लिए आपके बीच आया हूँ,
02:34थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोर रुपिये के प्रोजेक्स का सिलान्यास और लोकारपन हुआ है,
02:51मैं देश की जनता को बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
02:57इस विकास पर्वपर आप सभी ने जिस सेवा भाव से और सेवा भाव के साथ पूरे बढ़ोद्रा शेहर में स्वच्छता
03:15से स्वागत अभियान चलाया है,
03:19इसके लिए मैं बढ़ोद्रा के हर एक नागरिक को रज़य से बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
03:30उनकी सराना करता हूँ,
03:35और ये जो आपने रंग दिखाया ने, मैं कल एक वीडियो देख रहा था,
03:41सिना चोड़ा हो गया, वाह, क्या मेरा बढ़ोद्रा,
03:48और अब तो गणेशोचव की तयारी, बाद में नवरात्री और गणेशोचव और नवरात्री पूरा गुजरात का ध्यान वड़ोद्राप्र होता है,
04:12और आज आपने, मैं देख रहा था, पिछली एक सब्ता से,
04:21हर परिवार में वातावन मन गया, स्वच्चता का,
04:25मुझे लगता है कि इस बार जब गणेशी पदारेंगे न,
04:32सारे आशिरवाद वड़ोद्रापर बरसने वाले हैं,
04:43शाथियों, इस वर्ष लाल के लिए से मैंने विक्सित भारत के लिए संकल्प की सब्त धारा का आहवान किया है,
04:58इस सब्त धारा में एक धारा गती शक्ती की भी है,
05:08विक्सित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरात तेज भी
05:24हो,
05:27बड़ोद्रा तो गती शक्ती यूनिवर्सिटी का शहर है,
05:39आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर की आखिरी कडियां भी जुड़ गई है,
05:49आज दो हजार आठ सो किलोमेटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया,
06:08यह 21 सदी के भारत के लिए बहुत अइतिहासिक कारिय संपन हुआ है,
06:19साथियों,
06:22यह डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर इस बात का साख्षी है,
06:30कि बीते बारा साथ में देश की काम करने की संकृति कैसे बदली है,
06:43इस डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर पर 2004 में विचार शुरूआ था,
06:51यानि यहां मैं सारे नवजवान देख रहा हूँ,
06:53जब इसका विचार शुरू हुआ, आप पैसे बहुत लोग होंगे,
06:59जिनका जन्म भी नहीं हुआ होगा,
07:02उस समय शुरू हुआ था,
07:072006 में,
07:10एक विशेश कंपनी बनाई गई इस काम करने के लिए,
07:16और फिर 2014 तक फाइले ही यहां से वहां होती रही,
07:28फाइले टेबल पे यात्रा कर रही थी,
07:32और दुर्भागिये देखिए,
07:36इन फाइलों को भी,
07:39कोई डेडिकेटेड कोरिडोर नसीब नहीं हुआ,
07:42फाइल को भी नहीं नसीब हुआ,
07:44फाइले अटकती थी, लटकती थी, बटकती थी,
07:50और 2014 में,
07:53बड़ोधरा के और गुजरात के और देश के लोगों ने मुझे गुजरात से निकाल करके दिल्ली भेज दिया,
08:06पहले वाली सरकार,
08:102000 तक रही,
08:14आपने मुझे भेजा और उनकी बिदाय हुई,
08:19और सच्चा ये थी,
08:22कि साथ आठ बर्ष में,
08:26जरा मेरे नवजवान सुन लिए, याद रखिये,
08:31साथ आठ बर्ष में,
08:36एक किलोमिटर फ्रेट कोरिडोर का पर भी,
08:41काम पूरा नहीं हो पाया था,
08:47अगर उनके इसाब से देश चलाते तो पता नहीं,
08:50आपके बाद तीन चार पिड़ी आती तो भी नहीं होता,
