00:00पे जोर दिखावे ही कैसा मरदाना साहिब छोड़ दोना बेटी बंहुओं को धमकाना तुमसा कोई जूठा और बेइमान नहीं है
00:17जूठा बेइमान भॉल रहे हैं तो समझ में आ रहा है
00:21जी बिलकुल और बिलकुल डिस्रिस्पेक्ट और इजट पर हम लोग बात करने आये हैं
00:27तो मैं आप लोगों को बता देना चाहती हूँ
00:29मेरा नाम सर नेहा है नेहा सिंग राठोर मेरा पूरा नाम है
00:33मैं भोजपूरी में लोग गीत लिखती हूँ गाती हूँ
00:36और मैं सरकार से उन तमाम मुद्दों पर सवाल पूछ लेती हूँ
00:41जो सरकार को पसंद नहीं आते
00:43और बदले में मुझे धेर सारी गालियां और F.I.R. जहलने पड़ते हैं
00:48ये किस बात की इज़त है भाई मैलाओं की
00:51डेमोक्रेसी में हम अपने प्रधान मंत्री से सवाल नहीं पूछ सकते हैं
00:55तो ये किस बात की इज़त है
00:56मुझे याद है सर
00:58मैं शादी करके नई-नई ससुराल आई थी
01:01और मैंने उस दोराने गीत गाया था यूपी में काबा
01:05और मेरे पीछे जीब भर भर के पुलिस भेजी जा रही थी
01:11गाओ देहाद के लोग मेरे हस्बन के बारे में
01:15मेरे ससुराल के बारे में
01:16बहुत कानाफुसी करते थी कि बताओ कैसी लड़की ब्याह लाया है
01:20पता नहीं कौन सा क्राइम करके आई है ये
01:23पुलिस आ रही है
01:24तो ये किस तरह की इज़त है
01:26और मैं समझती हूँ कि
01:28एक महिला होने गिनाते
01:29एक महिला होकर अगर आप
01:31समाज में नाम बनाना चाहते हैं
01:33या किसी सामाजिक मुद्दे पे
01:35मुखर होकर बोलना चाहते हैं
01:37सर ये बहुत कठिन है
01:38पुरुषों की ट्रोलिंग बहुत अलग तरीके से होती है
01:41महिलाओं की ट्रोलिंग बहुत अलग तरीके से होती है
01:43महिलाओं के लिए कुछ नहीं करना है
01:45बस इसका चरित्र खराब है
01:48बोल दो
01:49यही बोल दो
01:51और इतना काफी है सर
01:52हम हतोतसाहित हो जाते हैं
01:54वो तो अलग बात है कि मैं थोड़ी ज्यादा धीठ लड़की हूँ तो मैं नहीं डरती हूँ
01:59वो सर मुझे गालियां दे रहे हैं पिछले पांच सालों से और कहते हैं तुझे पिछले पांच सालों से गालियां
02:05दे रहे हैं तु सुधरी नहीं
02:06मैं उनसे बता देना चाहती हूं कि मैं नहीं सुधरने वाली हूं
02:10मैं भी मुझे भी सालों से गाली दे रहे मैं भी नहीं सुधर रहा हूं
02:15बिल्कुल बिल्कुल से
02:17मुझे याद है सरे कोर अगर समय हो तो मैं गीत सुनाना चाहूंगी
02:21अरागर समय हो, क्यूंकि मैं भोशपूरी के लोग लिखती गाती हूँ.
02:28अरे ओरत पे जोर दिखावे इकैसा मरदाना
02:35मरदाना की मैं बात कर रही हूं, तो समझ लीजिये गा वही रचापन इंज्वला
02:43ओरत पे जोर दिखावे इकैसा मरदाना
02:47साहेब छोड़ दोना बेटी बहुओं को धमकाना
02:54अर बात बात पे ये एफ आई-ार करवाना
03:05साहेब छोड़ दोना बेटी बहुओं को धमकाना
03:11अर हम है आम जनता न हमको आज माना
03:17हम जानते हैं कुरसी पे बैठाना उतरवाना
03:29अर मुश्किल है मेरा
03:32इनफेक्ट हमारा
03:34मुश्किल है मेरा होसला तोड़ पाना
03:39जोड़ दोना बेटी बहुओं को धमकाना
04:10जोड़ गलत है उनकी वतन परस्ती पर बात आ गई है उन्हें आतंगवादी कहा जाता है उनके देश प्रेम पर
04:16सवाल उठता है तो यह गीत बहुत जरूरी हो जाता है सर मैं एक गाना चाहती हूं
04:22अरे तुम सा कोई जूठा और बेईमान नहीं है
04:29जूठा बेईमान बोल रहे हो तो समझ में आ रहा है
04:33ओ तुम सा कोई जूठा और बेईमान नहीं है किसी एक की पपोती हिंदूस्तान नहीं है
04:44ओ जब हिंदू मुसल्मान खेले खून की होली आबिद हसन बोले जय हिंद की बोली
04:54अबुलकलाम अजाद की जमीन यहीं है
04:59ब्रिगेडियर मुहमद उसमान यहीं है
05:03अब्दुल्हमिद अश्वाक उल्ला खान यहीं है
05:08किसी एक की पपोती हिंदूस्तान नहीं है
05:13तुम सा कोई जूठा और बेईमान नहीं है
05:17किसी एक कीवा पोझी हिंडुस्तान नहीं है
05:34किसी एक कीवा पोझ्ट हिंडुस्तानич नहीं है
05:41बहुत बहुत धन्यवाद।
05:42Thank you Dinesh
05:47Thank you very much
05:48Lovely
05:49Thank you
05:52And come and see me sometime
05:54झाल झाल
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