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Over 2,800 kilometres of the Dedicated Freight Corridor project have been completed, establishing a key backbone for trade and transport across eastern and western India. Daily operations now see over 430 freight trains running on these dedicated tracks, significantly reducing travel time and operational costs while expanding connectivity for farmers and industries. Key infrastructure advancements include double-stack container operations from JNPT to Vadodara and the introduction of new rail routes connecting tribal regions across Gujarat, Madhya Pradesh, and Maharashtra. Alongside transport infrastructure, manufacturing capabilities have expanded with indigenous military transport aircraft production, over 50,000 modern rail coaches built since 2014, and floating solar projects boosting domestic renewable capacity. To support youth empowerment and future industrial demands, new initiatives focus on free online coaching for competitive exams and skill development in artificial intelligence and emerging technologies.

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00:00आरत माता की गुजरात के राजपाल आचारिय देवरत जी यहां के लोगप्रिय मुख्मंत्री स्री भुपेंद्र भाई पटेल
00:20इस कारकम में ओनलाइन हमारे साथ अनेक राज्यों के महनुभाव जुड़े हैं
00:31महाराष्टर के गवर्नर जिश्नुदेव वर्मा जी
00:39मुख्मंत्री देवेंद्र फड़नवीज जी
00:43DPCM एकनाचिंदेजी DPCM स्रीमेती सुनेत्र पवार जी
00:50अन्यमंत्री गण, साउसद गण, विदायक गण
00:58और वहाँ पर भी कठेविये लाखो नागरी भाईबेंड
01:06या मंच पर उपस्तित, केंद्रिय मंत्री मंडल के मेरे साथी
01:13अस्विनी वैश्णव, उपमुख्मंत्री, युवा नेता हर्थ संग्वी,
01:21गुजरात सरकार के मंत्री गण, उपस्तित अन्य जनप्रतिनीदी गण,
01:30गुजरात के मेरे प्यारे भाईयों और भेहनों अन्य खाज इतले मड़ा वड़ुद रहना,
01:48महराजा सयाजी राव उनिवर्सिटी का ये मैदान,
01:57अलग-अलग फिल में काम करने वाले सभी साथियों का साथ और विकास का ये उत्सव,
02:10यहां सब कुछ एक साथ हो रहा है,
02:18साथियों, आज मैं विक्सीट भारत की आत्रा को और गती देने के लिए आपके बीच आया हूँ,
02:34थोड़ी देर पहले यहां देश के विकास से जुड़े हजारों करोर रुपिये के प्रोजेक्स का सिलान्यास और लोकारपन हुआ है,
02:51मैं देश की जनता को बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
02:57इस विकास पर्वपर आप सभी ने जिस सेवा भाव से और सेवा भाव के साथ पूरे बढ़ोद्रा शेहर में स्वच्छता
03:15से स्वागत अभियान चलाया है,
03:19इसके लिए मैं बढ़ोद्रा के हर एक नागरिक को रज़य से बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
03:30उनकी सराना करता हूँ,
03:35और ये जो आपने रंग दिखाया ने, मैं कल एक वीडियो देख रहा था,
