00:28आस देश भर में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है।
00:30आस देश भर में शिक्षकों से पूछा कि अगर कोई बच्चा पढ़ाई में कमजोर है तो क्या उसे सिर्फ कमजोर
00:33माल लिया जाए या फिर उसके अंदर शिपी किसी दूसरी प्रतिवा को पहचाना जाए।
01:00उन सबी में अलग-अलग होबी है, अलग-अलग टैलेंट है, अलग-अलग चैलेंज है और एक शिक्षक के नाते
01:05मैं उन सारे टैलेंट को आइडेंटिफाई करती हूँ और मैंने किया है।
01:08बाचीत के दोरान प्रधान मंत्री ने एक शिशका से अपनी पब्लिक स्पीकिंग स्किल्स बहतर करने का तरीका भी पूछा।
01:15आप बच्चों को पब्लिक स्पीकिंग सिखाते हैं अगर मैं अपक्या विद्यारती हूँ और मुझे पब्लिक स्पीकिंग के लिए अपने आपको
01:26अच्छा ओरेटर बनाना है तो मुझे टीफ दीजिए मुझे क्या क्या करना चाहिए।
01:53आपको पब्लिक स्पीकर बना है तो आपको पब्लिक स्पीकर बना है तो
02:01और आने होना चाहिए ने होना चाहिए आपका तो पहली है सर यानि संदेश साफ है बच्चों को सिर्फ कितावी
02:09ग्यार नहीं बलकि अपनी बात रखने का आत्म विश्वाद भी देना होगा प्येम मोदी ने बच्चों के स्क्रीन टाइम पर
02:26भी चिंता जताई
02:49और आखिर में प्रधान मंत्री ने शिक्षा जगत को एक बड़ा संदेश दिया और कहा कि अब बच्चों को सिर्फ
02:55किताबों और स्लेबस के दायरे में रख कर नहीं पढ़ाया जा सकता
02:59बात तो आप लोगों से कर रहा हूं लेकिन एक प्रधास ता मैं पूरे शिक्षा जगत से यह कहना चाहता
03:04है
03:05कि हमें बहुत पहले से जादा किताबों से बहार निकल करके सिर्फ से बहार निकल करके बच्चों की जिंदगी में
03:15गुसना पड़ेगा
03:16बच्चपन मरने नहीं देना चाहिए और बच्चपन बनाये रखना का सबसे बड़ा काम टीचर कर सकता है
03:29टीचर का काम है कि उसके भीतर का बच्चपन बना रहे
03:34यानि शिक्षक दिबसव पियम मोदी का संदेश सिर्फ शिक्षकों के सम्मान तक सीमित नहीं रहा
03:38बलकि शिक्षा की दिशा पर भी एक बड़ी बात सामने आई
03:41और वो ये की बच्चों को ऐसी शिक्षा देने की जरूरत है जो बच्चों को किताब से आगे उनकी जिन्दगी
03:47को समझे
03:47उनके टैलेंट को पहचाने उनके आत्मिश्वास को बढ़ाए और उनके अंदर के बच्चमन को जिन्दा रखे
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