00:00सर चत्रिसगड के नकसल अफेक्टेड ट्राइबल एरियाज में काम करते हुए आपने यूथ को बहुत क्लोजली देखा है
00:05उनके एस्पिरेशन और फ्रस्टेशन को लेकर आपने क्या सीखा
00:09उसी मुझे नहीं लगता कि उनके aspirations और frustration हमसे बहुत ज्यादा अलग है
00:15CPI मावेस्ट आपने सुना होगा Communist Party of India मावेस्ट तो ये आधी political है आधी military है और शुरुवात
00:23में ये 90% military होती है 10% political होती है
00:27और साथी साथ इस 90% military और 10% political के साथ एक propaganda activity चलते रहती है जो
00:37कि सबसे ज्यादा होती है
00:38मतलब उसका अलगी एक कहने कि उसकी अलगी एक regime है उसका अलगी एक तरीका है
00:44तो वो इन सबसे जब पूरी उस जगह की जनता तरस्त थी प्रताडित थी शुरू में उनको जो भी लगता
00:55हो लेकिन धीरे धीर उनको समझ में आ गया था
00:57कि ये कुछ और चीज है ये वो चीज नहीं है जो ये लोग claim करते हैं जिसका दावाय करते
01:02हैं बिल्कुल वो नहीं है
01:03तो वहाँ पर जो यूद था ना उसकी सबसे बड़ी जो yearning थी कहलें सबसे बड़ी इच्छा थी वो थी
01:11शान थी कि वो कैसे मिलेगी
01:13यार हम क्यों मजबूर हैं कि हम मावादी आते हैं और हमें हमारे साथ propaganda करते हैं हमें मजबूर करते
01:22हैं maximum recruitment उनके forced recruitment है कोई अपनी मर्जी से नहीं जाता
01:27अब वो system उन्होंने ऐसा बना लिया था गाउंस तर पे उनका व्यक्ति हर जगाए एक गाउं के एक व्यक्ति
01:33का हिसाब किताब रखते थे अगर कोई व्यक्ति गाउं से शहर आया है मैं पर एक्जामपल नरायनपूर में था अगर
01:42कोई गाउं का व्यक्ति शहर आया है तो �
01:45के पास एक खबर रहती थी कि यह शहर गया है अगर वो 24 घंटे के अंदर नहीं लोटा तो
01:50उसके साथ एक तथा कथित जन अदालत होती थी जिसमें जन तो होता नहीं है अदालत भी नहीं होती है
01:55वो डिक्टेटर्शिप होती है कि वह तू गया था यानि तू पुलिस से मुख
02:14पड़ गई तो उसको हॉस्पिटल में रहना पड़ गया जब वह वापस गया गाओं में तो उस पर जो गाओं
02:20का जो नकसली विक्ति था अपने बास लोगों को उसने खबर कर दी उसकी जांच परक हुई कि क्यों गया
02:27था क्यों रुका था तू तो यह उसने बताया लेकिन
02:31इनको यकीन नहीं हुआ क्योंकि अगर नक्सलियों का सबसे बड़ा दुश्मन अपकॉर्स मुक्बिर है अगर पुलीस को उनके मुवमिंट पता
02:37चलते रहेंगे तो वो जल्दी खत्म हो जाएंगे तो इसलिए वह बहुत उसका हिसाब किता बहुत रखते हो बहुत दर्दना
02:44कि अगर देते हैं तथाकतित मुक्बिर का यह अलग बात है कि अज तक उन्होंने जितने मुक्बिर मारे होंगे उनमें
02:51से शायद ही कोई actual मुक्बिर रहा हूँ
02:55तो उसको गाओं से निकाल दिये, कि तु देर से आए तेरे उपर श्क है तु यहां नहीं रहे सकता
03:00तो अब इस यूद का यहां पे इस आप परिप्रेख्ष में देखो इस बैक्ग्राउंD में देखो तो उसका यह था
03:08कि यार शान्ति कैसे में लेगी हम कैसे गाओं में
03:11कुआ है रह सकते हैं नकशली हमें जो परती भरती घरते हु� sail घरता हूं तो वह क्या करता था
03:17वो बहर चला जाता था
03:18वह तव्य नाड़ चला जाता था करनाटक करनातर तेलंगाना महां काम करता था और फिर खेती के ताई में वापस
03:25rather दा झालत
03:30ट्रेनिंग करते थे उसमें करके फिर चला जाता था तो वहां पर उनके सबसे बड़ी आकांशा थी कि शांती कैसे
03:37मिले और हम प्रोग्रेस कैसे हो इसका एक कहने कि
03:41अनियों को बाहर की दुनिया अब देखी और उन्होंने देखा कि उन्नति क्या है प्रगति क्या है बहतिक्ता क्या है
03:48और जिसको यह लोग कहते हैं कि
03:52प्रोलेटरियनिजम वह सब क्या है तो काफी उनका मागदर्शयन का इस हिसाब से काफी चै। ग्र hacemos दीऊा
03:58तो वहां पर सबसे बड़ा जो था उनको एक सुरक्षा का भाव देना और उस सुरक्षा के भाव के साथ
04:05पैदा होता था उनको विकास की मुख्य धारा में ले आना तो वो कारे हम लोगों ने करने का प्रयास
04:13किया काफी हद तक सफल रहे अब तो आप जानती है मां निग्रे म
04:16कंत्री जी ने जिस प्रकार का नेतरत उसमें दिखाया और जो चत्रीजगर पुलीस ने जिस तरह से इसमें कारे किया
04:24आज चत्रीजगर से हम कह सकते हैं कि नेक्सली खत्म हो चुका है
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