03:41सिना चोड़ा हो गया, वाह, क्या मेरा बढ़ोद्रा,
03:48और अब तो गणेशोचव की तयारी, बाद में नवरात्री और गणेशोचव और नवरात्री पूरा गुजरात का ध्यान वड़ोद्राप्र होता है,
04:12और आज आपने, मैं देख रहा था, पिछली एक सब्ता से,
04:21हर परिवार में वातावन मन गया, स्वच्चता का,
04:25मुझे लगता है कि इस बार जब गणेशी पदारेंगे न,
04:32सारे आशिरवाद वड़ोद्रापर बरसने वाले हैं,
04:43शाथियों, इस वर्ष लाल के लिए से मैंने विक्सित भारत के लिए संकल्प की सब्त धारा का आहवान किया है,
04:58इस सब्त धारा में एक धारा गती शक्ती की भी है,
05:08विक्सित भारत के लिए हमें ऐसी कनेक्टिविटी चाहिए जो सुगम भी हो और जमाने के हिसाब से जरात तेज भी
05:24हो,
05:27बड़ोद्रा तो गती शक्ती यूनिवर्सिटी का शहर है,
05:39आज यहां से डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर की आखिरी कडियां भी जुड़ गई है,
05:49आज दो हजार आठ सो किलोमेटर से अधिक का डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर प्रोजेक्ट पूरा हो गया,
06:08यह 21 सदी के भारत के लिए बहुत अइतिहासिक कारिय संपन हुआ है,
06:19साथियों,
06:22यह डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर इस बात का साख्षी है,
06:30कि बीते बारा साथ में देश की काम करने की संकृति कैसे बदली है,
06:43इस डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर पर 2004 में विचार शुरूआ था,
06:51यानि यहां मैं सारे नवजवान देख रहा हूँ,
06:53जब इसका विचार शुरू हुआ, आप पैसे बहुत लोग होंगे,
06:59जिनका जन्म भी नहीं हुआ होगा,
07:02उस समय शुरू हुआ था,
07:072006 में,
07:10एक विशेश कंपनी बनाई गई इस काम करने के लिए,
07:16और फिर 2014 तक फाइले ही यहां से वहां होती रही,
07:28फाइले टेबल पे यात्रा कर रही थी,
07:32और दुर्भागिये देखिए,
07:36इन फाइलों को भी,
07:39कोई डेडिकेटेड कोरिडोर नसीब नहीं हुआ,
07:42फाइल को भी नहीं नसीब हुआ,
07:44फाइले अटकती थी, लटकती थी, बटकती थी,
07:50और 2014 में,
07:53बड़ोधरा के और गुजरात के और देश के लोगों ने मुझे गुजरात से निकाल करके दिल्ली भेज दिया,
08:06पहले वाली सरकार,
08:102000 तक रही,
08:14आपने मुझे भेजा और उनकी बिदाय हुई,
08:19और सच्चा ये थी,
08:22कि साथ आठ बर्ष में,
08:26जरा मेरे नवजवान सुन लिए, याद रखिये,
08:31साथ आठ बर्ष में,
08:36एक किलोमिटर फ्रेट कोरिडोर का पर भी,
08:41काम पूरा नहीं हो पाया था,
08:47अगर उनके इसाब से देश चलाते तो पता नहीं,
08:50आपके बाद तीन चार पिड़ी आती तो भी नहीं होता,
08:56भारत के लोजिस्टिक्ट इको सिस्टिम को ट्रांस्फॉर्म करने वाले प्रोजेक्ट की ये हालत करके रखी थी,
09:09साथियों,
09:112014 के बाद,
09:14आपने जो मुझे सिक्षा दिख्षा दी जी,
09:18इस धर्ती ने मुझे जो सिखाया था,
09:23आपके पांच से जो लेशन लेके मैं दिल्ली पहुँचा था,
09:28हमने वहां पहुँचते ही,
09:31इसको गती देने का काम प्रारंब कर दिया,
09:382800 किलोमिटर के कोरिडोर का काम,