08:56भारत के लोजिस्टिक्ट इको सिस्टिम को ट्रांस्फॉर्म करने वाले प्रोजेक्ट की ये हालत करके रखी थी,
09:09साथियों,
09:112014 के बाद,
09:14आपने जो मुझे सिक्षा दिख्षा दी जी,
09:18इस धर्ती ने मुझे जो सिखाया था,
09:23आपके पांच से जो लेशन लेके मैं दिल्ली पहुँचा था,
09:28हमने वहां पहुँचते ही,
09:31इसको गती देने का काम प्रारंब कर दिया,
09:382800 किलोमिटर के कोरिडोर का काम,
09:42आज पूरा करके दिखाया,
09:49और आज इस्टरन और वेस्टरन डेडिकेट फ्रेट कोरिडोर,
09:58देश के व्यापार कारोबार का,
10:02मुख्य आधार बन रहा है,
10:08साथियों, डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर,
10:13तेजी से विक्सिद होते भारत की,
10:17जीवन रेखा है,
10:22इसने भारत के,
10:26ट्रांस्पोर्टेशन सेक्टर का,
10:30काया कल्प कर दिया है,
10:34पहले पैसेंजर ट्रेन,
10:38जिस ट्रेक पर चलती थी,
10:41उसी ट्रेक पर मालगाड़ी भी चलती थी,
10:46यानि ट्रेवल और ट्रांस्पोर्ट,
10:50दोनों धीमा था,
10:53लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर ने,
10:58इस्थीती को बदल दिया है,
11:02आज पूर्वी और पस्चमी फ्रेट कोरिडोर पर,
11:09हर रोज,
11:12चार सो तीस से जादा मालगाड़ियां चलती है,
11:17प्रती दिन चार सो तीस मालगाड़ी,
11:21और पहले जो मालगाड़ी,
11:26साड़े छे घंटे में सो किलोमेटर का सपरताई करती थी,
11:32और वही मालगाड़ी,
11:35आदे से भी कम समय में सो किलोमेटर का सपरताई कर लेगी,
11:45जिस जगह पर,
11:49ट्रक से सामान भेजने में,
11:52सामान ने तौर पर तीस गंटे लगते हैं,
11:58डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर पर,
12:00यही दूरी दस-बारा घंटे में पूरी हो जाती हैं,
12:09यानि इस कोरिडोर पर,
12:14मालगाड़ी के चलने से,
12:17ट्रक और ट्रेन में लगने वाला फ्यूल बच्चा है,
12:22किराया भाड़ा का खर्च कम हुआ है,
12:26समय बच्चा है,
12:29परियावरन को भाइदा हुआ है,
12:33यानि इन्वेस्ट्मेंट एक ट्रेक पर किया,
12:39और फाइदे अनेग सारे हुए हैं,
12:46साथ्वियों, इस फ्रेट कोरिडोर से,
12:51पूर्वी और पस्तीमी भारत के किसानों की उपज,
12:56अब तेजी से बड़े बाजार तक पहुँच पा रही है,
13:01कई तरह के फूल, कई तरह की सब्जियां, कई तरह के फल,
13:13यानि जो चीजें मौसम के इसाब से जल्दी खराब होती हैं,
13:21उनके लिए भी सही समय पर मंडियों और लोगों के बीच पहुँचने का रास्ता बना है,
13:31इससे किसान का बहुत बड़ा फाइदा हुआ है,
13:35साथियों, एक फ्रेट कोरिडोर एक और वज़े से कमाल का है,
13:44हाली में JNPT मुंबई, JNPT पोर्ट से बडोद्रा तक डबल स्टेक कंटेनर मालगाडी का संचालन किया गया है,
14:01यानि दिब्बे के उपर एक और दिब्बा लगा कर मालगाडी को चलाया गया,
14:07इस मालगाडी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोद्रा
14:24चलाया,
14:28दाइसो ट्रक, अब यह जो नाराज फुभाजी है, वो चिलाएंगे के ट्रक वालों का क्या होगा,
14:48अब फुभाजी को काम मिल गया, यानि अब बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे
15:04कोने तक पहुँच पाएगा,
15:07साथियों, फ्रेट कोरिडियोर के साथ साथ, अब भारत में रेल वहाँ भी पहुँच रही हैं,
15:19जहां इतने दसकों तक नहीं पहुँची थी,
