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Sawan Somvar Vrat Udyapan Vidhi: सावन और सावन सोमवार व्रत का उद्यापन करने के लिए शास्त्रों में कुछ विधि-विधान बताए गए हैं। इन नियमों का पालन कर व्रत पूर्ण होने पर उद्यापन या परायण जरूर करना चाहिए। अपने व्रत प्रभु के चरणों में अर्पित करने का तरीका है उद्यापन। चलिए बताते हैं, उद्यापन करने का सही तरीका और इसका महत्व...

Sawan Somvar Vrat Udyapan Vidhi: The scriptures outline specific rituals and procedures for the Udyapan of the Sawan and Sawan Somvar fasts. It is essential to perform this concluding ritual—known as Udyapan or Parayan—once the fasts have been successfully completed in accordance with these rules. Udyapan is the method of dedicating one's fast to the feet of the Lord. Let us explore the correct way to perform this ceremony and understand its significance...
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~HT.178~PR.114~ED.464~VG.HM~

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Transcript
00:00करपूर गवरम करुनावतारम, शंशार शारम, भुजगेंद्रहारम, शदावस्णतं, हरदयार बिंदे, भवंभवानी, सहितम नमामी
00:08प्यारे मित्रों जेशियारम, जे मताधी मित्रों आज आपसे चर्चा करते हैं
00:13स्रामन के चार सोमबार हैं इस बार और चारों शोमबार का ब्रत करने के बाद शोमबार का उद्यापन कैसे करना
00:22चाहिए इसी विशेपे करते हैं चर्चा
00:24शावन के आखरी शोमबार को या पूरिमा तिथी पर जिस दिन रक्षावंदन होता है उसे दिन भगवान शंकर का माता
00:34पारवती का पूजन करना चाहिए विधी विधान से पूजन करने के बाद हमन करना चाहिए ब्रह्मनों को भोजन कराना चाहिए
00:42उद्यापन की विधी हम
00:43आपको बताते हैं, शुहाग सामग्री इत्यादिका दान किया जाता है, भगवान शंकर के लिए वस्त्र होने
00:50चाहिए, माता पारवती के लिए शाड़ी होना चाहिए, और सुहाग के शामग्री होना
00:56चाहिए उद्यापन तिथी और समय के विशह में अगर हम आपको बताएं तो सावन के आखरी सोम बार को शाम
01:04के समय उद्यापन करिये या पूरिमा तिथी जिस दिन है उस दिन आप उद्यापन कर सकते हैं और उद्यापन करें
01:11कैसे तो सुबह जल्दी उठना है इश्क्नान कर
01:16और आवस्षक्ता के अनुशार जो दान की सामग्री है, वह सारी की सारी सामग्री आपको एकत्र करनी है, शिव और
01:29पारवती का पूजन करने के लिए बेलपत्र है, धतूरा है, गंगाजल है, चंदन है, रोली, पुश्प, धूप, दीप, नयवेद्य, इत्याद
01:40समस्त प्रक
01:43माताप पारवती के लिए जो शौभाग्य की सामग्री है, चुन्री है, स्रंगार सामग्री है, साडी है, चूडियां है, महावर है,
01:53शिन्दूर है, इत्याद समस्त प्रकारिकी सामग्री हैं
01:57और महादेव को वस्त्र है, रुमाल है, जनेव, स्रीफल, नारियल, कलावा, अपनी सामर्थ के अनुसार दक्षणा भी रखना चाहिए, उद्यापन
02:09के लिए आपको घर पर ही उद्यापन कर रहे हैं, तो घर पर बैट करके, हाथ में जल्ले करके, कि
02:16हे दिवादी देव महाद
02:17हमने आपके चार शोमबार का पामन पूजन किया है, आप हमारे पूजन को शिवकार करते हुए, हमारी जो मन की
02:25इच्छाएं हैं, आप उनको पूण करिए, या आप शिव मंदिर में जा करके पूजन करते हैं, तो शिव मंदिर में
02:31जो प्रतिमा है, जो महादेव हैं, आप �
02:34बिदिवत रूप से दूद, दही, घी, सहेद, सकर, इत्यादिशे अभिशेक करिएगा, भगवान को जल चढ़ाईएगा, चंदन, जनेव, बिलुपत्र, फूल, धूब,
02:45दीप, नैवेद, इत्यादि, शमस्त प्रकार की सामग्रियों को चढ़ा करके, वहाँ पर बैट करके
02:50आपको शिव चालिशा का पाट करना है, महामरतुन्जे मंतर का जब करना है, ओम नमस्षिवाय मंतर का जब करना है,
02:58आरती करनी है, और अंते में कपूर की आरती करके, दीप जला करके भगवान को प्रशन करिएगा, दान की सामग्री
03:06जितनी भी हैं, ये सभी सामग्री नार
03:19कर रहे हैं और उसका उद्यापन करना चाहते हैं तो आप हमसे परसनल रूप से बात कर सकते हैं इस
03:26तरह से आप स्रामण के शोमबार का पामन पूजन शंपन करके उद्यापन को कर सकते हैं मैं पुनाह मिलता हूं
03:33नए वीडियो में तब तक के लिए दीजिये इदाजत जै मात
03:36जादी जाल मागंगी
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