09:42आज पूरा करके दिखाया,
09:49और आज इस्टरन और वेस्टरन डेडिकेट फ्रेट कोरिडोर,
09:58देश के व्यापार कारोबार का,
10:02मुख्य आधार बन रहा है,
10:08साथियों, डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर,
10:13तेजी से विक्सिद होते भारत की,
10:17जीवन रेखा है,
10:22इसने भारत के,
10:26ट्रांस्पोर्टेशन सेक्टर का,
10:30काया कल्प कर दिया है,
10:34पहले पैसेंजर ट्रेन,
10:38जिस ट्रेक पर चलती थी,
10:41उसी ट्रेक पर मालगाड़ी भी चलती थी,
10:46यानि ट्रेवल और ट्रांस्पोर्ट,
10:50दोनों धीमा था,
10:53लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर ने,
10:58इस्थीती को बदल दिया है,
11:02आज पूर्वी और पस्चमी फ्रेट कोरिडोर पर,
11:09हर रोज,
11:12चार सो तीस से जादा मालगाड़ियां चलती है,
11:17प्रती दिन चार सो तीस मालगाड़ी,
11:21और पहले जो मालगाड़ी,
11:26साड़े छे घंटे में सो किलोमेटर का सपरताई करती थी,
11:32और वही मालगाड़ी,
11:35आदे से भी कम समय में सो किलोमेटर का सपरताई कर लेगी,
11:45जिस जगह पर,
11:49ट्रक से सामान भेजने में,
11:52सामान ने तौर पर तीस गंटे लगते हैं,
11:58डेडिकेटेड फ्रेट कोरिडोर पर,
12:00यही दूरी दस-बारा घंटे में पूरी हो जाती हैं,
12:09यानि इस कोरिडोर पर,
12:14मालगाड़ी के चलने से,
12:17ट्रक और ट्रेन में लगने वाला फ्यूल बच्चा है,
12:22किराया भाड़ा का खर्च कम हुआ है,
12:26समय बच्चा है,
12:29परियावरन को भाइदा हुआ है,
12:33यानि इन्वेस्ट्मेंट एक ट्रेक पर किया,
12:39और फाइदे अनेग सारे हुए हैं,
12:46साथ्वियों, इस फ्रेट कोरिडोर से,
12:51पूर्वी और पस्तीमी भारत के किसानों की उपज,
12:56अब तेजी से बड़े बाजार तक पहुँच पा रही है,
13:01कई तरह के फूल, कई तरह की सब्जियां, कई तरह के फल,
13:13यानि जो चीजें मौसम के इसाब से जल्दी खराब होती हैं,
13:21उनके लिए भी सही समय पर मंडियों और लोगों के बीच पहुँचने का रास्ता बना है,
13:31इससे किसान का बहुत बड़ा फाइदा हुआ है,
13:35साथियों, एक फ्रेट कोरिडोर एक और वज़े से कमाल का है,
13:44हाली में JNPT मुंबई, JNPT पोर्ट से बडोद्रा तक डबल स्टेक कंटेनर मालगाडी का संचालन किया गया है,
14:01यानि दिब्बे के उपर एक और दिब्बा लगा कर मालगाडी को चलाया गया,
14:07इस मालगाडी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोद्रा
14:24चलाया,
14:28दाइसो ट्रक, अब यह जो नाराज फुभाजी है, वो चिलाएंगे के ट्रक वालों का क्या होगा,
14:48अब फुभाजी को काम मिल गया, यानि अब बड़ी मात्रा में सामान तेजी से देश के एक कोने से दूसरे
15:04कोने तक पहुँच पाएगा,
15:07साथियों, फ्रेट कोरिडियोर के साथ साथ, अब भारत में रेल वहाँ भी पहुँच रही हैं,
15:19जहां इतने दसकों तक नहीं पहुँची थी,
15:23गुजरात हो, मद्यप्रदेश हो, महाराष्ट हो, यहां जो आदिवासिक छेत्र हैं,
15:37वे भी इस प्रोजेक के द्वारा रेल से जुड रहे हैं,
15:44पहले की सरकार में, बजट में, एक दो ट्रेनों की गोष्णा होती थी,
15:55और उसके भी साल भर डोल पिटे जाते थे,