15:23गुजरात हो, मद्यप्रदेश हो, महाराष्ट हो, यहां जो आदिवासिक छेत्र हैं,
15:37वे भी इस प्रोजेक के द्वारा रेल से जुड रहे हैं,
15:44पहले की सरकार में, बजट में, एक दो ट्रेनों की गोष्णा होती थी,
15:55और उसके भी साल भर डोल पिटे जाते थे,
16:01जबकि आज देश में, साल भर एक के बाद एक नई ट्रेने चलाई जा रही हैं,
16:11आज भी इस कारकम में, कई नई ट्रेन शुरू हुई हैं,
16:19नई ट्रेन से, बडोदरा, छोटा उदेपूर, और अली राजपूर के लोगों को,
16:27बहुत सुविदा होगी, साथियों, रोड, रेल, मेट्रो, एरपोर्ट, गेस पाइपलाइन, गरीबों का घर,
16:41जब देश में, करोडों लोगों के लिए चीजे बनती हैं, इससे लोगों का जीवन आसान होता है,
16:51और साथ ही, छोटे से बड़े कामगार को, रोजगार के लाखों लाख आउसर मिलते हैं,
17:01आप रेलवे का ही देखिए, इस वर्ष का रेल बजेट पोने तीन लाख करोड रुपे से अधिक रहा है,
17:12ये बारा वर्ष पहले की तुल्ना में कई गुणा अधिक है,
17:19यानि रेलवे के आदुनी करण पर हो रहा खड़, हजारों हजार नए रोजगार बना रहा है,
17:29और ये रोजगार, कंस्ट्रक्शन के दौरान तो बनता ही है,
17:35एक बार रोड, रेल, पाइट प्लाइन, पॉर्ट, एर्पॉर्ट बन गया,
17:44तो फिर उसके आसपास नए उद्द्योग लगना शुरू हो जाते हैं,
17:51नए बिजनेस आते हैं, ये फिर नए रोजगार बनाते हैं,
18:00वहाँ कुछ लोग वो बेटी चित्र लेके कप से खड़ी हैं,
18:05वो सज्जन भी कुछ कला लेकर के आये हैं, जरा हमारे साथ ही उसको कलेक कर लें,
18:16ये आगे पहुँचा दीजिए, हाँ, एक और भी है कोई, हाँ, ले लीजिए,
18:26आपका बहुत बहुत धन्यवाद,
18:37साथियों, मैंने देश के सामने विक्सित भारत की जिन सब तधाराओं का विजन रखा है,
18:48उनमें एक धारा मैनुफेक्टरिंग की भी है,
18:52और वडोद्रा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है,
19:05एजुकेशन, स्कील और इंडस्ट्री का कॉलेब कैसे होता है,
19:14ये वडोद्रा करीब देड़ सो साल से इसका प्रतिमिम है,
19:21दसकों पहले यहां टेक्स्ट्राइल और ट्राइल्स के निर्मार से एक आत्रा शुरू होई थी,
19:29जो बाद में ओयल और पेट्रोकमिकल्स के साथ आगे बढ़ी,
19:35पिछले दो धाई दसक में वडोद्रा मसमिस का एक बड़ा हब बन गया है,
19:40और मुझे आध है, जब मैं नयानय मुख्विंत्री बना था,
19:45तो वडोद्राव का मेरे पर स्पेशल अधिकार रहा है हमेशा,
19:49तो हर हफ्ते कोई कोई डेलिकेशन आता था,
19:55बज हमारे वडोद्रा में कुछ मैनुफेकरिंग का हो,
19:57मैनुफेकरिंग का हो, क्योंकि यहाँ पर आते थे,
20:00तो या तो जोती, या एलेमबिक, या तो जीएसेप्सी,
20:06यही सब दिखता था, और कुछ सुनता नहीं देता,
20:10आज कहां से कहां बदल गया है,
20:14अब तो यह शहर, देश के पहले,
20:19made in India, military transport aircraft के लिए भी जाना जा रहा है,
20:28C295 aircraft की पहली flight, यहाँ आसमा देख चुकी है,
20:36मैं बड़ दुरा के लोगों को यह गवरों पाने के लिए बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
20:47साथियों, जब देश की manufacturing की बात हो रही है,
20:53तो मैं एक और आखड़ा बताना चाहता हूँ,
20:56बीते एक दसक में, भारत, रेल कोच, मेट्रो कोच बनाने का,
