00:00दिल्ली के चाड़क के पुरी में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर बुद्धुवार देरात अचानक जैसे भी पहुची और देखते ही
00:07देखते कई बाहरी धाचे हटा दिये गए
00:09टूटी रेलिंग, लोहे के फ्रेम, फेसिंग और छट की चाड़ें जमीन पर दिखाई देने लगी।
00:39की कतार सम्हाले के लिए बनाये गए धाचे शामिल हैं। कारवाई के लिए संबंधित एजंसियों ने JCB की मदद ली,
00:47मौके पर लोहे के टुकडे, इट, कंक्रीट और छट की चादरें बिखरी हुई दिखाई दी हैं।
00:52हाला कि एक बात साफ है, बुल्डोजर कारवाई पाकिस्तान हाई कमिशन की मुख हिमारत पर नहीं हुई है, मुख गेट,
00:59सफेद दिवारें और पाकिस्तान के निशान वाला बड़ा प्रवेशत्वार सुरक्षित बचा हुआ है।
01:06कारवाई का निशाना हाई कमिशन की मुख बिल्डिंग नहीं बलकि उसके बाहर बने कुछ धाचे थे।
01:36इसके ठीक दो दिन पहले इसलामाबाद में भारती हाई कमिशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बेरिकेड और पार्किंग पूल खटाए
01:43गए थे।
01:44इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर हुई कारवाई को भारत पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी के
01:51संदर में देखा जाने लगा है।
02:14रखना भी जरूरी था इसके बाद पाकिस्तान कमिशन दिल्ली में अलग-लग जगों से जुड़ा रहा चाड़किपुरी के आसपास का
02:21इलाका धीरे धीरे दुनिया के कई देशों के दूतावासों और हाई कमिशन का प्रमुक केंद्र बन गया पाकिस्तान का हाई
02:29कमिशन भी
02:30इसी राजनेक इलाके में मौजूद है 1950 के दशक में पाकिस्तान कमिशन चाड़किपुरी के डिप्लोमेटिक एंकलेव की तरफ शिफ्ट हुआ
02:38इसके बाद ये जगा भारत-पाकिस्तान के राजनेक संबंधों का एक एहम केंद्र बन गई फिर आया साल 1971 का
02:47दौर भारत और
02:48पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ और दोनों देशों के संबंध बेहत खराब हो गए राजनेक संबंध तूट गए और कुछ
02:55समय तक दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर रहा
02:581976 में दोनों देशों के बीच राजनेक संबंध फिर बहाल हुए 1970 और 1980 के दशक में पाकिस्तान के राश्पती
03:06का देश से बाहर रहना पढ़ने के कारण उसके मिशन को कई बार अलग अलग तरह थी राजनेक स्थिती का
03:12सामना करना पड़ा
03:131989 में पाकिस्तान के मिशन को दोबारा हाई कमिशन का दरजा मिला यानी दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन सिर्फ एक
03:21इमारत नहीं है ये भारत पाकिस्तान के रिष्टों के उतार-चड़ाओ का भी एक गवाह रहा है
03:27युद्ध, तनाव, बाचीत और फिर विवात इन सब का असर दोनों देशों के राजनेक मिशनों पर दिखाई देता रहा है
03:34अब वापस मौझूदा कारवाई पर आते हैं इस बार जेसी भी मुख हिमारत तक नहीं पहुची कारवाई बाहरी हिस्से में
03:42मौझूद उन धाचो
03:43पर हुई जिन्हें अधिकारियों के मुताबिक हाई कमिशन की तैसीमा से बाहर बताया गया है इसलिए इसे सीधे तोर पर
03:51पाकिस्तान हाई कमिशन को गिरने की कारवाई कहना सही नहीं होगा असल कारवाई बाहरी धाचे को हटाने की थी लेकिन
03:58भारत और पाकिस्तान के बी
04:13पाकिस्तान के बीच एक दूसरे के राजनेक मिशनों को लेकर और कदम उठाये जाते हैं।
04:18फिलहाल इतना साफ है कि चाड़कपुरी में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर चली जेसीवी ने एक बार फिर भारत पाकिस्तान
04:25के रिष्टों और उनके राजनेक मिशनों की कहानी बता दी है
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