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  • 21 minutes ago
अयोध्या चढ़ावा मामले में विशेष जांच दल ने फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है. लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में बनी इस तीन सदस्यीय एसआईटी में आईजी रेंज किरण एस. और विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था. एसआईटी ने 23 जून को शासन को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कई कठोर संस्तुतियां की गई थीं. एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई, जिसमें 8 नामजद और अन्य अज्ञात को आरोपी बनाया गया था. ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की लिखित शिकायत पर श्रीराम जन्मभूमि थाने में दर्ज की गई इस एफआईआर में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को अभियुक्त बनाया गया. आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था.

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00:25S.I.T.
00:30आइस और विशेश सचीव वित नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था
00:35SIT ने 13 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी थी
00:39प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को पहली FIR दर्ज की गई थी
00:44जिसमें 8 लोग नामजद आरोपी बनाये गए थे
00:47इस मामले में ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की लिखित शिकायत पर श्री राम जन्मभूमी थाने में FIR दर्ज हुई
00:56थी
00:56जिसमें अविनाश शुकला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुष मिश्रा, मनीश कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रिवास्तव, राम शंकर यादव
01:09और तिन्नु को नामजद और अन्य अज्यात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था
01:27विपक्ष लगातार केंद्र और प्रदेश सरकार पर हमलावर है, हालाकि सरकार ने ये साफ कर दिया है कि दोशियों के
01:34खिलाफ सक्त कारवाई होगी
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