16:01जबकि आज देश में, साल भर एक के बाद एक नई ट्रेने चलाई जा रही हैं,
16:11आज भी इस कारकम में, कई नई ट्रेन शुरू हुई हैं,
16:19नई ट्रेन से, बडोदरा, छोटा उदेपूर, और अली राजपूर के लोगों को,
16:27बहुत सुविदा होगी, साथियों, रोड, रेल, मेट्रो, एरपोर्ट, गेस पाइपलाइन, गरीबों का घर,
16:41जब देश में, करोडों लोगों के लिए चीजे बनती हैं, इससे लोगों का जीवन आसान होता है,
16:51और साथ ही, छोटे से बड़े कामगार को, रोजगार के लाखों लाख आउसर मिलते हैं,
17:01आप रेलवे का ही देखिए, इस वर्ष का रेल बजेट पोने तीन लाख करोड रुपे से अधिक रहा है,
17:12ये बारा वर्ष पहले की तुल्ना में कई गुणा अधिक है,
17:19यानि रेलवे के आदुनी करण पर हो रहा खड़, हजारों हजार नए रोजगार बना रहा है,
17:29और ये रोजगार, कंस्ट्रक्शन के दौरान तो बनता ही है,
17:35एक बार रोड, रेल, पाइट प्लाइन, पॉर्ट, एर्पॉर्ट बन गया,
17:44तो फिर उसके आसपास नए उद्द्योग लगना शुरू हो जाते हैं,
17:51नए बिजनेस आते हैं, ये फिर नए रोजगार बनाते हैं,
18:00वहाँ कुछ लोग वो बेटी चित्र लेके कप से खड़ी हैं,
18:05वो सज्जन भी कुछ कला लेकर के आये हैं, जरा हमारे साथ ही उसको कलेक कर लें,
18:16ये आगे पहुँचा दीजिए, हाँ, एक और भी है कोई, हाँ, ले लीजिए,
18:26आपका बहुत बहुत धन्यवाद,
18:37साथियों, मैंने देश के सामने विक्सित भारत की जिन सब तधाराओं का विजन रखा है,
18:48उनमें एक धारा मैनुफेक्टरिंग की भी है,
18:52और वडोद्रा शहर इसकी ताकत अच्छे से जानता भी है, समझता भी है,
19:05एजुकेशन, स्कील और इंडस्ट्री का कॉलेब कैसे होता है,
19:14ये वडोद्रा करीब देड़ सो साल से इसका प्रतिमिम है,
19:21दसकों पहले यहां टेक्स्ट्राइल और ट्राइल्स के निर्मार से एक आत्रा शुरू होई थी,
19:29जो बाद में ओयल और पेट्रोकमिकल्स के साथ आगे बढ़ी,
19:35पिछले दो धाई दसक में वडोद्रा मसमिस का एक बड़ा हब बन गया है,
19:40और मुझे आध है, जब मैं नयानय मुख्विंत्री बना था,
19:45तो वडोद्राव का मेरे पर स्पेशल अधिकार रहा है हमेशा,
19:49तो हर हफ्ते कोई कोई डेलिकेशन आता था,
19:55बज हमारे वडोद्रा में कुछ मैनुफेकरिंग का हो,
19:57मैनुफेकरिंग का हो, क्योंकि यहाँ पर आते थे,
20:00तो या तो जोती, या एलेमबिक, या तो जीएसेप्सी,
20:06यही सब दिखता था, और कुछ सुनता नहीं देता,
20:10आज कहां से कहां बदल गया है,
20:14अब तो यह शहर, देश के पहले,
20:19made in India, military transport aircraft के लिए भी जाना जा रहा है,
20:28C295 aircraft की पहली flight, यहाँ आसमा देख चुकी है,
20:36मैं बड़ दुरा के लोगों को यह गवरों पाने के लिए बहुत बहुत बढ़ाई देता हूँ,
20:47साथियों, जब देश की manufacturing की बात हो रही है,
20:53तो मैं एक और आखड़ा बताना चाहता हूँ,
20:56बीते एक दसक में, भारत, रेल कोच, मेट्रो कोच बनाने का,
21:07रेल इंजिन बनाने का भी, एक बड़ा निर्माता बना है,
21:152014 के बाद से अब तक, भारत ने करीब पच्चास हजार याकड़ा सुन लिए,
21:282014 के बाद भारत ने अब तक, पच्चास हजार आधुनी रेल कोच बनाए हैं,