21:07रेल इंजिन बनाने का भी, एक बड़ा निर्माता बना है,
21:152014 के बाद से अब तक, भारत ने करीब पच्चास हजार याकड़ा सुन लिए,
21:282014 के बाद भारत ने अब तक, पच्चास हजार आधुनी रेल कोच बनाए हैं,
21:42पूरानी सरकार दस साल में पच्चास हजार टोइलेट नहीं मना सकती थी,
22:11पच्चास हजार आधुनी कोच तो किये हैं,
22:15करीब डाई लाख वेगन, मालगाड़ी के लिए जो वेगन होते हैं,
22:22भारत के रेल में जोड़े गए हैं, डाई लाख,
22:27साथियों, अब भारत चीप से लेकर शीप तक निर्माण के एक नई गाथा लिख रहा है,
22:39यानि पूर्जे भी हमारे, और प्रोड़क भी हमारा,
22:49आत्मन निर्भरता के एक पूरी चेन भारत में ही बनेगी,
22:56और यह हम सोलर पावर के मामले में देख रहे हैं,
23:02जैसे कड़ाना डेम पर जो फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रोजेक्ट है,
23:09कुछ साल पहले तक देश में सोलर प्रोजेक्ट लगाने बहुत महेंगे पड़ते थे,
23:19क्योंकि पीवी मोडूल से लेकर हर प्रकार का हाड़वेर इंपोर्ट करना पड़ता था,
23:27लेकिन बीते वर्षों में हमने भारत में ही पीवी मोडूल बनाने शुरू किये,
23:35और आज हम इसमें दो सो गिगावर्ट से जादा की कैपेसिटी विक्षिट कर चुके हैं,
23:46और ऐसी ही आत्मनिर परता के कारण,
23:50आज पीएम सुर्यगर मुप्त बिजली योजना का विस्तार हो रहा है,
23:56अब तक देश में 55 लाख परिवार अपने च्छत पर टेरेश पर सोलर प्लांट लगा चुके हैं,
24:09और इसमें 11 लाख परिवार हमारे गुजरात के हैं,
24:17यहां इतने सारे परिवार बिजली उत्पाज़क बन चुके हैं,
24:24और इसके कारण, प्रोडक्शन से लेकर, इंस्टॉलेशन और सर्विस तक,
24:31कितने ही युवाओं को रोजगाल मिला हैं, कितने ही नए वेंडर्स आए हैं,
24:36साथ क्यों,
24:38जूठ की गुञ्ज से भरमाने वाले तो हर चोहराए पर मिल जाएंगे,
24:50लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है,
24:58सच की हुंकार के साथ चलता है,
25:02सच की हुंकार के लिए चलता है,
25:21हमारे युआ साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो,
25:28विंड हो, हाइड्रो हो, नुकलियर हो,
25:34सारे सेक्टर पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही हैं,
25:41साथियों, आने वाले दौर में हर आधुनिक सेक्टर बिजली से ही चलेगा,
25:53इलेक्ट्रीक इको सिस्टिम पर निर्बर होगा,
25:58जैसे चीप इंडस्ट्री हैं, डेटा सेंटर और AI से जुड़ी इंडस्ट्री है,
26:09इनका खाद पानी बिजली ही है,
26:13इसलिए अगर हमें AI में दुनिया के सामने सूपर पावर बनना है,
26:20तो देश को उसकी तयारी उसका इको सिस्टिम भी बनाना होगा,
26:27यही काम भारत ग्राउंड पर कर रहा है,
26:31तभी किसी देश से उरेनियम के लिए समझोते हो रहे हैं,
26:37किसी से क्रिटिकल मिनरल्स और रैर अर्थ मिनरल्स को लेकर समझोते किये जा रहे हैं,
26:44यह सारी महनत देश के युवाओं के फ्यूचर सुर्षित करने के लिए,
26:50दिन रात महनत करके की जा रहे हैं, आपके भविश्च के लिए किया जा रहा हैं,
26:59साथियों, दुनिया तेजी से बदल रही हैं,
27:02तो दुनिया की जरुते भी बदल रही हैं और इसी प्रकार हमारी पढ़ाई लिखाई के तौर तरीके भी बदल रहे
27:12हैं,
27:12पहले फोकस सिर्फ दिग्री पर होता था, लेकिन अब दिग्री के साथ साथ स्कील पर भी फोकस हैं,
