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  • 1 hour ago
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद गिराए जाने के बाद मलबे के नीचे मिली कुएंनुमा संरचना ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग के सहायक पुरातत्व अधिकारी मनोज कुमार यादव ने मौके पर पहुंचकर संरचना का बारीकी से निरीक्षण किया और खुद उसके अंदर उतरकर बनावट, ईंटों और निर्माण सामग्री को देखा। पुरातत्व अधिकारी के शुरुआती आकलन के मुताबिक यह संरचना उत्तर-मध्यकालीन वास्तुकला से जुड़ी हो सकती है और करीब 200 से 250 वर्ष पुरानी होने का अनुमान है। हालांकि, अंदर मौजूद मलबे के कारण अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि यह सिर्फ एक कुआं है या इसके पीछे कोई अन्य ऐतिहासिक संरचना भी मौजूद है। इस बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्ष ने सर्वे और कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।

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00:00UP के सहारनपूर कलेक्प्रेट परिसर में अवैद मस्जिद को गिराए जाने के बाद सामने आई कुए नुमा सनर्चना को लेकर
00:10विवाद गहराता जा रहा है।
00:12दवा है कि मस्जिद के मलबे के नीचे मिली ये सरचना एक कुए की है जो करीब 200 से 200
00:19साल पूराना है।
00:42मनोच कुमार यादाओ का कहना है कि सनर्चना की उम्र करीब 200 से 200 साल पूरानी हो सकती है जिसके
00:49उपर मिट्टी डाल कर मस्जिद बना दी गई।
01:12मारी एक काल खंडे तो इसको 200 से 200 वर्ष हम रख सकते हैं।
01:17क्योंकि इसके साथ और भी चीज़े अगर मिलती है तो अथेंटिक हो जाता है।
01:21इसके साथ सिर्फ एक सरशना है कुप के समान तो यह जो इंटो का प्रचलन था यह उत्तर मंदेकाल में
01:28प्रचलन में रहा।
01:30अब सवाल है कि क्या यह सिर्फ एक पूराना कुआ है या इसके नीचे कोई और एतिहासिक संरशना भी मौजूद
01:38है क्योंकि कुएं के अंदर अभी भी भारी मात्रा में मलवा मौजूद है और इसी वजह से इसकी पूरी बनावट
01:47को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पाई है�
01:53आमला प्रशासन के अधिकारिक शेत्र में है यानि फिलाल इस पूरानी संशना को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है जांच
02:02जारी है और निश्कर्ष का अंतिजार है लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती जैसे ही मनोज यादों का ये दावस
02:10सामने आया सियासी बयान बाज
02:15है कि एक तो सरकार ने पहले मस्जित को बिना किसी को बताए गिराया गया और अब उसके नीचे मिली
02:23संव्रशना को कुवा तिर्थ साबित करने में जुटी है
02:28देखिए ये सब बेवकूफी की बाते हैं एक दिन में आये एसाई के लोग और फिर संव्रशना को ध्वस्त कर
02:37रहे हैं
02:37ऐसी कौन सी तकनीक उनके पास आगई कि 24 घंटे के अंदर उन्होंने 300 साल पुराना कुवा बता दिया
02:45एसी कौन सी तकनीक आगई उनके पास कि वो आते ही अपने आपको बता रहे हैं वो कहीं से और
02:51से आए
02:52क्या उनके बाप दादा बैठे हुए थे उस मनोज यादव के वहाँ पर या एसाई के जो बात कर रहे
02:58हैं इस तरीके की
02:59यह सब लोग सम्मिधान के विरोध में भारती जन्ता पार्टी के दबाओ में बात कर रहे हैं इस मनोज यादव
03:06को भी कानून देखेगा
03:17वही सरकार तो कहना है कि मामले में जो भी सच्चाई होगी वो जाच के बात सामने आएगी
03:23यह वो उनका काम है AISI से हमारी बात नहीं हुई है लेकिन जो भी मामले हैं हमारे पास लाइन
03:29आडर मिंटेन करने के जुम्हेदारी है
03:31हन कानून बेवस्था को मिंटेन है
03:32इस मस्जिद को दिमॉलिस किया गया है वो कुवे पर बनी हुई इमारत थी
03:38और कोवा पर्मपरागत पौराणिक जनता को पानी उपलब तराने का सबसे बढ़ा माध्यम होता था
03:47बताईए ऐसे लोग जिन्होंने जनता के पीने के पानी को भी दबाते हुए मस्जिद बनाने का काम किया था
04:06ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
04:29ॐ ॐ ॐ ॐ ॐ
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