21:42पूरानी सरकार दस साल में पच्चास हजार टोइलेट नहीं मना सकती थी,
22:11पच्चास हजार आधुनी कोच तो किये हैं,
22:15करीब डाई लाख वेगन, मालगाड़ी के लिए जो वेगन होते हैं,
22:22भारत के रेल में जोड़े गए हैं, डाई लाख,
22:27साथियों, अब भारत चीप से लेकर शीप तक निर्माण के एक नई गाथा लिख रहा है,
22:39यानि पूर्जे भी हमारे, और प्रोड़क भी हमारा,
22:49आत्मन निर्भरता के एक पूरी चेन भारत में ही बनेगी,
22:56और यह हम सोलर पावर के मामले में देख रहे हैं,
23:02जैसे कड़ाना डेम पर जो फ्लोटिंग सोलर प्लांट प्रोजेक्ट है,
23:09कुछ साल पहले तक देश में सोलर प्रोजेक्ट लगाने बहुत महेंगे पड़ते थे,
23:19क्योंकि पीवी मोडूल से लेकर हर प्रकार का हाड़वेर इंपोर्ट करना पड़ता था,
23:27लेकिन बीते वर्षों में हमने भारत में ही पीवी मोडूल बनाने शुरू किये,
23:35और आज हम इसमें दो सो गिगावर्ट से जादा की कैपेसिटी विक्षिट कर चुके हैं,
23:46और ऐसी ही आत्मनिर परता के कारण,
23:50आज पीएम सुर्यगर मुप्त बिजली योजना का विस्तार हो रहा है,
23:56अब तक देश में 55 लाख परिवार अपने च्छत पर टेरेश पर सोलर प्लांट लगा चुके हैं,
24:09और इसमें 11 लाख परिवार हमारे गुजरात के हैं,
24:17यहां इतने सारे परिवार बिजली उत्पाज़क बन चुके हैं,
24:24और इसके कारण, प्रोडक्शन से लेकर, इंस्टॉलेशन और सर्विस तक,
24:31कितने ही युवाओं को रोजगाल मिला हैं, कितने ही नए वेंडर्स आए हैं,
24:36साथ क्यों,
24:38जूठ की गुञ्ज से भरमाने वाले तो हर चोहराए पर मिल जाएंगे,
24:50लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है,
24:58सच की हुंकार के साथ चलता है,
25:02सच की हुंकार के लिए चलता है,
25:21हमारे युआ साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो,
25:28विंड हो, हाइड्रो हो, नुकलियर हो,
25:34सारे सेक्टर पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही हैं,
25:41साथियों, आने वाले दौर में हर आधुनिक सेक्टर बिजली से ही चलेगा,
25:53इलेक्ट्रीक इको सिस्टिम पर निर्बर होगा,
25:58जैसे चीप इंडस्ट्री हैं, डेटा सेंटर और AI से जुड़ी इंडस्ट्री है,
26:09इनका खाद पानी बिजली ही है,
26:13इसलिए अगर हमें AI में दुनिया के सामने सूपर पावर बनना है,
26:20तो देश को उसकी तयारी उसका इको सिस्टिम भी बनाना होगा,
26:27यही काम भारत ग्राउंड पर कर रहा है,
26:31तभी किसी देश से उरेनियम के लिए समझोते हो रहे हैं,
26:37किसी से क्रिटिकल मिनरल्स और रैर अर्थ मिनरल्स को लेकर समझोते किये जा रहे हैं,
26:44यह सारी महनत देश के युवाओं के फ्यूचर सुर्षित करने के लिए,
26:50दिन रात महनत करके की जा रहे हैं, आपके भविश्च के लिए किया जा रहा हैं,
26:59साथियों, दुनिया तेजी से बदल रही हैं,
27:02तो दुनिया की जरुते भी बदल रही हैं और इसी प्रकार हमारी पढ़ाई लिखाई के तौर तरीके भी बदल रहे
27:12हैं,
27:12पहले फोकस सिर्फ दिग्री पर होता था, लेकिन अब दिग्री के साथ साथ स्कील पर भी फोकस हैं,