27:22स्कील का महत में बढ़ रहा हैं,
27:25नव जमानों के पास स्कील हो और वो स्कील समय समय पर अपगेड़ हो एक बहुत बड़ी जरुत बन गई
27:35हैं और इसलिए आज हम अपनी सिख्षा निति को,
27:42सिख्षान और ट्रेनिंग के समस्तानों को नए रूप में ढाल रहे हैं और इसी भाव के साथ ही मैंने लाल
27:53किले से भीवा सक्ति के लिए दो बड़ी गोस्णा एकी है,
27:58पहली कोस्णा बेट की पारंपारी जरुरत से जुड़ी है, आप सब जानते हैं कि हमारे यहां लाखों नौजवान ऐसे हैं
28:13जो प्रतियोगी परिख्षाओं की तैयारी करते हैं,
28:17हर साल हमारे मिडल क्लास परिवारों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन बच्चों की कोचिंग पर खर्च हो जाता
28:25है, हमारी कोशिद है कि गरीब और मिडल क्लास के इसले बच्चे की परिवारों के पैसों की बच्चत हो,
28:34और इसलिए अब सरकार स्टुडेंट्स को ओनलाइन फ्री कोचिंग व्यवस्ता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है
28:46और इंदुस्तान के बेस्ट तीचर के द्वारा उनके कोचिंग हो
28:51हमारे जो नवजवान अपनी तैयारी कर रहे हैं
28:56उनकी कोचिंग का ध्यान सरकार खुद रखेगी
29:03साथियों भारत के नवजवानों को AI में पारंगत होना उत्रा ही ज़रूरी है
29:11हम चाहते हैं कि हमारे नवजवानों की पीड़ी AI के लिए तैयार हो
29:22ऐसा नहीं है AI सिखने वालों की ज़रूरत सिरफ IT सेक्टर में है
29:29अगर कोई स्कील को जानता है तो वो खेती के लिए नया AI सॉल्यूशन बना सकता है
29:41आरोग्य के क्षेत्र में टेक्नोलोजी विक्सित कर सकता है
29:47मैनुफेक्टिरिंग की प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकता है
29:51रोबोटिक्ट में अपना स्टार्ट अप शुरू कर सकता है
29:54इसलिए जरूरी है कि हमारे पास देश और दुनिया की इंडस्ट्री के लिए
30:03AI को समझने वाले और AI का इस्तमाल करने वाले युवा हो
30:10सरकार इसके लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही
30:16साथियों भारत का ये कालखन अभुद्पुर्वा है
30:20ये भारत की युवा शक्ति का उतकर काल है
30:23ये समय फिर भारत के जिवन में लोटकर नहीं आएगा
30:29और इसलिए हमें 2047 में विक्षिद भारत के लक्ष को सर्वो पर ही रखना है
30:37हमें भारत को विक्षिद बना कर ही रहना है
30:43इसी आहवान के साथ एक बार फिर आप सभी को
30:51विकास कारियों की बहुत बहुत शुप काम ना है
30:56हमें मारू एक काम करू पड़ें वड़ोदरा वड़ाए कर सो
31:02पाक्के पाए
31:07तमें वड़ोदरा आटलू बुदू स्वच्छ राक्त बनावी दिजो
31:13केटली बदी बेहनत करियो पड़ी
31:16हुँ जो तो बदा नाव जुवानी आओ दिवस राद सभाई मा लागे ला आता
31:22पड़ें एक वड़ोदरा आपने नक्की करिये
31:24के हवे आपने वड़ोदरा ने गंदू थवाज नसी जेवू
31:31हुँ पोते गंद की नहीं करू आ संकल्प करिये तो वड़ोदरा गंदू थाए
31:40वड़ोदरा गंदू थाए तो दिवाणी आभी चकाचक जाए कि ना जाए
31:47नवरातरी शांदार जाए कि ना जाए गणोत सवन माँ चार चाज लागे कि ना लागे
31:54पाटलू काम थसे शावाद दन्यवाद भारत माता की भारत माता की बंदे
32:16बंदेग्स
32:17One day, one day, one day!
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