00:00ये जिन्होंने रूप रंग देखके शादी की है, इन्होंने अपने तो केरियर का पूरा ख्याल रखा है, ये इंजिनरिंग भी
00:05करके बैठे होंगे, फिर एंबिया भी करके बैठे होंगे, और लड़की ये जानबूज कर ऐसी उठा कर लाते हैं, जो
00:11मन से बिलकुल गरीब �
00:13और रह गई है, दरिद्र बिलकुल, बस तन से माला माल है, दो चार साल बाद तन तो ढईल जाना
00:18है, तन की यही फितरत है, एक बच्चा, दूसरा बच्चा, बच्या साल में दो बच्चे, इनसान का शरीर कितना जेलेगा,
00:23उस चार साल में उसकी उमर बढ़ जाती है, 10 साल,
00:25पते देखो कमा कमा करके और जिम और स्पा और स्पोर्ट्स ये सब करकरके और जवान हो गए हैं
00:30आप 27 की उमर में 35 की लगने लगी हैं वो 28 की उमर में 25 के छोरे हो गए
00:35हैं
00:35एक तो 25 के छोरे जासे लगने लगे हैं, उपर से हाथ में पैसा, उसकी और 4 तितलियां काई नहीं
00:40आकरशित होंगी,
00:41खूल खिला है, आओ तितलियों, आप घर में बैठी हों, बैठी रही है, ये जिन्दगी भर नहीं सोचा था,
00:45किसी भी रिष्टे में जो पक्ष जितना सबल होता है, जितना पारफुल होता है, उसका हाथ उतना उपर होता है,
00:52आप जानते नहीं हो क्या है?
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