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Rakshabandhan Sweets Price Hike: रक्षाबंधन से ठीक पहले मिठाइयों के दाम बढ़ने से आम जनता का बजट बिगड़ गया है Jagran Patrika. मुजफ्फरपुर समेत कई शहरों में चीनी के भाव ₹65 प्रति किलो तक पहुंचने से मिठाइयों की कीमत ₹20 से ₹50 प्रति किलो तक बढ़ गई है.

रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक तो लौट आई है, लेकिन इस बार बढ़ती महंगाई ने त्योहार की मिठास पर असर डाल दिया है Jagran Patrika. मुजफ्फरपुर के मिठाई बाजारों में रक्षाबंधन से ठीक पहले मिठाइयों की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया है Dainik Bhaskar. दुकानदारों का कहना है कि कच्चे माल, विशेषकर चीनी के दामों में अचानक आई तेजी के कारण मिठाइयों की दरें बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है.

दुकानदारों के अनुसार, महज 10 दिन पहले तक ₹42 प्रति किलो मिलने वाली चीनी अब उछलकर ₹65 प्रति किलो तक पहुंच चुकी है Dainik Bhaskar. चीनी के भाव में सीधे ₹23 की बढ़ोतरी होने और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च बढ़ने से मिठाई बनाने की लागत काफी बढ़ गई है Dainik Bhaskar. इसके चलते काजू कतली, मिल्क केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ले जैसी मिठाइयों में ₹20 से ₹50 प्रति किलो और प्रति पीस ₹2 तक का इजाफा हुआ है.

दूसरी तरफ, महंगाई का असर ग्राहकों की जेब और घर के बजट पर सीधे तौर पर पड़ रहा है Jagran Dainik Bhaskar. हालांकि, आम लोगों का कहना है कि रक्षाबंधन साल में एक बार आने वाला पावन पर्व है, इसलिए मजबूरी में ही सही, वे खरीदारी जरूर करेंगे. अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन चीनी की बढ़ती कीमतों पर क्या रुख अपनाते हैं.

Ahead of the Rakshabandhan festival, sweet prices in Muzaffarpur, Bihar, have surged by ₹20 to ₹50 per kg due to a sharp rise in sugar prices Dainik Bhaskar. Retail sugar rates climbed from ₹42 to nearly ₹65 per kg within a short span, increasing production and transport costs for local confectioners Dainik Bhaskar. While consumers face extra financial strain on household budgets, demand remains high as families prepare for the festive celebrations.


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Transcript
00:08रक्षा बंधन का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में मिठाईयों की मांग बढ़ने लगी है।
00:30अगलग मिठाईयों की कीमत में करीब 20-50 रुपे प्रती किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
01:00मिठाई बनाने में चीनी एक प्रमुख कच्चा माल है। ऐसे में इसके महंगे होने से दुकानदारों की लागत बढ़ गई
01:05है।
01:06इसके अलावा परिवहन और दूसरे खर्चों में बढ़ोतरी ने भी दुकानदारों की परिशानी बढ़ा दी है।
01:11दुकानदारों का कहना है कि इन सभी खर्चों को देखते हुए मिठाई के दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है।
01:17रक्षा बंधन जैसे त्योहार पर मिठाई की बिक्री आम दिनों की मुकाबले बढ़ जाती है।
01:22लोग राखी बांधने के साथ अपने भाई बहनों और परिवार के लिए मिठाई खरीदते हैं।
01:27ऐसे में त्योहार से ठीक पहले कीमत बढ़ने का असर सीधे ग्राहकों की जेब पर बढ़ रहा है।
01:32कई ग्राहकों का कहना है कि महंगाई बढ़ने के बावजूद त्योहार तो मनाना ही है।
01:37लेकिन अब पहले की तुलना में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
01:40ग्राहकों के सामने एक तरफ त्योहार की खुशी है तो दूसरी तरफ बढ़ते दामों का दबाव।
01:45परिवार के लिए मिठाई खरीदने का बजट बढ़ने से लोगों को अपने खर्च का हिसाब भी बदलना पड़ सकता है।
01:51खास तोर पर अगर कोई परिवार ज्यादा मात्रा में मिठाई खरीदता है तो 20-50 रुपे प्रतिकिलों की बढ़ोतरी का
01:57कुल खर्च पर अच्छा खासा आसर पड़ सकता है।
02:00दुकानदारों ने ये भी बताया कि पिछले करीब धाई से 3 साल में मिठाईयों के दाम में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी
02:06नहीं की गई थी।
02:07लागत बढ़ने की बावजूद लंबे समय तक कीमतों को नियंतरित रखने की कोशिश की गई।
02:12लेकिन अब कच्चे माल की कीमत और दूसरे खर्चों में बढ़ोतरी के चलते दाम बढ़ाना जरूरी हो गया है।
02:17रक्षा बंधन से पहले मिठाई बाजार में बढ़े हुए दाम ऐसे समय पर आए हैं जब त्योहार की खरीदारी जूर
02:24पकड़ने वाली है।
02:24आने वाले दिनों में मिठाई की मांग और बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में ग्राहकों को अब मिठाई खरीदने के
02:30लिए पहले की तुलना में ज्यादा बजट रखना होगा।
02:33यानि इस बार रक्षा बंधन पर रिष्टों की मिठास तो बरकरार रहेगी लेकिन मिठाई की मिठास जेब पर थोड़ी भारी
02:39पड़ सकती है।
02:40चीनी के बढ़े दामों का असर अब सीधे मिठाई की कीमतों में दिखाई देने लगा है। और त्योहार मनाने वाले
02:45लोगों को महंगाई के बीच ही अपनी खुशियां बांटनी होंगी।
02:49चीनी के दाम अगर इसी रफ्तार से बढ़ते रहे तो आने वाले त्योहारों में मिठाई से लेकर रोज मरहा की
02:56चाय तक महंगी हो सकती है।
02:57लेकिन बड़ा सवाल है आखिर भावत जैसे दुनिया के बड़े चीनी उतपादक देश को कच्ची चीनी यानि रोशुगर आयात करने
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03:38ने साफ कहा कि इसका मकसद जमाखोरी और सट्टे बा�
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04:55भारत आम तोर पर कच्ची चीनी के आयात को लेकर सावधान रहता है. और सामान्य परिस्थितियों में आयात पर भारी
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06:11यानि चीनी की इस कहानी में E20 सिर्फ एक किरदार है. पूरी कहानी नहीं.
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