00:00स्कूल में हमारा एक सब्जेक्ट है वाल्यूस प्लस जिसमें मेरी टीचर ने बोला कि अर्जुना एक सुपीरियर इंसान है
00:10अर्जुना इतना सुपीरियर होता तो फिर खृष्णा ने उसको भगवत गीता क्यों एक्स्प्लेइन किया
00:16बिटा इस अर्थ में बोला होगा कि बाकी जो सुनने वाले थे ना उनसे सुपीरियर है
00:24सुपीरियर इस सेंस में नहीं कीतना सुपीरियर है कि गीता की जरूरत ही नहीं
00:30सुपीरियर इस तरह से कि जो बाकी लोग हैं
00:32वो तो गीता सुनने में कोई रुची ही नहीं नहीं दिखा रहे थे
00:37बाकी सब जो हैं वो तो अपना-पना हिसाब
00:39अपने-पने रथ अपने अपने सारथी
00:41अपने-पने इरादे लेकर बैठे हुए थे
00:43अर्जुन सुपीरियर है क्योंकि सबसे पहले उन्होंने बहुत बड़ा खतरा उठाया क्रिश्न को अपना सारथी बनाने का, सारथी समझते हो,
00:52चारथीर जो आपका रत चलाते हैं, यह एक सिंबॉलिक बात होती है, कि आपने उनको अब अधिकार दे दिया है,
01:05कि वो आपकी �
01:07अधिशा तै करेंगे, वो आपकी जगह तै करेंगे, आप कहां खड़े हो वो तै करेंगे, किधर को जाओगे वो तै
01:14करेंगे, तो इसलिए सुपीरियर है, क्योंकि आप आदमी को यह राइट्स देना नहीं चाहता, आम आदमी ने, माने जो कॉमन
01:23मेन होता है, उसने अपना
01:24चेरिटीर किसको बना रखा होता है, आम आदमी को, या ऐसे कहलो खुद को ही, तो शोटी मूटी बात नहीं
01:31है, यह सुपीरियरिटी की बात है, कि आप पीछे बैठे हो, और आपने क्रिश्न को हक दे दिया है, कि
01:40तुम देखो, आप चलाओगे, और क्रिश्न वो हैं, जो कि
01:54इतना मुक्त है, कि उसका आप कोई मालिक नहीं है, मालिक नहीं हो सकता, कृष्न उसको रिप्रेजेंट करते हैं, तो
02:01जिसका कोई मालिक नहीं हो सकता, अगर वो आपका रथ चलाएगा, इसका मतलब क्या है, आपका रथ अब आपका नहीं
02:10रहा, तो यह बड़े साहस की करे�
02:13है न डेरिंग की बात है
02:16कि आप कहते हैं कि
02:17कृष्णा आप बैठ जाईए यहाँ पर
02:19किसी और की हमत ही नहीं पड़ी है
02:21करने की
02:22तो इसलिए अरजुन को सुपीरियर बोला होगा
02:25आपकी टीचर ने
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