27:22स्कील का महत में बढ़ रहा हैं,
27:25नव जमानों के पास स्कील हो और वो स्कील समय समय पर अपगेड़ हो एक बहुत बड़ी जरुत बन गई
27:35हैं और इसलिए आज हम अपनी सिख्षा निति को,
27:42सिख्षान और ट्रेनिंग के समस्तानों को नए रूप में ढाल रहे हैं और इसी भाव के साथ ही मैंने लाल
27:53किले से भीवा सक्ति के लिए दो बड़ी गोस्णा एकी है,
27:58पहली कोस्णा बेट की पारंपारी जरुरत से जुड़ी है, आप सब जानते हैं कि हमारे यहां लाखों नौजवान ऐसे हैं
28:13जो प्रतियोगी परिख्षाओं की तैयारी करते हैं,
28:17हर साल हमारे मिडल क्लास परिवारों की कमाई का एक बड़ा हिस्सा इन बच्चों की कोचिंग पर खर्च हो जाता
28:25है, हमारी कोशिद है कि गरीब और मिडल क्लास के इसले बच्चे की परिवारों के पैसों की बच्चत हो,
28:34और इसलिए अब सरकार स्टुडेंट्स को ओनलाइन फ्री कोचिंग व्यवस्ता देने की दिशा में आगे बढ़ रही है
28:46और इंदुस्तान के बेस्ट तीचर के द्वारा उनके कोचिंग हो
28:51हमारे जो नवजवान अपनी तैयारी कर रहे हैं
28:56उनकी कोचिंग का ध्यान सरकार खुद रखेगी
29:03साथियों भारत के नवजवानों को AI में पारंगत होना उत्रा ही ज़रूरी है
29:11हम चाहते हैं कि हमारे नवजवानों की पीड़ी AI के लिए तैयार हो
29:22ऐसा नहीं है AI सिखने वालों की ज़रूरत सिरफ IT सेक्टर में है
29:29अगर कोई स्कील को जानता है तो वो खेती के लिए नया AI सॉल्यूशन बना सकता है
29:41आरोग्य के क्षेत्र में टेक्नोलोजी विक्सित कर सकता है
29:47मैनुफेक्टिरिंग की प्रोडक्टिविटी बढ़ा सकता है
29:51रोबोटिक्ट में अपना स्टार्ट अप शुरू कर सकता है
29:54इसलिए जरूरी है कि हमारे पास देश और दुनिया की इंडस्ट्री के लिए
30:03AI को समझने वाले और AI का इस्तमाल करने वाले युवा हो
30:10सरकार इसके लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही
30:16साथियों भारत का ये कालखन अभुद्पुर्वा है
30:20ये भारत की युवा शक्ति का उतकर काल है
30:23ये समय फिर भारत के जिवन में लोटकर नहीं आएगा
30:29और इसलिए हमें 2047 में विक्षिद भारत के लक्ष को सर्वो पर ही रखना है
30:37हमें भारत को विक्षिद बना कर ही रहना है
30:43इसी आहवान के साथ एक बार फिर आप सभी को
30:51विकास कारियों की बहुत बहुत शुप काम ना है
30:56हमें मारू एक काम करू पड़ें वड़ोदरा वड़ाए कर सो
31:02पाक्के पाए
31:07तमें वड़ोदरा आटलू बुदू स्वच्छ राक्त बनावी दिजो
31:13केटली बदी बेहनत करियो पड़ी
31:16हुँ जो तो बदा नाव जुवानी आओ दिवस राद सभाई मा लागे ला आता
31:22पड़ें एक वड़ोदरा आपने नक्की करिये
31:24के हवे आपने वड़ोदरा ने गंदू थवाज नसी जेवू
31:31हुँ पोते गंद की नहीं करू आ संकल्प करिये तो वड़ोदरा गंदू थाए
31:40वड़ोदरा गंदू थाए तो दिवाणी आभी चकाचक जाए कि ना जाए
31:47नवरातरी शांदार जाए कि ना जाए गणोत सवन माँ चार चाज लागे कि ना लागे
31:54पाटलू काम थसे शावाद दन्यवाद भारत माता की भारत माता की बंदे
32:16बंदेग्स
32:17One day, one day, one day!
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