Skip to playerSkip to main content
  • 1 day ago
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व सांसद वुंडावल्ली अरुण कुमार की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें मार्गदर्शी फाइनेंशियर्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी. इसके साथ ही, करीब दो दशक पहले शुरू हुई एक कानूनी लड़ाई का अंत हो गया. यह फैसला दिवंगत रामोजी राव की ओर से मार्गदर्शी के डिपॉजिटर्स को भरोसा दिलाने के लगभग 20 साल बाद आया है, जब कई राजनेताओं ने मार्गदर्शी पर आरोप लगाए थे. इन आरोपों के बाद, 10 नवंबर 2006 को रामोजी राव ने मार्गदर्शी के डिपोजिटर्स के नाम एक खुला पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आश्वासन दिया था कि यह संस्था इन बेबुनियाद आरोपों से "साफ धुले हुए मोती की तरह" बेदाग निकलकर बाहर आएगी और इसमें उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. पत्र में रामोजी राव ने लिखा, डिपॉजिट के रूप में जुटाया गया सारा पैसा हमारे परिवार के HUF के तहत आने वाले संस्थानों में निवेश किया गया है. चूंकि HUF का प्रबंधन हमारे परिवार द्वारा ही किया जाता है, इसलिए यदि कभी आवश्यकता पड़ी, तो हम उन संस्थानों में अपनी हिस्सेदारी (स्टेक) बेचकर भी मार्गदर्शी फाइनेंशियर्स को मजबूत करेंगे जिनमें यह पैसा निवेश किया गया था.हमेशा की तरह, हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जमाकर्ताओं को उनके डिपॉजिट की मैच्योरिटी पर उनका भुगतान समय पर मिले, जिससे उन्हें पूरी संतुष्टि हो. परिवार के मुखिया के रूप में और परिवार के सभी सदस्यों की ओर से, मैं जमाकर्ताओं के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की हमारी बेदाग और पुरानी परंपरा को बनाए रखने का वादा करता हूं.

Category

🗞
News
Transcript
00:27Supreme Court
00:57Supreme Court
01:00Supreme Court
01:30Supreme Court
01:32Supreme Court
01:47ुपार्टी के लिएक विश्टारी पार्टी के नेताओं द्वारा इस विवात को खड़े करने के पीछे क्या कारण है
01:59समझतार जनता और विशेष रूप से मार्गदर्श्टी के ग्रहकों से एबात छिपी नहीं है कि इनाडू और इटीवी नेटवर्क हमेशा
02:08से जनहित के मुद्दो को उठाते रहे हैं
02:10हाल के दिनों में इनाडू और इटीवी ने एक बेहद जोखिम भरा काम किया है जो तलवार की धार पर
02:17चलने जैसा है
02:18ताकि सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं के भरष्टचार और गलत कामों को पुखता सबूतों के साथ उजागर किया जा सके
02:27इसी वजह से इनाडू इटीवी और मेरे खिलाफ मन में गुस्ता पाले हुए सत्ताधारी पार्टी के नेता रामोजवी गुरूप की
02:36कमपनियों को एक बड़ा जटका देने के तरीके ढूड रहे थे
02:40उनका मानना था कि मार्क दर्शी के खिलाफ जूठा प्रचार अवियान चला कर वे अपने मकसद को आसानी से हासिल
02:48कर लेंगे इसलिए उन्होंने इसे निशाना बनाया
02:53मैं यह भी सपश्ट रूफ से कहना चाहता हूँ कि H.E.U.F. ने किसी भी मोन पर किसी
02:58कानून का उलंगन नहीं किया है और ना ही कोई अवैध गतिविदी की है
03:03मार्क दर्शी के निवेशिकों ने कभी अपनी संस्था पर विश्वास नहीं जताया
03:08इसके बावजूद जब कुछ नेताओं ने मार्क दर्शी पर सवाल उठाए तो उस वक्त रामुजी राओं ने निवेशिकों से ऐसा
03:16कुछ कहा जैसा कहने की हिम्मत बहुत कम लोगों में होती है
03:21उन्होंने लिखा
03:24डिपोजिट की रूप में जुटाया गया सारा पैसा हमारे परिवार के हुएफ के तहट आने वाले संस्थानों में निवेश किया
03:32गया है
03:32चुकि हुएफ का प्रबंधन हमारे परिवार द्वारा ही किया जाता है इसलिए यदि कभी आवशकता पड़ी
03:39तो हम उन संस्थानों में अपनी हिस्सेदारी बेश कर भी मार्कदर्शी फाइनेंसियर्स को मजबूत करेंगे जिन में एह पैसा निवेश
03:48किया गया था
03:49सुनिश्चित करेंगे कि जमा करताओं को उनके डिपॉजिट की मैचुर्टी पर उनका भुकतान समय पर मिले जिससे उन्हें पूरी संतुष्टी
03:59हो
03:59परिवार के मुखिया के रूप में और परिवार के सभी सदस्यों की ओर से मैं जमा करताओं कि प्रत अपनी
04:06जिमेदारियों को निभाने की हमारी बेदाग और पुरानी परंपरा को बनाए रखने का वाइदा करता हूँ
04:14मैं यह वादा करता हूँ कि हम अपने ग्राहकों के हितों की रक्षा पूरी सावधानी से करेंगे भली ही इसके
04:22लिए हमें अपनी खुद की समपतियां ही क्यों न बेचिनी पड़े
04:27ग्राहकों के नाम लिखे रामोजी राओ के इस पत्र को 20 साल पूरे होने को है लेकिन 20 साल बाद
04:34भी वो एतिहासिक पत्र चर्चा में है और लोग उस अटूट प्रतिबधता को याद कर रहे हैं
04:40ब्यूरो रिपोर्ट एटीवी भारे
Comments

Recommended