Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो: सतर्क रहें - देश पर पुराने खतरे आज भी हैं || आचार्य प्रशांत (2026)

वीडियो जानकारी: 09.08.2026, श्रीमद्भगवद्गीता सत्र, ग्रेटर नोएडा

#आचार्यप्रशांत #AcharyaPrashant #bhagavadgita #success #education #genz #स्वतंत्रता दिवस #Independence Day #freedom #आजादी #Science #ai

Category

📚
Learning
Transcript
00:00AI एक मौके की तरह आया था हमारे पास, वो मौका भी लगभग हमने पूरा गमाई दिया है
00:06AI में भी छलांग मार करके, अमेरिका, यूरोप, चीन भी, ये निकल गए
00:13और कारण, कारण तो एक ही है, लोकधर्म
00:20वो आपको खत्रे नहीं उठाने देगा, वो आपको रिस्क टेकिंग बनने ही नहीं देगा
00:24वो आपसे कहेगा, सुरक्षा बड़ी बात है
00:29जैसे हमारी माएं होती ही, बच्चे को लेले कहीं पहाल मत जाना कुछ हो जाएगा
00:34माँ तो माँ होती ही, ऐसा गैसे होता है कि अमेरिका की माँ 15 साल का हुआ नहीं
00:37कि लात मारती है कि जा अपनी रोटी खुद कमा
00:40उनके क्या, डियने अलग है, वो भी हो मोस एपियन्स हम भी
00:44पर हमारे यहां तो कुछ ही नहीं कि, नहीं नहीं नहीं
00:47जैसा सब ने करा वैसे ही तू भी कर ले, और आजा पल्लू के नीचे छुप जा
00:51और इस बात पर हमें फक्र भी बहुत रहता हम कहते हैं, यही तो
00:55यही तो हमारी गौरव शाली संस्कृति है
00:59गौरव शुरुति में लीजिए, संस्कृति में नहीं
01:03और संस्कृति में गौरव तब लीजिए जब संस्कृति शुरुति का अनुगमन करती हो तब जरूर संस्कृति में गौरव ले लीजिएगा
01:10लेकिन आपने जो आज संस्कृति बना रखी है उसमें कहां सनातन और कहां शुरुति कुछ नहीं है
01:15इस संस्कृति पर मैं कैसे गौरव करूं? यह तो लोगधार्मिक संस्कृति है
Comments

Recommended