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  • 1 day ago
20 जुलाई को CJP के संसद मार्च के दौरान बल प्रयोग पर पुलिस ने सुप्रीमकोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर जरूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोपों को खारिज कर दिया है. पुलिस का कहना है कि कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ थी. वहां असामाजिक तत्व और हिस्ट्री-शीटर ​​भी मौजूद थे, जो रैलियों में घुस आए थे. ऐसे तनावपूर्ण और खराब स्थिति के हिसाब से उनकी कार्रवाई सही और उचित थी. हलफनामे में आगे कहा गया है कि पुलिस, RAF और CRPF के अधिकारियों ने लाउडस्पीकर पर बार-बार अनुरोध और चेतावनी दी, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड की कई परतों को तोड़ दिया और हिंसा पर उतर आए. पुलिस के मुताबिक, भीड़ में मौजूद लोगों ने संसद में घुसने की कोशिश की. 

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00:27
00:41दिल्ली पुलिस के मताबिक भीड में मौजूद लोगों ने संसद में घुसने की कोशिश की
00:46दिल्ली पुलिस के और से हलफ नामे में कहा गया है कि एक गलत बात फैलाई जा रही है कि
00:50फेशियल रिकॉगनिशन सिस्टम के जरिये किसी भी व्यक्ति का बायोमेट्रिक डेटा लिया जा रहा है
00:55लोगों को उनके आधार कार्ट के साथ बुलाया जा रहा है और ये डेटा प्राइविट कमपनियों को वेचा जा रहा
01:01है
01:01दिल्ली पुलिस ने कहा कि ऐसी बातें ना सिर्फ खलत हैं बलकि साफ तोर पर किसी छिपे हुए मकसद से
01:07फैलाई जा रही है
01:08फेशियल रिकॉगनिशन टक्नीक के इस्तेमाल पर पुलिस ने कहा कि ये सिस्टम हर व्यक्ती की प्रोफाइल नहीं बनाता है
01:14बलकि सिर्फ उन्हीं लोगों की पहचान करता है जिनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रहा है
01:19पुलिस ने कहा कि उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई जाच नहीं होगी जो उन 2883 लोगों में शामिल नहीं है
01:25जिन पर हत्या, हत्या की कोशिश, डकैटी, रेप, पॉक्सो जैसे गंभीर आपराधिक आरोफ है
01:31पुलिस ने बताया कि लगभग 5,000 पुलिस अधिकारी 3 किलो मीटर के दाइरे में फैले 30,000 से ज्यादा
01:38लोगों की भीड को संभालने की कोशिश कर रहे थे
01:40कील लगी लाठी के इस्तेमाल के आरोप को पुलिस ने खारच कर दिया
01:44पुलिस का कहना है कि ऐसी लाठी किसी प्रदर्शनकारी ने ले रखी थी
01:47सादे कप्रों में अधिकारियों की त्यानाती पर पुलिस ने कहा कि भीड को संभालने के लिए पुलिस ने ऐसी व्यवस्था
01:54की
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