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दिल्ली के चाणक्यपुरी में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बुधवार देर रात JCB से कई बाहरी ढांचे हटा दिए गए। अधिकारियों के मुताबिक, तय सीमा से बाहर बने बैरिकेड, फेंसिंग, लोहे के फ्रेम और वीजा सेक्शन के पास बने अस्थायी ढांचों पर कार्रवाई हुई। हालांकि, हाई कमीशन की मुख्य इमारत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। लेकिन इस कार्रवाई के समय ने भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में जानिए आखिर पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बुलडोजर क्यों चला, कार्रवाई के पीछे क्या वजह बताई गई और इस हाई कमीशन का भारत-पाकिस्तान रिश्तों से क्या ऐतिहासिक कनेक्शन है।

Delhi’s Chanakyapuri witnessed a major action outside the Pakistan High Commission as JCBs removed several external structures, including fencing, barricades, iron frames and temporary arrangements near the visa section. Authorities said the action targeted structures built outside the designated boundary, not the main High Commission building. But the timing has sparked questions amid ongoing India-Pakistan tensions. Why were these structures removed? Was it purely an administrative action, or does it carry a wider diplomatic message? In this video, we explain the complete story, the history of Pakistan High Commission in Delhi, and how India-Pakistan relations have shaped its diplomatic journey over the decades.

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Transcript
00:00दिल्ली के चाड़क के पुरी में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर बुद्धुवार देरात अचानक जैसे भी पहुची और देखते ही
00:07देखते कई बाहरी धाचे हटा दिये गए
00:09टूटी रेलिंग, लोहे के फ्रेम, फेसिंग और छट की चाड़ें जमीन पर दिखाई देने लगी।
00:39की कतार सम्हाले के लिए बनाये गए धाचे शामिल हैं। कारवाई के लिए संबंधित एजंसियों ने JCB की मदद ली,
00:47मौके पर लोहे के टुकडे, इट, कंक्रीट और छट की चादरें बिखरी हुई दिखाई दी हैं।
00:52हाला कि एक बात साफ है, बुल्डोजर कारवाई पाकिस्तान हाई कमिशन की मुख हिमारत पर नहीं हुई है, मुख गेट,
00:59सफेद दिवारें और पाकिस्तान के निशान वाला बड़ा प्रवेशत्वार सुरक्षित बचा हुआ है।
01:06कारवाई का निशाना हाई कमिशन की मुख बिल्डिंग नहीं बलकि उसके बाहर बने कुछ धाचे थे।
01:36इसके ठीक दो दिन पहले इसलामाबाद में भारती हाई कमिशन के बाहर लगाए गए सुरक्षा बेरिकेड और पार्किंग पूल खटाए
01:43गए थे।
01:44इसके बाद दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर हुई कारवाई को भारत पाकिस्तान के बीच चल रही तनातनी के
01:51संदर में देखा जाने लगा है।
02:14रखना भी जरूरी था इसके बाद पाकिस्तान कमिशन दिल्ली में अलग-लग जगों से जुड़ा रहा चाड़किपुरी के आसपास का
02:21इलाका धीरे धीरे दुनिया के कई देशों के दूतावासों और हाई कमिशन का प्रमुक केंद्र बन गया पाकिस्तान का हाई
02:29कमिशन भी
02:30इसी राजनेक इलाके में मौजूद है 1950 के दशक में पाकिस्तान कमिशन चाड़किपुरी के डिप्लोमेटिक एंकलेव की तरफ शिफ्ट हुआ
02:38इसके बाद ये जगा भारत-पाकिस्तान के राजनेक संबंधों का एक एहम केंद्र बन गई फिर आया साल 1971 का
02:47दौर भारत और
02:48पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ और दोनों देशों के संबंध बेहत खराब हो गए राजनेक संबंध तूट गए और कुछ
02:55समय तक दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर रहा
02:581976 में दोनों देशों के बीच राजनेक संबंध फिर बहाल हुए 1970 और 1980 के दशक में पाकिस्तान के राश्पती
03:06का देश से बाहर रहना पढ़ने के कारण उसके मिशन को कई बार अलग अलग तरह थी राजनेक स्थिती का
03:12सामना करना पड़ा
03:131989 में पाकिस्तान के मिशन को दोबारा हाई कमिशन का दरजा मिला यानी दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमिशन सिर्फ एक
03:21इमारत नहीं है ये भारत पाकिस्तान के रिष्टों के उतार-चड़ाओ का भी एक गवाह रहा है
03:27युद्ध, तनाव, बाचीत और फिर विवात इन सब का असर दोनों देशों के राजनेक मिशनों पर दिखाई देता रहा है
03:34अब वापस मौझूदा कारवाई पर आते हैं इस बार जेसी भी मुख हिमारत तक नहीं पहुची कारवाई बाहरी हिस्से में
03:42मौझूद उन धाचो
03:43पर हुई जिन्हें अधिकारियों के मुताबिक हाई कमिशन की तैसीमा से बाहर बताया गया है इसलिए इसे सीधे तोर पर
03:51पाकिस्तान हाई कमिशन को गिरने की कारवाई कहना सही नहीं होगा असल कारवाई बाहरी धाचे को हटाने की थी लेकिन
03:58भारत और पाकिस्तान के बी
04:13पाकिस्तान के बीच एक दूसरे के राजनेक मिशनों को लेकर और कदम उठाये जाते हैं।
04:18फिलहाल इतना साफ है कि चाड़कपुरी में पाकिस्तान हाई कमिशन के बाहर चली जेसीवी ने एक बार फिर भारत पाकिस्तान
04:25के रिष्टों और उनके राजनेक मिशनों की कहानी बता दी है
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