00:00आयोध्या के राम मंदिर की विवस्था को लेकर अब एक ऐसा नाम चर्चा में है जिसका अतीत पुलिस की कारवाई
00:07और बड़े गैंग श्ट्रों के इंकाउंटर से जुड़ा रहा है।
00:10पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे को राम मंदिर का पहला CEO बनाये जाने की चर्चा है अगर ये फैसला होता
00:17है तो मंदिर की विवस्था समालने वाले इस पद पर एक ऐसे अधिकारी की एंटरी होगी जिनका पुलिस करियर काफी
00:24चर्चित रहा है।
00:25दरसल अयोध्या राम मंदिर में चड़ावे चोरी का मामला सामने आने के बाद शिराम जनभूमी तीर्त छेतर ट्रस्ट की तीसरी
00:32बैठक हो रही है। इस बैठक को कई मायनों में एहम माना जा रहा है। बैठक में तीन ने ट्रस्टियों
00:38का नाम का एलान किया गया है। दि
00:54शिंदू परिशत के पूरवध्यक्ष अशोक सिंगल के रिष्टेदार हैं और अशोक सिंगल फाउंडेशन से भी जुड़े हैं। साल 2020 में
01:03जब राम मंदिर का भूमी पूजन हुआ था तब उन्हें मुख्य जमान बनाया गया था। इसके बाद 2024 में राम
01:09मंदिर की प्रा
01:22राजे श्पांडे को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है यानी पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को देखने के
01:28लिए एक CEO की न्यूक्ती किया सकती है। और इस पद के लिए राजे शिपांडे का नाम सबसे आगे बताया
01:35जा रहा है। राजे शिपांडे प्रियाग
01:49टेरिस स्कॉर्ड यानि ATS के शुरुवाती दोर से जुड़े अधिकारियों में रहे हैं।
02:21इसके लावां वो उत्तर प्रदेश में कई जिलों में वरिष्ट पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी सम्हाल चुके हैं।
02:49प्रबंधन और मंदिर से जुड़े दूसरे प्रशाशनी कामों को विवस्थित तरीके से चलाना बड़ी जिम्मेदारी है।
02:58क्या एक अनभवी पूर पुलिस अधिकारी को ये जिम्मेदारी दे कर ट्रश्ट मंदिर के प्रशाशन को और मजबूत करना चाहता
03:04है।
03:05इसके लावा बैठक में विशिंदू परिसत से जुड़े रहे शर्शर्मा को ट्रश्ट का प्रवक्ता बनाय जाने की भी चर्चा है।
03:12प्रसाद समित और परकर्मा समित के गठन का भी एलान हो सकता है।
03:16हाला कि ट्रश्ट के अस्थाई महासचु के नाम की घोश्रा अभी मुश्किल बताई जा रही है।
03:21फिलहाल राजश पांडे की न्यूक्ती पर अंतिमाधिकारिक एलान का इंतिजार है।
03:26लेकिन अगर उन्हें राम मंदिर का पहला CEO बनाया जाता है तो ये सिर्फ एक नई न्यूक्ती नहीं होगी।
03:33ये राम मंदिर के बढ़ते कामकाज को एक नए प्रशाशनिक धाचे में ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना
03:39जाएगा।
03:40इस पूरी कवायत को सिर्फ एक नियूक्ती के तौर पर देखना शायद सही नहीं होगा।
03:45राम मंदिर के निर्मार के बाद आयोध्या में जिस तरह श्रद्धालियों की संख्या बड़ी है उससे मंदिर की रोजमर्रा की
03:52व्योस्था भी पहले से कहीं जादा बड़ी हो गई है।
04:16अगर राजश पांडे के नाम पर मुहर लगती है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनोती होगी मंदिर से जुड़े अलग
04:23-अलग कामों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए।
04:26एक तरफ लाखोश रधालूओं की सुविधा का सवाल होगा तो दूसरी तरफ मंदिर से जुड़े संसाधनों और व्योस्थाओं को पारदर्शी
04:35तरीके से चलाने की जिम्मेदारी भी होगी।
04:37चड़ावे की चोड़ी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्योस्था और निगरानी को लेकर पहले ही सवाल उठ
04:44चुके हैं। ऐसे में नई प्रशासनिक व्योस्था से ये उम्मीद की जा सकती है कि मंदिर से जुड़े कामों की
04:50निगरानी और मजबूत हो।
04:52हाला कि किसी भी नई व्योस्था का असर तब ही दिखेगा जब जिम्मेदारियों को साफ तरीके से बाटा जाए और
04:59कामकाज में जवाबदे ही तै हो। राजेश पांडे का पुलिस में लंबा अनभव इस भूमिका में कितना काम आएगा ये
05:07भी देखने वाली बात होगी�
05:13काम किया है वहीं मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी इस से अलग तरह की है जहां धार्मिक व्योस्था के साथ साथ
05:20बड़ी संख्या में लोगों की सुविधा और संस्थागत प्रवंधन भी जुड़ा हुआ है। इसलिए अगर उनकी नियुक्ती होती है तो
05:28लोगों की न�
05:41जादा निगरानी होगी क्या शद्धालूं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी इन सवालों के जवाब आने वाले समय में मिलेंगे फिलहाल
05:49ट्रस्ट की बैठक में ने ट्रस्टियों की घोश्रा के बाद सबकी नजर CEO पर टिकी हुई है राजेश पांडे का
05:57नाम �
05:57चर्चा में जरूर है लेकिन अंतिम फैसला और आधिकारी घोश्रा होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी तब
06:04तक सवाल यही है कि क्या एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले टूर्व IPS राजेश पांडे अब राम
06:12मंदिर की विशाल व
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