00:00आप जानते हैं, जब ब्रह्मांड का संतुलन डग्मकाया, तो शिव के तांड़व से ही रुद्र का जन्म हुआ.
00:15जब असुरों का आतंक बढ़ा और देवताओं की शक्ती क्षीन हुई तब शिव ने अपनी प्रचंड उर्जा को केंद्रित किया
00:23उस प्रचंड उर्जा से उस भयानक गर्जना से प्रकट हुए भगवान रुद्र शिव का ही एक रौद्र रूप
00:31भगवान रुद्र का आगमन असुरों के लिए मृत्यू का संदेश था एक ऐसा क्रोध जो ब्रहमांड को कमपा सकता था
00:39उनका हर प्रहार स्रिष्टी के नियमों को फिर से लिख रहा था संतुलन को पुनर स्थापित कर रहा था
00:46तांडव की समाप्ती के साथ रुद्र पुनह शिव में विलीन हो गए स्रिष्टी को नई उर्जा और शांती का वर्दान
00:54मिला
00:54यह शिव का तांडव और रुद्र का जन्म स्रिष्टी के शाश्वत चक्र का प्रतीक है शक्ती और शांती का अध्भुत
01:02संगम
01:03भगवान शिव के ऐसे ही अंगिनत रहस्यों को जानने के लिए लाइक करें और फॉलो करें