00:00इन लोगों का अभी क्या बोलू मैं विवात को बढ़ावा नहीं देनाचाथा
00:07स्वामी रामदेव क्या है ये देश यानता है।
00:14इसलिए मैं ओचे लोगों के बारे में कोई टुपनी नहीं करना जाएं कि वानी इलेक्षन को आशिरवाद दिया है सब
00:27संतों ने क्यूंकि हम संतों के लिए देश से बड़ा कुछ भी नहीं है
00:31माता भूमी पुत्रोहम्र धिव्याहा जननी जन्म भूमी सस्वरगाद भी घरी है से के हम उपासक हैं वन नेशन वन इलेक्षन
00:39से शिक्षा तंतर में भी सुधार होगा क्यूंकि छे मेने साल भर में इलेक्षन ही चलते रहते हैं उससे और
00:46अभिकास योजनाई भी बाधी तो
00:48होती हैं तो वन नेशन वन इलेक्षन का होने से हमारे जो गुरुजन जो लगबग उनका तीस प्रतिशत हमें तो
00:55चुनाओ कराने में लग जाता है बचों को पढ़ाएंगे देश आगे बढ़ेगा और कुछ राजनेताओं का असा लगता है कि
01:02स्टेट पार्टियां उनका क
01:16सा चुना है उसको करने दीजिए आप अपने राजनेतिक तुछ स्वार्थों के लिए इस देश के हितों से समझोता नहीं
01:26कर सकते इसलिए सब संतों ने एक मत्सेता किया है कि यह बात दूर तक जानी चाहिए वन नेशन वन
01:33इलेक्षन के माध्यम से यह देश प्रक्रति के �
01:35पसपर और तेजी से आगे बढ़ेगा देश को प्रधानमंत्री जी ने सो से जादा ऐसी विकास योजने शुरू की हैं
01:40दिश से की 2046 तक विक्सित भारत बने हम तो चाहते हैं कि 2040 तक ही बन जाए तो इस
01:46कारिये से और गधशील होगा यह लोग का तंत्र और चुनाव सु�
02:07चुनाव लड़कर के प्रधानमंत्री बन सकते हो सपने सभी देख सकते हैं देश के समिधान ने आजादी दिये सबको यह
02:13अधिकार दिया है कि आप प्रधानमंत्री बनने के सपने देख सकते हो लेकिन प्रधानमंत्री देश के वोटर बनाते हैं आप
02:20दिवास अपन ना द
02:41इसलिए च्योट स्थी
02:56उनको आग्याने चाहिए
02:58कोई भी आपको लगता है कि कहीं अन्याय हो रहा है किसी के साथ भी अन्याय हो
03:13सब लोग तंत्र की सब्धान की दोएं देने लगते हैं तो तंत्र चल रहा ऐसी बाते बोल ना भी है
03:34समिधान
03:34और देश के लोग तंत्र के खिलाब है और ऐसा नहीं होना चीए ने तो SST को गाली दो ना
03:41क्षत्रिये को ना वैश्ये को ना शूत्र को ना प्रहमन को और ना सन्यासी को
03:45सन्यासी को गाली देना आजकली एक ना फैशन हो गया है और आपस में समाज में ऐसे भेद की दिवारे
03:54खड़ी कर दी हैं एक दूसरी को एक दूसरी के साथ लड़ाने चाहते हैं ऐसा नहीं होने देंगे हम हमने
03:59ठाना है कि हम भारत को दुनिया का स्रेश्टतम भारत देश बन
04:15क्या है यहां पर समाननागरिक नहीं रागू करवाई मदर्शा बोड बंद करा एक जैसे सिक्षा एक जैसे समय दाने
04:23अधिकार देश के समनागरिकों के हैं इसे शाम में बड़ा कार्य हुआ तो ऐसे कार्यों के अंसंसा होने चाहिए और
04:28मैं कह रहा था जब देश आगे बढ़ेगा तो देश की करेंसी दुनिया की स्रिश्यत्म करेंसी होगी भारत का पासपोर्ट
04:34इतना मजबूत होगा कि हमें �
04:36देशो देशो दोसों में जाने के लिए वीजा लेनी की जूरूत नहीं पड़ेगी ऐसा देश हम सबको मिल करके बनाना
04:43पड़ेगा तो मैं अब एक्षा करता हूं कि जो भी भारत से प्रेम करते हैं वो इस विश्य का विरोध
04:50नहीं कर सकते हैं एक बात वंद्यमात्रम के भ
05:05वही दुरगा है वही लक्ष्मिय है वही हमारे लिए धर्म है वही विद्या है वही हमारा मंदिर है वही हमारे
05:13दश प्रहारू को धारन करने वाली है वही हमारे लिए अप्रतिम है वही हमारी इष्ट है अभिष्ट है तो जो
05:22लोग इस वंद्यमात्रम में देवी देवता म
05:27प्रपाट मंदिर इसको देख रहे हैं मुझे लगता है वो संस्कृत से और संस्कृती से अनभिग्य है उनको थोड़ी संस्कृत
05:33पढ़ लेनी चाहिए और थोड़ा उनको बहुत होना चाहिए कि हमने भारत माता को सारी उपए
05:38मेरा मठ मेरा मंदिर मेरी पूजा मेरा करतवे मेरा मंतवे मेरा घंतवे मेरा धर्म मेरा सरवसो मेरी भारत माता है
05:44यह वंदि मातरम का अर्थ है अब उसको लोग ना समझ करके अरे भारत मेरी विद्या है तुम ही विद्या
05:51तुम ही धर्मा तुम ही रिदी तुम ही मर्मा तुम
05:56कुछ जब हमारी वाणी विद्यादाई नी मा तुम ही हो तो हमने वहाँ कोई सरस्वती की उपासना नहीं किये कुछ
06:03दुरगा की उपासना नहीं किये जो ये कहते हैं अबला के नुमा ये तो बोले अरे कौन कहता है मा
06:10तुम अबलाओ तो मा की उपासना को मठ मंदिरों से दे
06:25कि क्या बोलू मैं विवात को बढ़ावा नहीं देना चाहता स्वामी रामदेव क्या है ये देश जानता है स्वामी रामदेव
06:33का योगदान क्या है ये देश जानता है इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टुपनी नहीं करना चाहता
06:40है
06:56झाल
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