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  • 1 week ago
आंकड़ों के आधार पर दुर्घटना संभावित स्थानों का किया विश्लेषण, गूगल मैप से जोड़ा.

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00:00हमारे डीजी पी सर स्री राजी उशर्मा सर के विशेश निरदेश सड़सुरक्षा को ले करके लगातार आते रहते हैं
00:08उसी क्रम में जैपूर रेंज में हम लोग लगातार कुछ न कुछ ऐसा करने का प्रयास करते रहते हैं
00:13कि हमारे राजमार्गों पे और जो राज्यमार्ग हैं जिले की सड़के हैं उस पे चलते हुए भी लोहों का जीवन
00:22सुरक्षित रहे उसी क्रम में हम लोगों ने कुछ दिन पहले क्यू आर कोड जेनरेट किया था जिसको की स्कैन
00:27करने पे गूगल मैप के उपर आपको दिखा
00:42कोई और उसमें लगातार प्यास करने का परिणाम अब हमारे सामने है जिसमें कि यदि आप जैपूर रेंज में यात्रा
00:51कर रहे हों और आप नेविगेशन अगर गूगल मैप पे कर रहे हैं तो आपके मार्ग में इस से पहले
00:57की कोई ब्लैक स्पॉट आए या कोई ऐसा जो
01:00आए जो की दुरघटना प्रभावित जादा है जहां पे जादा एक्सिडेंट्स और डेट्स होती हैं तो वह आपको पहले ही
01:07एलर्ट कर देगा और एलर्ट जो है वाइस से भी करेगा और आपको नीचे पॉप अप भी दिखाई देगा इसका
01:13सीधा सा प्रभाव ये पड�
01:27परियावरन को देखते हुए वाहन को चलाएंगे और इससे जहां एक तरफ एक्सिडेंट्स कम होने की संभावना बढ़ जाएगी वहीं
01:35दूसरी तरफ डेट्स कम होने की भी संभावना बढ़ जाएगी तो यह जो नवाचार है इसको मैं एक बार जो
01:40हमने वीडियो अपना
01:42खुद बनाया ट्रायल करके चुकि उसको पहले हमने फिल्ड में ट्रायल किया फिर हमने आपको बताया वो मैं आपको एक
01:47बड़ प्ले करके दिखाते हूं किस तरीके से काम कर रहा है यह खुद का जाएकर के वहाँ वीडियो बनाया
01:53हुए टीम के द्वारा और अगर आप र
02:09देखने पॉप-प भी आपका आएगा साथ में और साथ में वह आपको बता रहा है कितने 200 मीटर तक
02:14अगर जोन है तो इस तरीके से आप उन 200 मीटरों को अपेक्षा क्वित ज्यादा सतर्क हो करके आप वहां
02:21चलाएंगे तो कहीं न कहीं एक्सिडेंट होने की संभावना भी
02:24कम होगी और डेथ की संभावना भी कम होगी इस दिन्दर में हम लोगों ने एक पत्र चेर्मेंट सर एनेचाई
02:30को भी लिखा है और हमारे डीजी जो मैडम है ट्राफिक को उनको भी लिखा है कि इसको अगर पूरे
02:36राज्य इस्तर पे और राश्ट्री इस्तर पे अगर एने
02:43गटनाओं में कमी लाने में हम लोगों ने एक व्यापक अपना स्टडी किया था पिछले तीन सालों का जैपूर रेंज
02:49में और इस स्टडी के अधार पे हम लोगों ने अपने जो एक्सिडेंट प्रोन जोन थे या पॉइंट से उनको
02:54तीन कैटेगरी में बाटा था ए बी �
03:13प्रोन जोन आए ते जहांते की डेट्स जो हैं वो तीन से लेकर दस के बीच में हुई थी तो
03:19यह आइडिंटिफाई करके हमने पूरा डेटा शेयर किया गूगल के साथ उन पॉइंट को शेयर किया लैट लॉग उनके शेयर
03:25किये और उसके बाद फिर उसको वेरिफाई करन
03:40तो यह अगर कोई नए पॉइंट्स ऐसे निकल के आते हैं जहांकि एक्सिडेंट्स हो रहे हैं तो उसको हम उसमें
03:46एड कराएंगे गूगल के द्वारा और अगर मालीजे कुछ ऐसे पॉइंट्स हो रहा था उसमें उसका निदान हो गया है
03:55जैसे मालीजे कोई चौरहा था �
04:03तो यह अभी हमने तीन मा का सोचा है आगे एक्सिडेंस के अधार पे इस टाइम को अम लोग घटा
04:08बढ़ा भी सकते हैं
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