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Ram Mandir Trust First CEO को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। चर्चा है कि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे पूर्व IPS Rajesh Pandey को श्री राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं की बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव माना जाएगा। आखिर कौन हैं Rajesh Pandey? श्रीप्रकाश शुक्ला के एनकाउंटर से उनका नाम कैसे जुड़ा रहा है? क्या पूर्व IPS अधिकारी को Ram Mandir Trust का पहला CEO बनाया जाएगा? इस वीडियो में जानिए राम मंदिर के नए CEO की चर्चा, Rajesh Pandey का पुलिस करियर, ट्रस्ट की भूमिका और इस बड़े फैसले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण अपडेट।

Ram Mandir Trust First CEO: A major discussion is underway over the possible appointment of former IPS officer Rajesh Pandey as the first CEO of the Ram Mandir Trust. Known for his career as an encounter specialist, Rajesh Pandey’s name has once again come into focus amid reports about a possible new administrative role connected to the Ram Mandir in Ayodhya. But who is Rajesh Pandey, and why is his name being considered for such an important responsibility? In this video, we discuss the latest Ram Mandir Trust news, Rajesh Pandey’s police career, the reported CEO appointment, Ayodhya developments and what this possible decision could mean for the temple’s administration.

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00:00आयोध्या के राम मंदिर की विवस्था को लेकर अब एक ऐसा नाम चर्चा में है जिसका अतीत पुलिस की कारवाई
00:07और बड़े गैंग श्ट्रों के इंकाउंटर से जुड़ा रहा है।
00:10पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे को राम मंदिर का पहला CEO बनाये जाने की चर्चा है अगर ये फैसला होता
00:17है तो मंदिर की विवस्था समालने वाले इस पद पर एक ऐसे अधिकारी की एंटरी होगी जिनका पुलिस करियर काफी
00:24चर्चित रहा है।
00:25दरसल अयोध्या राम मंदिर में चड़ावे चोरी का मामला सामने आने के बाद शिराम जनभूमी तीर्त छेतर ट्रस्ट की तीसरी
00:32बैठक हो रही है। इस बैठक को कई मायनों में एहम माना जा रहा है। बैठक में तीन ने ट्रस्टियों
00:38का नाम का एलान किया गया है। दि
00:54शिंदू परिशत के पूरवध्यक्ष अशोक सिंगल के रिष्टेदार हैं और अशोक सिंगल फाउंडेशन से भी जुड़े हैं। साल 2020 में
01:03जब राम मंदिर का भूमी पूजन हुआ था तब उन्हें मुख्य जमान बनाया गया था। इसके बाद 2024 में राम
01:09मंदिर की प्रा
01:22राजे श्पांडे को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है यानी पहली बार राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज को देखने के
01:28लिए एक CEO की न्यूक्ती किया सकती है। और इस पद के लिए राजे शिपांडे का नाम सबसे आगे बताया
01:35जा रहा है। राजे शिपांडे प्रियाग
01:49टेरिस स्कॉर्ड यानि ATS के शुरुवाती दोर से जुड़े अधिकारियों में रहे हैं।
02:21इसके लावां वो उत्तर प्रदेश में कई जिलों में वरिष्ट पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी सम्हाल चुके हैं।
02:49प्रबंधन और मंदिर से जुड़े दूसरे प्रशाशनी कामों को विवस्थित तरीके से चलाना बड़ी जिम्मेदारी है।
02:58क्या एक अनभवी पूर पुलिस अधिकारी को ये जिम्मेदारी दे कर ट्रश्ट मंदिर के प्रशाशन को और मजबूत करना चाहता
03:04है।
03:05इसके लावा बैठक में विशिंदू परिसत से जुड़े रहे शर्शर्मा को ट्रश्ट का प्रवक्ता बनाय जाने की भी चर्चा है।
03:12प्रसाद समित और परकर्मा समित के गठन का भी एलान हो सकता है।
03:16हाला कि ट्रश्ट के अस्थाई महासचु के नाम की घोश्रा अभी मुश्किल बताई जा रही है।
03:21फिलहाल राजश पांडे की न्यूक्ती पर अंतिमाधिकारिक एलान का इंतिजार है।
03:26लेकिन अगर उन्हें राम मंदिर का पहला CEO बनाया जाता है तो ये सिर्फ एक नई न्यूक्ती नहीं होगी।
03:33ये राम मंदिर के बढ़ते कामकाज को एक नए प्रशाशनिक धाचे में ले जाने की दिशा में बड़ा कदम माना
03:39जाएगा।
03:40इस पूरी कवायत को सिर्फ एक नियूक्ती के तौर पर देखना शायद सही नहीं होगा।
03:45राम मंदिर के निर्मार के बाद आयोध्या में जिस तरह श्रद्धालियों की संख्या बड़ी है उससे मंदिर की रोजमर्रा की
03:52व्योस्था भी पहले से कहीं जादा बड़ी हो गई है।
04:16अगर राजश पांडे के नाम पर मुहर लगती है तो उनके सामने सबसे बड़ी चुनोती होगी मंदिर से जुड़े अलग
04:23-अलग कामों के बीच बेहतर तालमेल बनाया जाए।
04:26एक तरफ लाखोश रधालूओं की सुविधा का सवाल होगा तो दूसरी तरफ मंदिर से जुड़े संसाधनों और व्योस्थाओं को पारदर्शी
04:35तरीके से चलाने की जिम्मेदारी भी होगी।
04:37चड़ावे की चोड़ी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्योस्था और निगरानी को लेकर पहले ही सवाल उठ
04:44चुके हैं। ऐसे में नई प्रशासनिक व्योस्था से ये उम्मीद की जा सकती है कि मंदिर से जुड़े कामों की
04:50निगरानी और मजबूत हो।
04:52हाला कि किसी भी नई व्योस्था का असर तब ही दिखेगा जब जिम्मेदारियों को साफ तरीके से बाटा जाए और
04:59कामकाज में जवाबदे ही तै हो। राजेश पांडे का पुलिस में लंबा अनभव इस भूमिका में कितना काम आएगा ये
05:07भी देखने वाली बात होगी�
05:13काम किया है वहीं मंदिर प्रशासन की जिम्मेदारी इस से अलग तरह की है जहां धार्मिक व्योस्था के साथ साथ
05:20बड़ी संख्या में लोगों की सुविधा और संस्थागत प्रवंधन भी जुड़ा हुआ है। इसलिए अगर उनकी नियुक्ती होती है तो
05:28लोगों की न�
05:41जादा निगरानी होगी क्या शद्धालूं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी इन सवालों के जवाब आने वाले समय में मिलेंगे फिलहाल
05:49ट्रस्ट की बैठक में ने ट्रस्टियों की घोश्रा के बाद सबकी नजर CEO पर टिकी हुई है राजेश पांडे का
05:57नाम �
05:57चर्चा में जरूर है लेकिन अंतिम फैसला और आधिकारी घोश्रा होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी तब
06:04तक सवाल यही है कि क्या एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर पहचाने जाने वाले टूर्व IPS राजेश पांडे अब राम
06:12मंदिर की विशाल व
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